जयपुर के बिंदायका थाना इलाके में एक होटल में युवक की लाश मिलने के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा हो गया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी पश्चिम प्रशांत किरण ने प्रेस वार्ता आयोजित कर इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने एक स्पेशल टीम गठित कर 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए युवक की हत्या करने के मामले में उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार किया है। तीनों दोस्तों ने होटल में एक कमरा लिया था और वहां पर तीनों के बीच हुई कहासुनी के बाद दो दोस्तों ने गला दबाकर दिनेश की हत्या कर दी थी और मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद आरोपी संजय कुमार और नीतीश गवारिया को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों ने हत्या करने के बाद खाटू श्याम जी के मंदिर में जाकर भगवान से माफी मांगी और यूट्यूब पर सबूत मिटाने के लिए सर्च किया था। फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ करने में जुटी हुई है।
जयपुर के बिंदायका थाना इलाके में एक होटल में युवक की लाश मिलने के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा हो गया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी पश्चिम प्रशांत किरण ने प्रेस वार्ता आयोजित कर इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने एक स्पेशल टीम गठित कर 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए युवक की हत्या करने के मामले में उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार किया है। तीनों दोस्तों ने होटल में एक कमरा लिया था और वहां पर तीनों के बीच हुई कहासुनी के बाद दो दोस्तों ने गला दबाकर दिनेश की हत्या कर दी थी और मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद आरोपी संजय कुमार और नीतीश गवारिया को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों ने हत्या करने के बाद खाटू श्याम जी के मंदिर में जाकर भगवान से माफी मांगी और यूट्यूब पर सबूत मिटाने के लिए सर्च किया था। फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ करने में जुटी हुई है।
- तीन दिन पहले खराब मौसम और थकान के कारण जयपुर में उतरा एक गिद्ध ने फिर से उड़ान भर ली है। इंडियन गिद्ध प्रजाति का यह गिद्ध 8 से 10 महीने की उम्र और करीब 5.5 किग्रा वजनी है। इसे तीन दिन पहले जयपुर एयरपोर्ट से रेस्क्यू किया गया था। खराब मौसम के कारण गिद्ध का स्वास्थ्य खराब हो गया था, जिसके चलते वह उड़ान नहीं भर सका था। अब स्वास्थ्य में सुधार के बाद गिद्ध ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी है।1
- जयपुर के बिंदायका थाना इलाके में एक होटल में युवक की लाश मिलने के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा हो गया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी पश्चिम प्रशांत किरण ने प्रेस वार्ता आयोजित कर इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने एक स्पेशल टीम गठित कर 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए युवक की हत्या करने के मामले में उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार किया है। तीनों दोस्तों ने होटल में एक कमरा लिया था और वहां पर तीनों के बीच हुई कहासुनी के बाद दो दोस्तों ने गला दबाकर दिनेश की हत्या कर दी थी और मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद आरोपी संजय कुमार और नीतीश गवारिया को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों ने हत्या करने के बाद खाटू श्याम जी के मंदिर में जाकर भगवान से माफी मांगी और यूट्यूब पर सबूत मिटाने के लिए सर्च किया था। फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ करने में जुटी हुई है।1
