logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे शर्मनाक! मौत के बाद भी लगाया वेंटिलेटर? ​मुंह से निकलने लगे कीड़े, तब माना डॉक्टर! ​ संजय गांधी अस्पताल की संवेदनहीनता पर उठे गंभीर सवाल ​ रीवा के मशहूर संजय गांधी अस्पताल से एक हैरान और शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और संवेदनहीनता की पोल खोलकर रख दी है। परिजनों का आरोप है कि मरीज की मौत हो जाने के बाद भी उसे वेंटिलेटर पर रखा गया और इलाज के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती रही। ​ आरोप है कि मरीज की सांसें थम चुकी थीं, लेकिन इसके बावजूद डॉक्टरों ने परिजनों को गुमराह रखा और मरीज को वेंटिलेटर से हटाकर मृत घोषित करने में टालमटोल करते रहे। हड़कंप तो तब मचा जब वेंटिलेटर पर रखे मरीज के मुंह से कीड़े निकलते देखे गए। परिजनों ने जब यह खौफनाक मंजर देखा और हंगामा किया, तब जाकर डॉक्टरों ने माना कि मरीज की मौत हो चुकी है।" ​ इस घटना ने संजय गांधी अस्पताल की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक मरीज के मुंह से कीड़े नहीं निकलने लगे, तब तक डॉक्टर मौन साधे रहे और मौत की बात छुपाते रहे। अस्पताल में मरीजों की देखरेख और वेंटिलेटर वार्ड के रख-रखाव पर अब बड़े सवाल उठ रहे हैं।" संजय गांधी अस्पताल में कोई भी मरीज आए जब डॉक्टर का मन हो तो उसे जिंदा कर दे, और जब मन हो तो उसे मार डाले, यह है संजय गांधी अस्पताल के भगवान, आम पब्लिक जाए तो जाए कहां, डॉक्टर भगवान बन गए हैं, भगवान पता नहीं कहां है

5 hrs ago
user_Abhishek Pandey
Abhishek Pandey
Artist हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे शर्मनाक! मौत के बाद भी लगाया वेंटिलेटर? ​मुंह से निकलने लगे कीड़े, तब माना डॉक्टर! ​ संजय गांधी अस्पताल की संवेदनहीनता पर उठे गंभीर सवाल ​ रीवा के मशहूर संजय गांधी अस्पताल से एक हैरान और शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और संवेदनहीनता की पोल खोलकर रख दी है। परिजनों का आरोप है कि मरीज की मौत हो जाने के बाद भी उसे वेंटिलेटर पर रखा गया और इलाज के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती रही। ​ आरोप है कि मरीज की सांसें थम चुकी थीं, लेकिन इसके बावजूद डॉक्टरों ने परिजनों को गुमराह रखा और मरीज को वेंटिलेटर से हटाकर मृत घोषित करने में टालमटोल करते रहे। हड़कंप तो तब मचा जब वेंटिलेटर पर रखे मरीज के मुंह से कीड़े निकलते देखे गए। परिजनों ने जब यह खौफनाक मंजर देखा और हंगामा किया, तब जाकर डॉक्टरों ने माना कि मरीज की मौत हो चुकी है।" ​ इस घटना ने संजय गांधी अस्पताल की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक मरीज के मुंह से कीड़े नहीं निकलने लगे, तब तक डॉक्टर मौन साधे रहे और मौत की बात छुपाते रहे। अस्पताल में मरीजों की देखरेख और वेंटिलेटर वार्ड के रख-रखाव पर अब बड़े सवाल उठ रहे हैं।" संजय गांधी अस्पताल में कोई भी मरीज आए जब डॉक्टर का मन हो तो उसे जिंदा कर दे, और जब मन हो तो उसे मार डाले, यह है संजय गांधी अस्पताल के भगवान, आम पब्लिक जाए तो जाए कहां, डॉक्टर भगवान बन गए हैं, भगवान पता नहीं कहां है

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जरहा के ग्रामीण जन फेसबुकिया विकास से ऊब कर सड़क पर उतरने का स्वागत योग्य फैसला अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जरहा के ग्रामीण जन फेसबुकिया विकास से ऊब कर सड़क पर उतरने का स्वागत योग्य फैसला
    1
    अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जरहा के ग्रामीण जन फेसबुकिया विकास से ऊब कर सड़क पर उतरने का स्वागत योग्य फैसला 
अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जरहा के ग्रामीण जन फेसबुकिया विकास से ऊब कर सड़क पर उतरने का स्वागत योग्य फैसला
