logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

तेजस्वी के मार्च और सम्राट चौधरी के बयान पर प्रशांत किशोर का तंज, बोले— 'जो कल तक एनकाउंटर की बात करते थे, आज रोजगार पर बोल रहे हैं' ​पटना: जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति के दो ज्वलंत मुद्दों—नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च और राज्य सरकार द्वारा आयोजित रोजगार मेलों—पर अपनी बेबाक राय रखी है। पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने विपक्ष के रुख और सत्ता पक्ष के बदलते तेवरों दोनों पर तीखा हमला बोला। ​तेजस्वी यादव द्वारा निकाले गए लोकभवन मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि एक विपक्ष के नेता के तौर पर जनता के मुद्दे उठाना उनका काम ही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता हैं और प्रदर्शन करना उनका काम है। लेकिन वे कभी-कभी ही सड़कों पर दिखते हैं, उन्हें यह काम रोज-रोज करना चाहिए ताकि राज्य के मुद्दे लगातार उठते रहें।" ​वहीं, बिहार सरकार द्वारा राज्य भर में लगाए जा रहे रोजगार मेलों का स्वागत करते हुए प्रशांत किशोर ने इसे जन सुराज के विजन की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह पूरे बिहार के लिए बेहद खुशी की बात है कि आज राजनीति का केंद्र बदल रहा है। ​प्रशांत किशोर ने कहा, "यह बहुत ही संतोषजनक है कि अब बिहार में जाति, धर्म और 5 किलो मुफ्त अनाज की राजनीति को छोड़कर हर तरफ नौकरी और रोजगार पर चर्चा हो रही है। इससे बेहतर बदलाव और क्या हो सकता है?" ​उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा निशाना साधते हुए पीके ने कहा कि जन सुराज के दबाव का ही नतीजा है कि जो सम्राट चौधरी कल तक सिर्फ 'एनकाउंटर' की भाषा बोलते थे, वे आज रोजगार और नौकरियों की बात करने के लिए मजबूर हुए हैं। ​जन सुराज के इस बयान के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है, जहां एक तरफ विपक्ष को सक्रिय रहने की सलाह दी गई है, वहीं सत्ता पक्ष को उसके बदले रुख पर घेरा गया है।

18 hrs ago
user_Newslahar
Newslahar
Local News Reporter मुस्तफापुर, पटना•
18 hrs ago

तेजस्वी के मार्च और सम्राट चौधरी के बयान पर प्रशांत किशोर का तंज, बोले— 'जो कल तक एनकाउंटर की बात करते थे, आज रोजगार पर बोल रहे हैं' ​पटना: जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति के दो ज्वलंत मुद्दों—नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च और राज्य सरकार द्वारा आयोजित रोजगार मेलों—पर अपनी बेबाक राय रखी है। पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने विपक्ष के रुख और सत्ता पक्ष के बदलते तेवरों दोनों पर तीखा हमला बोला। ​तेजस्वी यादव द्वारा निकाले गए लोकभवन मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि एक विपक्ष के नेता के तौर पर जनता के मुद्दे उठाना उनका काम ही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता हैं और प्रदर्शन करना उनका काम है। लेकिन वे कभी-कभी ही सड़कों पर दिखते हैं, उन्हें यह काम रोज-रोज करना चाहिए ताकि राज्य के मुद्दे लगातार उठते रहें।" ​वहीं, बिहार सरकार द्वारा राज्य भर में लगाए जा रहे रोजगार मेलों का स्वागत करते हुए प्रशांत किशोर ने इसे जन सुराज के विजन की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह पूरे बिहार के लिए बेहद खुशी की बात है कि आज राजनीति का केंद्र बदल रहा है। ​प्रशांत किशोर ने कहा, "यह बहुत ही संतोषजनक है कि अब बिहार में जाति, धर्म और 5 किलो मुफ्त अनाज की राजनीति को छोड़कर हर तरफ नौकरी और रोजगार पर चर्चा हो रही है। इससे बेहतर बदलाव और क्या हो सकता है?" ​उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा निशाना साधते हुए पीके ने कहा कि जन सुराज के दबाव का ही नतीजा है कि जो सम्राट चौधरी कल तक सिर्फ 'एनकाउंटर' की भाषा बोलते थे, वे आज रोजगार और नौकरियों की बात करने के लिए मजबूर हुए हैं। ​जन सुराज के इस बयान के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है, जहां एक तरफ विपक्ष को सक्रिय रहने की सलाह दी गई है, वहीं सत्ता पक्ष को उसके बदले रुख पर घेरा गया है।

