*IBA व यथार्थ हॉस्पिटल के सहयोग से आर्या फैशन्स में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित* रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुपालन में आज आर्या फैशन्स, प्लॉट नंबर 481, उद्योग केंद्र-II, ईकोटेक-III, ग्रेटर नोएडा में IBA एवं यथार्थ हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा के संयुक्त प्रयास से एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की आयोजक एवं मेजबान आर्या फैशन्स की संस्थापक डॉ. खुशबू सिंह रहीं। शिविर का शुभारंभ एसडीएम सदर श्री आशुतोष गुप्ता जी द्वारा फीता काटकर किया गया। यथार्थ हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा की वरिष्ठ चिकित्सक टीम ने डॉ. अश्वनी जी के कुशल निर्देशन में अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। इस स्वास्थ्य शिविर में फैक्ट्री के सभी श्रमिकों एवं कर्मचारियों के लिए व्यापक स्तर पर निःशुल्क जाँच एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जिन प्रमुख जाँचों एवं सेवाओं का लाभ श्रमिकों को मिला, उनमें शामिल हैं: 1. शुगर एवं ब्लड प्रेशर की जाँच 2. हीमोग्लोबिन परीक्षण 3. दंत रोग विशेषज्ञ द्वारा दाँतों का परीक्षण एवं परामर्श 4. नेत्र विशेषज्ञ द्वारा आँखों की जाँच एवं परामर्श 5. हृदय रोग से संबंधित ईसीजी परीक्षण 6. सामान्य रोगों के लिए निःशुल्क दवाइयों का वितरण शिविर की विशेष बात यह रही कि डॉ. खुशबू सिंह जी ने न केवल आर्या फैशन्स के श्रमिकों, बल्कि आस-पास की सभी औद्योगिक इकाइयों के कामगारों को भी इस शिविर में आमंत्रित किया। परिणामस्वरूप, सुबह से ही जाँच के लिए श्रमिकों का ताँता लगा रहा और सैकड़ों लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। इस स्वास्थ्य शिविर में यह स्पष्ट रूप से देखा गया कि श्रमिक एवं कामगार इस निःशुल्क जाँच एवं उपचार को पाकर अत्यंत प्रसन्न एवं संतुष्ट थे। कई श्रमिकों ने कहा कि फैक्ट्री परिसर में ही इतनी व्यापक स्वास्थ्य सुविधा मिलना उनके लिए बड़ी राहत है। इस अवसर पर एसडीएम सदर श्री आशुतोष गुप्ता जी ने उपस्थित श्रमिकों को संबोधित किया। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा श्रमिक कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सामाजिक सुरक्षा के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है। यथार्थ हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा, के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अश्वनी ने श्रमिकों को नियमित स्वास्थ्य जाँच के महत्व, संतुलित आहार एवं कार्यस्थल पर स्वच्छता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने ईसीजी, बीपी एवं शुगर जैसी बीमारियों के शुरुआती लक्षणों पर भी चर्चा की। अपने संबोधन में आर्या फैशन्स की संस्थापक डॉ. खुशबू सिंह ने कहा, "हमारे श्रमिक ही हमारी सबसे बड़ी पूँजी हैं। इनके स्वास्थ्य की देखभाल करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। मेरा सभी से आग्रह है कि इस तरह के शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ।" उन्होंने शिविर में पधारकर श्रमिकों का उत्साहवर्धन करने के लिए एसडीएम श्री आशुतोष गुप्ता जी का हृदय से आभार व्यक्त किया। साथ ही यथार्थ हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा की पूरी टीम को उनके समर्पण के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और श्रमिकों ने आयोजकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
