पीलीभीत से एक हृदय विदारक और रहस्यमयी घटना सामने आई है, जहाँ एक दिव्यांग युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका पाया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने में जुट गई है। मामला पीलीभीत के घुंघचिहाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव डूडा का है। प्रदेश के पीलीभीत से एक हृदय विदारक और रहस्यमयी घटना सामने आई है, जहाँ एक दिव्यांग युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका पाया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने में जुट गई है। मामला पीलीभीत के घुंघचिहाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव डूडा का है। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने 30 वर्षीय दिव्यांग युवक हरीशचंद्र (पुत्र ख्यालीराम) का शव घर के अंदर लगे एक पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका हुआ देखा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक हरीशचंद्र दिव्यांग था और घर में अकेला रहता था। उसके दो अन्य भाई ईंट भट्ठे पर काम करने के लिए बाहर गए हुए थे। घर में किसी के न होने का फायदा उठाते हुए यह घटना हुई या युवक ने खुद यह कदम उठाया, यह अभी जांच का विषय है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर उसका पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस इस समय दो मुख्य बिंदुओं पर अपनी जांच केंद्रित कर रही है—कि यह मामला आत्महत्या का है या फिर युवक की मौत के पीछे कोई अन्य साजिश या हत्या का कारण है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और ग्रामीण तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं।
पीलीभीत से एक हृदय विदारक और रहस्यमयी घटना सामने आई है, जहाँ एक दिव्यांग युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका पाया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने में जुट गई है। मामला पीलीभीत के घुंघचिहाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव डूडा का है। प्रदेश के पीलीभीत से एक हृदय विदारक और रहस्यमयी घटना सामने आई है, जहाँ एक दिव्यांग युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका पाया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने में जुट गई है। मामला पीलीभीत के घुंघचिहाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव डूडा का है। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने 30 वर्षीय दिव्यांग युवक हरीशचंद्र (पुत्र ख्यालीराम) का शव घर के अंदर लगे एक पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका हुआ देखा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक हरीशचंद्र दिव्यांग था और घर में अकेला रहता था। उसके दो अन्य भाई ईंट भट्ठे पर काम करने के लिए बाहर गए हुए थे। घर में किसी के न होने का फायदा उठाते हुए यह घटना हुई या युवक ने खुद यह कदम उठाया, यह अभी जांच का विषय है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर उसका पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस इस समय दो मुख्य बिंदुओं पर अपनी जांच केंद्रित कर रही है—कि यह मामला आत्महत्या का है या फिर युवक की मौत के पीछे कोई अन्य साजिश या हत्या का कारण है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और ग्रामीण तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं।
- प्रदेश के पीलीभीत से एक हृदय विदारक और रहस्यमयी घटना सामने आई है, जहाँ एक दिव्यांग युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका पाया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने में जुट गई है। मामला पीलीभीत के घुंघचिहाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव डूडा का है। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने 30 वर्षीय दिव्यांग युवक हरीशचंद्र (पुत्र ख्यालीराम) का शव घर के अंदर लगे एक पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका हुआ देखा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक हरीशचंद्र दिव्यांग था और घर में अकेला रहता था। उसके दो अन्य भाई ईंट भट्ठे पर काम करने के लिए बाहर गए हुए थे। घर में किसी के न होने का फायदा उठाते हुए यह घटना हुई या युवक ने खुद यह कदम उठाया, यह अभी जांच का विषय है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर उसका पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस इस समय दो मुख्य बिंदुओं पर अपनी जांच केंद्रित कर रही है—कि यह मामला आत्महत्या का है या फिर युवक की मौत के पीछे कोई अन्य साजिश या हत्या का कारण है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और ग्रामीण तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं।1
- पीलीभीत।घुंघचिहाई थाना क्षेत्र के गांव डूडा में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब 30 वर्षीय दिव्यांग युवक का शव घर के अंदर पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका मिला। मृतक की पहचान हरीशचंद्र पुत्र ख्यालीराम के रूप में हुई है। घटना सुबह करीब आठ बजे की बताई जा रही है। शव की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।प्राप्त जानकारी के अनुसार हरीशचंद्र दिव्यांग था और घर में अकेला रहता था। उसके दो भाई ईंट भट्टे पर मजदूरी करने गए हुए थे। शुक्रवार सुबह जब आसपास के लोगों ने हरीशचंद्र को पेड़ पर फंदे से झूलता देखा तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। घटना की खबर फैलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए और कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही घुंघचिहाई थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा भरने की कार्रवाई की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। ग्रामीणों में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे आत्महत्या मान रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने संदेह जताते हुए हत्या की आशंका भी व्यक्त की है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है और हर पहलू से जांच की बात कही है। फिलहाल गांव में घटना को लेकर शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि कोई तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी सुलझने की उम्मीद है1
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- चन्द्रनगर मे पिंजरे में कैद हुआ बाघ, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस। हजारा थाना क्षेत्र के गांव चन्द्रनगर में मंगलवार को उस समय दहशत फैल गई, जब एक बाघ ने गोवंशीय पशु का शिकार कर लिया। शिकार के बाद बाघ गन्ने के खेत के पास ही डेरा जमाए रहा। बाघ की मौजूदगी से भयभीत ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया और लोगों से सतर्क रहने की अपील की। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच लापरवाही को लेकर नोकझोंक भी हुई। ग्रामीणों का आरोप था कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने देर शाम पिंजरा लगाया। प्रयास रंग लाई और बाघ पिंजरे में कैद हो गया। बाघ के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। शुक्रवार सुबह 9 बजे ग्रामीणों ने बताया कि बाघ की चहलकदमी लोगों के लिए दहशत बनी थी और बाघ पकड़े के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।1
- हजारा थाना क्षेत्र के गांव चन्द्रनगर में मंगलवार को उस समय दहशत फैल गई, जब एक बाघ ने गोवंशीय पशु का शिकार कर लिया। शिकार के बाद बाघ गन्ने के खेत के पास ही डेरा जमाए रहा। बाघ की मौजूदगी से भयभीत ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया और लोगों से सतर्क रहने की अपील की। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच लापरवाही को लेकर नोकझोंक भी हुई। ग्रामीणों का आरोप था कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने देर शाम पिंजरा लगाया। प्रयास रंग लाई और बाघ पिंजरे में कैद हो गया। बाघ के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। शुक्रवार सुबह 9 बजे ग्रामीणों ने बताया कि बाघ की चहलकदमी लोगों के लिए दहशत बनी थी और बाघ पकड़े के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।1
- Post by यूपी समाचार1