डिंडौरी के जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत चटुवा के सामुदायिक भवन में लैंटर ढलाई के दौरान हुई घटना को लेकर सरपंच रामनरेश धुरैया ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में चल रही खबरों को पूरी तरह भ्रामक, निराधार और तथ्यों से परे बताया है। सरपंच ने स्पष्ट किया कि घटना को अनावश्यक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है, जबकि वास्तविक स्थिति बिल्कुल अलग थी। सरपंच द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 09 जुलाई 2026 को सामुदायिक भवन के बड़े लैंटर की ढलाई का कार्य नियमनुसार कराया जा रहा था। इस दौरान वे स्वयं, पंचायत सचिव और संबंधित उपयंत्री मौके पर रहकर कार्य की निगरानी कर रहे थे। ढलाई के लिए लिफ्ट (मिक्सर मशीन) के माध्यम से सीमेंट और मसाला ऊपर पहुंचाया जा रहा था, तभी मशीन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई और वह सेंटिंग पर गिर गई। मशीन के भारी वजन के कारण भवन के एक कोने की सेंटिंग नीचे झूल गई और काम कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। उन्होंने इन खबरों का कड़ा खंडन किया कि घटना में मजदूर मलबे में दबे थे। सरपंच ने स्पष्ट किया कि इस हादसे में कोई भी मजदूर मलबे में नहीं दबा था, केवल एक मजदूर को बल्ली लगने से हल्की चोट आई थी। घटना के तुरंत बाद सरपंच, सचिव और उपयंत्री ने तत्परता दिखाते हुए घायल मजदूर को जनपद सदस्य के वाहन से प्राथमिक उपचार के लिए डिंडौरी भेजा, जहां से उपचार के बाद वह सुरक्षित अपने घर लौट गया। सरपंच रामनरेश धुरैया ने सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों पर कई मजदूरों के मलबे में दबने, गंभीर रूप से घायल होने और जिम्मेदार अधिकारियों के मौके से भाग जाने जैसी खबरें फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ऐसी असत्य खबरों से ग्राम पंचायत की प्रतिष्ठा और उनकी व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने सभी मीडिया संचालकों से अपील की है कि किसी भी खबर के प्रकाशन या प्रसारण से पहले संबंधित पक्ष से तथ्यात्मक जानकारी जरूर लें।
डिंडौरी के जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत चटुवा के सामुदायिक भवन में लैंटर ढलाई के दौरान हुई घटना को लेकर सरपंच रामनरेश धुरैया ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में चल रही खबरों को पूरी तरह भ्रामक, निराधार और तथ्यों से परे बताया है। सरपंच ने स्पष्ट किया कि घटना को अनावश्यक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है, जबकि वास्तविक स्थिति बिल्कुल अलग थी। सरपंच द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 09 जुलाई 2026 को सामुदायिक भवन के बड़े लैंटर की ढलाई का कार्य नियमनुसार कराया जा रहा था। इस दौरान वे स्वयं, पंचायत सचिव और संबंधित उपयंत्री मौके पर रहकर कार्य की निगरानी कर रहे थे। ढलाई के लिए लिफ्ट (मिक्सर मशीन) के माध्यम से सीमेंट और मसाला ऊपर पहुंचाया जा रहा था, तभी मशीन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई और वह सेंटिंग पर गिर गई। मशीन के भारी वजन के कारण भवन के एक कोने की सेंटिंग नीचे झूल गई और काम कुछ समय के
लिए प्रभावित हुआ। उन्होंने इन खबरों का कड़ा खंडन किया कि घटना में मजदूर मलबे में दबे थे। सरपंच ने स्पष्ट किया कि इस हादसे में कोई भी मजदूर मलबे में नहीं दबा था, केवल एक मजदूर को बल्ली लगने से हल्की चोट आई थी। घटना के तुरंत बाद सरपंच, सचिव और उपयंत्री ने तत्परता दिखाते हुए घायल मजदूर को जनपद सदस्य के वाहन से प्राथमिक उपचार के लिए डिंडौरी भेजा, जहां से उपचार के बाद वह सुरक्षित अपने घर लौट गया। सरपंच रामनरेश धुरैया ने सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों पर कई मजदूरों के मलबे में दबने, गंभीर रूप से घायल होने और जिम्मेदार अधिकारियों के मौके से भाग जाने जैसी खबरें फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ऐसी असत्य खबरों से ग्राम पंचायत की प्रतिष्ठा और उनकी व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने सभी मीडिया संचालकों से अपील की है कि किसी भी खबर के प्रकाशन या प्रसारण से पहले संबंधित पक्ष से तथ्यात्मक जानकारी जरूर लें।