- जनगणना के ताज़ा आंकड़े जयपुर लाइव पर उपलब्ध हैं। इस जनगणना में जयपुर के विभिन्न क्षेत्रों की आबादी, लिंग अनुपात, साक्षरता दर और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े शामिल हैं। जयपुर में इस जनगणना के नतीजे राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि जयपुर राजस्थान का सबसे बड़ा शहर है और यहाँ की जनसांख्यिकी पूरे राज्य की जनसांख्यिकी को प्रभावित करती है। जनगणना के इन आंकड़ों से पता चलता है कि जयपुर में आबादी में वृद्धि हुई है, लेकिन साथ ही साथ साक्षरता दर में भी सुधार हुआ है। यह एक सकारात्मक संकेत है, जो जयपुर और राजस्थान के विकास की ओर इशारा करता है। इन आंकड़ों का उपयोग नीति निर्माताओं द्वारा शहर और राज्य के विकास के लिए योजनाएँ बनाने में किया जाएगा। जयपुर लाइव पर उपलब्ध जनगणना के आंकड़े न केवल सरकारी अधिकारियों के लिए उपयोगी हैं, बल्कि आम जनता के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इससे नागरिकों को अपने शहर और राज्य की वास्तविक स्थिति का पता चलता है और वे विकासात्मक मुद्दों पर बेहतर ढंग से चर्चा और कार्रवाई कर सकते हैं।1
- राजस्थान में कांग्रेस ने पंचायत और निकाय चुनावों में युवाओं को 50% टिकट देने का फैसला किया है। इस निर्णय से पार्टी युवाओं को सशक्त बनाने और उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय युवाओं को राजनीति में अधिक शामिल करने और उनकी आवाज को मजबूत करने के लिए लिया गया है। डोटासरा ने उम्मीद जताई कि यह कदम पार्टी को और अधिक गतिशील और समकालीन बनाएगा। इस फैसले का उद्देश्य युवाओं को राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल करना और उन्हें नेतृत्व के अवसर प्रदान करना है। कांग्रेस का मानना है कि युवाओं की ऊर्जा और नए विचार पार्टी को मजबूत करेंगे और चुनावों में पार्टी की संभावनाओं को बढ़ाएंगे। यह निर्णय राजस्थान की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का संकेत देता है, जहां युवाओं को अधिक महत्व दिया जाएगा। इससे न केवल कांग्रेस पार्टी को फायदा होगा, बल्कि पूरे राज्य की राजनीतिक संस्कृति में भी सकारात्मक बदलाव आ सकता है।1
- ग्रीनफील्ड हाईवे के विरोध में राजस्थान के कोटपूतली से किशनगढ़ तक प्रस्तावित परियोजना के खिलाफ किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। किसानों का दावा है कि इस परियोजना से उनकी कृषि भूमि, पेड़-पौधे और स्थानीय जनजीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इन्हीं मांगों को लेकर आज बड़ी संख्या में किसान अंजनी माता मंदिर से एडीएम कार्यालय तक करीब 500 ट्रैक्टरों के साथ विशाल रैली निकालेंगे। किसानों का मुख्य नारा है 'जमीन बचाओ, किसान बचाओ'। वे प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे और मांग करेंगे कि उनकी आपत्तियों को गंभीरता से सुना जाए और प्रभावित किसानों के हितों की रक्षा की जाए। यह शक्ति प्रदर्शन जयपुर जिले के चौमू उप-जिले में आयोजित किया जा रहा है।2
- दिल्ली निवासी मोहम्मद इरफान, जो GEN-Z के आंदोलन में सबसे चर्चित और प्रभावी संवाद करने वालों में से एक हैं, ने हाल ही में हरीश चौधरी के साथ एक वार्ता की। इस वार्ता का एक अंश सामने आया है जिसमें इरफान खान ने दिल्ली में जंतर मंतर पर आंदोलन के दौरान अपने विचार रखे। इरफान खान ने बताया कि GEN-Z का आंदोलन कैसे नई पीढ़ी को एकजुट कर रहा है और सामाजिक बदलाव लाने में मदद कर रहा है। उन्होंने इस आंदोलन की प्रभावशीलता और इसके भविष्य के बारे में भी चर्चा की।1
- सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक व्यक्ति चलती ट्रेन के एसी कोच के भीतर अगरबत्ती और दीपक जलाकर पूजा करता दिखाई दे रहा है। इस घटना ने ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, एसी कोच जैसे बंद वातावरण में खुली लौ या अगरबत्ती का उपयोग आग लगने, धुआँ फैलने या फायर अलार्म सक्रिय होने जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। ऐसी किसी भी घटना से पूरे कोच में अफरा-तफरी मच सकती है और सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है। धार्मिक आस्था हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा नियमों का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है। पूजा-पाठ घर, मंदिर या निर्धारित स्थान पर किया जा सकता है, लेकिन ऐसी गतिविधियाँ जिनसे अन्य यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो, उनसे बचना चाहिए। रेलवे प्रशासन से भी अपेक्षा की जा रही है कि वह ऐसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई करे और यात्रियों से सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील करे।1