सागर जिले की देवरी थाना पुलिस ने 24 घंटे के भीतर एक सनसनीखेज 'अपहरण' और फिरौती के मामले का पर्दाफाश किया है। इस खुलासे में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि एक बेटे ने गांजा तस्करी में हुए नुकसान की भरपाई करने के उद्देश्य से अपने ही अपहरण की झूठी साजिश रची और अपने पिता से ₹2 लाख की फिरौती मांगने लगा। पुलिस उपमहानिरीक्षक सागर रेंज श्री शशीन्द्र चौहान के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के नेतृत्व में जिले में अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत देवरी पुलिस को यह महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। दरअसल, 12 जून 2026 की रात फरियादी राजेश पिता प्रेम जाटव निवासी ग्राम डोंगर सलैया ने देवरी थाना में सूचना दी कि उनका 21 वर्षीय पुत्र पवन जाटव 09 जून को मित्र का जन्मदिन मनाने का कहकर घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। इसी बीच, फरियादी के मोबाइल पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कॉल कर उसके पुत्र का अपहरण करने तथा उसे छोड़ने के एवज में ₹2 लाख की फिरौती की मांग की गई, साथ ही रकम नहीं देने पर पुत्र की हत्या करने की धमकी भी दी गई। पुलिस जांच में यह ज्ञात हुआ कि पवन जाटव और बलजीत सिंह, सुनील पटेल के कहने पर अवैध रूप से गांजा लेने के लिए संबलपुर (ओडिशा) गए थे। वहां से लगभग 8 किलोग्राम गांजा प्राप्त कर वे ट्रेन से वापस लौट रहे थे। कटनी के पहले पुलिस चेकिंग की आशंका होने पर दोनों ने गांजे का पैकेट एवं पवन का मोबाइल ट्रेन से बाहर फेंक दिया। गांजा खरीदने के लिए राशि सुनील पटेल द्वारा ऑनलाइन माध्यम से भुगतान की गई थी। गांजा नष्ट हो जाने के कारण हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने तथा खर्च की गई रकम वापस प्राप्त करने के उद्देश्य से सुनील पटेल, पवन जाटव, बलजीत सिंह, शुभम पटेल एवं अरविंद दुबे ने मिलकर यह सुनियोजित षड्यंत्र रचा। आरोपियों ने पवन के अपहरण की झूठी कहानी बनाई और उसके पिता को फोन कर ₹2 लाख की फिरौती मांगना शुरू कर दिया, जबकि फरियादी द्वारा केवल ₹30 हजार की व्यवस्था किए जाने के कारण आरोपी लगातार उन्हें गुमराह करते रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना देवरी में अपराध क्रमांक 230/2026 धारा 140(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल जांच प्रारंभ की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कश्यप के निर्देशन में थाना प्रभारी देवरी निरीक्षक हरिराम मानकर, उप निरीक्षक समरथ सीनम, थाना प्रभारी मोतीनगर निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत, सूचना संकलन तंत्र एवं साइबर टीम की संयुक्त टीम गठित कर तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर सघन जांच की गई। पुलिस ने चितौरा टोल के पास एक ऑल्टो-800 कार क्रमांक MP-15-CA-7570 को चिन्हित कर उसमें सवार कथित अपहृत पवन जाटव सहित अरविंद दुबे, बलजीत सिंह एवं शुभम पटेल को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में सामने आए तथ्यों ने पूरे घटनाक्रम का चौंकाने वाला खुलासा कर दिया। पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विश्लेषण एवं त्वरित कार्रवाई के चलते यह पूरी साजिश बेनकाब हो गई। पुलिस ने अरविंद दुबे, बलजीत सिंह, शुभम पटेल एवं पवन जाटव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता सुनील पटेल फरार है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। प्रकरण में प्रयुक्त ऑल्टो कार, मोबाइल फोन एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त कर लिए गए हैं। विवेचना के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि बलजीत सिंह एवं फरार आरोपी सुनील पटेल पूर्व में एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में गाडरवारा जेल में एक साथ निरुद्ध रह चुके हैं। पुलिस इनकी आपराधिक पृष्ठभूमि एवं अन्य गतिविधियों की भी विस्तृत जांच कर रही है, साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों