राॅंची में निजी स्कूलों पर सख्ती, जिला प्रशासन के बड़े फैसले राॅंची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में निजी विद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में अभिभावकों और छात्रों से मिली शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए कई अहम निर्देश जारी किए गए। 🔹 *PTA और शुल्क समिति अनिवार्य* सभी स्कूलों में 3 दिनों के भीतर PTA (अभिभावक-शिक्षक संघ) और स्कूल स्तरीय शुल्क समिति का गठन करना होगा। 🔹 *फीस वृद्धि पर नियंत्रण* फीस में अधिकतम 10% तक ही वृद्धि की अनुमति होगी और यह भी कम से कम 2 वर्षों के अंतराल पर। सभी स्कूलों को 20 अप्रैल 2026 तक पिछले 3 वर्षों और वर्तमान वर्ष की फीस का विवरण जमा करना होगा। 🔹 *री-एडमिशन पूरी तरह अवैध* किसी भी नाम से री-एडमिशन शुल्क लेना गैरकानूनी होगा। आवेदन फॉर्म के नाम पर भी केवल न्यूनतम शुल्क ही लिया जा सकेगा। 🔹 *छात्र अधिकारों की सुरक्षा* किसी छात्र को परीक्षा से रोकना, अतिरिक्त फीस के लिए दबाव बनाना या समय पर TC नहीं देना कानूनन अपराध माना जाएगा। 🔹 *किताब और यूनिफॉर्म नियम* * किताबों की पूरी सूची शिक्षा विभाग को देनी होगी * एक ही दुकान से खरीदने का दबाव नहीं * हर साल किताब बदलने पर रोक * यूनिफॉर्म में बदलाव केवल PTA की सहमति से * कम से कम 5 वर्षों तक एक ही यूनिफॉर्म * स्कूल परिसर में यूनिफॉर्म बिक्री प्रतिबंधित 🔹 *परिवहन व्यवस्था* बस शुल्क भी फीस सीमा में शामिल होगा। सभी बसों में CCTV, GPS और फायर एक्सटिंग्विशर अनिवार्य किए गए हैं। 🔹 *शिकायत और कार्रवाई* अब तक 140 से अधिक शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। अभिभावक अपनी शिकायत जिला शुल्क समिति या WhatsApp नंबर 9430328080 पर दर्ज करा सकते हैं। ⏱️ *60 दिनों में निपटारा* सभी शिकायतों का समाधान 60 दिनों के भीतर किया जाएगा और निर्णय सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। 📌 प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उद्देश्य स्कूलों को बाधित करना नहीं, बल्कि नियमों का पालन सुनिश्चित करना और छात्रों व अभिभावकों के हितों की रक्षा करना है।
राॅंची में निजी स्कूलों पर सख्ती, जिला प्रशासन के बड़े फैसले राॅंची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में निजी विद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में अभिभावकों और छात्रों से मिली शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए कई अहम निर्देश जारी किए गए। 🔹 *PTA और शुल्क समिति अनिवार्य* सभी स्कूलों में 3 दिनों के भीतर PTA (अभिभावक-शिक्षक संघ) और स्कूल स्तरीय शुल्क समिति का गठन करना होगा। 🔹 *फीस वृद्धि पर नियंत्रण* फीस में अधिकतम 10% तक ही वृद्धि की अनुमति होगी और यह भी कम से कम 2 वर्षों के अंतराल पर। सभी स्कूलों को 20 अप्रैल 2026 तक पिछले 3 वर्षों और वर्तमान वर्ष की फीस का विवरण जमा करना होगा। 🔹 *री-एडमिशन पूरी तरह अवैध* किसी भी नाम से री-एडमिशन शुल्क लेना गैरकानूनी होगा। आवेदन फॉर्म के नाम पर भी केवल न्यूनतम शुल्क ही लिया जा सकेगा। 🔹 *छात्र अधिकारों की सुरक्षा* किसी छात्र को परीक्षा से रोकना, अतिरिक्त फीस के लिए दबाव बनाना या समय पर TC नहीं देना कानूनन अपराध माना जाएगा। 🔹 *किताब और यूनिफॉर्म नियम* * किताबों की पूरी सूची शिक्षा विभाग को देनी होगी * एक ही दुकान से खरीदने का दबाव नहीं * हर साल किताब बदलने पर रोक * यूनिफॉर्म में बदलाव केवल PTA की सहमति से * कम से कम 5 वर्षों तक एक ही यूनिफॉर्म * स्कूल परिसर में यूनिफॉर्म बिक्री प्रतिबंधित 🔹 *परिवहन व्यवस्था* बस शुल्क भी फीस सीमा में शामिल होगा। सभी बसों में CCTV, GPS और फायर एक्सटिंग्विशर अनिवार्य किए गए हैं। 🔹 *शिकायत और कार्रवाई* अब तक 140 से अधिक शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। अभिभावक अपनी शिकायत जिला शुल्क समिति या WhatsApp नंबर 9430328080 पर दर्ज करा सकते हैं। ⏱️ *60 दिनों में निपटारा* सभी शिकायतों का समाधान 60 दिनों के भीतर किया जाएगा और निर्णय सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। 📌 प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उद्देश्य स्कूलों को बाधित करना नहीं, बल्कि नियमों का पालन सुनिश्चित करना और छात्रों व अभिभावकों के हितों की रक्षा करना है।