    user_सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • 🚨 जेपी मोड़ से दुआरी तक खस्ताहाल सड़क बनी हादसों का खतरा, नाले के किनारे जान जोखिम में डालकर गुजर रहे वाहन। रीवा/दुआरी। जेपी मोड़ से दुआरी तक पहुंच मार्ग की हालत बेहद खराब है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते हैं, वहीं सड़क के बगल में नाला होने से वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ गया है। तस्वीर में एक साथ कई दोपहिया वाहन और सामने से आता वाहन दिखाई दे रहा है। यह काफी व्यस्त मार्ग है, जहां लगातार वाहनों का आवागमन रहता है। ऐसे में थोड़ी-सी चूक कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर इस बदहाल सड़क को देखने वाला कौन है? लंबे समय से सड़क की मरम्मत और नाले के किनारे सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। प्रशासन और संबंधित विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना तत्काल मौके का निरीक्षण कर गड्ढों की मरम्मत, सड़क का समतलीकरण और नाले के किनारे सुरक्षा इंतजाम कराने चाहिए, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों की जान सुरक्षित रह सके।
    1
    🚨 जेपी मोड़ से दुआरी तक खस्ताहाल सड़क बनी हादसों का खतरा, नाले के किनारे जान जोखिम में डालकर गुजर रहे वाहन।
रीवा/दुआरी। जेपी मोड़ से दुआरी तक पहुंच मार्ग की हालत बेहद खराब है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते हैं, वहीं सड़क के बगल में नाला होने से वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ गया है। तस्वीर में एक साथ कई दोपहिया वाहन और सामने से आता वाहन दिखाई दे रहा है। यह काफी व्यस्त मार्ग है, जहां लगातार वाहनों का आवागमन रहता है। ऐसे में थोड़ी-सी चूक कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर इस बदहाल सड़क को देखने वाला कौन है? लंबे समय से सड़क की मरम्मत और नाले के किनारे सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। प्रशासन और संबंधित विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना तत्काल मौके का निरीक्षण कर गड्ढों की मरम्मत, सड़क का समतलीकरण और नाले के किनारे सुरक्षा इंतजाम कराने चाहिए, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों की जान सुरक्षित रह सके।
    user_Corruption Free India
    Corruption Free India
    Social worker हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें देखिए, #जनसंपर्क_खबरें मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें देखिए, #जनसंपर्क_खबरें
    1
    मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें
देखिए, #जनसंपर्क_खबरें


मध्यप्रदेश से जुड़ी आज की बड़ी खबरें
देखिए, #जनसंपर्क_खबरें
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    13 min ago
  • स्कॉर्पियो चोरी न हो जाए, इस डर से मालिक ने गाड़ी को घर की छत पर ही पार्क कर दिया स्कॉर्पियो चोरी न हो जाए, इस डर से मालिक ने गाड़ी को घर की छत पर ही पार्क कर दिया। 😲 बिहार के गोपालगंज की इस अनोखी कहानी में बाद में स्कॉर्पियो को छत से नीचे उतारने के लिए क्रेन बुलानी पड़ी। 🚙🏗️ चोरी से बचाने का ऐसा जुगाड़ शायद ही आपने पहले देखा होगा! 😂
    1
    स्कॉर्पियो चोरी न हो जाए, इस डर से मालिक ने गाड़ी को घर की छत पर ही पार्क कर दिया
स्कॉर्पियो चोरी न हो जाए, इस डर से मालिक ने गाड़ी को घर की छत पर ही पार्क कर दिया। 😲
बिहार के गोपालगंज की इस अनोखी कहानी में बाद में स्कॉर्पियो को छत से नीचे उतारने के लिए क्रेन बुलानी पड़ी। 🚙🏗️
चोरी से बचाने का ऐसा जुगाड़ शायद ही आपने पहले देखा होगा! 😂
