जनपद हरदोई के हरपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के तहत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) बड़ा गांव में लगातार ताला लटका रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां तैनात डॉक्टर और पूरा स्टाफ ड्यूटी से अनुपस्थित रहता है और घर बैठे ही वेतन प्राप्त कर रहा है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस PHC से हरपालपुर CHC की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है, जबकि जिला अस्पताल हरदोई करीब 60 किलोमीटर दूर है। PHC के बंद रहने से बुखार, दस्त, चोट और प्रसव जैसी आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के एक बुजुर्ग रामसेवक ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि गांव में इलाज न मिलने के कारण उन्हें 15 किमी दूर हरपालपुर जाना पड़ता है, और रात में तबीयत बिगड़ने पर 60 किमी दूर हरदोई जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता, जिससे गरीब लोगों को आर्थिक समस्या झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, PHC बड़ा गांव केवल कागजों में संचालित हो रहा है, क्योंकि ओपीडी के समय में भी यहां ताला लगा रहता है। टीकाकरण, एएनसी जांच और दवा वितरण जैसी सभी स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि डॉक्टर महीने में केवल एक-दो बार रजिस्टर पर दस्तखत करने आते हैं, और बाकी स्टाफ का कोई अता-पता नहीं रहता। सरकार के हर व्यक्ति को घर के पास सस्ता और सुलभ इलाज मुहैया कराने के दावे के बावजूद, स्टाफ की मनमानी के कारण बड़ी आबादी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित है, जिसका सबसे अधिक खामियाजा गर्भवती महिलाओं और बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सीएमओ हरदोई और डीएम से मांग की है कि PHC बड़ा गांव का औचक निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि ड्यूटी से गायब डॉक्टर और कर्मचारियों का वेतन रोका जाए और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही केंद्र नहीं खोला गया, तो वे हरपालपुर CHC पर धरना प्रदर्शन करेंगे। इस संबंध में, हरपालपुर CHC के अधीक्षक ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और जल्द ही एक टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनपद हरदोई के हरपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के तहत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) बड़ा गांव में लगातार ताला लटका रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां तैनात डॉक्टर और पूरा स्टाफ ड्यूटी से अनुपस्थित रहता है और घर बैठे ही वेतन प्राप्त कर रहा है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस PHC से हरपालपुर CHC की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है, जबकि जिला अस्पताल हरदोई करीब 60 किलोमीटर दूर है। PHC के बंद रहने से बुखार, दस्त, चोट और प्रसव जैसी आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के एक बुजुर्ग रामसेवक ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि गांव में इलाज न मिलने के कारण उन्हें 15 किमी दूर हरपालपुर जाना पड़ता है, और रात में तबीयत बिगड़ने पर 60 किमी दूर हरदोई जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता, जिससे गरीब लोगों को आर्थिक समस्या झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, PHC बड़ा गांव केवल कागजों में संचालित हो रहा है, क्योंकि ओपीडी के समय में भी यहां ताला लगा रहता है।
टीकाकरण, एएनसी जांच और दवा वितरण जैसी सभी स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि डॉक्टर महीने में केवल एक-दो बार रजिस्टर पर दस्तखत करने आते हैं, और बाकी स्टाफ का कोई अता-पता नहीं रहता। सरकार के हर व्यक्ति को घर के पास सस्ता और सुलभ इलाज मुहैया कराने के दावे के बावजूद, स्टाफ की मनमानी के कारण बड़ी आबादी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित है, जिसका सबसे अधिक खामियाजा गर्भवती महिलाओं और बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सीएमओ हरदोई और डीएम से मांग की है कि PHC बड़ा गांव का औचक निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि ड्यूटी से गायब डॉक्टर और कर्मचारियों का वेतन रोका जाए और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही केंद्र नहीं खोला गया, तो वे हरपालपुर CHC पर धरना प्रदर्शन करेंगे। इस संबंध में, हरपालपुर CHC के अधीक्षक ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और