शिमला जिले के रामपुर के ननखड़ी कॉलेज को डीनोटिफाई करने के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजपा नेता और रामपुर से पूर्व प्रत्याशी कौल नेगी ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि यदि कॉलेज बंद हुआ तो लोग सड़कों पर उतरकर इसका कड़ा विरोध करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा से वंचित करना चाहती है। कौल नेगी ने बताया कि यह कॉलेज 18 बच्चों के साथ भी सफलतापूर्वक चल रहा था, लेकिन अब कम छात्रों की संख्या का हवाला देकर इसे बंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में कला और वाणिज्य संकाय की पढ़ाई होती है। हालांकि, ननखड़ी के आसपास के स्कूलों में वाणिज्य की पढ़ाई नहीं कराई जाती, जिससे शिमला-रामपुर क्षेत्र से बच्चे ननखड़ी कॉलेज तक नहीं पहुँच पाएंगे। नेगी के अनुसार, इस कॉलेज के बंद होने से 18 पंचायतें प्रभावित होंगी। उन्होंने स्मरण कराया कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने 2012-13 में इस कॉलेज की घोषणा की थी, जिसके बाद यह स्थापित हुआ। नेगी ने जोर दिया कि पूर्व सरकारों के प्रमुखों की सोच थी कि किसी भी बच्चे को उच्च शिक्षा से वंचित न रखा जाए, और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र भी तीन बच्चों के लिए भी स्कूल चलाने की बात कहते थे। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार इस विचार के विरुद्ध काम कर रही है। कौल नेगी ने पुनः चेतावनी दी है कि अगर कॉलेज को फिर से बहाल नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
शिमला जिले के रामपुर के ननखड़ी कॉलेज को डीनोटिफाई करने के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजपा नेता और रामपुर से पूर्व प्रत्याशी कौल नेगी ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि यदि कॉलेज बंद हुआ तो लोग सड़कों पर उतरकर इसका कड़ा विरोध करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा से वंचित करना चाहती है। कौल नेगी ने बताया कि यह कॉलेज 18 बच्चों के साथ भी सफलतापूर्वक चल रहा था, लेकिन अब कम
छात्रों की संख्या का हवाला देकर इसे बंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में कला और वाणिज्य संकाय की पढ़ाई होती है। हालांकि, ननखड़ी के आसपास के स्कूलों में वाणिज्य की पढ़ाई नहीं कराई जाती, जिससे शिमला-रामपुर क्षेत्र से बच्चे ननखड़ी कॉलेज तक नहीं पहुँच पाएंगे। नेगी के अनुसार, इस कॉलेज के बंद होने से 18 पंचायतें प्रभावित होंगी। उन्होंने स्मरण कराया कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने 2012-13 में इस कॉलेज की घोषणा की थी, जिसके बाद यह स्थापित हुआ।
नेगी ने जोर दिया कि पूर्व सरकारों के प्रमुखों की सोच थी कि किसी भी बच्चे को उच्च शिक्षा से वंचित न रखा जाए, और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र भी तीन बच्चों के लिए भी स्कूल चलाने की बात कहते थे। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार इस विचार के विरुद्ध काम कर रही है। कौल नेगी ने पुनः चेतावनी दी है कि अगर कॉलेज को फिर से बहाल नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
- हिमाचल प्रदेश के रिवालसर से संबंध रखने वाले मुक्केबाज दीक्षित शर्मा ने पेशेवर बॉक्सिंग में एक बार फिर अपना जलवा दिखाया है। उन्होंने हरियाणा में आयोजित एक मैच में अपने प्रतिद्वंद्वी को पहले ही राउंड में नॉकआउट कर शानदार जीत दर्ज की। यह दीक्षित शर्मा की लगातार दूसरी पेशेवर बॉक्सिंग जीत है, जिसके साथ उन्होंने जीत के झंडे गाड़ दिए हैं।1
- हिमाचल प्रदेश के लगदयो में प्राकृतिक खेती और अनुभव साझाकरण पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए लगभग 1000 किसानों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, जहाँ उन्हें प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई और अपने अनुभवों को साझा करने का अवसर मिला।1
- कुल्लू पंचायत समिति में हुए चुनाव के बाद यमुना को समिति का अध्यक्ष चुना गया है, जबकि सुंदर सिंह को उपाध्यक्ष का पद मिला है। इन परिणामों के बाद से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) खेमे में खुशी का माहौल है और कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं।1
- यमुनानगर के साडोरा स्थित रेस्ट हाउस में समाजसेवी संगठन 'हक की आवाज' की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष कुलवंत सैनी ने की। कुलवंत सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि यह संगठन हमेशा से समाज सेवा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने ज़ोर दिया कि आने वाले समय में भी समाज सेवा के अनेक प्रकल्पों पर सक्रियता से कार्य किया जाएगा। बैठक में आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।1