*IBA व यथार्थ हॉस्पिटल के सहयोग से आर्या फैशन्स में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित* रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुपालन में आज आर्या फैशन्स, प्लॉट नंबर 481, उद्योग केंद्र-II, ईकोटेक-III, ग्रेटर नोएडा में IBA एवं यथार्थ हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा के संयुक्त प्रयास से एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की आयोजक एवं मेजबान आर्या फैशन्स की संस्थापक डॉ. खुशबू सिंह रहीं। शिविर का शुभारंभ एसडीएम सदर श्री आशुतोष गुप्ता जी द्वारा फीता काटकर किया गया। यथार्थ हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा की वरिष्ठ चिकित्सक टीम ने डॉ. अश्वनी जी के कुशल निर्देशन में अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। इस स्वास्थ्य शिविर में फैक्ट्री के सभी श्रमिकों एवं कर्मचारियों के लिए व्यापक स्तर पर निःशुल्क जाँच एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जिन प्रमुख जाँचों एवं सेवाओं का लाभ श्रमिकों को मिला, उनमें शामिल हैं: 1. शुगर एवं ब्लड प्रेशर की जाँच 2. हीमोग्लोबिन परीक्षण 3. दंत रोग विशेषज्ञ द्वारा दाँतों का परीक्षण एवं परामर्श 4. नेत्र विशेषज्ञ द्वारा आँखों की जाँच एवं परामर्श 5. हृदय रोग से संबंधित ईसीजी परीक्षण 6. सामान्य रोगों के लिए निःशुल्क दवाइयों का वितरण शिविर की विशेष बात यह रही कि डॉ. खुशबू सिंह जी ने न केवल आर्या फैशन्स के श्रमिकों, बल्कि आस-पास की सभी औद्योगिक इकाइयों के कामगारों को भी इस शिविर में आमंत्रित किया। परिणामस्वरूप, सुबह से ही जाँच के लिए श्रमिकों का ताँता लगा रहा और सैकड़ों लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। इस स्वास्थ्य शिविर में यह स्पष्ट रूप से देखा गया कि श्रमिक एवं कामगार इस निःशुल्क जाँच एवं उपचार को पाकर अत्यंत प्रसन्न एवं संतुष्ट थे। कई श्रमिकों ने कहा कि फैक्ट्री परिसर में ही इतनी व्यापक स्वास्थ्य सुविधा मिलना उनके लिए बड़ी राहत है। इस अवसर पर एसडीएम सदर श्री आशुतोष गुप्ता जी ने उपस्थित श्रमिकों को संबोधित किया। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा श्रमिक कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सामाजिक सुरक्षा के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है। यथार्थ हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा, के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अश्वनी ने श्रमिकों को नियमित स्वास्थ्य जाँच के महत्व, संतुलित आहार एवं कार्यस्थल पर स्वच्छता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने ईसीजी, बीपी एवं शुगर जैसी बीमारियों के शुरुआती लक्षणों पर भी चर्चा की। अपने संबोधन में आर्या फैशन्स की संस्थापक डॉ. खुशबू सिंह ने कहा, "हमारे श्रमिक ही हमारी सबसे बड़ी पूँजी हैं। इनके स्वास्थ्य की देखभाल करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। मेरा सभी से आग्रह है कि इस तरह के शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ।" उन्होंने शिविर में पधारकर श्रमिकों का उत्साहवर्धन करने के लिए एसडीएम श्री आशुतोष गुप्ता जी का हृदय से आभार व्यक्त किया। साथ ही यथार्थ हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा की पूरी टीम को उनके समर्पण के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और श्रमिकों ने आयोजकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
- दिल्ली यूनिवर्सिटी परिसर में एक संदिग्ध युवक को लेकर हंगामा हो गया। आरोप है कि युवक झूठी पहचान के साथ छात्राओं से संपर्क कर रहा था, जिससे शक पैदा हुआ। छात्राओं ने सतर्कता दिखाते हुए युवक को रोक लिया और तुरंत कैंपस सुरक्षा व पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस युवक की पहचान और गतिविधियों की जांच कर रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी छात्रों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत देने की अपील की है।1