More news from Patna and nearby areas
  • 2.36 करोड़ से अधिक लोगों की टीबी जांच -निर्धारित 1 करोड़ के लक्ष्य। बिहार में टीबी उन्मूलन के प्रयासों को और गति देने तथा टीबी से जुड़े जागरूकता संदेशों को व्यापक स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से, आज पटना में टीबी मुक्त भारत अभियान पर मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एवं राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार द्वारा ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज के सहयोग से आयोजित, कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सहयोगी संस्थाओं और राज्य स्तरीय मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया। राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडे ने टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी साझा करते हुए बताया, कि बिहार के मुख्य सचिव एवं स्वास्थ्य सचिव के मार्गदर्शन में 2 जुलाई 2026 से चलाए गए विशेष अभियान में 1 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग के लक्ष्य के मुकाबले, 2.36 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई | इसके साथ ही, समुदाय आधारित स्क्रीनिंग, आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीक, मरीजों का नियमित फॉलोअप और उपचार टीबी उन्मूलन की प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा जा रहा हैं। वर्ष 2025 में राज्य की 547 पंचायतों को टीबी मुक्त प्रमाण पत्र मिला। ये उपलब्धियां सरकार, पंचायती राज संस्थाओं, स्वास्थ्यकर्मियों और समुदाय की सामूहिक भागीदारी का परिणाम हैं। अपर कार्यपालक निदेशक डॉ अनुपमा सिंह ने कहा कि टीबी उन्मूलन में सरकारी और निजी क्षेत्र की साझेदारी भी महत्वपूर्ण है। बिहार में वर्ष 2014 में शुरू हुआ पीपीआईए मॉडल आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर रोगी-प्रदाता सहायता एजेंसी मॉडल के रूप में अपनाया गया। वर्ष 2026 में 13 अगस्त तक टीबी नोटिफिकेशन में निजी क्षेत्र की भागीदारी 62 प्रतिशत रही है। आज तकनीक और समाचार टीबी उन्मूलन के प्रयासों को नई मजबूती दे रहे हैं। उन्होनें मीडिया से टीबी की रिपोर्टिंग में "आंकड़े प्लस मानवीय कहानी प्लस समाधान", के दृष्टिकोण को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि लोगों तक यह स्पष्ट संदेश पहुंचना चाहिए कि टीबी का इलाज संभव है और पूरा उपचार जरूरी है। टीबी उन्मूलन की दिशा में मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।।
    1
    2.36 करोड़ से अधिक लोगों की टीबी जांच -निर्धारित 1 करोड़ के लक्ष्य।
बिहार में टीबी उन्मूलन के प्रयासों को और गति देने तथा टीबी से जुड़े जागरूकता संदेशों को व्यापक स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से, आज पटना में टीबी मुक्त भारत अभियान पर मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एवं राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार द्वारा ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज के सहयोग से आयोजित, कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सहयोगी संस्थाओं और राज्य स्तरीय मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडे ने टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी साझा करते हुए बताया, कि बिहार के मुख्य सचिव एवं स्वास्थ्य सचिव के मार्गदर्शन में 2 जुलाई 2026 से चलाए गए विशेष अभियान में 1 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग के लक्ष्य के मुकाबले, 2.36 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई | इसके साथ ही, समुदाय आधारित स्क्रीनिंग, आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीक, मरीजों का नियमित फॉलोअप और उपचार टीबी उन्मूलन की प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा जा रहा हैं। वर्ष 2025 में राज्य की 547 पंचायतों को टीबी मुक्त प्रमाण पत्र मिला। ये उपलब्धियां सरकार, पंचायती राज संस्थाओं, स्वास्थ्यकर्मियों और समुदाय की सामूहिक भागीदारी का परिणाम हैं।  अपर कार्यपालक निदेशक डॉ अनुपमा सिंह ने कहा कि टीबी उन्मूलन में सरकारी और निजी क्षेत्र की साझेदारी भी महत्वपूर्ण है। बिहार में वर्ष 2014 में शुरू हुआ पीपीआईए मॉडल आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर रोगी-प्रदाता सहायता एजेंसी मॉडल के रूप में अपनाया गया। वर्ष 2026 में 13 अगस्त तक टीबी नोटिफिकेशन में निजी क्षेत्र की भागीदारी 62 प्रतिशत रही है। आज तकनीक और समाचार टीबी उन्मूलन के प्रयासों को नई मजबूती दे रहे हैं।  उन्होनें मीडिया से टीबी की रिपोर्टिंग में "आंकड़े प्लस मानवीय कहानी प्लस समाधान", के दृष्टिकोण को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि लोगों तक यह स्पष्ट संदेश पहुंचना चाहिए कि टीबी का इलाज संभव है और पूरा उपचार जरूरी है। टीबी उन्मूलन की दिशा में मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।।
    user_Live Global.18 News
    Live Global.18 News
    Press advisory Patna Rural, Patna•
    15 min ago
  • दनियावां प्रखंड में बहने वाली महत्माइन नदी में आया फल्गु नदी का पानी। पटना/दनियावां । आधा सावन का महीना बीत जाने के बाद दनियावाँ और फतुहा प्रखंड के विभिन्न भागों में बहने वाली बरसाती नदी महात्माइन और लोकाइन नदी में गुरुवार की सुबह फल्गु नदी का पानी तेज धारे के साथआई जो शाम होते होते नदी दोनों कोर भर गई। जिसके इसकी सहायक नदियां भूतही नदी और कड़रुया नदी समेत सभी पईन में नदी का पानी भर गया।यह नदी खतरे के निशान से आधा मीटर नीचे है।इस नदी में पानी आने से किसानों में खुशी की लहर व्याप्त हो गई है।कारण की किसानों के खेतों में लगे धान की फसल को अब पटाने में काफी सहूलियत होगी। फोटो।दनियावां प्रखंड में बहने वाली महत्माइन नदी में आया फल्गु नदी का पानी।
    4
    दनियावां प्रखंड में बहने वाली महत्माइन नदी में आया फल्गु नदी का पानी।
पटना/दनियावां । आधा सावन का महीना बीत जाने के बाद दनियावाँ और फतुहा प्रखंड के विभिन्न भागों में बहने वाली बरसाती नदी महात्माइन और लोकाइन नदी में गुरुवार की सुबह फल्गु नदी का पानी तेज धारे के साथआई जो शाम होते होते नदी दोनों कोर भर गई। जिसके इसकी सहायक नदियां भूतही नदी और कड़रुया नदी समेत सभी पईन में नदी का पानी भर गया।यह नदी खतरे के निशान से आधा मीटर नीचे है।इस नदी में पानी आने से किसानों में खुशी की लहर व्याप्त हो गई है।कारण की किसानों के खेतों में लगे धान की फसल को अब पटाने में काफी सहूलियत होगी। 
फोटो।दनियावां प्रखंड में बहने वाली महत्माइन नदी में आया फल्गु नदी का पानी।
    user_International 24*7
    International 24*7
    Photographer पटना ग्रामीण, पटना, बिहार•
    9 hrs ago
  • छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर जन सुराज का सरकार पर हमला, मनोज भारती बोले- पीएचडी-रिसर्च स्कॉलर्स के साथ हो रहा अन्याय जन सुराज पार्टी में शामिल हुई राष्ट्रीय लोक मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष उर्मिला पटेल पटना। जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने बिहार के छात्रों-युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर गुरुवार को पार्टी कार्यालय, पाटलिपुत्रा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने राज्य सरकार पर छात्रों और युवाओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। इसी दौरान राष्ट्रीय लोक मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष उर्मिला पटेल जन सुराज पार्टी में शामिल हुईं। मनोज भारती ने उन्हें गमछा पहनाकर जन सुराज पार्टी की सदस्यता दिलाई। मनोज भारती ने कहा मुझे विश्वास है कि उर्मिला पटेल जी के इतने लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ जन सुराज पार्टी को मिलेगा। हम उर्मिला जी का पार्टी में तहे दिल से स्वागत करते हैं। *पीएचडी होल्डर्स और रिसर्च स्कॉलर्स के आंदोलन का मुद्दा उठाया* मनोज भारती ने कहा कि पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार ने 4 अगस्त से गर्दनीबाग में धरना-प्रदर्शन शुरू किया था। इसमें कई लोग भूख हड़ताल पर थे। जानकारी के मुताबिक, 16 अगस्त को कई लोगों की तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा था। उनकी भूख हड़ताल अभी भी जारी है। पीएचडी होल्डर्स और रिसर्च स्कॉलर्स सरकार का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि सरकार ने वादा किया था कि बिहार के सभी प्रखंडों में एक-एक डिग्री कॉलेज खोला जाएगा। इन डिग्री कॉलेजों में जिन प्रोफेसरों की बहाली की जानी है, उनके चयन की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। मनोज भारती ने कहा कि नए शिक्षकों के चयन की जो प्रक्रिया बिहार सरकार ने लागू की है, वह यूजीसी के प्रावधानों के विरुद्ध है। अगर किसी डिग्री कॉलेज में किसी शिक्षक या प्रोफेसर की बहाली होनी है, तो उसके मूल्यांकन में पीएचडी के अंकों की वैल्यू 30 प्रतिशत होनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय इसे घटाकर 11 प्रतिशत कर दिया है। अगर कोई व्यक्ति पीएचडी कर रहा है तो उसने कितने रिसर्च पेपर प्रकाशित किए हैं, इस आधार पर भी उसका मूल्यांकन होना चाहिए कि वह कितना सक्षम है और एक अच्छा प्रोफेसर बन सकता है या नहीं। लेकिन बिहार सरकार की गाइडलाइन में वह प्रावधान ही हटा दिया गया है। एक प्रोफेसर के लिए रिसर्च पेपर की जो अहमियत होनी चाहिए थी, उसे भी हटा दिया गया है। *डोमिसाइल नीति को लेकर भी सरकार पर निशाना* मनोज भारती ने डोमिसाइल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिहार सरकार ने डोमिसाइल नीति को बिल्कुल उलट दिया है। भारत के किसी भी राज्य में आप जाइए, वहां ऐसी बहाली में उस राज्य के बाहर के लोगों का प्रतिशत सामान्य तौर पर 20 प्रतिशत रखा जाता है। उससे ज्यादा दूसरे राज्यों के लोगों की बहाली नहीं की जा सकती। लेकिन बिहार सरकार ने डोमिसाइल नीति की पूरी तरह से अवहेलना की है। *स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में कटौती कुमार सौरभ ने सरकार को घेरा* वहीं, कुमार सौरभ ने बिहार सरकार के एक नोटिफिकेशन को दिखाते हुए कहा कि आप सभी जानते हैं कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत बिहार में या बिहार से बाहर कहीं भी शिक्षा ग्रहण करने के लिए छात्रों को 4 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण देने का प्रावधान था। इसमें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए डीआरसीसी के माध्यम से छात्रों को यह सुविधा प्रदान की जाती थी। जन सुराज पिछले चार महीने से लगातार यह सवाल उठाया जा रहा था कि बिहार में या बिहार के बाहर पढ़ने वाले छात्रों की सेमेस्टर फीस क्यों नहीं दी जा रही है। लेकिन