- डिंडोरी जिले के करंजिया ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत परसेल मॉल के ग्राम परसेल रैयत टिकरा देवरी में एक नए गोंडवाना कृषि फार्म हाउस का शुभारंभ हुआ है। इस नव-प्रारंभ फार्म हाउस में मुख्य रूप से टमाटर, मिर्ची और भांटा की खेती की जाएगी।1
- चंदिया में हिंदू बहनों के साथ हुए लव जिहाद के विरोध में विश्व हिंदू परिषद् और बजरंग दल उमरिया जिला द्वारा कलेक्टर परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक ज्ञापन भी सौंपा है। इस प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिहादी मानसिकता के अपराधी मोहम्मद हारुन खान एवं इश्तियाक मौलाना के घरों को जमींदोज करने की मांग की। इसके साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने और अपराधियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की जोरदार मांग उठाई गई। इस विरोध प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद् उमरिया जिला अध्यक्ष सुरेश द्विवेदी जी, चंदिया प्रखंड अध्यक्ष खुल्लू शर्मा जी, चंदिया प्रखंड संयोजक गौरव वर्मा जी, मातृशक्ति प्रांत सहसंयोजिका श्रीमती निधि श्रीवास्तव दीदी, श्रीमती सपना दहिया दीदी, जिला मंत्री श्रीमती सुषमा गुप्ता दीदी और मातृशक्ति जिला संयोजिका कामना साहू दीदी उपस्थित रहीं। इसके अलावा पवन तिवारी जी, प्रदीप सेन जी, चंदिया प्रखंड उपाध्यक्ष चिराग लोकचंदानी, चंदिया प्रखंड सहसंयोजक गुड्डू कुशवाहा जी, शिवांश अग्रवाल जी, संदीप बाधवा जी, पवन त्रिपाठी जी, उपेंद्र सिंह जी, सोनू विश्वकर्मा जी, शिवम् तिवारी जी, गोविंद द्विवेदी जी, डॉ अखिलेश तिवारी जी, श्री राकेश शर्मा जी, श्री विभूति गौतम जी, निक्की रजक जी, जया श्रीवास्तव जी सहित सैकड़ों अन्य कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हुए।1
- मध्य प्रदेश के मंडला में बड़े पुल से छलांग लगाने का रहस्य अब भी बरकरार बना हुआ है।1
- मंडला जिले के नारायणगंज जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत शाहा में विकास कार्यों के नाम पर गुणवत्ताविहीन निर्माण का बड़ा मामला सामने आया है। सिघनपुरी से शाहा के बीच वर्ष 2023-24 में बनी ग्रेवल सड़क के बाद करीब 9 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत नई पुलिया के निर्माण में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं, जिससे इस नवनिर्मित संरचना में अभी से ही दरारें आ चुकी हैं। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुरानी पुलिया के छोटे पाइपों का ही दोबारा इस्तेमाल करके बिना किसी मजबूत बेस के इस नई पुलिया का निर्माण कर दिया गया है। इसी भारी लापरवाही के कारण नई बनी पुलिया में दरारें दिखाई देने लगी हैं। इस बड़ी अनियमितता के बावजूद निर्माण कार्य की राशि का आहरण भी कर लिया गया है। ग्रामीणों की शिकायत मिलने पर जनपद अध्यक्ष आशाराम भारतीया ने मौके पर पहुंचकर पूरी स्थिति का मुआयना किया। निर्माण कार्य की बदहाली को देखकर उन्होंने उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- मंडला में शिक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोलती एक बेहद बेबस और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां मासूम बच्चे टूटी दीवारों और जर्जर छत के साये में एक झोपड़ी के भीतर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कागज़ों पर किए जा रहे शिक्षा के तमाम दावों के विपरीत ज़मीन पर हालात बेहद बदहाल हैं, जो बच्चों के सुनहरे भविष्य और उनके सपनों पर पहरा लगा रहे हैं। जमीनी हकीकत की इस बदहाली को लेकर अब तीखे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस बदइंतजामी के लिए जिम्मेदार कौन है और इसका जवाब कब मिलेगा।1