- बीते समय में... अंग यानी बिहार ने कमल खिलाया है। कलिंग यानी ओडिशा ने कमल खिलाया है। अब बंग यानी बंगाल की बारी है... और यहां जो माहौल मैं देख रहा हूं... इस बार बंगाल में भी कमल खिलना तय है।1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- Post by Sanjay Lal1
- प्रधान अधिकार एवं कार्यकाल विस्तार बैठक संपन्न हुई लखनऊ प्रधान अधिकार एवं कार्यकाल विस्तार बैठक प्रेस क्लब, लखनऊ मे संपन्न हुई बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी ने किया संरक्षण शिव प्रसाद मिश्र ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहां थी सरकार या तो चुनाव संपन्न करवाया या तो कार्यकाल बढ़ाया जाए बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विपिन मिश्रा प्रदेश अध्यक्ष संतोष यादव पूर्व प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम यादव प्रदेश उपाध्यक्ष कुलदीप चौधरी मंडल अध्यक्ष चौधरी सम्राट सिंह चौधरी धर्मपाल बालियान जिला अध्यक्ष अशोक सचिन मलिक अध्यक्ष बिजनौर बेबी प्रधान राहुल त्यागी सुनील यादव लगभग जिला 50 जिला अध्यक्ष बैठक में उपस्थित है1
- ## **आक्रोश की आग में सुलगता उत्तर प्रदेश: स्मार्ट मीटर के खिलाफ ‘जन-क्रांति’ या अराजकता?** **लखनऊ से लेकर वाराणसी तक सड़कों पर फूटा जनता का गुस्सा; हजारों मीटर मलबे में तब्दील, सरकार के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान!** ### **बड़ी खबर: यूपी में 'स्मार्ट' सिस्टम पर भारी पड़ा जनता का 'पावर'** *कृष्णानन्द शर्मा"शिवराम"* नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की सड़कों पर इस वक्त विकास के दावों और जनता के आक्रोश के बीच एक भीषण टकराव की स्थिति बनी हुई है। जिसे सरकार 'सुधार' कह रही थी, उसे प्रदेश की जनता ने 'आर्थिक डकैती' करार दे दिया है। राजधानी लखनऊ समेत मेरठ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं हैं। गुस्साई जनता ने अपने घरों के बाहर लगे **प्रीपेड स्मार्ट मीटरों** को उखाड़ फेंका है। कहीं मीटरों की होली जलाई जा रही है, तो कहीं उन्हें बीच सड़क पर पटककर हथौड़ों से चकनाचूर किया जा रहा है। बिजली विभाग के खिलाफ उपजा यह जन-आक्रोश अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है। ### **शहर-दर-शहर: विरोध की धधकती चिंगारी** उत्तर प्रदेश का शायद ही कोई ऐसा कोना बचा हो, जहाँ स्मार्ट मीटर का विरोध न हो रहा हो। प्रदर्शन का केंद्र बने प्रमुख शहरों का हाल कुछ इस प्रकार है: | शहर | विरोध का स्वरूप | मुख्य घटना | |---|---|---| | **लखनऊ** | सड़कों पर घेराव | शक्ति भवन के बाहर सैकड़ों मीटरों का ढेर लगाया गया। | | **वाराणसी** | घाटों से गलियों तक गूँज | काशी की तंग गलियों में बिजली विभाग की टीमों को खदेड़ा गया। | | **मेरठ** | हिंसक झड़प | प्रदर्शनकारियों ने मीटरों को सड़क पर रखकर उस पर बुलडोजर चलाने की कोशिश की। | | **प्रयागराज** | छात्र और युवा शक्ति | संगम नगरी में छात्रों ने 'मीटर हटाओ, प्रदेश बचाओ' के नारे बुलंद किए। | | **कानपुर** | औद्योगिक आक्रोश | व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर को 'व्यापार का दुश्मन' बताते हुए सामूहिक बहिष्कार किया। | ### **क्यों भड़की है विद्रोह की ये ज्वाला?