अलवर के मुंडावर में आशा सहयोगिनी संघ के बैनर तले आशा सहयोगिनियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमएचओ) के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया है। लंबे समय से अपनी 8 सूत्रीय मांगों का समाधान न होने से नाराज आशा सहयोगिनियों में गहरा रोष व्याप्त है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी इन मांगों का निवारण नहीं किया जाता, तब तक उनका चरणबद्ध आंदोलन लगातार जारी रहेगा। ज्ञापन के माध्यम से आशा सहयोगिनियों ने प्रमुखता से मांग की है कि उनका मानदेय बढ़ाकर ₹24,000 प्रतिमाह किया जाए और उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इसके साथ ही, सेवानिवृत्ति के बाद ₹10 लाख की एकमुश्त राशि व मासिक पेंशन की व्यवस्था करने, सेवा के दौरान वार्षिक वेतन वृद्धि (इन्क्रीमेंट) का प्रावधान करने तथा ड्रेस एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है। वे यह भी चाहती हैं कि किसी भी नए कार्य का दायित्व सौंपने से पहले उन्हें उचित प्रशिक्षण दिया जाए और कार्य के अनुरूप उचित भुगतान सुनिश्चित करते हुए अन्य लंबित मांगों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। आशा सहयोगिनियों का कहना है कि वे वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और सम्मान नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान भारी संख्या में आशा सहयोगिनियां एकजुट नजर आईं और उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में जबरदस्त एकजुटता प्रदर्शित की।
अलवर के मुंडावर में आशा सहयोगिनी संघ के बैनर तले आशा सहयोगिनियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमएचओ) के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया है। लंबे समय से अपनी 8 सूत्रीय मांगों का समाधान न होने से नाराज आशा सहयोगिनियों में गहरा रोष व्याप्त है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी इन मांगों का निवारण नहीं किया जाता, तब तक उनका चरणबद्ध आंदोलन लगातार जारी रहेगा। ज्ञापन के माध्यम से आशा सहयोगिनियों ने प्रमुखता से मांग की है कि उनका मानदेय बढ़ाकर ₹24,000 प्रतिमाह किया जाए और उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इसके साथ ही, सेवानिवृत्ति के बाद ₹10 लाख की एकमुश्त राशि व मासिक पेंशन की व्यवस्था करने, सेवा के दौरान वार्षिक वेतन वृद्धि (इन्क्रीमेंट) का प्रावधान करने तथा ड्रेस एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है। वे यह भी चाहती हैं कि किसी भी नए कार्य का दायित्व सौंपने से पहले उन्हें उचित प्रशिक्षण दिया जाए और कार्य के अनुरूप उचित भुगतान सुनिश्चित करते हुए अन्य लंबित मांगों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। आशा सहयोगिनियों का कहना है कि वे वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और सम्मान नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान भारी संख्या में आशा सहयोगिनियां एकजुट नजर आईं और उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में जबरदस्त एकजुटता प्रदर्शित की।
- अलवर के मुंडावर में आशा सहयोगिनी संघ के बैनर तले आशा सहयोगिनियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमएचओ) के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया है। लंबे समय से अपनी 8 सूत्रीय मांगों का समाधान न होने से नाराज आशा सहयोगिनियों में गहरा रोष व्याप्त है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी इन मांगों का निवारण नहीं किया जाता, तब तक उनका चरणबद्ध आंदोलन लगातार जारी रहेगा। ज्ञापन के माध्यम से आशा सहयोगिनियों ने प्रमुखता से मांग की है कि उनका मानदेय बढ़ाकर ₹24,000 प्रतिमाह किया जाए और उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इसके साथ ही, सेवानिवृत्ति के बाद ₹10 लाख की एकमुश्त राशि व मासिक पेंशन की व्यवस्था करने, सेवा के दौरान वार्षिक वेतन वृद्धि (इन्क्रीमेंट) का प्रावधान करने तथा ड्रेस एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है। वे यह भी चाहती हैं कि किसी भी नए कार्य का दायित्व सौंपने से पहले उन्हें उचित प्रशिक्षण दिया जाए और कार्य के अनुरूप उचित भुगतान सुनिश्चित करते हुए अन्य लंबित मांगों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। आशा सहयोगिनियों का कहना है कि वे वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और सम्मान नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान भारी संख्या में आशा सहयोगिनियां एकजुट नजर आईं और उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में जबरदस्त एकजुटता प्रदर्शित की।1
- अलवर जिले के नीमराना ब्लॉक के प्रताप सिंह पुरा गाँव में आज सुबह 10 बजे झमाझम बारिश हुई है। क्षेत्र में लगातार बारिश की झड़ी लगी हुई है और झमाझम बारिश का दौर जारी है। यह बारिश बाजरा, ग्वार और मूंग की फसलों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हुई है, जिससे नीमराना ब्लॉक के किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।1
- राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अजीत कुड़ी ने किशनगढ़ बास स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय मेवात बालिका आवासीय विद्यालय का आकस्मिक और विस्तृत निरीक्षण किया। जयपुर स्थित राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रशासनिक निर्देशों के तहत सोमवार को किए गए इस निरीक्षण के दौरान सचिव ने छात्राओं को मिल रही सुविधाओं, सुरक्षा, स्वच्छता, भोजन और शैक्षणिक माहौल का जायजा लिया। इस दौरान आवासीय विद्यालय में कुल नामांकित 45 छात्राओं में से केवल 32 छात्राएं ही उपस्थित पाई गईं। निरीक्षण के दौरान जब विद्यालय के प्रशासनिक कार्यालय में छात्र प्रवेश, छात्र-स्टाफ उपस्थिति सहित विभिन्न अभिलेखों की जांच की गई, तो वहां अनियमितताएं मिलीं। इस पर सचिव अजीत कुड़ी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संस्था प्रधान अनीता यादव को सभी आधिकारिक रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट और संधारित रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने छात्राओं की डॉर्मिटरी का भी अवलोकन किया और वहां साफ-सफाई, प्रकाश और वेंटिलेशन की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। सचिव ने विद्यालय के रसोईघर का भी निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता, सामग्री भंडारण और बर्तनों की सफाई का जायजा लिया। उन्होंने रसोई स्टाफ को छात्राओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए केवल गुणवत्तापूर्ण सामग्री और मसालों का उपयोग करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद आयोजित बैठक में सचिव अजीत कुड़ी ने दोटूक कहा कि छात्राओं की सुरक्षा, शिक्षा और सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में कमी पाए जाने पर संबंधित कार्मिक के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान कनिष्ठ सहायक पुनीत शर्मा, पीएलवी सूरजभान कछवाहा और विद्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा।2
- राजस्थान के अलवर में कभी अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए धरने पर बैठने वाले मजदूर आज बेहद बुरे हाल में हैं। जब एक मां की नौकरी छिनती है, तो सिर्फ एक कर्मचारी बेरोजगार नहीं होती, बल्कि पूरे परिवार की उम्मीदें डगमगा जाती हैं। कई महिलाओं का आरोप है कि उन्हें दूसरे प्लांट में भेजने की बात कहकर काम से दूर कर दिया गया। अब पिछले दो महीने से इन परिवारों के घरों में आय का जरिया पूरी तरह बंद हो चुका है। इसके कारण बच्चों की स्कूल फीस, रसोई का खर्च और रोजमर्रा की दवाइयों की चिंता हर बीतते दिन के साथ बढ़ती जा रही है।1
- राजस्थान के कोटपूतली में जिला कांग्रेस कमेटी कोटपूतली-बहरोड़ की नव गठित जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की संगठनात्मक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष इन्द्राज गुर्जर ने की। बैठक में जिला प्रभारी राजपाल शर्मा और सह प्रभारी सरलेश राणा विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने और कार्यकर्ताओं में समन्वय बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर पूर्व मंत्री शकुंतला रावत, मुंडावर विधायक ललित यादव, पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना, पूर्व विधायक रामचंद्र रावत, महिपाल यादव, बहरोड़ से कांग्रेस प्रत्याशी संजय यादव, पूर्व प्रत्याशी डॉ. आरसी यादव और पूर्व चेयरमैन उर्मिला योगी सहित कांग्रेस संगठन के सभी प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी नेताओं ने एकजुट होकर पार्टी को गांव-गांव तक मजबूत करने और आमजन की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का संकल्प लिया। बैठक के अंत में जिलाध्यक्ष इन्द्राज गुर्जर ने सभी नव नियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए पूरी सक्रियता से काम करने का आह्वान किया।1
- तपस्वी सन्यासी और वैदिक संस्कृति के संवाहक, आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के यशस्वी प्रधान आचार्य स्वदेश जी महाराज तथा स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज से मुरादाबाद में मुलाकात की गई। इस मुलाकात के दौरान भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया। इस अवसर पर यह संकल्प लिया गया कि जब तक जियेंगे, वैदिक संस्कृति के प्रसार हेतु समर्पित रहेंगे। इस विशेष मौके पर सैकड़ों आर्यजन भी वहां उपस्थित रहे।1
- राजस्थान में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी भी पथराव करते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और घटना की आधिकारिक जांच या पुलिस का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।1