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सेमरिया विधानसभा के सुकवार गांव में राघवेन्द्र पाठक के यहां कृष्ण जन्माष्टमी इस बार भी बड़ी धूमधाम से मनाई गई* शाहपुर,सेमरिया विधानसभा के अंतर्गत ग्राम सुकवार में प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी राघवेन्द्र पाठक जी के निवास पर भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़ी श्रद्धा, भक्ति और धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संध्या भजन-गायकी से हुई। रात्रि 8 बजे से 12 बजे तक स्थानीय एवं बाहर से आए भजन गायकों द्वारा सुमधुर कृष्ण भजनों की प्रस्तुति दी गई। ढोलक, हारमोनियम, मंजीरा की थाप पर "हरे कृष्ण, कुंज बिहारी, गिरधर कृष्ण मुरारी" के भजनों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। भक्त भाव-विभोर होकर नाचने-गाने लगे। ठीक रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के क्षण पर विशेष आरती *"आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की"* का गायन किया गया। साथ ही *"नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की"* के जयघोषों से पूरा पंडाल गूंज उठा। आरती के पश्चात प्रसाद वितरण एवं भंडारा/भोजन का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों ग्रामवासियों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस पावन अवसर पर प्रमुख रूप राघवेन्द्र पाठक, राजमणि पाठक, , उमेश पाठक प्रकाश नारायण पाठक, भगवान दीन पाठक, राजू गौतम राजकुमार पाठक, राज बहोर पाठक, शेष मणि त्रिपाठी, अभय राज त्रिवेदी, स्वास्तिक पाठक, अवध नारायण पाठक, रिंकू पाठक, पुष्पक पाठक, अनुरुद्ध पाठक, राम विश्वास तिवारी, ददोली पाठक सहित समस्त ग्रामवासी एवं महिला-पुरुष भक्तगण बड़ी संख्या में मौजूद रहे। ग्रामवासियों ने बताया कि सुकवार में यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और हर साल इसी उल्लास के साथ जन्माष्टमी मनाई जाती है।
    1
    सेमरिया विधानसभा के सुकवार गांव में राघवेन्द्र पाठक के यहां कृष्ण जन्माष्टमी इस बार भी बड़ी धूमधाम से मनाई गई*
शाहपुर,सेमरिया विधानसभा के अंतर्गत ग्राम सुकवार में प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी राघवेन्द्र पाठक जी के निवास पर भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़ी श्रद्धा, भक्ति और धूमधाम से मनाया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत संध्या भजन-गायकी से हुई। रात्रि 8 बजे से 12 बजे तक स्थानीय एवं बाहर से आए भजन गायकों द्वारा सुमधुर कृष्ण भजनों की प्रस्तुति दी गई। ढोलक, हारमोनियम, मंजीरा की थाप पर "हरे कृष्ण, कुंज बिहारी, गिरधर कृष्ण मुरारी" के भजनों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। भक्त भाव-विभोर होकर नाचने-गाने लगे।

ठीक रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के क्षण पर विशेष आरती *"आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की"* का गायन किया गया। साथ ही *"नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की"* के जयघोषों से पूरा पंडाल गूंज उठा।

आरती के पश्चात प्रसाद वितरण एवं भंडारा/भोजन का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों ग्रामवासियों ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस पावन अवसर पर प्रमुख रूप 
 राघवेन्द्र पाठक, राजमणि पाठक, , उमेश पाठक प्रकाश नारायण पाठक, भगवान दीन पाठक, राजू गौतम राजकुमार पाठक, राज बहोर पाठक, शेष मणि त्रिपाठी, अभय राज त्रिवेदी, स्वास्तिक पाठक, अवध नारायण पाठक, रिंकू पाठक, पुष्पक पाठक, अनुरुद्ध पाठक, राम विश्वास तिवारी, ददोली पाठक सहित समस्त ग्रामवासी एवं महिला-पुरुष भक्तगण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