जल्द ही एक टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर डीएम चौराहे से अशोक स्तंभ हटाए जाने संबंधी प्रसारित की जा रही खबरों का हरदोई प्रशासन ने पूर्णतया खंडन किया है। जांच करने पर ज्ञात हुआ है कि जनपद हरदोई के प्रमुख चौराहों पर नगर पालिका हरदोई द्वारा सौंदर्यकरण का कार्य चल रहा है, परंतु डीएम चौराहे पर अशोक स्तंभ अपने मूल स्थान पर यथावत स्थापित है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अशोक स्तंभ हटाए जाने संबंधी आरोप पूर्णतः असत्य हैं, और ऐसी भ्रामक खबरें प्रसारित न करने का आग्रह किया गया है। क्षेत्राधिकारी नगर श्री अंकित मिश्रा ने भी इस संबंध में जानकारी दी है, जिसके संदर्भ में अशोक स्तंभ की छायाप्रति संलग्न होने की बात कही गई है।1
- पाली कस्बे की ईदगाह में ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज अत्यंत शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में अदा की गई। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसमें क्षेत्राधिकारी अनुज मिश्रा, एसडीएम अंकित तिवारी, तहसीलदार विनोद कुमार सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। पाली थाना प्रभारी सोमपाल गंगवार भी मौके पर पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद रहे, जबकि कस्बे के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की पैनी नजर रही और पुलिस बल लगातार सक्रिय रहा। वहीं, चेयरमैन रिज़वान खान ने सभी क्षेत्रवासियों को बकरीद की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए शांति, भाईचारे तथा सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की। उन्होंने लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने और कुर्बानी के बाद होने वाली गंदगी को सार्वजनिक स्थानों पर न फैलाने का भी आह्वान किया।4
- फर्रुखाबाद में ईद-उल-अजहा के त्योहार को देखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएँ की हैं।1
- हरदोई जिले के बेनीगंज स्थित महुआकोला गांव में बिना अनुमति बुद्ध प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है, जिसके कारण गांव में तनाव की स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। करीब तीन वर्ष पहले एक विशेष समुदाय के लोगों द्वारा पुतीलाल पुत्र गिरिजा की निजी भूमि पर बौद्ध मंदिर का निर्माण कराया गया था। तब से संबंधित लोग मंदिर में बुद्ध प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन लंबे समय बाद भी उन्हें यह अनुमति नहीं मिल सकी थी। बताया जा रहा है कि बुधवार को इस समुदाय विशेष के लोगों ने एकजुट होकर मंदिर में बुद्ध प्रतिमा स्थापित कर दी, जिसका गांव के कुछ लोगों ने तुरंत विरोध किया। इस घटना के बाद यह भी आरोप लगाया गया कि बौद्ध मंदिर के पास स्थित भोले बाबा मंदिर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, जिससे गांव में तनाव और बढ़ गया। मामले की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी हरियावां अजीत चौहान, एसडीएम संडीला नारायणी भाटिया, कोतवाली प्रभारी बेनीगंज सतीश चंद्र और थाना प्रभारी बघौली बृजेश कुमार मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासनिक अधिकारी पूरे मामले की गहन जांच में जुटे हुए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक ग्रामीण ने शिकायत की है कि उनके गाँव की सभी सड़कें बन गई हैं, लेकिन उनके रास्ते की सड़क अभी तक अधूरी है। ग्रामीण ने बताया कि उनके रास्ते को खोदकर छोड़ दिया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस सड़क को जल्द से जल्द पूरा बनवाने की गुहार लगाई है।1
- जनपद हरदोई में आगामी ईद त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च का आयोजन किया गया। यह फ्लैग मार्च 27 मई 2026 को हरदोई के पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी बिलग्राम द्वारा थाना मल्लावां क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल के साथ किया गया।1
- औरैया जनपद में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया है। जानकारी के अनुसार, सदर कोतवाली क्षेत्र के नेशनल हाईवे स्थित मिहौली के पास एक अनियंत्रित डंपर ने सड़क किनारे खड़े एक पुलिस वाहन में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पुलिस वाहन के परखच्चे उड़ गए, जिससे वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में एक सब इंस्पेक्टर की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि तीन अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्यवाही में जुट गए हैं।2