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कैंद्र सरकार हो कांग्रेस सरकार हो या झारखंड सरकार हो हर सरकार को स्टूडेंट की बात सुननी चाहिए #rahulgandhi #chhatronkigoonj
Hussain king
कैंद्र सरकार हो कांग्रेस सरकार हो या झारखंड सरकार हो हर सरकार को स्टूडेंट की बात सुननी चाहिए #rahulgandhi #chhatronkigoonj
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- सिकटी क्षेत्रों में दोपहर बाद हुई मूसलधार बारिश का असर सुबह से सिकटी प्रखंड में दिखने लगा। अररिया नेपाल के तराई क्षेत्र में हो रहे भारी वर्षा से सिकटी विधानसभा क्षेत्र में बाद जैसे हालात लक्ष्मीपुर में सड़कों पे पानी का सैलाब नूना का बढ़ा जलस्तर, गांवों में घुसा बाढ़ का पानी। एक नाव के सहारे ग्रामीण छात्र छात्रा जान जोखिम में डाल के पार करते सिकटी क्षेत्रों में दोपहर बाद हुई मूसलधार बारिश का असर सुबह से सिकटी प्रखंड में दिखने लगा। लगातार बारिश के कारण प्रखंड की प्रमुख नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। नूना नदी उफान पर है और उसका पानी निचले इलाकों में फैलने लगा है। इससे हजारों एकड़ में लगी धान की फसल जलमग्न हो गई है। जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहने से किसानों में फसल को लेकर चिंता बढ़ गई है। नूना नदी के किनारे बसे दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे प्रवेश कर रहा है। कई जगह घरों के आंगन तक पानी पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सिकटी से सटे पलासी प्रखंड के लक्ष्मीपुर रेलवे स्टेशन के पास सड़को पे पानी का सैलाब, छपनिया, पिपरा, बिजवार और बच्चाखाड़ी आदि पंचायत में घुसा बाढ़ का पानी सहित कई गांवों में जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित होने लगा है। नदी के निचले हिस्से में बसे होने के कारण ये गांव हर वर्ष बरसात के दौरान सबसे अधिक प्रभावित होते हैं और इस बार भी स्थिति गंभीर होती जा रही है। खेतों में लगी धान की फसल पूरी तरह पानी में डूबने लगी है। किसानों का कहना है कि यदि जलस्तर में जल्द कमी नहीं आई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। सबसे अधिक परेशानी लक्ष्मीपुर गांव में है। गांव तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों के श्रमदान से बनाई गई बांस की चचरी तेज बहाव के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है और उसके टूटने का खतरा बढ़ गया है। चचरी बह जाने पर गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाएगा और पूरा टोला टापू में तब्दील हो जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि नूना नदी बकरा नदी का तेज बहाव लगातार चचरी को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि समय रहते सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो किसी भी समय चचरी टूट सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब पुल निर्माण की कराने की मांग की है। उनका कहना है कि संपर्क मार्ग सुरक्षित रहने से आपात स्थिति में लोगों की आवाजाही और राहत कार्य प्रभावित नहीं होंगे।1