ग्रामवासियों ने बताया कि सुकवार में यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और हर साल इसी उल्लास के साथ जन्माष्टमी मनाई जाती है।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • Post by Pradhan Kumar
    1
    Post by Pradhan Kumar
    user_Pradhan Kumar
    Pradhan Kumar
    Taxi Driver रायपुर - करचुलियां, रीवा, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे रीवा जिले की जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जरहा के ग्रामीण जन फेसबुकिया विकास से ऊब कर सड़क पर उतरने का स्वागत योग्य फैसला लिया है,जिसके सार्थक परिणाम धरातल पर दिखने लगे हैं,, जो की मूक बधिर जनप्रतिनिधियों और पंगु प्रशासन के गाल पर पड़ा करारा तमाचा प्रतीत हो रहा है....... यह बड़ी और संवेदनशील ख़बर है जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान की ग्राम पंचायत जरहा के ग्राम जरहा से है जहाँ पर इन दिनों ग्रामीण जनों के द्वारा आपसी सहयोग से लगभग पंद्रह वर्षो से हर बरसात घुटने तक के कीचड़ में चलने को मजबूर बृद्ध, युवा और स्कूली बच्चों की भयावह परेशानी को देखते हुए पत्थर डालकर मुख्य सड़क मार्ग तक पहुँचाने वाली सड़क को चलने योग्य बनाने का कार्य किया जा रहा है।। प्रशासनिक दस्तावेजों और पंचायत दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी की माने तो यह सड़क जो हर बरसात घुटनों तक कीचड़ से सराबोर हो जाती है तो लगभग दस वर्ष पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है और इस स्वीकृत राशि लगभग पांच लाख (500000) रूपए का बंदरबाँट कर कागज़ में सड़क निर्माण पूर्ण कर दिया गया।। आपको बता दें ग्राम पंचायत जरहा के समस्त मतदाता गण भी आम निर्वाचन चाहे सांसद हो विधायक हो जिलापंचायत सदस्य हो या फिर ग्राम पंचायत सरपंच का निर्वाचन हो, मतदान करते हैं, फिर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से उम्मीद क्यूँ ना करें?? जब सड़क निर्माण सम्बन्धी राशि जारी हुई, श्यामलाल बसोर के घर से रजन कोल के घर तक पीसीसी सड़क निर्माण के लिए, तो सड़क धरातल पर बनी नहीं फिर किस इंजीनियर (अभियांत्रिक) नें कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर ग्रामीण जनों की सुविधा हेतु सड़क निर्माण के लिए जारी राशि लगभग पांच लाख रूपए का बंदरबाँट कर लिया,,, इस भ्रष्टाचार के विरुद्ध कई बार प्रमुखता से आवाज़ उठाई गई लेकिन प्रशासनिक उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता ठीक चोर - चोर मौसेरे भाई बाली कहावत को सच कर गई।। ताज़ा मामला संवेदनहीनता की पराकाष्ठा और मानवता को शर्मशार करने वाला एक गर्भवती औरत से जुड़ा हुआ है जो दुर्भाग्य से ग्राम पंचायत जरहा के ग्राम जरहा आदिवासी बस्ती निवासी का है,, जो की प्रसव पीड़ा से कराह रही है और परिजन उसे सुरक्षित प्रसव हेतु नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अमिलिहा ले जाना चाहते हैं,, लेकिन जाएं तो जाएं कैसे बदवार सीतापुर मुख्य मार्ग से श्यामलाल बंसल के घर तक किसी कदर एम्बूलेंस तो पहुँच सकती थी लेकिन उसके आगे घुटनों तक कीचड़ में आदिवासी वस्ती तक पहुंचना नामुमकिन था, ऐसे में प्रसव पीड़ा जो की ऐसी पीड़ा है जिसके बारे में हमारे धर्म ग्रन्थ और विज्ञान दोनों इंसान के शरीर की समस्त हड्डियों के टूट जाने के बराबर दर्द (पीड़ा) बताया गया है, ऐसे दर्द को सहन कर घुटनों तक के कीचड़ में चलकर वह औरत अस्पताल तक जा रही है।।
    1
    ब्यूरो चीफ रीवा 
अभिषेक पांडे
रीवा जिले की जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जरहा के ग्रामीण जन फेसबुकिया विकास से ऊब कर सड़क पर उतरने का स्वागत योग्य फैसला लिया है,जिसके सार्थक परिणाम धरातल पर दिखने लगे हैं,, जो की मूक बधिर जनप्रतिनिधियों और पंगु प्रशासन के गाल पर पड़ा करारा तमाचा प्रतीत हो रहा है.......