सरकार लगातार इनकार करती रही कि पैसे की कोई दिक्कत नहीं है। जन सुराज द्वारा बार-बार इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद बांकीपुर चुनाव से एक महीने पहले एक किस्त भेजी गई। पिछले बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें 950 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई और योजना को पांच साल के लिए विस्तार दिया गया। इसके बाद सरकार ने एक विज्ञापन जारी कर बताया कि जिन छात्रों को चार लाख रुपये तक का ऋण मिलता था, वह अब दो लाख रुपये रह जाएगा। मौके पर मीडिया प्रभारी ओबैदुर रहमान, राकेश पटेल, सुभाष कुशवाहा भी मौजूद थे।
    1
    छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर जन सुराज का सरकार पर हमला, मनोज भारती बोले- पीएचडी-रिसर्च स्कॉलर्स के साथ हो रहा अन्याय
जन सुराज पार्टी में शामिल हुई राष्ट्रीय लोक मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष उर्मिला पटेल
पटना। जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने बिहार के छात्रों-युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर गुरुवार को पार्टी कार्यालय, पाटलिपुत्रा में एक  प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने राज्य सरकार पर छात्रों और युवाओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। इसी दौरान राष्ट्रीय लोक मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष उर्मिला पटेल जन सुराज पार्टी में शामिल हुईं। मनोज भारती ने उन्हें गमछा पहनाकर जन सुराज पार्टी की सदस्यता दिलाई। मनोज भारती ने कहा मुझे विश्वास है कि उर्मिला पटेल जी के इतने लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ जन सुराज पार्टी को मिलेगा। हम उर्मिला जी का पार्टी में तहे दिल से स्वागत करते हैं।
*पीएचडी होल्डर्स और रिसर्च स्कॉलर्स के आंदोलन का मुद्दा उठाया*
मनोज भारती ने कहा कि पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार ने 4 अगस्त से गर्दनीबाग में धरना-प्रदर्शन शुरू किया था। इसमें कई लोग भूख हड़ताल पर थे। जानकारी के मुताबिक, 16 अगस्त को कई लोगों की तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा था। उनकी भूख हड़ताल अभी भी जारी है। पीएचडी होल्डर्स और रिसर्च स्कॉलर्स सरकार का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि सरकार ने वादा किया था कि बिहार के सभी प्रखंडों में एक-एक डिग्री कॉलेज खोला जाएगा। इन डिग्री कॉलेजों में जिन प्रोफेसरों की बहाली की जानी है, उनके चयन की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। 
मनोज भारती ने कहा कि नए शिक्षकों के चयन की जो प्रक्रिया बिहार सरकार ने लागू की है, वह यूजीसी के प्रावधानों के विरुद्ध है। अगर किसी डिग्री कॉलेज में किसी शिक्षक या प्रोफेसर की बहाली होनी है, तो उसके मूल्यांकन में पीएचडी के अंकों की वैल्यू 30 प्रतिशत होनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय इसे घटाकर 11 प्रतिशत कर दिया है। अगर कोई व्यक्ति पीएचडी कर रहा है तो उसने कितने रिसर्च पेपर प्रकाशित किए हैं, इस आधार पर भी उसका मूल्यांकन होना चाहिए कि वह कितना सक्षम है और एक अच्छा प्रोफेसर बन सकता है या नहीं। लेकिन बिहार सरकार की गाइडलाइन में वह प्रावधान ही हटा दिया गया है। एक प्रोफेसर के लिए रिसर्च पेपर की जो अहमियत होनी चाहिए थी, उसे भी हटा दिया गया है।
*डोमिसाइल नीति को लेकर भी सरकार पर निशाना*
मनोज भारती ने डोमिसाइल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिहार सरकार ने डोमिसाइल नीति को बिल्कुल उलट दिया है। भारत के किसी भी राज्य में आप जाइए, वहां ऐसी बहाली में उस राज्य के बाहर के लोगों का प्रतिशत सामान्य तौर पर 20 प्रतिशत रखा जाता है। उससे ज्यादा दूसरे राज्यों के लोगों की बहाली नहीं की जा सकती। लेकिन बिहार सरकार ने डोमिसाइल नीति की पूरी तरह से अवहेलना की है।