- उमरिया के मानपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान विधायक मीना सिंह का एक बेहद सरल और आत्मीय अंदाज देखने को मिला। क्षेत्र भ्रमण पर निकलीं विधायक मीना सिंह की नजर जब सड़क किनारे बोरी में रखकर पुटू (जंगली मशरूम) बेच रही एक बुजुर्ग महिला पर पड़ी, तो उन्होंने बिना देर किए अपना काफिला रुकवा दिया। वे गाड़ी से उतरकर सीधे बुजुर्ग महिला के पास पहुंचीं और उनके व साथ में मौजूद बच्चों का हालचाल जाना। उन्होंने महिला से पुटू खरीदा और स्थानीय वन उपज व ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसके बाद से पूरे जिले में इसकी खूब चर्चा हो रही है। पुटू खरीदने के बाद विधायक मीना सिंह ने अपने पारंपरिक भोजन की यादें भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम हमेशा से जंगलों की प्राकृतिक उपज का समय रहा है। पहले के समय में जब गांवों में ताजी सब्जियां आसानी से नहीं मिलती थीं, तब लोग जंगलों से मिलने वाले पुटू, पीहरी और चकौड़ा की भाजी जैसे पौष्टिक वन उत्पादों से अपने भोजन का स्वाद बढ़ाते थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक जीवनशैली के बीच भी इन पारंपरिक खाद्य पदार्थों का महत्व कम नहीं हुआ है और इन्हें संरक्षित किया जाना बेहद जरूरी है। विधायक ने आसपास मौजूद लोगों और आम जनता से भी अपील की कि वे सड़क किनारे वन उपज बेचने वाले ग्रामीणों से ही खरीदारी करें। उन्होंने कहा कि इससे एक ओर लोगों को प्राकृतिक और पौष्टिक भोजन मिलेगा, तो दूसरी ओर जंगलों पर निर्भर रहने वाले गरीब परिवारों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। उनका मानना है कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना ही आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम है। बिना किसी औपचारिकता के सड़क किनारे बैठकर बुजुर्ग महिला से सहज बातचीत करने का विधायक का यह अंदाज वहां मौजूद लोगों को बेहद पसंद आया। विधायक के इस अपनत्व को देखकर बुजुर्ग महिला भी भावुक हो गईं। लोगों द्वारा मोबाइल में रिकॉर्ड किया गया यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और विधायक मीना सिंह के इस सादगी भरे जनसरोकारी अंदाज की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में नेशनल हाईवे-43 स्थित देवगांव रेलवे क्रॉसिंग के डायवर्सन मार्ग पर रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। सतना से शहडोल जा रही गहरवार ट्रेवल्स की एक यात्री बस अचानक सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में उतर गई। राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी 25 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को भी चोट नहीं आई है। बस चालक फैज ने बताया कि देवगांव डायवर्सन से गुजरते समय अचानक सामने से एक कार आ गई थी। आमने-सामने की टक्कर से बचाने के लिए उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए बस को सड़क के किनारे मोड़ा, जिससे बस का पहिया डायवर्सन मार्ग पर बने गहरे गड्ढे में उतर गया और बस वहां असंतुलित होकर फंस गई। बस के अचानक गड्ढे में उतरते ही यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और लोग घबराकर बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। हालांकि, चालक और अन्य लोगों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना के बाद बदहाल देवगांव रेलवे क्रॉसिंग डायवर्सन मार्ग की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि यह मार्ग लंबे समय से खराब हालत में है और सड़क के बीच व किनारों पर बने गहरे गड्ढे लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं। घटना के बाद बस को गड्ढे से बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से इस डायवर्सन मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की है ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।2