दमोह जिले के पटेरा अंतर्गत ग्राम हिनोती में कृषि विभाग द्वारा किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक मिनी किट बीज वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत उपस्थित किसानों को चार-चार किलोग्राम अरहर एवं उड़द के बीज वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान कृषि विकास अधिकारी बलवंत अजवानी, आशीष पटेल, निरंजन पटेल, भगवानदास यादव और वर्षा राजपूत ने किसानों का पंजीकरण कर उन्हें मिनी किट सौंपे। इस अवसर पर कृषि अधिकारियों द्वारा किसानों को जैविक एवं उन्नत खेती अपनाने, संतुलित उर्वरक का उपयोग करने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी देकर जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बताया कि विभाग द्वारा समय-समय पर किसानों को आवश्यक तकनीकी सलाह दी जाती है, जिससे वे बेहतर उत्पादन प्राप्त कर कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहे हैं। इस पहल की वहां उपस्थित बड़ी संख्या में किसानों ने काफी सराहना की।
दमोह जिले के पटेरा अंतर्गत ग्राम हिनोती में कृषि विभाग द्वारा किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक मिनी किट बीज वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत उपस्थित किसानों को चार-चार किलोग्राम अरहर एवं उड़द के बीज वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान कृषि विकास अधिकारी बलवंत अजवानी, आशीष पटेल, निरंजन पटेल, भगवानदास यादव और वर्षा राजपूत ने किसानों का पंजीकरण कर उन्हें मिनी किट सौंपे। इस अवसर पर कृषि अधिकारियों द्वारा किसानों को जैविक एवं उन्नत खेती अपनाने, संतुलित उर्वरक का उपयोग करने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी देकर जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बताया कि विभाग द्वारा समय-समय पर किसानों को आवश्यक तकनीकी सलाह दी जाती है, जिससे वे बेहतर उत्पादन प्राप्त कर कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहे हैं। इस पहल की वहां उपस्थित बड़ी संख्या में किसानों ने काफी सराहना की।
- दमोह जिले के सुनपुरा ग्राम के बच्चों की मांग पर प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मार्ग निर्माण का कार्य प्रारंभ करा दिया गया है। जनसुनवाई में बच्चों की इस मांग को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने गंभीरता से लिया और इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए। कलेक्टर के निर्देशों के बाद जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलपगारे के आदेश पर पंचायत सचिव ने तत्काल कार्रवाई करते हुए काम शुरू करवा दिया है।1
- सागर जिले के गढ़ाकोटा अंतर्गत रहली गढ़ाकोटा रोड स्थित लुहागर ग्राम में गांवों में अवैध शराब बंद करने की मांग को लेकर महिलाओं ने सड़क पर जाम लगा दिया। अवैध शराब के खिलाफ प्रदर्शन कर रही इन महिलाओं को समझाने के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद, थाना प्रभारी द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद महिलाओं ने कुछ समय बाद इस जाम को स्थगित कर दिया।1
- मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के पवई में टीचिंग ग्राउंड में कचरा डाला जा रहा है, जिसकी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। यहाँ कचरा प्रबंधन के लिए एक मशीन तो रखी हुई है, लेकिन वह सिर्फ देखने के लिए है। इस मशीन का आज तक कोई उपयोग नहीं किया गया है।1
- कटनी के एक ग्राम पंचायत में 4 महीने तक लगातार कार्य करने के बाद भी वेतन न मिलने का एक गंभीर मामला सामने आया है। अपनी मेहनत का मेहनताना न मिलने से परेशान होकर पीड़ित शिकायतकर्ता ने आखिरकार प्रशासन के पास जनसुनवाई में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता ने जनसुनवाई में अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए जल्द से जल्द बकाया वेतन दिलाने की मांग की है।1
- कटनी के माधव नगर क्षेत्र में पुलिस ने नकली 'लहर' गुटखा बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की है। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से फैक्ट्री संचालक निलेश पाहुजा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान गुटखा बनाने वाली दो मशीनें, भारी मात्रा में तैयार और आधा बना नकली गुटखा, पैकिंग सामग्री, रैपर और अन्य कच्चा माल जब्त किया है। इसके साथ ही पूरे परिसर की तलाशी लेकर फैक्ट्री को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस को लंबे समय से इस अवैध नकली गुटखा निर्माण की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से इस दबिश को अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यहां लंबे समय से बड़े पैमाने पर नकली ब्रांड का गुटखा तैयार कर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और नकली गुटखे की सप्लाई किन-किन क्षेत्रों में की जाती थी।1