- सामाजिक कार्यकर्ता नेहा भारती ने जंतर-मंतर पर लोक रिपोर्ट से बातचीत के दौरान जातिगत भेदभाव, सामाजिक पूर्वाग्रह और दलित-मुस्लिम संबंधों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि मुसलमान देश में नहीं रहते हैं, तो दलित समुदाय की स्थिति और भी अधिक असुरक्षित हो सकती है। उनके अनुसार, हाशिए पर रहने वाले समुदायों को अक्सर भेदभाव और सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ता है, और इस संदर्भ में दलित समुदाय पर इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है। नेहा भारती ने अपने स्कूली और कॉलेज के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्हें अक्सर यह टिप्पणी सुनने को मिलती थी कि “तुम दलित या जाटव जैसी नहीं दिखतीं।” उन्होंने कहा कि ऐसे बयान समाज में गहराई से जड़ें जमा चुके जातिगत पूर्वाग्रहों और रूढ़ियों को उजागर करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि समाज के कुछ वर्गों में दलितों के प्रति नकारात्मक धारणाएं लंबे समय से बनी हुई हैं। यह रिपोर्ट सामाजिक कार्यकर्ता नेहा भारती द्वारा व्यक्त किए गए विचारों पर आधारित है, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।1
- हिमाचल प्रदेश के मंडी में 3 से 5 जुलाई तक देवभूमि इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव के दौरान संस्कृति सदन में कुल 25 शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन होगा। इस फिल्म फेस्टिवल में जाने-माने कलाकार संजय मिश्रा, आदित्य श्रीवास्तव और यशपाल शर्मा सहित कई अन्य सितारे भी शिरकत करेंगे।1
- हरियाणा के मुलाना स्थित गोला गांव में बरसाती सीजन सिर पर होने के बावजूद बेगना नदी की डीसिल्टिंग (गाद निकालने) और खुदाई का काम सर्वे के फेर में फंसा है। ग्रामीणों को आशंका है कि सिंचाई एवं संबंधित विभाग की लेटलतीफी के चलते इस बार भी पिछले साल जैसे बाढ़ के हालात पैदा हो सकते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बेगना नदी का टेंडर तो हो चुका है, लेकिन कार्य शुरू नहीं हुआ है, जबकि साल 2025 में 25 मई को ही नदी में उफान आ गया था। ग्रामीणों ने विभाग की सुस्ती पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा साल बीत जाने के बाद भी पानी की समय पर निकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बलजिन्द्र सिंह, स्वर्ण सिंह, बलदेव सिंह, गुरकैम सिंह, सोहन सिंह और राकेश जैसे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी केवल गांव में पानी आने के बाद ही दिखाई देते हैं, उससे पहले उनकी उपस्थिति नहीं होती। ग्रामीणों ने गांव को बेगना के पानी से बचाने के लिए हर कार्यालय में शिकायतें सौंपी हैं। करीब दो हफ्ते पहले, विभाग की इस ढिलाई से परेशान गोला गांव के लोग मुख्यमंत्री नायब सैनी से शिकायत करने पहुँचे। ग्रामीण देसराज के अनुसार, मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को फोन कर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए, जिसके बाद कुछ ही दिनों के भीतर नदी का टेंडर हो गया। हालांकि, टेंडर होने के बावजूद धरातल पर अभी काम शुरू नहीं हुआ है। गौरतलब है कि बरसाती सीजन में बेगना नदी का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों और गांव तक पहुँच जाता है, जिससे गोला, गोली, टमनौली, नहौनी, शेरपुर और साबांपुर जैसे कई गाँवों में जल प्रलय जैसी तबाही मचती है। इससे किसानों की फसलें जलमग्न हो जाती हैं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। गोला गांव में गलियाँ डूब जाती हैं, घरों में पानी घुस जाता है और संक्रामक बीमारियों के साथ-साथ घरों में सांप निकलने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे ग्रामीणों को रात भर जागना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर खुदाई का काम पूरा होने से पहले ही बरसात शुरू हो गई, तो इस टेंडर का कोई औचित्य नहीं रहेगा। गोला गांव की सरपंच जसप्रीत कौर ने उम्मीद जताई है कि काम जल्द शुरू होगा ताकि ग्रामीणों को समस्या का सामना न करना पड़े।2
- आम आदमी पार्टी (आप) के एक प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया के नेतृत्व में किए गए इस दौरे के दौरान वार्ड, ओपीडी, इमरजेंसी और शौचालयों का गहन निरीक्षण किया गया। आप नेताओं का आरोप है कि अस्पताल में बिस्तरों की भारी कमी के कारण मरीजों को फर्श पर लेटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, स्ट्रेचर और ट्रॉली की अनुपलब्धता के चलते गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पार्टी ने दवाओं की किल्लत का मुद्दा भी उठाया, यह कहते हुए कि मरीजों को महंगी दवाएं बाहर से खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इन गंभीर समस्याओं को लेकर आप ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है।1
- राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित दुकानों में लगी भीषण आग ने एक दर्दनाक हादसे का रूप ले लिया है। दुकानों के ऊपर संचालित हो रही एक कोचिंग में कई छात्र-छात्राएं फंस गए। अपनी जान बचाने के लिए इनमें से कई को छत और छज्जे से छलांग लगानी पड़ी। इस भीषण अग्निकांड में कुल 15 लोगों की मौत हो गई है।1