चित्रकूट के रामघाट पर स्थानीय युवाओं और सामाजिक संगठनों ने माँ मंदाकिनी नदी की स्वच्छता और संरक्षण के लिए शनिवार, 04 जुलाई को एक वृहद स्वच्छता महा-अभियान चलाया। यह अभियान प्रशासनिक उपेक्षा के विरोध में आयोजित किया गया था, जहाँ सैकड़ों युवाओं ने मिलकर नदी को स्वच्छ बनाने का संदेश दिया। बांके सिद्ध न्यास विकास समिति, के.पी.01 टीम और बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस अभियान में, स्वयंसेवकों ने श्रमदान कर नदी से रासायनिक काई, जलकुंभी, प्लास्टिक और अन्य ठोस कचरा हटाया। अभियान की शुरुआत समाजसेविका अनु पटेल द्वारा माँ मंदाकिनी की आरती और स्वयंसेवकों के तिलक के साथ हुई, जिसके बाद सभी प्रतिभागी सफाई कार्य में जुट गए। बांके सिद्ध न्यास विकास समिति के अध्यक्ष देव सिंह ने कहा कि माँ मंदाकिनी चित्रकूट की आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है, और यदि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहता है, तो समाज स्वयं अपनी धरोहर की रक्षा के लिए आगे आएगा। के.पी.01 टीम के संयोजक कविकांत (के.पी.) पटेल ने आरोप लगाया कि नदी की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च होने के दावों के बावजूद जमीनी स्थिति इसके विपरीत है। उन्होंने यह भी कहा कि अब युवा केवल शिकायत नहीं करेंगे, बल्कि समाधान के लिए आगे बढ़कर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही भी मांगेंगे। समाजसेवी मुकेश कुमार ने मंदाकिनी की स्वच्छता को केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी बताया, जिसका उद्देश्य प्रशासन और समाज के सहयोग से नदी को पुनः स्वच्छ एवं निर्मल बनाना है। आयोजकों ने जानकारी दी कि नदी की सफाई के लिए स्वीकृत बजट के बावजूद अपेक्षित कार्य नहीं हो रहा है। इसी संबंध में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा संबंधित विभागों को विधिक नोटिस भेजकर जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की गई है। इस अभियान में देव सिंह, कविकांत (के.पी.) पटेल, मुकेश कुमार, भूपेंद्र सिंह, शशिकांत सिंह, अजय पटेल, ललित किशोर, शिवम पटेल, संदीप पटेल, प्रियांशी, प्रांशु पटेल, रोहित पटेल, अनंत कुमार, पुष्पराज पटेल, रिंकू पटेल, प्रियांशु पटेल, पंकज पटेल सहित बड़ी संख्या में युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। अभियान के समापन पर, सभी स्वयंसेवकों ने माँ मंदाकिनी की स्वच्छता, संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए जनजागरण अभियान को निरंतर जारी रखने तथा प्रशासन को उसकी जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह बनाने का संकल्प लिया।
चित्रकूट के रामघाट पर स्थानीय युवाओं और सामाजिक संगठनों ने माँ मंदाकिनी नदी की स्वच्छता और संरक्षण के लिए शनिवार, 04 जुलाई को एक वृहद स्वच्छता महा-अभियान चलाया। यह अभियान प्रशासनिक उपेक्षा के विरोध में आयोजित किया गया था, जहाँ सैकड़ों युवाओं ने मिलकर नदी को स्वच्छ बनाने का संदेश दिया। बांके सिद्ध न्यास विकास समिति, के.पी.01 टीम और बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस अभियान में, स्वयंसेवकों ने श्रमदान कर नदी से रासायनिक काई, जलकुंभी, प्लास्टिक और अन्य ठोस कचरा हटाया। अभियान की शुरुआत समाजसेविका अनु पटेल द्वारा माँ मंदाकिनी की आरती और स्वयंसेवकों के तिलक के साथ हुई, जिसके बाद सभी प्रतिभागी सफाई कार्य में जुट गए। बांके सिद्ध न्यास विकास समिति के अध्यक्ष देव सिंह ने कहा कि माँ मंदाकिनी चित्रकूट की आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है, और यदि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहता है, तो समाज स्वयं अपनी धरोहर की रक्षा के लिए आगे आएगा। के.पी.01 टीम के संयोजक कविकांत (के.पी.) पटेल ने आरोप लगाया कि नदी की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च होने के दावों के बावजूद जमीनी स्थिति इसके विपरीत है। उन्होंने यह भी कहा कि अब युवा केवल शिकायत नहीं करेंगे, बल्कि समाधान के लिए आगे बढ़कर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही भी मांगेंगे। समाजसेवी मुकेश कुमार ने मंदाकिनी की स्वच्छता को केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी बताया, जिसका उद्देश्य प्रशासन और समाज के सहयोग से नदी को पुनः स्वच्छ एवं निर्मल बनाना है। आयोजकों ने जानकारी दी कि नदी की सफाई के लिए स्वीकृत बजट के बावजूद अपेक्षित कार्य नहीं हो रहा है। इसी संबंध में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा संबंधित विभागों को विधिक नोटिस भेजकर जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की गई है। इस अभियान में देव सिंह, कविकांत (के.पी.) पटेल, मुकेश कुमार, भूपेंद्र सिंह, शशिकांत सिंह, अजय पटेल, ललित किशोर, शिवम पटेल, संदीप पटेल, प्रियांशी, प्रांशु पटेल, रोहित पटेल, अनंत कुमार, पुष्पराज पटेल, रिंकू पटेल, प्रियांशु पटेल, पंकज पटेल सहित बड़ी संख्या में युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। अभियान के समापन पर, सभी स्वयंसेवकों ने माँ मंदाकिनी की स्वच्छता, संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए जनजागरण अभियान को निरंतर जारी रखने तथा प्रशासन को उसकी जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह बनाने का संकल्प लिया।
