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लखीमपुर खीरी कलेक्ट्रेट परिसर में समूह सखी के पद पर कार्यरत महिलाओं ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि उन्हें वर्तमान में महज ₹2,000 मानदेय मिल रहा है। महिलाओं ने इसे बढ़ाकर ₹20,000 करने की मांग उठाई और अपनी समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा।
Lakhimpur Kheri दस्तक
लखीमपुर खीरी कलेक्ट्रेट परिसर में समूह सखी के पद पर कार्यरत महिलाओं ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि उन्हें वर्तमान में महज ₹2,000 मानदेय मिल रहा है। महिलाओं ने इसे बढ़ाकर ₹20,000 करने की मांग उठाई और अपनी समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा।
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- पलिया को जिला बनाना विधानसभा क्षेत्र की जनता का अधिकार : रवि गुप्ता। चंदन चौकी क्षेत्र के ग्राम गुबरौला स्थित श्री ठक्कर बाबा आश्रम पद्धति विद्यालय में अमर शहीद भगत सिंह की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। भाजपा नेता रवि गुप्ता ने भगत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पलिया को जिला बनाए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पलिया को जिला बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा और क्षेत्र की जनता की यह मांग प्रमुखता से उठाई जाती रहेगी।1
- Post by RAHEESH KHAN1
- वंदे मातरम के सामूहिक गायन से गूंजा शहीद पार्क, क्रांतिकारियों को किया नमन . वंदे मातरम के सामूहिक गायन से गूंजा शहीद पार्क, क्रांतिकारियों को किया नमन1
- एन डी पी एफ का शहीद भगत सिंह की जयंती पर औरंगाबाद पारस नाथ विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित* * लखीमपुर खीरी। 28 सितंबर को शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर औरंगाबाद स्थित पारस विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारतीय किसान यूनियन धरतीपुत्र अराजनैतिक राष्ट्रीय संगठन, लखीमपुर खीरी के जिला अध्यक्ष हरिपाल सिंह यादव मुख्य रूप से पहुंचे। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन धरतीपुत्र के युवा जिला अध्यक्ष राहुल कुमार, छात्र सभा के जिला अध्यक्ष धीरेश उर्फ मोहित राव सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने शहीद भगत सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष हरिपाल सिंह यादव ने कहा कि भगत सिंह केवल एक नाम नहीं, बल्कि भारत के महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना पूरा जीवन बलिदान कर दिया। उनके विचार आज भी युवाओं, किसानों और मजदूरों को प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि भगत सिंह का संदेश था कि गरीब, किसान और मजदूरों को जाति-धर्म के नाम पर बांटा नहीं जाना चाहिए। समाज की सबसे बड़ी ताकत एकता है और आपसी भाईचारे के साथ ही देश और समाज को मजबूत बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने “शहीद भगत सिंह अमर रहें”, “इंकलाब जिंदाबाद” के नारे लगाए और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।2
- लखीमपुर 2 दिन बाद हटाया गया बरसात में गिरा हुआ पेड़ स्थानीय निवासी के शिकायत के बाद प्रशासन ने लिया संज्ञान 2 दिन से रास्ता था बंद सेट घाट नदी और सेट घाट पुलिस चौकी तक जाने के लिए लोगों को घूम कर जाना पड़ता था स्थानीय निवासियों ने भी किया सहयोग1
- 84 करोड़ के ओवरब्रिज की सड़क धंसी, गुणवत्ता पर उठे सवाल जिम्मेदारों पर उठे सवाल आखिर किसके संरक्षण में भ्रष्टाचार हुआ गोला रेलवे क्रॉसिंग पर बने ओवरब्रिज में सड़क धंसने से मचा हड़कंप, राहगीरों की सुरक्षा पर भी सवाल लखीमपुर खीरी। एनएच-730 पर गोला रेलवे क्रॉसिंग के पास करीब 84 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ओवरब्रिज की सड़क धंसने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़क धंसने से ओवरब्रिज पर बड़ा गड्ढा बन गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा पैदा हो गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ओवरब्रिज की सड़क पर पहले से ही हल्का जंप महसूस हो रहा था। इसके बाद अचानक सड़क का एक हिस्सा धंस गया। ओवरब्रिज पर भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुए स्थिति को गंभीर माना जा रहा है। यदि समय रहते क्षतिग्रस्त हिस्से पर ध्यान नहीं दिया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। बताया जा रहा है कि हादसे की आशंका को देखते हुए कुछ लोगों ने मौके पर पहुंचकर रातोंरात गड्ढे को भर दिया, ताकि किसी वाहन चालक के साथ दुर्घटना न हो। हालांकि, अस्थायी तौर पर गड्ढा भर दिए जाने के बाद भी ओवरब्रिज की निर्माण गुणवत्ता और कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी पर सवाल बरकरार हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए ओवरब्रिज में इतनी जल्दी सड़क का धंसना चिंता का विषय है। लोगों ने संबंधित विभाग से मौके का तकनीकी निरीक्षण कराने, सड़क धंसने के कारणों की जांच कराने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग की है। अब सवाल यह है कि आखिर करोड़ों रुपये की लागत से तैयार ओवरब्रिज की सड़क इतनी जल्दी कैसे धंस गई? क्या निर्माण के दौरान मानकों का पूरी तरह पालन किया गया था? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।अगर चाहें तो मैं इसी खबर की और ज्यादा तीखी 2 लाइन की हेडिंग और फेसबुक पोस्ट वाला संस्करण भी बना सकता हूँ।1
- कुछ विकास बरसात के बाद दिखते है - एनएच 730 ये है लखीमपुर खीरी गोला गोकर्ण नाथ रेलवे फ्लाइओवर 84 करोड़ की लागत तीन महीने पहले ही बन के तैयार हुआ था और अब धस गया_____ कुछ विकास बरसात के बाद दिखते है - एनएच 730 ये है लखीमपुर खीरी गोला गोकर्ण नाथ रेलवे फ्लाइओवर 84 करोड़ की लागत तीन महीने पहले ही बन के तैयार हुआ था और अब धस गया_____1
- लखीमपुर खीरी कलेक्ट्रेट परिसर में समूह सखी के पद पर कार्यरत महिलाओं ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि उन्हें वर्तमान में महज ₹2,000 मानदेय मिल रहा है। महिलाओं ने इसे बढ़ाकर ₹20,000 करने की मांग उठाई और अपनी समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा।1