का नेटवर्क मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से किस स्तर तक जुड़ा हुआ है। देवरी पुलिस की तत्परता और पेशेवर जांच के कारण 24 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर लिया गया तथा फरियादी परिवार को राहत प्रदान की गई। इस सराहनीय कार्य में थाना प्रभारी देवरी निरीक्षक हरिराम मानकर, उप निरीक्षक समरथ सीनम, आरक्षक लवकुश, समीर, इमरान, थाना प्रभारी मोतीनगर निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत व उनकी टीम, सूचना संकलन तंत्र के आरक्षक आशीष गौतम, मनीष तिवारी, प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार तथा आरक्षक हेमेन्द्र, साइबर सेल सागर की विशेष भूमिका रही।
सागर जिले की देवरी थाना पुलिस ने 24 घंटे के भीतर एक सनसनीखेज 'अपहरण' और फिरौती के मामले का पर्दाफाश किया है। इस खुलासे में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि एक बेटे ने गांजा तस्करी में हुए नुकसान की भरपाई करने के उद्देश्य से अपने ही अपहरण की झूठी साजिश रची और अपने पिता से ₹2 लाख की फिरौती मांगने लगा। पुलिस उपमहानिरीक्षक सागर रेंज श्री शशीन्द्र चौहान के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के नेतृत्व में जिले में अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत देवरी पुलिस को यह महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। दरअसल, 12 जून 2026 की रात फरियादी राजेश पिता प्रेम जाटव निवासी ग्राम डोंगर सलैया ने देवरी थाना में सूचना दी कि उनका 21 वर्षीय पुत्र पवन जाटव 09 जून को मित्र का जन्मदिन मनाने का कहकर घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। इसी बीच, फरियादी के मोबाइल पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कॉल कर उसके पुत्र का अपहरण करने तथा उसे छोड़ने के एवज में ₹2 लाख की फिरौती की मांग की गई, साथ ही रकम नहीं देने पर पुत्र की हत्या करने की धमकी भी दी गई। पुलिस जांच में यह ज्ञात हुआ कि पवन जाटव और बलजीत सिंह, सुनील पटेल के कहने पर अवैध रूप से गांजा लेने के लिए संबलपुर (ओडिशा) गए थे। वहां से लगभग 8 किलोग्राम गांजा प्राप्त कर वे ट्रेन से वापस लौट रहे थे। कटनी के पहले पुलिस चेकिंग की आशंका होने पर दोनों ने गांजे का पैकेट एवं पवन का मोबाइल ट्रेन से बाहर फेंक दिया। गांजा खरीदने के लिए राशि सुनील पटेल द्वारा ऑनलाइन माध्यम से भुगतान की गई थी। गांजा नष्ट हो जाने के कारण हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने तथा खर्च की गई रकम वापस प्राप्त करने के उद्देश्य से सुनील पटेल, पवन जाटव, बलजीत सिंह, शुभम पटेल एवं अरविंद दुबे ने मिलकर यह सुनियोजित षड्यंत्र रचा। आरोपियों ने पवन के अपहरण की झूठी कहानी बनाई और उसके पिता को फोन कर ₹2 लाख की फिरौती मांगना शुरू कर दिया, जबकि फरियादी द्वारा केवल ₹30 हजार की व्यवस्था किए जाने के कारण आरोपी लगातार उन्हें गुमराह करते रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना देवरी में अपराध क्रमांक 230/2026 धारा 140(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल जांच प्रारंभ की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कश्यप के निर्देशन में थाना प्रभारी देवरी निरीक्षक हरिराम मानकर, उप निरीक्षक समरथ सीनम, थाना प्रभारी मोतीनगर निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत, सूचना संकलन तंत्र एवं साइबर टीम की संयुक्त टीम गठित कर तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर सघन जांच की गई। पुलिस ने चितौरा टोल के पास एक ऑल्टो-800 कार क्रमांक MP-15-CA-7570 को चिन्हित कर उसमें सवार कथित अपहृत पवन जाटव सहित अरविंद दुबे, बलजीत सिंह एवं शुभम पटेल को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में सामने आए तथ्यों ने पूरे घटनाक्रम का चौंकाने वाला खुलासा कर दिया। पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विश्लेषण एवं त्वरित कार्रवाई के चलते यह पूरी साजिश बेनकाब हो