कटनी जिले की बहोरीबंद जनपद की ग्राम पंचायत बाकल में बारिश की शुरुआत होते ही पंचायत की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्य बाजार और बस स्टैंड क्षेत्र की जाम नालियों तथा फैली गंदगी के कारण बारिश का पानी सड़कों, दुकानों और आसपास के घरों में भर गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय रहते नालियों की सफाई नहीं कराई गई, जिससे यह विकट स्थिति उत्पन्न हुई है। बस स्टैंड पर स्थित एक कपड़ा व्यवसायी ने सोशल मीडिया के व्हाट्सएप ग्रुप पर तस्वीरों के साथ अपनी पीड़ा साझा करते हुए पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि हर साल बारिश के मौसम में बस स्टैंड क्षेत्र की दुकानों में पानी भर जाता है, खासकर पेट्रोल पंप के पास नाली जाम होने और नियमित सफाई न होने के कारण यह समस्या खड़ी होती है, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। व्यवसायी ने सवाल किया है कि इस नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि नालियों के निर्माण के बाद से उनकी कभी नियमित सफाई नहीं कराई गई, जिससे जल निकासी बाधित होती है और जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ दुकानदारों और होटल संचालकों द्वारा कचरा नालियों में डालने से भी स्थिति और गंभीर हो गई है। इस परेशानी को देखते हुए ग्रामीणों और व्यापारियों ने ग्राम पंचायत से तत्काल नालियों की सफाई कराने, बस स्टैंड क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने तथा जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को होने वाली असुविधा और आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
कटनी जिले की बहोरीबंद जनपद की ग्राम पंचायत बाकल में बारिश की शुरुआत होते ही पंचायत की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्य बाजार और बस स्टैंड क्षेत्र की जाम नालियों तथा फैली गंदगी के कारण बारिश का पानी सड़कों, दुकानों और आसपास के घरों में भर गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय रहते नालियों की सफाई नहीं कराई गई, जिससे यह विकट स्थिति उत्पन्न हुई है। बस स्टैंड पर स्थित एक कपड़ा व्यवसायी ने सोशल मीडिया के व्हाट्सएप ग्रुप पर तस्वीरों के साथ अपनी पीड़ा साझा करते हुए पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि हर साल बारिश के मौसम में बस स्टैंड क्षेत्र की दुकानों में पानी भर जाता है, खासकर पेट्रोल पंप के पास नाली जाम होने और नियमित सफाई न होने के कारण यह समस्या खड़ी होती है, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। व्यवसायी ने सवाल किया है कि इस नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि नालियों के निर्माण के बाद से उनकी कभी नियमित सफाई नहीं कराई गई, जिससे जल निकासी बाधित होती है और जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ दुकानदारों और होटल संचालकों द्वारा कचरा नालियों में डालने से भी स्थिति और गंभीर हो गई है। इस परेशानी को देखते हुए ग्रामीणों और व्यापारियों ने ग्राम पंचायत से तत्काल नालियों की सफाई कराने, बस स्टैंड क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने तथा जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को होने वाली असुविधा और आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
- कटनी जिले की बहोरीबंद जनपद की ग्राम पंचायत बाकल में बारिश की शुरुआत होते ही पंचायत की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्य बाजार और बस स्टैंड क्षेत्र की जाम नालियों तथा फैली गंदगी के कारण बारिश का पानी सड़कों, दुकानों और आसपास के घरों में भर गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय रहते नालियों की सफाई नहीं कराई गई, जिससे यह विकट स्थिति उत्पन्न हुई है। बस स्टैंड पर स्थित एक कपड़ा व्यवसायी ने सोशल मीडिया के व्हाट्सएप ग्रुप पर तस्वीरों के साथ अपनी पीड़ा साझा करते हुए पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि हर साल बारिश के मौसम में बस स्टैंड क्षेत्र की दुकानों में पानी भर जाता है, खासकर पेट्रोल पंप के पास नाली जाम होने और नियमित सफाई न होने के कारण यह समस्या खड़ी होती है, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। व्यवसायी ने सवाल किया है कि इस नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि नालियों के निर्माण के बाद से उनकी कभी नियमित सफाई नहीं कराई गई, जिससे जल निकासी बाधित होती है और जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ दुकानदारों और होटल संचालकों द्वारा कचरा नालियों में डालने से भी स्थिति और गंभीर हो गई है। इस परेशानी को देखते हुए ग्रामीणों और व्यापारियों ने ग्राम पंचायत से तत्काल नालियों की सफाई कराने, बस स्टैंड क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने तथा जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को होने वाली असुविधा और आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।1
