मुड़िया पूर्णिमा मेले में अखिल भारतीय यदुवंशी (जादौन) धर्मशाला द्वारा बादाम की ठंडाई व शीतल जल की प्याऊ का शुभारंभ गोवर्धन (मथुरा)। मुड़िया पूर्णिमा मेले के पावन अवसर पर अखिल भारतीय यदुवंशी (जादौन) धर्मशाला के तत्वावधान में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए बादाम की ठंडाई एवं शीतल जल की प्याऊ का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर समाज के गणमान्य लोगों ने श्रद्धालुओं को ठंडाई एवं शीतल जल वितरित कर सेवा का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान श्याम प्रताप सिंह (अध्यक्ष), छीतो बाबूजी (उमराया), अमर सिंह जी (प्रमुख, बुखरारी), बीरी सिंह जी (बरका), बीरी सिंह जी (नगला बृजा), भीमा प्रमुख जी, शंकर प्रधान जी, पप्पू पहलवान (अलवाई), ठाकुर बलवीर सिंह (देवपुरा, आगरा), भूप सिंह प्रधान (शहजादपुर), मूलचंद जी (कमई), धनीराम प्रधान (ड्रावली), राजेंद्र सिंह (गढ़ी दद्दी) तथा ठाकुर कृष्ण पाल सिंह(मामनखुर्द . बुलंदशहर) सहित अनेक समाजसेवी उपस्थित रहे। सभी ने मुड़िया पूर्णिमा मेले की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए श्रद्धालुओं का स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर "जय यदुवंश", "जय श्रीकृष्ण", "जय श्री राधे" एवं "गिर्राज महाराज की जय" के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और यह सेवा पूरे मेले के दौरान निरंतर जारी रहेगी।
मुड़िया पूर्णिमा मेले में अखिल भारतीय यदुवंशी (जादौन) धर्मशाला द्वारा बादाम की ठंडाई व शीतल जल की प्याऊ का शुभारंभ गोवर्धन (मथुरा)। मुड़िया पूर्णिमा मेले के पावन अवसर पर अखिल भारतीय यदुवंशी (जादौन) धर्मशाला के तत्वावधान में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए बादाम की ठंडाई एवं शीतल जल की प्याऊ का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर समाज के गणमान्य लोगों ने श्रद्धालुओं को ठंडाई एवं शीतल जल वितरित कर सेवा का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान श्याम प्रताप सिंह (अध्यक्ष), छीतो बाबूजी (उमराया), अमर सिंह जी (प्रमुख, बुखरारी), बीरी सिंह जी (बरका), बीरी सिंह जी (नगला बृजा), भीमा प्रमुख
जी, शंकर प्रधान जी, पप्पू पहलवान (अलवाई), ठाकुर बलवीर सिंह (देवपुरा, आगरा), भूप सिंह प्रधान (शहजादपुर), मूलचंद जी (कमई), धनीराम प्रधान (ड्रावली), राजेंद्र सिंह (गढ़ी दद्दी) तथा ठाकुर कृष्ण पाल सिंह(मामनखुर्द . बुलंदशहर) सहित अनेक समाजसेवी उपस्थित रहे। सभी ने मुड़िया पूर्णिमा मेले की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए श्रद्धालुओं का स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर "जय यदुवंश", "जय श्रीकृष्ण", "जय श्री राधे" एवं "गिर्राज महाराज की जय" के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और यह सेवा पूरे मेले के दौरान निरंतर जारी रहेगी।
- मुड़िया पूर्णिमा मेले में अखिल भारतीय यदुवंशी (जादौन) धर्मशाला द्वारा बादाम की ठंडाई व शीतल जल की प्याऊ का शुभारंभ गोवर्धन (मथुरा)। मुड़िया पूर्णिमा मेले के पावन अवसर पर अखिल भारतीय यदुवंशी (जादौन) धर्मशाला के तत्वावधान में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए बादाम की ठंडाई एवं शीतल जल की प्याऊ का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर समाज के गणमान्य लोगों ने श्रद्धालुओं को ठंडाई एवं शीतल जल वितरित कर सेवा का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान श्याम प्रताप सिंह (अध्यक्ष), छीतो बाबूजी (उमराया), अमर सिंह जी (प्रमुख, बुखरारी), बीरी सिंह जी (बरका), बीरी सिंह जी (नगला बृजा), भीमा प्रमुख जी, शंकर प्रधान जी, पप्पू पहलवान (अलवाई), ठाकुर बलवीर सिंह (देवपुरा, आगरा), भूप सिंह प्रधान (शहजादपुर), मूलचंद जी (कमई), धनीराम प्रधान (ड्रावली), राजेंद्र सिंह (गढ़ी दद्दी) तथा ठाकुर कृष्ण पाल सिंह(मामनखुर्द . बुलंदशहर) सहित अनेक समाजसेवी उपस्थित रहे। सभी ने मुड़िया पूर्णिमा मेले की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए श्रद्धालुओं का स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर "जय यदुवंश", "जय श्रीकृष्ण", "जय श्री राधे" एवं "गिर्राज महाराज की जय" के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और यह सेवा पूरे मेले के दौरान निरंतर जारी रहेगी।2
- goverdhan parikrama me shradhalu dance karte hue najar aye goverdhan parikrama mudiya purnima1