** जनता के इस जबरदस्त गुस्से के पीछे सिर्फ एक कारण नहीं है, बल्कि शिकायतों की एक लंबी फेहरिस्त है: 1. **तेज रफ्तार से भागते मीटर:** उपभोक्ताओं का आरोप है कि पुराने मीटर की तुलना में स्मार्ट मीटर की रीडिंग **30% से 50%** अधिक आ रही है। 2. **प्रीपेड का फंदा:** "पहले इस्तेमाल करें, फिर भुगतान करें" की जगह "पहले पैसे दें, वरना अंधेरा झेलें" वाली नीति गरीब और मध्यम वर्ग को रास नहीं आ रही है। 3. **बिना सूचना बिजली गुल:** बैलेंस खत्म होते ही रात के 2 बजे भी बिजली कट जाना, जनता के सब्र का बांध तोड़ रहा है। 4. **तकनीकी खामियां:** सर्वर डाउन होने के कारण रिचार्ज न होना और शिकायत पर कोई सुनवाई न होना आम बात हो गई है। ### **सियासी अखाड़ा बना 'स्मार्ट मीटर': कांग्रेस और विपक्षी दलों का हल्ला बोल** इस जन-आक्रोश ने विपक्षी दलों को सरकार को घेरने का एक बड़ा हथियार दे दिया है। **कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य क्षेत्रीय संगठनों** ने इस मुद्दे पर कंधे से कंधा मिला लिया है। > "यह स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि जनता की जेब काटने वाली मशीन है। जब तक ये मीटर हटाए नहीं जाते, कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता सड़कों पर संघर्ष करेगा।" > — **विपक्षी नेताओं का साझा बयान** > प्रतापगढ़, जौनपुर और भदोही जैसे जिलों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने मीटरों को बोरियों में भरकर जिला मुख्यालयों पर जमा कर दिया है। फैजाबाद और गोरखपुर में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जबरन मीटर लगाए गए, तो बिजली दफ्तरों में तालाबंदी कर दी जाएगी। ### **विस्फोटक मंजर: जब सड़कों पर टूटे कांच और उम्मीदें** सीतापुर और जौनपुर से आई तस्वीरों ने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए हैं। वहां आक्रोशित महिलाओं ने हाथ में डंडे लेकर बिजली विभाग की टीम को वापस जाने पर मजबूर कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अंधेरे में रहने को तैयार हैं, लेकिन इस 'लूट' को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सड़कों पर पड़े टूटे हुए मीटरों के अवशेष इस बात की गवाही दे रहे हैं कि जनता अब केवल आश्वासन से मानने वाली नहीं है। पुलिस ने कई जगहों पर लाठीचार्ज भी किया, लेकिन भीड़ का हौसला कम होने के बजाय और बढ़ता गया। ### **निष्कर्ष: क्या पीछे हटेगी सरकार?** उत्तर प्रदेश में फैला यह विद्रोह बिजली विभाग और सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। एक तरफ तकनीकी प्रगति का दावा है, तो दूसरी तरफ धरातल पर त्राहि-त्राहि मचाती जनता। **क्या प्रशासन इन मीटरों की जांच कराएगा? क्या प्रीपेड व्यवस्था में बदलाव होगा? या फिर यह आंदोलन 2027 के चुनाव से पहले सरकार के लिए एक बड़ा 'करंट' साबित होगा?** फिलहाल, यूपी की सड़कों पर गूँजते नारे और टूटते स्मार्ट मीटर एक ही संदेश दे रहे हैं— **"हक की लड़ाई, अब आर-पार की!"**1
- विधानसभा सत्र शुरू होते ही आज समाजवादी पार्टी के विधायकों का विधानसभा गेट नम्बर 5 पर धरना प्रदर्शन दिया1
- एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने अपने बेटे की जान बचाने के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा दी। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार ट्रेन के सामने खड़े होकर पिता ने जिस साहस का परिचय दिया, उसने सभी को हैरान कर दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि खतरे के बीच भी पिता ने हिम्मत नहीं हारी और समय रहते अपने बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि माता-पिता अपने बच्चों के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस बहादुर पिता की जमकर सराहना कर रहे हैं।1