- घर में बेटी के जन्म को अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना गया है, जिसके आगमन से पूरा घर स्वर्ग के समान हो जाता है। बेटियों को साक्षात् लक्ष्मी का स्वरूप बताया गया है।1
- आदरणीय सदस्यों सहित, परिवार का विस्तार हो रहा है क्योंकि जिला अध्यक्ष महोदय और पुराने साथियों ने एक बार फिर से समूह का दामन थामा है।1
- मध्य प्रदेश के दमोह जिले में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण स्टेट हाईवे-21 पर स्थित झापन घाट पुल बुधवार को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। पुल के उफान पर होने और मार्ग बंद होने से राहगीरों की परेशानी काफी बढ़ गई है, जिससे उन्हें अब 26 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस पुल के बंद होने से जबलपुर, पाटन, रहली और सागर की ओर आने-जाने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों को हरदुआ, खरा, राघाट, इमलिया, लकलका, सोमखेड़ा होते हुए झापन घाट मार्ग से गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह वैकल्पिक मार्ग पहले से ही संकरा है और कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने के साथ-साथ इसमें बड़े-बड़े गड्ढे भी हैं। इसके अतिरिक्त, अधिकांश हिस्सों में सड़क किनारे की साइड पट्टियां न होने या मिट्टी धंस जाने के कारण वाहन चालकों को बारिश के दौरान भारी जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।2
- दमोह पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया और हटा एसडीओपी सौरभ त्रिपाठी के निर्देशन में हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत, लुहारी के पास एक स्कूटी से दो बोरी अवैध शराब जब्त की गई।2
- कटनी जिले में 1 जून से 3 जुलाई तक इस वर्ष कुल 84.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख मुन्ना लाल तिवारी के अनुसार, यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 55.6 प्रतिशत कम है, जब जिले में 189.4 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। पिछले आलोच्य अवधि के दौरान स्लीमनाबाद तहसील में सर्वाधिक 302.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी, जबकि इस वर्ष की अवधि में रीठी तहसील में सबसे अधिक वर्षा हुई है, जहाँ अब तक 150.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। जिले की अन्य तहसीलों में दर्ज वर्षा के आंकड़े इस प्रकार हैं: कटनी में 76.2 मिलीमीटर, बड़वारा में 23.0 मिलीमीटर, बरही में 97.8 मिलीमीटर, विजयराघवगढ़ में 82.8 मिलीमीटर, बहोरीबंद में 78.5 मिलीमीटर, स्लीमनाबाद में 126.1 मिलीमीटर और ढीमरखेड़ा तहसील में 37.0 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है।3
- सर्वप्रथम मां-बाप की पूजा को महत्वपूर्ण बताया गया है। हालांकि, मौजूदा दौर में इंसान मोबाइल फोन में इतना अधिक व्यस्त हो गया है कि उसे अपने माता-पिता से बात करने तक की फुर्सत नहीं मिल पा रही है।1
- दमोह जिले के कुम्हारी और पटेरा क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। नालियां जाम होने के कारण बारिश का पानी कई मोहल्लों के घरों में घुस गया, जिससे निवासियों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग अपने घरों से बाल्टियों और मोटर पंपों की सहायता से पानी निकालते हुए दिखाई दिए, वहीं कई स्थानों पर जलभराव के कारण आवागमन भी बाधित हो गया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने जलभराव और घरों में पानी घुसने के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए, जो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वायरल वीडियो में क्षेत्र के विकास कार्यों और जल निकासी व्यवस्था की खामियां स्पष्ट रूप से उजागर हो रही हैं। स्थिति से परेशान लोगों ने संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन से तत्काल नालियों की सफाई कराने और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी विकट स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।1