- User1158Chanho, Ranchi💣on 14 April
- झारखंड की चर्चित आदिवासी अभिनेत्री जोशना केरकेट्टा के एक बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान निशा भगत का नाम लेते हुए कई मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की, जिसके बाद यह चर्चा ज़ोर पकड़ गई है। जोशना केरकेट्टा के इस बयान के बाद विभिन्न वर्गों में लगातार बहस और प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है, जिससे यह मामला राज्य में चर्चा का विषय बन गया है।1
- गरीब लोगों ने उन आवासों के संबंध में अपनी शिकायत दर्ज कराई है जिन्हें पूरा न होते हुए भी 'पूर्ण' दर्शा दिया गया है, जिससे वे आज भी वंचित हैं। इस संबंध में उन्होंने उपायुक्त साहब को एक पत्र सौंपा है, जिसमें उनसे विनम्र निवेदन किया गया है कि वे इस मामले को संज्ञान में लें और उनकी देखरेख में यह कार्य पूर्ण हो। पीड़ितों का आग्रह है कि उपायुक्त साहब इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच करवाएं और उन्हें न्याय दिलाने में सहायता करें, क्योंकि उन्हें किसी तरह का जवाब नहीं दिया जा रहा है।1
- रामगढ़ पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया, जिसे बाद में न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है।1
- बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। यह स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है, और इसे लेकर हैरानी के साथ-साथ गहन चिंता भी जताई जा रही है। इस गंभीर विषय पर अधिक ध्यान और चिंतन की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।1
- झारखंड के रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड अंतर्गत कुजू स्थित अक्षत बैंक्वेट हॉल के सभागार में संथाल समाज दिशोम माँझी परगना का 30वां स्थापना दिवस समारोह पारंपरिक संथाली संस्कृति और गौरवशाली विरासत के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। इस समारोह में झारखंड सरकार समन्वय समिति के सदस्य दर्जा प्राप्त मंत्री एवं संथाल समाज दिशोम माँझी परगना के केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों के साथ-साथ ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और बिहार से बड़ी संख्या में समाज की महिला-पुरुष पारंपरिक संथाली वेशभूषा में शामिल हुए। समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के पारंपरिक संथाली रीति-रिवाज, ढोल-मांदर की थाप और उत्साहपूर्ण स्वागत के साथ हुई, जिसके बाद उन्हें पगड़ी, अंगवस्त्र, पुष्पमाला, बैज और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव और झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा ने अपने संबोधन में बताया कि संथाल समाज दिशोम माँझी परगना संथाल समुदाय का एक सामाजिक संगठन है, जिसकी स्थापना 30-31 मई 1997 को हुई थी। उन्होंने पूर्वजों द्वारा सौंपी गई सामाजिक व्यवस्था, स्वशासन, ग्राम सभा, संस्कृति, परंपरा, न्याय व्यवस्था, प्रकृति पूजा और सामाजिक मूल्यों की विरासत को संरक्षित रखने को सभी की जिम्मेदारी बताया। बेसरा ने संथाली भाषा, संस्कृति और धर्म की रक्षा के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन तथा संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम को केंद्रीय महासचिव सोनाराम हेंब्रम और केंद्रीय कोषाध्यक्ष एतो वास्के ने भी संबोधित करते हुए समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया। इस अवसर पर केंद्रीय मांझी बुढ़ी लीलमुनी देवी, मरांग बुरु बचाव संघर्ष समिति के केंद्रीय महासचिव हिरालाल मांझी, केंद्रीय उपाध्यक्ष अलख कुमार मांझी, सोनोत संथाल समाज के केंद्रीय