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मृतका कल्पना मिश्रा के मामले में वायरल वीडियो को लेकर पिता का बड़ा बयान सामने आया है। मृतका कल्पना मिश्रा के मामले में वायरल वीडियो को लेकर पिता का बड़ा बयान सामने आया है।
सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
मृतका कल्पना मिश्रा के मामले में वायरल वीडियो को लेकर पिता का बड़ा बयान सामने आया है। मृतका कल्पना मिश्रा के मामले में वायरल वीडियो को लेकर पिता का बड़ा बयान सामने आया है।
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- अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जरहा के ग्रामीण जन फेसबुकिया विकास से ऊब कर सड़क पर उतरने का स्वागत योग्य फैसला अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जरहा के ग्रामीण जन फेसबुकिया विकास से ऊब कर सड़क पर उतरने का स्वागत योग्य फैसला1
- 🚨 जेपी मोड़ से दुआरी तक खस्ताहाल सड़क बनी हादसों का खतरा, नाले के किनारे जान जोखिम में डालकर गुजर रहे वाहन। रीवा/दुआरी। जेपी मोड़ से दुआरी तक पहुंच मार्ग की हालत बेहद खराब है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते हैं, वहीं सड़क के बगल में नाला होने से वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ गया है। तस्वीर में एक साथ कई दोपहिया वाहन और सामने से आता वाहन दिखाई दे रहा है। यह काफी व्यस्त मार्ग है, जहां लगातार वाहनों का आवागमन रहता है। ऐसे में थोड़ी-सी चूक कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर इस बदहाल सड़क को देखने वाला कौन है? लंबे समय से सड़क की मरम्मत और नाले के किनारे सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। प्रशासन और संबंधित विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना तत्काल मौके का निरीक्षण कर गड्ढों की मरम्मत, सड़क का समतलीकरण और नाले के किनारे सुरक्षा इंतजाम कराने चाहिए, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों की जान सुरक्षित रह सके।1
- मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें देखिए, #जनसंपर्क_खबरें मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें देखिए, #जनसंपर्क_खबरें1
- स्कॉर्पियो चोरी न हो जाए, इस डर से मालिक ने गाड़ी को घर की छत पर ही पार्क कर दिया स्कॉर्पियो चोरी न हो जाए, इस डर से मालिक ने गाड़ी को घर की छत पर ही पार्क कर दिया। 😲 बिहार के गोपालगंज की इस अनोखी कहानी में बाद में स्कॉर्पियो को छत से नीचे उतारने के लिए क्रेन बुलानी पड़ी। 🚙🏗️ चोरी से बचाने का ऐसा जुगाड़ शायद ही आपने पहले देखा होगा! 😂1
- खबर रीवा देर रात कलेक्टर, एसपी ने किया संजय गांधी अस्पताल का औचक निरीक्षण इंचार्ज को लगाई फटकार#news#rewa#mp खबर रीवा देर रात कलेक्टर, एसपी ने किया संजय गांधी अस्पताल का औचक निरीक्षण इंचार्ज को लगाई फटकार#news#rewa#mp1
- चित्रकूट- प्रमोद वन में 106 परिवारों को राहत सामग्री बांटी गई जिनके घर पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिसमें अग्रिम राहत के तौर पर एक तिरपाल और सूखा राशन वितरित किया गया। चित्रकूट- प्रमोद वन में 106 परिवारों को राहत सामग्री बांटी गई जिनके घर पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिसमें अग्रिम राहत के तौर पर एक तिरपाल और सूखा राशन वितरित किया गया।1
- ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे रीवा जिले की जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जरहा के ग्रामीण जन फेसबुकिया विकास से ऊब कर सड़क पर उतरने का स्वागत योग्य फैसला लिया है,जिसके सार्थक परिणाम धरातल पर दिखने लगे हैं,, जो की मूक बधिर जनप्रतिनिधियों और पंगु प्रशासन के गाल पर पड़ा करारा तमाचा प्रतीत हो रहा है....... यह बड़ी और संवेदनशील ख़बर है जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान की ग्राम पंचायत जरहा के ग्राम जरहा से है जहाँ पर इन दिनों ग्रामीण जनों के द्वारा आपसी सहयोग