गई। पुलिस ने अरविंद दुबे, बलजीत सिंह, शुभम पटेल एवं पवन जाटव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता सुनील पटेल फरार है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। प्रकरण में प्रयुक्त ऑल्टो कार, मोबाइल फोन एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त कर लिए गए हैं। विवेचना के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि बलजीत सिंह एवं फरार आरोपी सुनील पटेल पूर्व में एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में गाडरवारा जेल में एक साथ निरुद्ध रह चुके हैं। पुलिस इनकी आपराधिक पृष्ठभूमि एवं अन्य गतिविधियों की भी विस्तृत जांच कर रही है, साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों का नेटवर्क मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से किस स्तर तक जुड़ा हुआ है। देवरी पुलिस की तत्परता और पेशेवर जांच के कारण 24 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर लिया गया तथा फरियादी परिवार को राहत प्रदान की गई। इस सराहनीय कार्य में थाना प्रभारी देवरी निरीक्षक हरिराम मानकर, उप निरीक्षक समरथ सीनम, आरक्षक लवकुश, समीर, इमरान, थाना प्रभारी मोतीनगर निरीक्षक जसवंत सिंह राजपूत व उनकी टीम, सूचना संकलन तंत्र के आरक्षक आशीष गौतम, मनीष तिवारी, प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार तथा आरक्षक हेमेन्द्र, साइबर सेल सागर की विशेष भूमिका रही।
- मध्य प्रदेश में मानसून का आगमन हो चुका है और इसने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अपनी दस्तक दे दी है। राज्य में बारिश का दौर शुरू हो गया है।1
- सागर जिले के रविंद्र भवन में 16 से 18 जून 2026 तक एक खंड स्तरीय जन कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान कलेक्टर श्रीमति प्रतिभा पाल जी ने सभी नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह प्रदान की। यह शिविर आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और उनका लाभ उठाने का अवसर देता है। साथ ही, नागरिक अपनी किसी भी समस्या से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका समाधान भी प्राप्त कर सकते हैं। इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा नरयावली विधायक प्रदीप लारिया जी भी उपस्थित रहे।1
- सागर जिले के जैसीनगर में जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया।1
- टीकमगढ़ जिला अस्पताल से उपचार न मिलने के कारण लौट रही एक बीमार महिला की स्टेट बैंक चौराहे पर सड़क पर गिरने से मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, महिला उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंची थी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उसे वहां भर्ती नहीं किया गया। इलाज न मिलने से निराश होकर महिला वापस अपने घर लौट रही थी, तभी स्टेट बैंक चौराहे के पास उसे अचानक चक्कर आया और वह सड़क पर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद समीर खान और अंकेश यादव नामक व्यक्तियों ने तुरंत महिला को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया। राहगीरों की मदद से उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मृतक महिला को अस्तौन ग्राम का निवासी बताया जा रहा है। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका स्पष्ट आरोप है कि यदि समय पर अस्पताल में भर्ती कर उपचार मिल जाता, तो महिला की जान बच सकती थी। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी डॉक्टरों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के शमशाबाद में एक पीड़ित परिवार ने अपने पिता पर मारपीट कर घर से निकालने का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि पिता द्वारा मारपीट किए जाने के बाद उन्हें घर से निकाल दिया गया, जिसके कारण अब यह परिवार न्याय की गुहार लगाते हुए दर-दर भटकने को मजबूर है।1
