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प्रयागराज में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जॉर्जटाउन थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन भाजपा नेता और सांसद निशिकांत दुबे द्वारा फेसबुक और ट्विटर पर की गई पोस्टों के खिलाफ था। इन पोस्टों में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री अखिलेश यादव और राम मंदिर चंदा चोरी से जुड़े आरोपी टिन्नू यादव के बीच संबंधों को लेकर कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। सपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर जॉर्जटाउन थाने पर जोरदार प्रदर्शन किया।
नावेद खान पत्रकार
प्रयागराज में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जॉर्जटाउन थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन भाजपा नेता और सांसद निशिकांत दुबे द्वारा फेसबुक और ट्विटर पर की गई पोस्टों के खिलाफ था। इन पोस्टों में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री अखिलेश यादव और राम मंदिर चंदा चोरी से जुड़े आरोपी टिन्नू यादव के बीच संबंधों को लेकर कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। सपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर जॉर्जटाउन थाने पर जोरदार प्रदर्शन किया।
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- प्रयागराज के सिविल लाइन स्थित सुभाष चौराहे पर एक निजी बिजलीकर्मी को एलईडी वॉल बनाते समय अचानक करंट लग गया। करंट लगने से बिजलीकर्मी गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया। हादसे के बाद, मौके पर मौजूद सुभाष चौराहे चौकी पर तैनात सिपाही और स्थानीय लोगों ने मिलकर घायल युवक को ऊपर से नीचे उतारा। उसे तत्काल ई-रिक्शा के माध्यम से एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि यह घटना एलईडी वॉल बनाते समय करंट उतरने और झुलसने के कारण हुई।1
- प्रयागराज में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की गई है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने किसान संगठन के नेता अनुज सिंह की 20 बीघा अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया है। यह प्लाटिंग किसान नेता द्वारा अवैध तरीके से की गई थी, जिस पर प्राधिकरण ने यह बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया है।1
- प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए किसान संगठन के नेता अनुज सिंह की 20 बीघा अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया है। किसान नेता ने यह प्लाटिंग अवैध तरीके से की थी, जिसके बाद प्राधिकरण ने यह कदम उठाया।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, जहाँ भारत लगातार 'हिंदू-मुस्लिम' के मुद्दों में उलझा हुआ है, वहीं चीन कथित तौर पर भारतीय सीमा के 60 किलोमीटर अंदर तक आ गया है। यह गंभीर स्थिति तब उत्पन्न हुई है जब देश का ध्यान आंतरिक विभाजनों पर केंद्रित बताया गया है।1
- प्रयागराज के मेजा क्षेत्र स्थित पकरी सेवार के सिरसा पंप कैनाल परिसर में शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लिफ्ट सिंचाई मंडल वाराणसी के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में परिसर में कई छायादार और फलदार पौधे रोपे गए। लिफ्ट सिंचाई मंडल वाराणसी के अधिशासी अभियंता षष्टेश्वर नाथ, अधीक्षण अभियंता अजय कुमार सिंह, संजय भारती और मिथिलेश कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी इसमें शामिल हुए। सभी अधिकारियों ने एक-एक पौधा लगाकर पर्यावरण को बचाने और हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर, अधिशासी अभियंता षष्टेश्वर नाथ ने पेड़ों को जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक बताया, जो शुद्ध हवा देने, भूजल स्तर को बनाए रखने और तापमान को नियंत्रित करने में सहायक हैं। उन्होंने नहरों और पंप कैनाल के किनारे वृक्षारोपण से मिट्टी के कटाव को रोकने और क्षेत्र के सौंदर्य को बढ़ाने की बात कही, साथ ही सभी से कम से कम एक पेड़ लगाने और उसकी देखभाल बच्चे की तरह करने की अपील की। अधीक्षण अभियंता अजय कुमार सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा समय-समय पर ऐसे अभियान चलाए जाते हैं, जिससे सिंचाई से जुड़े संसाधनों के आसपास हरियाली बढ़ने से पर्यावरण संतुलन बना रहता है। संजय भारती ने केवल पौधा लगाने के बजाय उसे बड़ा करने की जिम्मेदारी पर जोर दिया, जबकि मिथिलेश कुमार ने स्थानीय लोगों से भी इस अभियान से जुड़ने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान नीम, पीपल, आम, जामुन और सागौन के पौधे लगाए गए, जिसके बाद अधिकारियों ने कर्मचारियों को पौधों की सिंचाई और सुरक्षा के लिए विशेष निर्देश दिए। उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली और पौधों को बचाने का वादा किया। स्थानीय लोगों ने विभाग की इस पहल की सराहना की और कहा कि कैनाल के किनारे पेड़ लगने से गर्मी में राहगीरों को छाया मिलेगी और पक्षियों को भी आश्रय मिलेगा। वृक्षारोपण कार्यक्रम का समापन पर्यावरण को स्वच्छ और हरा भरा रखने के संदेश के साथ हुआ।4
- अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर में दान की गई कीमती वस्तुओं को लेकर उठे सवालों के बीच एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ट्रस्ट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर यह दावा किया कि मंदिर को प्राप्त सभी 2,800 दान की गई वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और मीडिया के सामने काकभुशुंडी स्वर्णित रामायण, भगवान राम की पादुकाएं और एक विशेष हार सहित कई बहुमूल्य वस्तुएं प्रदर्शित कीं। इस प्रदर्शन के माध्यम से ट्रस्ट ने उन दावों को खारिज करने का प्रयास किया, जिनमें किसी भी दान की वस्तु के गायब होने की बात कही जा रही थी। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि जिन वस्तुओं के गायब होने की चर्चा थी, उनका पूरा रिकॉर्ड ट्रस्ट के पास मौजूद है। प्रेस वार्ता के दौरान, ट्रस्ट ने एक दान रजिस्टर भी दिखाया, जिसमें लगभग 2,800 वस्तुओं का विस्तृत विवरण दर्ज होने का दावा किया गया। अधिकारियों ने बताया कि दान में मिली हर वस्तु को व्यवस्थित तरीके से सूचीबद्ध किया गया है ताकि भविष्य में कोई भ्रम या विवाद न हो, और ट्रस्ट ने आने वाले समय में दान प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की बात कही। स्वामी गोविंद देव गिरी ने यह भी स्पष्ट किया कि दान में मिली वस्तुओं की सुरक्षा और दानपात्र से नकदी चोरी के मामले को अलग-अलग देखा जाना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि नकदी चोरी की जांच एक विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है और ट्रस्ट की इच्छा है कि इस मामले में शामिल सभी व्यक्तियों को कानून के अनुसार सजा मिले। उनका कहना था कि किसी भी प्रकार की चोरी को स्वीकार नहीं किया जा सकता।1
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- प्रयागराज के तातारगंज क्षेत्र में छिड़िया नहर माइनर के किनारे बन रही सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है, जिससे गुस्साए ग्रामीण अब स्थानीय विधायक और सांसद पर भी सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 5 किलोमीटर लंबी इस नहर माइनर रोड का निर्माण पिछले छह महीने से घटिया सामग्री और सिंचाई विभाग के अधिकारियों तथा ठेकेदार की मिलीभगत से हो रहा है। पहली बारिश में ही सड़क जगह-जगह गड्ढों में बदल गई और ट्रैक्टर व भारी वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है। किसान अशोक तिवारी ने आरोप लगाया है कि करोड़ों की लागत से बन रही इस सड़क में गिट्टी के नाम पर मिट्टी डाली गई है, और सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) तथा ठेकेदार ने मिलकर 'बंदरबांट' की है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि काम शुरू होने से पहले ही कागजों में पूरा भुगतान दिखा दिया गया था, जबकि मौके पर न तो कोई गुणवत्ता जांच हुई और न ही विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। शिकायत करने पर उन्हें बताया जाता है कि "ऊपर तक सब सेट है।" इसी बीच, क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा "सरकार के कामों का रिपोर्ट कार्ड" घर-घर ले जाने से ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया। गांव की चौपाल में इकट्ठा हुए लोगों ने कहा कि रिपोर्ट कार्ड में बड़े-बड़े दावे हैं, लेकिन उनके गांव की सड़क नहीं बन पाई। उन्होंने सांसद और विधायक से आग्रह किया कि वे एक बार आकर देखें कि वास्तव में विकास कहां हुआ है, क्योंकि "फोटो खिंचवाने से विकास नहीं होता।" महिला ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बच्चे स्कूल जाने के लिए कीचड़ में गिर रहे हैं और बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो गया है; उन्हें "भाषण नहीं, सड़क चाहिए।" ग्रामीणों ने छिड़िया नहर माइनर रोड का दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने, भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई करने, तथा जनप्रतिनिधियों से गांव आकर जमीनी हकीकत देखने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन में सड़क नहीं बनी, तो वे तातारगंज-जसरा मार्ग जाम कर आंदोलन करेंगे।1