*स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में कटौती कुमार सौरभ ने सरकार को घेरा*
वहीं, कुमार सौरभ ने बिहार सरकार के एक नोटिफिकेशन को दिखाते हुए कहा कि आप सभी जानते हैं कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत बिहार में या बिहार से बाहर कहीं भी शिक्षा ग्रहण करने के लिए छात्रों को 4 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण देने का प्रावधान था। इसमें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए डीआरसीसी के माध्यम से छात्रों को यह सुविधा प्रदान की जाती थी।
जन सुराज पिछले चार महीने से लगातार यह सवाल उठाया जा रहा था कि बिहार में या बिहार के बाहर पढ़ने वाले छात्रों की सेमेस्टर फीस क्यों नहीं दी जा रही है। लेकिन सरकार लगातार इनकार करती रही कि पैसे की कोई दिक्कत नहीं है। जन सुराज द्वारा बार-बार इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद बांकीपुर चुनाव से एक महीने पहले एक किस्त भेजी गई। पिछले बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें 950 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई और योजना को पांच साल के लिए विस्तार दिया गया। इसके बाद सरकार ने एक विज्ञापन जारी कर बताया कि जिन छात्रों को चार लाख रुपये तक का ऋण मिलता था, वह अब दो लाख रुपये रह जाएगा।
मौके पर मीडिया प्रभारी ओबैदुर रहमान, राकेश पटेल, सुभाष कुशवाहा भी मौजूद थे।
    user_Newslahar
    Newslahar
    Local News Reporter मुस्तफापुर, पटना•
    11 hrs ago
  • बांकेपुर उपचुनाव में रेखा गुप्ता, तेजस्वी यादव के वजह से... #foryou #viralnews #bankipur #tejashwiyadav #trendingnow #bihar
    1
    बांकेपुर उपचुनाव में रेखा गुप्ता, तेजस्वी यादव के वजह से...
#foryou #viralnews #bankipur #tejashwiyadav #trendingnow #bihar
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company Dinapur-Cum-Khagaul, Patna•
    18 hrs ago
  • पुरानी पद्धतियों के पेड़ पौधे, जो इंसान के अंदर छुपे कई बीमारियों का जड़ से सफ़ाया करता है,
    1
    पुरानी पद्धतियों के पेड़ पौधे, जो इंसान के अंदर छुपे कई बीमारियों का जड़ से सफ़ाया करता है,
    user_SSDBIHARCOD108
    SSDBIHARCOD108
    News Anchor Patna Rural, Bihar•
    20 hrs ago
  • जदयू कार्यालय में दिव्यांग ने निशांत कुमार से मुलाकात कर फरियाद किया
    1
    जदयू कार्यालय में दिव्यांग ने निशांत कुमार से मुलाकात कर फरियाद किया
    user_NEW NEWS BHARAT 365
    NEW NEWS BHARAT 365
    फुलवारी, पटना, बिहार•
    22 hrs ago
  • औद्योगिक थाने में क्या हुआ था? स्थानीय लोगों ने नेहा कुमारी को लेकर खोला राज औद्योगिक थाने में क्या हुआ था? स्थानीय लोगों ने नेहा कुमारी को लेकर खोला राज
    1
    औद्योगिक थाने में क्या हुआ था? स्थानीय लोगों ने नेहा कुमारी को लेकर खोला राज
औद्योगिक थाने में क्या हुआ था? स्थानीय लोगों ने नेहा कुमारी को लेकर खोला राज
    user_बिहार दैनिक पंचायत  रणधीर सिंह
    बिहार दैनिक पंचायत रणधीर सिंह
    Local News Reporter हाजीपुर, वैशाली, बिहार•
    20 hrs ago
