सोनभद्र के दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के बघाडू में सोमवार रात करीब 8 बजे विनोद मोड़ के पास एक शराब के नशे में धुत बाइक चालक ने पैदल चल रही सीमा देवी (35) और उनके पांच वर्षीय पुत्र शिवम को जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर में बाइक चालक भी गिरकर घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद 108 एम्बुलेंस के ईएमटी पंकज और चालक अजीत ने तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुद्धी में भर्ती कराया। सीमा के परिवार के अनुसार, सीमा अपनी मां रूपमन देवी के साथ अमवार पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराने जा रही थी। यह शिकायत सीमा के पति वीरचंद के साथ चल रहे पारिवारिक विवाद से संबंधित थी। सीमा की मां रूपमन, जो चपकी थाना बभनी की निवासी हैं, ने बताया कि वे सीमा और नातिन के साथ अमवार पुलिस चौकी की ओर जा रही थीं, तभी पीछे से आई तेज रफ्तार और नशे में धुत बाइक ने पहले शिवम को टक्कर मारी और फिर सीमा को कुचल दिया। दोनों मां-बेटे गंभीर रूप से घायल हैं और उनका प्राथमिक उपचार सीएचसी दुद्धी में डॉ. वरुणा निधि की देखरेख में चल रहा है। खबर लिखे जाने तक उनकी चिकित्सकीय रिपोर्ट और विस्तृत स्थिति की जानकारी नहीं मिल पाई थी। बाइक चालक की पहचान बघाडू निवासी जैत सिंह गौड़ के पुत्र किशुन दयाल (30) के रूप में हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि किशुन किसी काम से जा रहा था और नशे में था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है।
सोनभद्र के दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के बघाडू में सोमवार रात करीब 8 बजे विनोद मोड़ के पास एक शराब के नशे में धुत बाइक चालक ने पैदल चल रही सीमा देवी (35) और उनके पांच वर्षीय पुत्र शिवम को जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर में बाइक चालक भी गिरकर घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद 108
एम्बुलेंस के ईएमटी पंकज और चालक अजीत ने तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुद्धी में भर्ती कराया। सीमा के परिवार के अनुसार, सीमा अपनी मां रूपमन देवी के साथ अमवार पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराने जा रही थी। यह शिकायत सीमा के पति वीरचंद के साथ चल रहे पारिवारिक विवाद से संबंधित थी। सीमा की मां रूपमन, जो चपकी थाना बभनी की निवासी हैं,
ने बताया कि वे सीमा और नातिन के साथ अमवार पुलिस चौकी की ओर जा रही थीं, तभी पीछे से आई तेज रफ्तार और नशे में धुत बाइक ने पहले शिवम को टक्कर मारी और फिर सीमा को कुचल दिया। दोनों मां-बेटे गंभीर रूप से घायल हैं और उनका प्राथमिक उपचार सीएचसी दुद्धी में डॉ. वरुणा निधि की देखरेख में चल रहा है। खबर लिखे जाने
तक उनकी चिकित्सकीय रिपोर्ट और विस्तृत स्थिति की जानकारी नहीं मिल पाई थी। बाइक चालक की पहचान बघाडू निवासी जैत सिंह गौड़ के पुत्र किशुन दयाल (30) के रूप में हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि किशुन किसी काम से जा रहा था और नशे में था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है।
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रेणुकूट मंडल में कई स्थानों पर योग दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान भाजपा के कार्यकर्ताओं सहित रेणुकूट नगर के गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कुशल योग शिक्षकों ने प्रतिभागियों को योग अभ्यास कराया और उन्हें अपने शरीर को स्वस्थ रखने के तरीकों के बारे में भी जानकारी प्रदान की।1
- जनपद सोनभद्र पुलिस और एएनटीएफ लखनऊ यूनिट की एक संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान 06 अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन तस्करों के पास से कुल 08 कुन्तल 684 ग्राम अवैध गांजा भी बरामद किया है। इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा ने दी है।1