- कटनी जिले के चर्चित टिकरिया-मुड़वारा में करीब 5 करोड़ रुपये के हाई-प्रोफाइल माइनिंग विवाद में एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। माधव नगर थाना पुलिस जिस मामले में क्वांटम मिनरल्स की शिकायत पर आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज कर नामजद आरोपियों की तलाश का दावा कर रही थी, उसी मामले का आरोपी आदिल अहमद बेखौफ होकर एसपी कार्यालय के पास स्थित कलेक्ट्रेट पहुंच गया। उसने कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में न केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि कलेक्टर के नाम शिकायत सौंपते हुए क्वांटम मिनरल्स पर ही करोड़ों रुपये के अवैध खनन के गंभीर आरोप लगा दिए। आदिल अहमद ने खुद को निर्दोष बताते हुए कलेक्टर को सौंपे आवेदन में आरोप लगाया कि मेसर्स इस्माईल एंड सन्स द्वारा क्वांटम मिनरल्स को दिए गए खनन अधिकार की अवधि 31 अक्टूबर 2025 को ही समाप्त हो चुकी थी, लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से खदान में अवैध रूप से खनन जारी रखा गया। उसने दावा किया कि कंपनी ने स्वीकृत 16.187 हेक्टेयर क्षेत्र से बाहर जाकर भारी मात्रा में ओवर-माइनिंग की है। आदिल ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि महज तीन दिनों (29 से 31 अक्टूबर 2025) के भीतर 7,143 टन बॉक्साइट और लगभग 31,907 टन लेटेराइट का उत्खनन दिखाया गया, जो सामान्य तौर पर मुमकिन नहीं है। उसने ई-खनिज पोर्टल के ई-ट्रांजिट पास (ETP) के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली और उसकी मुस्तैदी पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं। गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपी का एसपी कार्यालय के बेहद करीब कलेक्ट्रेट में काफी देर तक घूमना, अधिकारियों को आवेदन सौंपना और फिर मीडिया से खुलकर बातचीत करके आसानी से चले जाना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब इस मामले की पूरी तस्वीर निष्पक्ष जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।1
- मध्य प्रदेश के दमोह में पुलिस ने एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए 'नकली मुस्कान' से जुड़े मामले का खुलासा किया है। आखिर यह पूरा मामला क्या है, इसका खुलासा किस तरह हुआ और पुलिस ने इस संबंध में क्या कार्रवाई की है, इन सभी सवालों की पूरी जानकारी दी गई है।1
- कटनी में आवास सूची में गड़बड़ी होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने सूची में की गई अनियमितताओं का विरोध किया है और इस मामले में ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई की मांग की है।1
- कटनी जिले की ग्राम पंचायत कन्हवारा के अंतर्गत ग्राम डिठवारा में प्रधानमंत्री आवास योजना की अस्थायी पात्रता सूची को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एक संयुक्त ज्ञापन संयुक्त कलेक्टर जितेंद्र पटेल को सौंपकर आवास योजना की सूची में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि इस योजना का लाभ वास्तविक गरीब, भूमिहीन और जरूरतमंद परिवारों को मिलने के बजाय संपन्न और प्रभावशाली लोगों को दे दिया गया है, जिससे गरीबों के अधिकारों का हनन हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस अस्थायी सूची को तैयार करने में पारदर्शिता का बिल्कुल भी पालन नहीं किया गया। सूची बनाने से पहले न तो किसी ग्राम सभा का आयोजन किया गया और न ही गांव में मुनादी कराकर ग्रामीणों को इसकी कोई सूचना दी गई। शासन की मंशा के विपरीत जाकर मनमाने ढंग से अपात्रों के नाम सूची में जोड़ दिए गए हैं। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोबारा ग्राम सभा आयोजित कर वास्तविक पात्रों की नई सूची तैयार करने की मांग की है। इसके साथ ही, जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर दोषी सचिव और सरपंच के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर इस मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए विवश होंगे। संयुक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के दौरान सुरेंद्र, गोविंद, निरंजन सिंह गौड़, मलखान यादव, कन्ना कोल, विनोद कोल और राकेश यादव सहित दर्जनों ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।1