- हेडलाइन: मुड़िया पूर्णिमा मेले में एनएससी कमांडो ग्रुप ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं को दिया सहयोग समाचार: गोवर्धन। विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान एनएससी कमांडो ग्रुप के स्वयंसेवकों ने सुरक्षा एवं सेवा व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाई। कमांडो ग्रुप के सदस्यों ने भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन, खोए हुए लोगों को उनके परिजनों से मिलाने तथा प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्था सुचारु रखने में सहयोग किया। श्रद्धालुओं ने ग्रुप की सेवा भावना और अनुशासित कार्यशैली की सराहना की। हेडलाइन: मुड़िया पूर्णिमा मेले में एनएससी कमांडो ग्रुप ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं को दिया सहयोग समाचार: गोवर्धन। विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान एनएससी कमांडो ग्रुप के स्वयंसेवकों ने सुरक्षा एवं सेवा व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाई। कमांडो ग्रुप के सदस्यों ने भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन, खोए हुए लोगों को उनके परिजनों से मिलाने तथा प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्था सुचारु रखने में सहयोग किया। श्रद्धालुओं ने ग्रुप की सेवा भावना और अनुशासित कार्यशैली की सराहना की।1
- गुरु पूर्णिमा मेला: गोवर्धन में सुरक्षा और स्वच्छता पर सख्त मथुरा प्रशासन, SP देहात और ADM ने किया 21 किमी पैदल मार्च गुरु पूर्णिमा मेला: गोवर्धन में सुरक्षा और स्वच्छता पर सख्त मथुरा प्रशासन, SP देहात और ADM ने किया 21 किमी पैदल मार्च मथुरा (गोवर्धन)। प्रसिद्ध गोवर्धन गुरु पूर्णिमा मेले के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहूलियत को ध्यान में रखते हुए मथुरा प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नज़र आ रहा है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाए रखने और परिक्रमा मार्ग पर स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद मोर्चेबंदी संभाल ली है। इसी क्रम में एसपी देहात सुरेश चंद रावत और एडीएम प्रशासन ने गोवर्धन के 21 किलोमीटर लंबे विशाल परिक्रमा मार्ग पर स्वयं पैदल मार्च कर व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने तय स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों की उपस्थिति की जाँच की और उन्हें मुस्तैदी से ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। भंडारों की अनुमति और सफाई व्यवस्था पर पैनी नजर निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम का विशेष ध्यान परिक्रमा मार्ग में चल रहे भंडारों पर रहा। अधिकारियों ने कई भंडारों के प्रशासनिक अनुमति पत्रों (परमिशन) की गहनता से जाँच की। इसके साथ ही भंडारा परिसरों के आसपास कचरा प्रबंधन और साफ-सफाई का जायजा लिया गया। जिन भंडारों पर स्वच्छता में चूक पाई गई, वहाँ एसपी देहात सुरेश चंद रावत ने सख्त रुख अपनाते हुए अधीनस्थ अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के आदेश दिए। बाइट: सुरेश चंद रावत (एसपी देहात) > "गुरु पूर्णिमा मेले में सुरक्षा और व्यवस्था हमारी पहली प्राथमिकता है। पूरे 21 किलोमीटर परिक्रमा मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती और उनके सतर्क रहने का निरीक्षण किया गया है। इसके अलावा स्वच्छता पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। जहाँ भी भंडारों के आसपास गंदगी पाई गई, वहाँ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि यहाँ आने वाले किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी या असुविधा न हो।" > बाइट: एडीएम प्रशासन > "प्रशासनिक स्तर पर मेले की हर गतिविधि और व्यवस्था पर पैनी नज़र रखी जा रही है। भंडारों के लिए दी गई अनुमतियों और सफाई व्यवस्था का धरातल पर सत्यापन किया जा रहा है। हमारा मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण प्रदान करना है।" > मथुरा प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस पैदल मार्च और सख्त निरीक्षण से साफ है कि अधिकारियों की प्राथमिकता परिक्रमा मार्ग को अव्यवस्था-मुक्त रखना है ताकि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गोवर्धन आने वाले श्रद्धालु सुगमता से अपनी परिक्रमा पूरी कर सकें।4