- सोनभद्र जिले के विंढमगंज थाना क्षेत्र के पकरी गाँव में 21 जून 2026, रविवार की रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ आपसी विवाद के दौरान एक पुत्र पर अपने ही पिता की डंडे से पीटकर हत्या करने का आरोप लगा है। यह घटना रात लगभग 10 बजे की बताई जा रही है, जिससे पूरे गाँव में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों में शोक का माहौल व्याप्त है। मृतक की पत्नी चंद्रावती के अनुसार, उनके पुत्र सोनू कुमार का अपने पिता श्रीनाथ से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि विवाद के दौरान सोनू कुमार ने डंडे से हमला कर अपने पिता को गंभीर रूप से घायल कर दिया। परिजन और ग्रामीण जब तक कुछ समझ पाते, तब तक श्रीनाथ की हालत गंभीर हो चुकी थी और उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तुरंत मौके पर पहुँची, जिसके बाद थाना प्रभारी संतोष सिंह और उपनिरीक्षक सुनील कुमार राय भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पुत्र सोनू कुमार को हिरासत में ले लिया है। ग्रामीणों के अनुसार, सोनू कुमार की मानसिक स्थिति लंबे समय से ठीक नहीं बताई जा रही थी और वह अक्सर असामान्य व्यवहार करता तथा बड़बड़ाता रहता था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि उसकी मानसिक स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जाँच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है तथा मामले की गहनता से जाँच की जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक और चर्चा का माहौल बना हुआ है।2
- सोनभद्र जिले के विंढमगंज थाना क्षेत्र के पकरी गांव में पिता-पुत्र के बीच हुए विवाद ने एक भयावह रूप ले लिया, जहाँ 52 वर्षीय पिता श्रीनाथ की मृत्यु हो गई। आरोप है कि उनके पुत्र सोनू ने एक डंडे से उन पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसके बाद इलाज के दौरान श्रीनाथ ने दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने श्रीनाथ के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी पुत्र सोनू को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- एक हैरान कर देने वाली घटना में, पुलिस ने न्यायालय को बताया कि 1 करोड़ रुपये मूल्य का सोना बंदर अपने साथ ले गए हैं। पुलिस द्वारा प्रस्तुत की गई इस विचित्र कहानी को सुनकर न्यायालय भी अत्यधिक क्रोधित हो उठा, जो मामले की गंभीरता और पुलिस के इस दावे के प्रति उसकी असंतुष्टि को दर्शाता है।1
- गर्मी के मौसम में दुद्धी के लवकुश पार्क की यात्रा करने का सुझाव दिया गया है। यह पार्क मनमोहक नज़ारों से भरा है, जहाँ आगंतुक आनंद ले सकते हैं। इस भ्रमण के दौरान केदारनाथ मंदिर के दर्शन का भी उल्लेख है।1
- सोनभद्र जिले के म्योरपुर थाना क्षेत्र के देवपहरी पहाड़ के पास देवरी गांव में पेयजल संकट से नाराज़ एक युवक करीब 150 फीट ऊंचे ट्रांसमिशन टावर पर चढ़ गया। यह घटना गांव में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को लेकर विरोध जताने के लिए हुई, जिसके कारण क्षेत्र में हड़कंप मच गया। युवक का आरोप था कि ग्राम प्रधान से कई बार शिकायत के बावजूद भी इस गंभीर समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। उसने मौके पर ग्राम प्रधान को बुलाने और समस्या के समाधान का आश्वासन मिलने तक टावर से नीचे उतरने से इनकार कर दिया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रविकांत मिश्रा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, जहां सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ भी जमा हो गई थी। करीब तीन घंटे तक चला यह हाईवोल्टेज ड्रामा तब समाप्त हुआ जब प्रशासन की ओर से पेयजल समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया। रात करीब 8 बजे युवक सुरक्षित टावर से नीचे उतरा, जिसके बाद प्रशासन और ग्रामीणों, दोनों ने राहत की सांस ली।1