- विदिशा जिले के गुलाबगंज स्थित अखिल भारतीय दांगी क्षत्रिय समाज धर्मशाला भवन में दांगी क्षत्रिय समाज जिला विदिशा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समाज के वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों से आए सामाजिक बंधुओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। चर्चा का मुख्य केंद्र समाज से जुड़े दो महत्वपूर्ण विषय रहे, जिन पर विस्तृत रणनीति तय की गई। बैठक में पहली चिंता दांगी क्षत्रिय महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं नगर पालिका परिषद गंजबासौदा के उपाध्यक्ष श्री संदीप ठाकुर के विरुद्ध दर्ज कराए गए कथित झूठे प्रकरण को लेकर व्यक्त की गई। समाज ने इस बात पर असंतोष जताया कि पुलिस प्रशासन को पूर्व में ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद अब तक निष्पक्ष जांच के स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुए हैं। वरिष्ठ नागरिकों और पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कल तक निष्पक्ष जांच के आदेश जारी नहीं होते हैं, तो विदिशा जिले से हजारों की संख्या में दांगी क्षत्रिय समाज के सदस्य भोपाल पहुंचकर पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) एवं उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) को ज्ञापन सौंपेंगे और निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। दूसरा प्रमुख विषय ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गुलाबगंज के तत्कालीन अध्यक्ष श्री राजीव दांगी को बिना किसी पूर्व सूचना, कारण बताओ नोटिस या संवाद स्थापित किए पद से हटाकर अन्य व्यक्ति की नियुक्ति का रहा। इस मामले में समाज ने पूर्व में कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्री मोहित रघुवंशी को ज्ञापन सौंपकर जवाब मांगा था, किंतु आज दिनांक तक कोई संतोषजनक मौखिक अथवा लिखित उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है। उपस्थित समाजजनों ने इस विषय को समाज के सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ा बताते हुए कहा कि यदि कल तक कांग्रेस जिला अध्यक्ष द्वारा संतोषजनक जवाब एवं संवाद स्थापित नहीं किया जाता है, तो दांगी क्षत्रिय समाज जिले के समस्त ब्लॉक मुख्यालयों पर विरोध स्वरूप पुतला दहन करने को विवश होगा। इसके पश्चात समाज का एक प्रतिनिधिमंडल भोपाल पहुंचकर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी को ज्ञापन सौंपेगा और इस विषय पर स्पष्ट जवाब एवं संगठनात्मक प्रक्रिया की जानकारी मांगेगा। बैठक में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि समाज किसी भी प्रकार के टकराव में विश्वास नहीं रखता, किंतु समाज के सम्मान, न्याय एवं स्वाभिमान से जुड़े मुद्दों की लगातार उपेक्षा किए जाने पर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाना प्रत्येक नागरिक और समाज का अधिकार है। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि दोनों विषयों पर संबंधित पक्षों को अंतिम अवसर दिया जाए ताकि संवाद एवं न्यायपूर्ण समाधान का मार्ग प्रशस्त हो सके। यदि इसके बाद भी सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो समाज चरणबद्ध आंदोलन की दिशा में आगे बढ़ेगा।1
- सागर जिले के मकरोनिया थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ एक नाबालिग युवती का चाकू की नोक पर कथित रूप से अपहरण कर लिया गया। इस घटना के दौरान आरोपी ने युवती को बचाने का प्रयास कर रहे परिजनों पर भी हथियार से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी युवती को जबरन अपने साथ ले गया। यह पूरी घटना क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सामने आया है। सामने आए वीडियो में आरोपी युवती को जबरन ले जाते हुए दिखाई दे रहा है, जबकि परिजन उसे रोकने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। इस वारदात की सूचना मिलते ही मकरोनिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। वहीं, इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि मामले के सभी पहलुओं से जाँच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1