  • तेजस्वी के मार्च और सम्राट चौधरी के बयान पर प्रशांत किशोर का तंज, बोले— 'जो कल तक एनकाउंटर की बात करते थे, आज रोजगार पर बोल रहे हैं' ​पटना: जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति के दो ज्वलंत मुद्दों—नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च और राज्य सरकार द्वारा आयोजित रोजगार मेलों—पर अपनी बेबाक राय रखी है। पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने विपक्ष के रुख और सत्ता पक्ष के बदलते तेवरों दोनों पर तीखा हमला बोला। ​तेजस्वी यादव द्वारा निकाले गए लोकभवन मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि एक विपक्ष के नेता के तौर पर जनता के मुद्दे उठाना उनका काम ही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता हैं और प्रदर्शन करना उनका काम है। लेकिन वे कभी-कभी ही सड़कों पर दिखते हैं, उन्हें यह काम रोज-रोज करना चाहिए ताकि राज्य के मुद्दे लगातार उठते रहें।" ​वहीं, बिहार सरकार द्वारा राज्य भर में लगाए जा रहे रोजगार मेलों का स्वागत करते हुए प्रशांत किशोर ने इसे जन सुराज के विजन की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह पूरे बिहार के लिए बेहद खुशी की बात है कि आज राजनीति का केंद्र बदल रहा है। ​प्रशांत किशोर ने कहा, "यह बहुत ही संतोषजनक है कि अब बिहार में जाति, धर्म और 5 किलो मुफ्त अनाज की राजनीति को छोड़कर हर तरफ नौकरी और रोजगार पर चर्चा हो रही है। इससे बेहतर बदलाव और क्या हो सकता है?" ​उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा निशाना साधते हुए पीके ने कहा कि जन सुराज के दबाव का ही नतीजा है कि जो सम्राट चौधरी कल तक सिर्फ 'एनकाउंटर' की भाषा बोलते थे, वे आज रोजगार और नौकरियों की बात करने के लिए मजबूर हुए हैं। ​जन सुराज के इस बयान के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है, जहां एक तरफ विपक्ष को सक्रिय रहने की सलाह दी गई है, वहीं सत्ता पक्ष को उसके बदले रुख पर घेरा गया है।
    1
    तेजस्वी के मार्च और सम्राट चौधरी के बयान पर प्रशांत किशोर का तंज, बोले— 'जो कल तक एनकाउंटर की बात करते थे, आज रोजगार पर बोल रहे हैं'
​पटना: जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति के दो ज्वलंत मुद्दों—नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च और राज्य सरकार द्वारा आयोजित रोजगार मेलों—पर अपनी बेबाक राय रखी है। पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने विपक्ष के रुख और सत्ता पक्ष के बदलते तेवरों दोनों पर तीखा हमला बोला।
​तेजस्वी यादव द्वारा निकाले गए लोकभवन मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि एक विपक्ष के नेता के तौर पर जनता के मुद्दे उठाना उनका काम ही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता हैं और प्रदर्शन करना उनका काम है। लेकिन वे कभी-कभी ही सड़कों पर दिखते हैं, उन्हें यह काम रोज-रोज करना चाहिए ताकि राज्य के मुद्दे लगातार उठते रहें।"
​वहीं, बिहार सरकार द्वारा राज्य भर में लगाए जा रहे रोजगार मेलों का स्वागत करते हुए प्रशांत किशोर ने इसे जन सुराज के विजन की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह पूरे बिहार के लिए बेहद खुशी की बात है कि आज राजनीति का केंद्र बदल रहा है।
​प्रशांत किशोर ने कहा, "यह बहुत ही संतोषजनक है कि अब बिहार में जाति, धर्म और 5 किलो मुफ्त अनाज की राजनीति को छोड़कर हर तरफ नौकरी और रोजगार पर चर्चा हो रही है। इससे बेहतर बदलाव और क्या हो सकता है?"
​उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा निशाना साधते हुए पीके ने कहा कि जन सुराज के दबाव का ही नतीजा है कि जो सम्राट चौधरी कल तक सिर्फ 'एनकाउंटर' की भाषा बोलते थे, वे आज रोजगार और नौकरियों की बात करने के लिए मजबूर हुए हैं।
​जन सुराज के इस बयान के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है, जहां एक तरफ विपक्ष को सक्रिय रहने की सलाह दी गई है, वहीं सत्ता पक्ष को उसके बदले रुख पर घेरा गया है।
    user_Newslahar
    Newslahar
    Local News Reporter मुस्तफापुर, पटना•
    18 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.