- पाली रिपोर्टर राजेश चौधरी 40 लाख रुपए की लागत से बने पुल में आई दरारें ग्राम पासी बैठे धरने पर किया विरोध प्रदर्शन मारवाड़ जंक्शन के दूदोड। गांव नदी पर बने 40 लाख रुपए की लागत से बने पुल में अनेक जगहों पर दरारें आने और पुल के धस जाने पर ग्राम वासियों ने पुल पर बैठकर रास्ता रोक कर विरोध प्रदर्शन किया, घटिया सामग्री से पुल निर्माण करने का आरोप लगाया ,ग्राम वासियों ने स्थानीय विधायक केसाराम चौधरी एवं सार्वजनिक विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की ,ग्राम वासियों ने बताया कि मात्र चार महीने बाद 40 लाख की लागत से बना यह पुल जगह-जगह से टूट चुका और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है इस पुल पर हर मिनट वाहनों का आना-जाना रहता है और खतरा हर समय मंडरा रहा विरोध प्रदर्शन में सैकड़ो की तादाद में ग्रामवासी सम्मिलित हुए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया और धरने पर बैठे बाइट ग्रामवासी पाली रिपोर्टर राजेश चौधरी 40 लाख रुपए की लागत से बने पुल में आई दरारें ग्राम पासी बैठे धरने पर किया विरोध प्रदर्शन मारवाड़ जंक्शन के दूदोड। गांव नदी पर बने 40 लाख रुपए की लागत से बने पुल में अनेक जगहों पर दरारें आने और पुल के धस जाने पर ग्राम वासियों ने पुल पर बैठकर रास्ता रोक कर विरोध प्रदर्शन किया, घटिया सामग्री से पुल निर्माण करने का आरोप लगाया ,ग्राम वासियों ने स्थानीय विधायक केसाराम चौधरी एवं सार्वजनिक विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की ,ग्राम वासियों ने बताया कि मात्र चार महीने बाद 40 लाख की लागत से बना यह पुल जगह-जगह से टूट चुका और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है इस पुल पर हर मिनट वाहनों का आना-जाना रहता है और खतरा हर समय मंडरा रहा विरोध प्रदर्शन में सैकड़ो की तादाद में ग्रामवासी सम्मिलित हुए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया और धरने पर बैठे बाइट ग्रामवासी1
- हल्की बारिश ने खोली नगर पालिका के दावों की पोल, कस्बे में बाढ़ जैसे हालात एमडी शौकीन खान संवादाता डीग जलभराव से त्रस्त जनता का फूटा गुस्सा, खुले नालों में गिरकर चोटिल हो रहे राहगीर, स्कूली बच्चों व व्यापारियों की बढ़ी मुश्किलें बृज नगर कस्बे में मानसून की हल्की बारिश ने ही स्थानीय नगर पालिका प्रशासन के दावों और मानसून तैयारियों का जनाजा निकाल कर रख दिया है। महज कुछ घंटों की रिमझिम फुहारों के बाद पूरा कस्बा जलमग्न हो गया, जिससे नगर पालिका की ड्रेनेज व्यवस्था पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुई। मुख्य रास्तों और बाजारों में घुटनों तक पानी भर जाने के कारण स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों का गुस्सा नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा है। सड़कों पर हुए भारी जलभराव का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। छोटे-छोटे स्कूली बच्चे इसी गंदे और बदबूदार पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने रोष जताते हुए कहा कि प्रशासन बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहा है। पानी के तेज बहाव और जलभराव के कारण बच्चों के फिसलकर गिरने का डर लगातार बना रहता है सड़कों पर जमा पानी के कारण सबसे बड़ा खतरा राहगीरों की जान पर बन आया है। नगर पालिका क्षेत्र में कई मुख्य नालों और नालियों को खुला छोड़ दिया गया है। जलभराव के चलते ये खुले नाले दिखाई नहीं देते, जिसके राहगीर और दुपहिया वाहन चालक इनमें गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो चुके हैं। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाकर उन्हें समय रहते बाहर निकाल लिया, अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था। दुकानदार परेशान, व्यापार पूरी तरह ठपमुख्य बाजार, बस स्टैंड मार्ग सहित कई व्यापारिक क्षेत्रों में पानी भर जाने से दुकानदारों को अपनी दुकानों तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई दुकानों के भीतर पानी घुस जाने से व्यापारियों का कीमती सामान खराब हो गया है। बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो चुकी है, जिससे व्यापारियों का दैनिक कारोबार ठप हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर पालिका द्वारा हर साल नालों की सफाई के नाम पर लाखों रुपये का बजट ठिकाने लगाया जाता है, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।1
- मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के प्रस्तावित डीग प्रवास एवं मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 के दृष्टिगत जिला कलक्टर मयंक मनीष एवं जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने सोमवार को पूंछरी स्थित राजस्थान सीमा में पड़ने वाले सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने हेलीपैड, श्रीनाथजी मंदिर, कच्चा परिक्रमा मार्ग, आश्रय स्थल, कंट्रोल रूम तथा अन्य प्रमुख स्थलों का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों द्वारा की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जिला कलक्टर ने कहा कि राज्य सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा की मंशा के अनुरूप प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं श्रद्धामय वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करते हुए किसी भी प्रकार की कमी को तत्काल दूर किया जाए। जिला प्रशासन द्वारा परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। वॉच टावर, पुलिस चौकियां, बैरिकेडिंग, टेंट-कनात एवं अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है। पूंछरी में प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग एवं यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि परिक्रमार्थियों की आवाजाही सुचारु एवं सुरक्षित बनी रहे। परिक्रमार्थियों के विश्राम के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों पर पेयजल, रोशनी, शौचालय तथा अन्य सुविधाओं के समुचित प्रबंध किए गए हैं। महिला श्रद्धालुओं के लिए अप्सरा कुंड एवं नवल कुंड क्षेत्र में स्नान एवं विश्राम की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वहीं आश्रय स्थलों पर निःशुल्क मसाज सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परिक्रमा मार्ग पर किए गए सौंदर्यीकरण कार्यों का भी अवलोकन किया। सभी विद्युत ट्रांसफार्मरों को मजबूत ग्रिल से सुरक्षित किया गया है तथा आकर्षक पेंटिंग कर सौंदर्यपरक स्वरूप प्रदान किया गया है। आन्यौर द्वार, जतीपुरा द्वार एवं प्याऊ द्वार को आकर्षक सजावट एवं आधुनिक प्रकाश व्यवस्था से सुसज्जित किया गया है। श्रीनाथजी मंदिर एवं मुकुट मुखारविंद को भी विशेष रूप से सजाया गया है। मानसून को देखते हुए जलभराव की किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को व्यवस्थित किया गया है। नालों को सुरक्षित कवर से ढकने के साथ ही पर्याप्त संख्या में पंपसेट एवं तकनीकी दल तैनात किए गए हैं। मेले की व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन के लिए पूंछरी स्थित कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय है। सभी संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शिफ्टवार ड्यूटी पर तैनात रहकर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी कर रहे हैं। परिक्रमा मार्ग पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन एवं ब्रज संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं से जोड़ रही हैं। देशभर से आने वाले श्रद्धालु श्रद्धा एवं भक्ति के साथ श्री गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा कर रहे हैं तथा प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना कर रहे हैं। इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी भरतपुर मृदुल सिंह, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डीग मोहन सिंह, उपखंड अधिकारी डीग अमित मीना, उपखंड अधिकारी कुम्हेर श्रेष्ठा श्री, तहसीलदार अंकित गुप्ता, नायब तहसीलदार विजय गुप्ता, विकास अधिकारी कम विजय जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे एवं मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 के सफल आयोजन के लिए प्रत्येक विभाग पूर्ण समन्वय एवं सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करे।4
- मथुरा के गोवर्धन में विश्वप्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले के अवसर पर सोमवार को राधा श्याम सुंदर मंदिर में मुड़िया संतों ने अपने आराध्य गुरु श्रीपाद सनातन गोस्वामी की स्मृति में पारंपरिक रूप से सिर का मुंडन कराया। यह मुंडन संस्कार मुड़िया संत रामकृष्ण दास महाराज के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में संतों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मान्यता के अनुसार, गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय के महान आचार्य एवं श्री चैतन्य महाप्रभु के प्रमुख शिष्य श्रीपाद सनातन गोस्वामी का आषाढ़ पूर्णिमा के दिन संवत 1615 (1556 ई.) में तिरोभाव हुआ था। गुरु के वियोग में उनके शिष्यों और ब्रजवासियों ने सिर का मुंडन कराया तथा उनके पार्थिव शरीर के साथ गिरिराज गोवर्धन की परिक्रमा की। तभी से यह परंपरा आज तक लगातार निभाई जा रही है। मुड़िया संत रामकृष्ण दास महाराज ने कहा कि "मुड़िया बनने की यह परंपरा गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और वैराग्य का प्रतीक है। श्रीपाद सनातन गोस्वामी ने भक्ति और सेवा का जो संदेश दिया, उसी के सम्मान में प्रत्येक वर्ष संत समाज इस परंपरा का निर्वहन करता है। गुरु की कृपा से ही आध्यात्मिक जीवन का मार्ग प्रशस्त होता है।"1