- चित्रकूट के राजापुर थाना क्षेत्र में दिनांक 04 जुलाई 2026 की रात्रि को हुई एक घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक चित्रकूट, श्री अरुण कुमार सिंह ने अद्यतन जानकारी साझा की है।1
- भरत दास ने समाजवादी पार्टी (सपा) के लोगों पर लालापुर बाल्मीकि आश्रम पर कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं उस आश्रम में अखंड दीप जलाने जा रहे थे।1
- भरत दास ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि लालापुर स्थित बाल्मीकि आश्रम पर समाजवादी पार्टी (सपा) के लोगों ने कब्जा कर लिया है। उन्होंने यह बात उस समय कही जब वे स्वयं अखंड दीप जलाने के लिए जा रहे थे।1
- चित्रकूट जिले के मऊ क्षेत्र के कोलहुआ से एक 'ब्रेकिंग न्यूज़' सामने आई है, जिसमें अपराध और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया गया है। सोशल मीडिया पर लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और इस संबंध में उत्तरप्रदेश पुलिस तथा चित्रकूट रेंज को टैग किया गया है।1
- सतना-बेला मार्ग पर स्थित रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) पर मरम्मत कार्य शुरू हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पीडब्ल्यूडी रीवा के कार्यपालन यंत्री भूपेंद्र सिंह लोधी ने जानकारी दी कि आरओबी के एक्सपेंशन ज्वाइंट को बदला जा रहा है। निर्माण अवधि के दौरान वाहनों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एक वैकल्पिक डायवर्सन मार्ग तैयार किया गया है और यातायात को उसी से संचालित किया जा रहा है। इस कारण, यात्रियों को सफर पर निकलने से पहले नए रास्ते की जानकारी अवश्य ले लेनी चाहिए।1
- चित्रकूट के रामघाट पर स्थानीय युवाओं और सामाजिक संगठनों ने माँ मंदाकिनी नदी की स्वच्छता और संरक्षण के लिए शनिवार, 04 जुलाई को एक वृहद स्वच्छता महा-अभियान चलाया। यह अभियान प्रशासनिक उपेक्षा के विरोध में आयोजित किया गया था, जहाँ सैकड़ों युवाओं ने मिलकर नदी को स्वच्छ बनाने का संदेश दिया। बांके सिद्ध न्यास विकास समिति, के.पी.01 टीम और बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस अभियान में, स्वयंसेवकों ने श्रमदान कर नदी से रासायनिक काई, जलकुंभी, प्लास्टिक और अन्य ठोस कचरा हटाया। अभियान की शुरुआत समाजसेविका अनु पटेल द्वारा माँ मंदाकिनी की आरती और स्वयंसेवकों के तिलक के साथ हुई, जिसके बाद सभी प्रतिभागी सफाई कार्य में जुट गए। बांके सिद्ध न्यास विकास समिति के अध्यक्ष देव सिंह ने कहा कि माँ मंदाकिनी चित्रकूट की आस्था, संस्कृति और पहचान का प्रतीक है, और यदि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहता है, तो समाज स्वयं अपनी धरोहर की रक्षा के लिए आगे आएगा। के.पी.01 टीम के संयोजक कविकांत (के.पी.) पटेल ने आरोप लगाया कि नदी की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च होने के दावों के बावजूद जमीनी स्थिति इसके विपरीत है। उन्होंने यह भी कहा कि अब युवा केवल शिकायत नहीं करेंगे, बल्कि समाधान के लिए आगे बढ़कर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही भी मांगेंगे। समाजसेवी मुकेश कुमार ने मंदाकिनी की स्वच्छता को केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी बताया, जिसका उद्देश्य प्रशासन और समाज के सहयोग से नदी को पुनः स्वच्छ एवं निर्मल बनाना है। आयोजकों ने जानकारी दी कि नदी की सफाई के लिए स्वीकृत बजट के बावजूद अपेक्षित कार्य नहीं हो रहा है। इसी संबंध में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा संबंधित विभागों को विधिक नोटिस भेजकर जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की गई है। इस अभियान में देव सिंह, कविकांत (के.पी.) पटेल, मुकेश कुमार, भूपेंद्र सिंह, शशिकांत सिंह, अजय पटेल, ललित किशोर, शिवम पटेल, संदीप पटेल, प्रियांशी, प्रांशु पटेल, रोहित पटेल, अनंत कुमार, पुष्पराज पटेल, रिंकू पटेल, प्रियांशु पटेल, पंकज पटेल सहित बड़ी संख्या में युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। अभियान के समापन पर, सभी स्वयंसेवकों ने माँ मंदाकिनी की स्वच्छता, संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए जनजागरण अभियान को निरंतर जारी रखने तथा प्रशासन को उसकी जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह बनाने का संकल्प लिया।1
- आगरा में सामने आए एक चर्चित और चौंकाने वाले मामले ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस जांच के अनुसार, लगभग 45 दिन पहले लापता हुए एक व्यक्ति का शव उसके अपने घर के बाथरूम के फर्श के नीचे से बरामद किया गया है। यह सनसनीखेज खुलासा पत्नी की एक खौफनाक साजिश के तौर पर सामने आया है। यह जानकारी सार्वजनिक समाचार रिपोर्टों और पुलिस जांच पर आधारित है, और मामले में अंतिम निर्णय अदालत द्वारा किया जाएगा।1