Shuru
Apke Nagar Ki App…
सीकर के नेछवा में गर्मी के मौसम के दौरान बाज़ार की स्थिति को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है।
PREM MOOND
सीकर के नेछवा में गर्मी के मौसम के दौरान बाज़ार की स्थिति को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- सीकर के नेछवा में गर्मी के मौसम के दौरान बाज़ार की स्थिति को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है।1
- सीकर में Banco Career Academy लगातार अपनी विश्वसनीयता और भरोसे की पहचान बना रही है। यह संस्थान छात्रों के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं, खासकर बैंक और एसएससी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक महत्वपूर्ण नाम के रूप में उभर रहा है, जिसकी पूरी सच्चाई और सफलता के कारणों को जानने का आह्वान किया जा रहा है।1
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा हनुमान बेनीवाल का समाज से बहिष्कार करने की बात पर किसान समाज ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। किसान समाज ने दो टूक शब्दों में अपना रुख स्पष्ट करते हुए ऐलान किया कि वे हनुमान बेनीवाल को समाज से बहिष्कार करने की बात करने वालों को ही 'समाज से बाहर कर देंगे'। उन्होंने दृढ़ता से कहा है कि वे हनुमान बेनीवाल के साथ मजबूती से खड़े हैं।1
- सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सभी सुनार भाइयों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि जरा सी चूक से कोई भी दुर्घटना घट सकती है। इस संदेश में वर्तमान समय को 'कलिकाल' बताते हुए कहा गया है कि जहाँ पहले ग्राहक को देवता समान माना जाता था, वहीं अब वे दानवों जैसा व्यवहार करने लगे हैं। इसलिए, सुनार भाइयों को लगातार सतर्क रहने और अपनी नजर न हटाने के लिए आगाह किया गया है।1
- राजस्थान के जयपुर जिले की किशनगढ़ रेनवाल तहसील के भेसलाना गांव स्थित सरकारी पशु चिकित्सालय की बदहाली पर एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कंप्यूटर होने के बावजूद डॉक्टरों और सफाई कर्मचारियों के पद खाली होने का गंभीर मुद्दा उठाया गया है। सोहन दास स्वामी द्वारा 2 जून 2026 को जारी इस रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 1980 में स्थापित इस चिकित्सालय में कंप्यूटर तो चालू हालत में है और टेबल पर रखा है, लेकिन पशु चिकित्सा अधिकारी (V.O.) का पद खाली है और उनकी कुर्सी सूनी पड़ी है। इसी तरह, सफाई कर्मचारी का पद भी रिक्त है, जिसके चलते पूरे अस्पताल परिसर में धूल और कीचड़ पसरा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि फिलहाल अस्पताल केवल एक कंपाउंडर के भरोसे चल रहा है, जबकि 'पशुधन ही जीवनधन' जैसे नारों के बावजूद, यदि मवेशी बीमार हो जाए तो उनका इलाज कौन करेगा और इंजेक्शन कौन लगाएगा। ग्रामीण अपने बीमार पशुओं को लेकर चिकित्सालय आते हैं, लेकिन डॉक्टर न होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ता है। अस्पताल की सफाई व्यवस्था का हाल इतना बुरा है कि ऑपरेशन टेबल पर धूल और फर्श पर कीचड़ जमा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि यहां इलाज होगा या संक्रमण फैलेगा। कंप्यूटर बिल तो काट सकता है, पर मवेशी की जान नहीं बचा सकता। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए रिपोर्ट में सीधी मांग की गई है कि पशु चिकित्सा अधिकारी (V.O.) का पद तुरंत भरा जाए और सफाई कर्मचारी की भी तत्काल नियुक्ति की जाए। जब तक स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं होती, तब तक मोबाइल वेट वैन भेजने की व्यवस्था की जाए। यह साफ तौर पर कहा गया है कि मवेशी गांव वालों की शान हैं और उनकी जान से खिलवाड़ बंद होना चाहिए। लोगों से 'चिकित्सालय स्टाफ' लिखकर शिकायत करने और सबूत के तौर पर फोटो-वीडियो बनाने का भी आह्वान किया गया है, क्योंकि कंप्यूटर से नहीं, बल्कि डॉक्टर से ही इलाज होता है।1
- जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद मीणा के निर्देशन में दूदू थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक देशी रिवाल्वर और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। दूदू थाना अधिकारी मुकेश कुमार ने बुधवार दोपहर करीब 3:00 बजे इस मामले का खुलासा करते हुए जानकारी दी कि अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत मुखबिर से मिली सूचना और तकनीकी सहायता के आधार पर यह गिरफ्तारी की गई है। पुलिस ने श्रवण सिंह के पुत्र कुशाल सिंह नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। फिलहाल, पुलिस गिरफ्तार आरोपी से गहन पूछताछ करने में जुटी हुई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह अवैध हथियार कहां से लाता था और उनकी आपूर्ति किन-किन स्थानों पर किया करता था।1
- “डीजल बचाओ अभियान” को लेकर एक गंभीर विसंगति की ओर ध्यान दिलाया गया है। बताया गया है कि इस अभियान में सबसे बड़ा 'सहयोग' नेताओं का है, क्योंकि उन्हें मुफ्त में डीजल उपलब्ध कराया जाता है। इसके विपरीत, आम जनता-जनार्दन को डीजल खरीदने के लिए अपना पैसा चुकाना पड़ता है। यह स्थिति इस अभियान की सार्थकता और नेताओं की भागीदारी पर सवाल खड़े करती है।1
- दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक रेस्टोरेंट में भीषण आग लगने से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। इस भयावह घटना में कुछ लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। इस अग्निकांड को दिल्ली की सबसे जानलेवा आगों में से एक बताया जा रहा है।1