           यह बड़ी और संवेदनशील ख़बर है जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान की ग्राम पंचायत जरहा के ग्राम जरहा से है जहाँ पर इन दिनों ग्रामीण जनों के द्वारा आपसी सहयोग से लगभग पंद्रह वर्षो से हर बरसात घुटने तक के कीचड़ में चलने को मजबूर बृद्ध, युवा और स्कूली बच्चों की भयावह परेशानी को देखते हुए पत्थर डालकर मुख्य सड़क मार्ग तक पहुँचाने वाली सड़क को चलने योग्य बनाने का कार्य किया जा रहा है।।
    प्रशासनिक दस्तावेजों और पंचायत दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी की माने तो यह सड़क जो हर बरसात घुटनों तक कीचड़ से सराबोर हो जाती है तो लगभग दस वर्ष पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है और इस स्वीकृत राशि लगभग पांच लाख (500000) रूपए का बंदरबाँट कर कागज़ में सड़क निर्माण पूर्ण कर दिया गया।।
        आपको बता दें ग्राम पंचायत जरहा के समस्त मतदाता गण भी आम निर्वाचन चाहे सांसद हो विधायक हो जिलापंचायत सदस्य हो या फिर ग्राम पंचायत सरपंच का निर्वाचन हो, मतदान करते हैं, फिर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से उम्मीद क्यूँ ना करें??
     जब सड़क निर्माण सम्बन्धी राशि जारी हुई, श्यामलाल बसोर के घर से रजन कोल के घर तक पीसीसी सड़क निर्माण के लिए, तो सड़क धरातल पर  बनी नहीं फिर किस इंजीनियर (अभियांत्रिक) नें कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर ग्रामीण जनों की सुविधा हेतु सड़क निर्माण के लिए जारी राशि लगभग पांच लाख रूपए का बंदरबाँट कर लिया,,, इस भ्रष्टाचार के विरुद्ध कई बार प्रमुखता से आवाज़ उठाई गई लेकिन प्रशासनिक उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता ठीक चोर - चोर मौसेरे भाई बाली कहावत को सच कर गई।।
      ताज़ा मामला संवेदनहीनता की पराकाष्ठा और मानवता को शर्मशार करने वाला एक गर्भवती औरत से जुड़ा हुआ है जो दुर्भाग्य से ग्राम पंचायत जरहा के ग्राम जरहा आदिवासी बस्ती निवासी का है,, जो की प्रसव पीड़ा से कराह रही है और परिजन उसे सुरक्षित प्रसव हेतु नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अमिलिहा ले जाना चाहते हैं,, लेकिन जाएं तो जाएं कैसे बदवार सीतापुर मुख्य मार्ग से श्यामलाल बंसल के घर तक किसी कदर एम्बूलेंस तो पहुँच सकती थी लेकिन उसके आगे घुटनों तक कीचड़ में आदिवासी वस्ती तक पहुंचना नामुमकिन था, ऐसे में प्रसव पीड़ा जो की ऐसी पीड़ा है जिसके बारे में हमारे धर्म ग्रन्थ और विज्ञान दोनों इंसान के शरीर की समस्त हड्डियों के टूट जाने के बराबर दर्द (पीड़ा) बताया गया है, ऐसे दर्द को सहन कर घुटनों तक के कीचड़ में चलकर वह औरत अस्पताल तक जा रही है।।