सचिव अनिल टुडू, केंद्रीय कोषाध्यक्ष रतीलाल टुडू, डाड़ी प्रखंड प्रमुख सह केंद्रीय सचिव महिला सेल दीपा देवी, बड़कागांव प्रखंड अध्यक्ष सुरज बेसरा, चुरचू प्रखंड अध्यक्ष सहदेव किस्कू, पतरातू प्रखंड अध्यक्ष शंकर मुर्मू सहित टीरु मांझी, पन्नालाल मुर्मू, मनोहर मुर्मू, बिरजू सोरेन, अशोक मुर्मू, विनोद हेंब्रम और रामचंद्र टुडू समेत समाज के कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा ने की, जबकि संचालन केंद्रीय कोषाध्यक्ष एतो वास्के ने किया। समारोह के अंत में सभी अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों को अंगवस्त्र, बैज एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया, जिसके साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।1
- रामगढ़ के कुजू में संथाल समाज ने अपने 30वें स्थापना दिवस के अवसर पर जोरदार एकजुटता प्रदर्शित की, जहाँ उन्होंने अपनी पैतृक 'जल-जंगल-जमीन' की रक्षा के लिए प्रबल आह्वान किया। यह आयोजन संथाल संस्कृति और आदिवासी पहचान को सुरक्षित रखने के महत्व पर केंद्रित रहा। दिशोम मांझी परगना के बैनर तले, संथाल समाज ने अपने संवैधानिक अधिकारों और आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर, समाज ने अपनी अनूठी विरासत और परंपरागत जीवनशैली को बनाए रखने के लिए संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि उनके समुदाय के अधिकारों को सशक्त किया जा सके।1
- रातु प्रखंड के हुरहुरी पंचायत सचिवालय के पास शनिवार को एक 200 केवी के नए ट्रांसफॉर्मर का विधिवत उद्घाटन किया गया। यह उद्घाटन ईद-उल-अज़हा से ठीक पहले जले पुराने ट्रांसफॉर्मर की जगह किया गया, जिसके कारण पूरा गांव अंधेरे में डूबा हुआ था और स्थानीय निवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। बिजली न होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी, ग्रामीण भीषण गर्मी और पानी की कमी से जूझ रहे थे, वहीं किसान भी अपने खेतों में लगी फसलों को पानी नहीं दे पा रहे थे। ग्रामीणों की इन परेशानियों की सूचना मिलने पर झांरखण्ड मुक्ति मोर्चा के जिला संयोजक धर्मेंद्र सिंह ने तत्काल विद्युत विभाग के वरीय पदाधिकारियों से संपर्क किया। उनके प्रयासों के बाद महज दो दिन के भीतर ही 200 केवी का नया ट्रांसफॉर्मर स्थापित कर दिया गया, जिसका उद्घाटन धर्मेंद्र सिंह ने फीता काटकर किया। इस नए ट्रांसफॉर्मर को लगवाने में शाहिद अंसारी, मकसूदन तिग्गा, आफताब आलम, तबरेज़ आलम, शमशाद अंसारी, फैजान, सुहैल अंसारी, मुल्तान अंसारी, समीउल्लाह अंसारी, सरवर और खालीक जैसे कई लोगों का सराहनीय योगदान रहा।1
- झारखंड की राजधानी रांची के कोकर क्षेत्र से 18 माह की मासूम अदिति पांडे के लापता होने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर घटना के संबंध में, डुमरी के विधायक जयराम महतो और जेएलकेएम के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान, दोनों नेताओं ने रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक से फोन पर बातचीत की। उन्होंने मामले की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों से इस संबंध में त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की। विधायक जयराम महतो ने प्रशासन को सीधा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि अगले दो दिनों के भीतर इस मामले में कोई संतोषजनक खुलासा या कार्रवाई नहीं होती है, तो उनकी पार्टी एक बड़ा लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने पर मजबूर होगी। देवेंद्र नाथ महतो ने भी इस बात पर जोर दिया कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो पूरे रांची को बंद करने का आह्वान भी किया जा सकता है, ताकि बच्ची को न्याय मिल सके।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले में ट्रेन सेवा का परिचालन शुरू हो गया है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम से संबंधित समाचार को अपलोड करने का प्रयास किया जा रहा है।1