से लगभग पंद्रह वर्षो से हर बरसात घुटने तक के कीचड़ में चलने को मजबूर बृद्ध, युवा और स्कूली बच्चों की भयावह परेशानी को देखते हुए पत्थर डालकर मुख्य सड़क मार्ग तक पहुँचाने वाली सड़क को चलने योग्य बनाने का कार्य किया जा रहा है।। प्रशासनिक दस्तावेजों और पंचायत दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी की माने तो यह सड़क जो हर बरसात घुटनों तक कीचड़ से सराबोर हो जाती है तो लगभग दस वर्ष पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है और इस स्वीकृत राशि लगभग पांच लाख (500000) रूपए का बंदरबाँट कर कागज़ में सड़क निर्माण पूर्ण कर दिया गया।। आपको बता दें ग्राम पंचायत जरहा के समस्त मतदाता गण भी आम निर्वाचन चाहे सांसद हो विधायक हो जिलापंचायत सदस्य हो या फिर ग्राम पंचायत सरपंच का निर्वाचन हो, मतदान करते हैं, फिर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से उम्मीद क्यूँ ना करें?? जब सड़क निर्माण सम्बन्धी राशि जारी हुई, श्यामलाल बसोर के घर से रजन कोल के घर तक पीसीसी सड़क निर्माण के लिए, तो सड़क धरातल पर बनी नहीं फिर किस इंजीनियर (अभियांत्रिक) नें कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर ग्रामीण जनों की सुविधा हेतु सड़क निर्माण के लिए जारी राशि लगभग पांच लाख रूपए का बंदरबाँट कर लिया,,, इस भ्रष्टाचार के विरुद्ध कई बार प्रमुखता से आवाज़ उठाई गई लेकिन प्रशासनिक उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता ठीक चोर - चोर मौसेरे भाई बाली कहावत को सच कर गई।। ताज़ा मामला संवेदनहीनता की पराकाष्ठा और मानवता को शर्मशार करने वाला एक गर्भवती औरत से जुड़ा हुआ है जो दुर्भाग्य से ग्राम पंचायत जरहा के ग्राम जरहा आदिवासी बस्ती निवासी का है,, जो की प्रसव पीड़ा से कराह रही है और परिजन उसे सुरक्षित प्रसव हेतु नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अमिलिहा ले जाना चाहते हैं,, लेकिन जाएं तो जाएं कैसे बदवार सीतापुर मुख्य मार्ग से श्यामलाल बंसल के घर तक किसी कदर एम्बूलेंस तो पहुँच सकती थी लेकिन उसके आगे घुटनों तक कीचड़ में आदिवासी वस्ती तक पहुंचना नामुमकिन था, ऐसे में प्रसव पीड़ा जो की ऐसी पीड़ा है जिसके बारे में हमारे धर्म ग्रन्थ और विज्ञान दोनों इंसान के शरीर की समस्त हड्डियों के टूट जाने के बराबर दर्द (पीड़ा) बताया गया है, ऐसे दर्द को सहन कर घुटनों तक के कीचड़ में चलकर वह औरत अस्पताल तक जा रही है।।1
- ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे शर्मनाक! मौत के बाद भी लगाया वेंटिलेटर? मुंह से निकलने लगे कीड़े, तब माना डॉक्टर! संजय गांधी अस्पताल की संवेदनहीनता पर उठे गंभीर सवाल रीवा के मशहूर संजय गांधी अस्पताल से एक हैरान और शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और संवेदनहीनता की पोल खोलकर रख दी है। परिजनों का आरोप है कि मरीज की मौत हो जाने के बाद भी उसे वेंटिलेटर पर रखा गया और इलाज के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती रही। आरोप है कि मरीज की सांसें थम चुकी थीं, लेकिन इसके बावजूद डॉक्टरों ने परिजनों को गुमराह रखा और मरीज को वेंटिलेटर से हटाकर मृत घोषित करने में टालमटोल करते रहे। हड़कंप तो तब मचा जब वेंटिलेटर पर रखे मरीज के मुंह से कीड़े निकलते देखे गए। परिजनों ने जब यह खौफनाक मंजर देखा और हंगामा किया, तब जाकर डॉक्टरों ने माना कि मरीज की मौत हो चुकी है।" इस घटना ने संजय गांधी अस्पताल की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक मरीज के मुंह से कीड़े नहीं निकलने लगे, तब तक डॉक्टर मौन साधे रहे और मौत की बात छुपाते रहे। अस्पताल में मरीजों की देखरेख और वेंटिलेटर वार्ड के रख-रखाव पर अब बड़े सवाल उठ रहे हैं।" संजय गांधी अस्पताल में कोई भी मरीज आए जब डॉक्टर का मन हो तो उसे जिंदा कर दे, और जब मन हो तो उसे मार डाले, यह है संजय गांधी अस्पताल के भगवान, आम पब्लिक जाए तो जाए कहां, डॉक्टर भगवान बन गए हैं, भगवान पता नहीं कहां है1