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Artist हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे शर्मनाक! मौत के बाद भी लगाया वेंटिलेटर? ​मुंह से निकलने लगे कीड़े, तब माना डॉक्टर! ​ संजय गांधी अस्पताल की संवेदनहीनता पर उठे गंभीर सवाल ​ रीवा के मशहूर संजय गांधी अस्पताल से एक हैरान और शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और संवेदनहीनता की पोल खोलकर रख दी है। परिजनों का आरोप है कि मरीज की मौत हो जाने के बाद भी उसे वेंटिलेटर पर रखा गया और इलाज के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती रही। ​ आरोप है कि मरीज की सांसें थम चुकी थीं, लेकिन इसके बावजूद डॉक्टरों ने परिजनों को गुमराह रखा और मरीज को वेंटिलेटर से हटाकर मृत घोषित करने में टालमटोल करते रहे। हड़कंप तो तब मचा जब वेंटिलेटर पर रखे मरीज के मुंह से कीड़े निकलते देखे गए। परिजनों ने जब यह खौफनाक मंजर देखा और हंगामा किया, तब जाकर डॉक्टरों ने माना कि मरीज की मौत हो चुकी है।" ​ इस घटना ने संजय गांधी अस्पताल की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक मरीज के मुंह से कीड़े नहीं निकलने लगे, तब तक डॉक्टर मौन साधे रहे और मौत की बात छुपाते रहे। अस्पताल में मरीजों की देखरेख और वेंटिलेटर वार्ड के रख-रखाव पर अब बड़े सवाल उठ रहे हैं।" संजय गांधी अस्पताल में कोई भी मरीज आए जब डॉक्टर का मन हो तो उसे जिंदा कर दे, और जब मन हो तो उसे मार डाले, यह है संजय गांधी अस्पताल के भगवान, आम पब्लिक जाए तो जाए कहां, डॉक्टर भगवान बन गए हैं, भगवान पता नहीं कहां है
    1
    ब्यूरो चीफ रीवा 
अभिषेक पांडे
शर्मनाक! मौत के बाद भी लगाया वेंटिलेटर?
​मुंह से निकलने लगे कीड़े, तब माना डॉक्टर!
​
 संजय गांधी अस्पताल की संवेदनहीनता पर उठे गंभीर सवाल
​
 रीवा के मशहूर संजय गांधी अस्पताल से एक हैरान और शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और संवेदनहीनता की पोल खोलकर रख दी है। परिजनों का आरोप है कि मरीज की मौत हो जाने के बाद भी उसे वेंटिलेटर पर रखा गया और इलाज के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती रही।
​
आरोप है कि मरीज की सांसें थम चुकी थीं, लेकिन इसके बावजूद डॉक्टरों ने परिजनों को गुमराह रखा और मरीज को वेंटिलेटर से हटाकर मृत घोषित करने में टालमटोल करते रहे। हड़कंप तो तब मचा जब वेंटिलेटर पर रखे मरीज के मुंह से कीड़े निकलते देखे गए। परिजनों ने जब यह खौफनाक मंजर देखा और हंगामा किया, तब जाकर डॉक्टरों ने माना कि मरीज की मौत हो चुकी है।"
​

इस घटना ने संजय गांधी अस्पताल की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक मरीज के मुंह से कीड़े नहीं निकलने लगे, तब तक डॉक्टर मौन साधे रहे और मौत की बात छुपाते रहे। अस्पताल में मरीजों की देखरेख और वेंटिलेटर वार्ड के रख-रखाव पर अब बड़े सवाल उठ रहे हैं।"

संजय गांधी अस्पताल में कोई भी मरीज आए जब डॉक्टर का मन हो तो उसे जिंदा कर दे, और जब मन हो तो उसे मार डाले, यह है संजय गांधी अस्पताल के भगवान, 
आम पब्लिक जाए तो जाए कहां, डॉक्टर भगवान बन गए हैं, भगवान पता नहीं कहां है
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Artist हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.