"जब तक किसान रहेगा, धरती पर तूफान रहेगा" और "किसान अन्न का दाता है, फिर भी पीटा जाता है" जैसे गगनभेदी नारों के साथ उत्तर प्रदेश के बांदा में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने किसानों के सम्मान और अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने खेती की बढ़ती लागत, सिंचाई, बिजली, फसलों के उचित मूल्य और किसानों के साथ हो रहे कथित अन्याय जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के सामने अपनी आवाज उठाई और ठोस कदम उठाने की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि अन्न पैदा करने वाला देश का किसान यदि सुरक्षित और सम्मानित नहीं होगा, तो इसका सीधा असर देश की खाद्य व्यवस्था पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से किसानों की इन समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और उनकी मांगों पर पूरी गंभीरता से विचार करने की अपील की है। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे और उन्होंने एकजुट होकर किसान हितों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखने का दृढ़ संकल्प लिया।
"जब तक किसान रहेगा, धरती पर तूफान रहेगा" और "किसान अन्न का दाता है, फिर भी पीटा जाता है" जैसे गगनभेदी नारों के साथ उत्तर प्रदेश के बांदा में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने किसानों के सम्मान और अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने खेती की बढ़ती लागत, सिंचाई, बिजली, फसलों के उचित मूल्य और किसानों के साथ हो रहे कथित अन्याय जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के सामने अपनी आवाज उठाई और ठोस कदम उठाने की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि अन्न पैदा करने वाला देश का किसान यदि सुरक्षित और सम्मानित नहीं होगा, तो इसका सीधा असर देश की खाद्य व्यवस्था पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से किसानों की इन समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और उनकी मांगों पर पूरी गंभीरता से विचार करने की अपील की है। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे और उन्होंने एकजुट होकर किसान हितों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखने का दृढ़ संकल्प लिया।
- "जब तक किसान रहेगा, धरती पर तूफान रहेगा" और "किसान अन्न का दाता है, फिर भी पीटा जाता है" जैसे गगनभेदी नारों के साथ उत्तर प्रदेश के बांदा में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने किसानों के सम्मान और अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने खेती की बढ़ती लागत, सिंचाई, बिजली, फसलों के उचित मूल्य और किसानों के साथ हो रहे कथित अन्याय जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के सामने अपनी आवाज उठाई और ठोस कदम उठाने की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि अन्न पैदा करने वाला देश का किसान यदि सुरक्षित और सम्मानित नहीं होगा, तो इसका सीधा असर देश की खाद्य व्यवस्था पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से किसानों की इन समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और उनकी मांगों पर पूरी गंभीरता से विचार करने की अपील की है। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे और उन्होंने एकजुट होकर किसान हितों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखने का दृढ़ संकल्प लिया।1
- ग्राम पोस्ट खामोर मलके का पुरवा जिला बांदा तहसील अतर्रा1
- Post by Idlesh Kumar2
- दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद क्षेत्र में प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अपनी मांगों को लेकर यहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के लिहाज से कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर इस समय देशभर की नजर बनी हुई है और यह मामला आज राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- चित्रकूट जिले के भरतकूप थाना क्षेत्र स्थित पहरा मजरा सेहरा पुरवा में बीते सोमवार और मंगलवार की मध्य रात्रि लगभग 12 बजे एक दुखद हादसा सामने आया है। यहां घर में सो रहे 4 वर्षीय मासूम बच्चे समीर को सर्प ने डस लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक समीर अपने पिता रमेश और मां अंजनी के साथ घर में रहता था। रोजाना की भांति वह लकड़ी के तखत पर अपनी मां अंजनी के साथ सो रहा था, तभी आधी रात को सर्प तखत पर चढ़ गया और बिस्तर में सो रहे मासूम को डस लिया। सांप के डसने से बच्चे की हालत अचानक बिगड़ने लगी। जानकारी होते ही परिजन आनन-फानन में समीर को भांगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां से गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन मासूम को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। समीर की मौत से परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मंगलवार दोपहर 12:30 बजे जिला मुख्यालय में पोस्टमार्टम कराया।1
- बांदा में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बांदा शहर के बाबूलाल चौराहे से महेश्वरी देवी मंदिर तक विरोध मार्च निकाला गया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन में मौजूद सपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने अखिलेश यादव की रिहाई की मांग उठाई और सरकार के खिलाफ विरोधी नारे लगाए।1
- जंतर मंतर में छात्रों द्वारा किए जा रहे आंदोलन के बीच नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पहुंचे हैं।1
- जंतर मंतर में छात्रों ने प्रदर्शन करने के दौरान संसद भवन पर पहुंचे उसके पहले पुलिस व छात्रों के बीच हुई झड़प आंदोलित छात्र वेरीगेटिंग तोड़कर संसद भवन पर पहुंचे1