सुनो सफ़ल ईलाज की कहानी खुद की जुबानी आयुष हॉस्पिटल आकाशवाणी चौराहा गांधी नगर चितौड़गढ़ 8302083835 आयुष हॉस्पिटल, चित्तौड़गढ़ — आपका स्वास्थ्य, हमारी प्राथमिकता! 🌿 NABH प्रमाणित आयुर्वेदिक उपचार केंद्र हम एक NABH Certified Ayurved Hospital हैं, जो प्रमाणित गुणवत्ता, सुरक्षा और चिकित्सा उत्कृष्टता प्रदान करता है। ✨ हमारी प्रमुख सेवाएँ: ✅ आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं परामर्श ✅ विशेष रोगों के उपचार: • जोड़ों का दर्द, GUT/आम व मार्ग सम्बन्धी रोग • अस्थमा, एलर्जी व साइनस • माइग्रेन, तनाव व नींद सम्बन्धी परेशानियाँ • किडनी स्टोन, पित्त, अम्लता • त्वचा रोग व रूखापन • महिलाओं के स्वास्थ्य मुद्दे ✅ पंचकर्म / डिटॉक्स थेरेपी ✅ घरेलू उपायों सहित दीर्घकालिक कार्यक्रम ✅ योग व प्राणायाम मार्गदर्शन 💳 मेडीक्लेम / स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध हमारा इलाज अब Mediclaim Policy / Health Insurance के तहत भी कवर किया जा सकता है, जिससे आपकी सेहत पर खर्च की चिंता कम होती है। 📞 तुरंत अपॉइंटमेंट बुक करें 📍 आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) 📱 94618 08623 | 83020 83835 🌟 आयुष हॉस्पिटल — जहां चिकित्सा, परंपरा और आधुनिक विशेषज्ञता मिलती है!
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- भीलवाड़ा के प्रसिद्ध मसानिया भैरवनाथ मंदिर में हर वर्ष मनाई जाने वाली अनोखी चिता भस्म होली आस्था, परंपरा और रहस्य का अद्भुत संगम है। 🔥 इस अनूठी होली में भक्त चिता की भस्म से होली खेलते हैं और भैरवनाथ जी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और दूर-दूर से श्रद्धालु इस अद्भुत दृश्य को देखने और सहभागी बनने पहुंचते हैं। 👉 इस वीडियो में देखें: • मसानिया भैरवनाथ मंदिर का दृश्य • चिता भस्म होली की अनोखी झलक • श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति1
- Post by Narendra kumar Regar1
- प्रतापगढ़ राजस्थान// चित्तौड़गढ़ लोकसभा सांसद प्रत्याशी कमल मीणा बहुजन समाज पार्टी जिलाध्यक्ष की दिनांक 2 जनवरी, 2026 को अचानक तबीयत खराब होने पर जब जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ में दवाई गोली लेने गए तो कुछ दवाई अंदर मेडिकल पर मिली और कुछ दवाई बाहर मेडिकल से खरीद कर लाना था प्रतापगढ़ जिला पूर्ण आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हैं और यहां की जनता के लिए मेडिकल से दवाई खरीद कर लाना असंभव है इसलिए सभी प्रकार की दवाइयां अस्पताल में निशुल्क उपलब्ध करवाई जानी चाहिए थी | जो दवाइयां खत्म हो गई उन्हें प्रशासन द्वारा खरिद कर वितरण करने का बजट कितना मिलता हैं स्पष्ट नहीं है प्रतापगढ़ जिला अपने मूलभूत जरूरतों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, रोटी, कपड़ा, मकान, जल, जंगल, जमीन हर प्रकार से पूर्ण रूप से पिछड़ा हुआ क्षेत्र है आज आजादी के 78 वर्ष बाद भी यहां की गरीब जनता को अपने हक अधिकार नहीं मिल पाए हैं आज भी यहां की जनता ठगी का शिकार हो रही हैं जिलाध्यक्ष कमल मीणा ने जब जिला चिकित्सालय में घूम कर देखा था पता चला कि सफाई की जगह गंदगी पड़ी मिली, जिला चिकित्सालय की छत के ऊपर जो पानी की टंकियां लगी हुई वाटर सप्लाई के लिए वह खुली पड़ी हुई टंकियां में काई जमी हुई मिली एव टंकीयो में कचरा पड़ा था जिनके ऊपर कुछ भी ढका हुआ नहीं था, जिससे अगर खुली टंकियां में कोई जानवर छिपकली गिर जाए तो अस्पताल में लोगों को जान बचाने की जगह जान गंवानी पड़ सकती है जिला चिकित्सालय में जगह-जगह गंदगी पसरी हुई सफाई व्यवस्था पर भी पूर्ण ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं | वर्तमान में सरकार आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में गरीब जनता से साइकिल स्टैंड के नाम पर पूंजीपति लोगों द्वारा ठेका प्रथा के माध्यम से अवैध वसूली की जा रही है जो की आदिवासी बाहुली क्षेत्र में कानूनी तौर पर वसूली करना उचित नहीं है | इसलिए वर्तमान सत्ता में बैठे नेता, मंत्री एवं प्रशासन अगर समय रहते खुली पड़ी पानी की टंकियों को ढका जाए, सफाई व्यवस्था सुधारी जाए और साईकिल स्टैण्ड ठैका निरस्त किया जाए अन्यथा बहुजन समाज पार्टी अनिश्चित कालीन धरना लगाएगी जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी, न्यूज़ रिपोर्टर कमल मीणा4
- सब भाई और बहनों को होली की हार्दिकशुभकामनाएं1
- यह 5 सेकंड का वीडियो किस प्रकार से कुत्ते तोते की जिंदगी समाप्त कर दी एक ही जपट्टा मारा और खत्म कर दिया तोता भी व्यवस्था क्योंकि वह जाल में फंस गया था निकल नहीं पाया वरना कुत्ते को कहां तोता हाथ लगता है1
- उदयपुर जिले के भटेवर सहित आसपास के विभिन्न गांवों में होली दहन के बाद धूलंडी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पर्व को लेकर के गांवों में परंपरा के अनुसार विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए। युवाओं बुजुर्गों महिलाओं एवं छोटे-छोटे बच्चों ने अलग-अलग टोलियां बनाकर धुलण्डी खेलने का आनंद लिया। ग्रामीणों ने एक दूसरे के कलर लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। वहीं महिलाओं ने भी होली खेलने का जमकर लुफ्त उठाया। ढोल की थाप पर होली चौक में ग्रामीणों ने पारंपरिक गैर एवं लोक नृत्य करने का आनंद लिया। गांव के वरिष्ठ पंच पटेल की मौजूदगी में ग्रामीणों ने गमी वाले परिवारों में भी जाकर के तिलक लगाकर होली खेलने का न्योता दिया। ग्रामीणों ने ढोल की थाप पर गांव के हर घर में जाकर लोगों के कलर लगाया और होली की शुभकामनाएं दी। वही छोटे बच्चों और युवाओं ने बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर के रंगो उत्सव मनाया। इस दौरान जगह-जगह पर डीजे साउंड की धुन पर लोगों ने गुलाल उड़ाते हुए लोक गीतों पर नाचने गाने का लुफ्त उठाया। सोशल मीडिया पर भी परिवार के लोगों ने एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं देकर संदेश भेजें। इधर मावली के समीपवर्ती खेमपुर व लदानी सहित कई गांवो में गाजे बाजे के साथ लोगो ने प्रेमभाव व उल्लास का रंग लगाया। लदानी के प्रमुख चौराहों पर युवाओ व बुजुर्गों के साथ महिलाओं व छोटे बच्चों ने एक दूसरे के रंग लगाकर खुशियां मनाई1
- Post by Kamal Meena2
- Post by Dev karan Mali1
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर में होली के त्यौहार पर कई वर्षों से चली आरही परम्परा का आज भी कायम है। जमरा बिज पर वल्लभनगर के कबूतर चौक में सालो से चली परम्परा के रूप में इलाजी बावजी के द्वार पर किन्नरों की बारात चढ़ने की परंपरा है। दरसल मान्यता के अनुसार बावजी के मन्दिर परिसर में क्षेत्र के किन्नर बारात के रूप में आकर नृत्य करके लोगो का मनोरंजन करते है। जिसको देखने के लिए कबूतर चौक में हजारों की तादाद में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ती है। जमरा बिज पर रात्रि 9बजे सर्व समाज के लोग गाजे बाजे और ढोल लेकर राणी बाई के निवास स्थान पर पहुंचते है। उनको कबूतर चौक में इलाजी बावजी के यहां लोक गीतों पर नृत्य करने का निमंत्रण दिया जाता है। लेकिन परम्परा के अनुसार पहले निमंत्रण में किन्नर बारात लेकर नही आते है इसके बाद पुनः ग्रामवासी निमंत्रण देते है इसी तरह यह सिलसिला तीन बार तक चलता है। तीसरा और अंतिम निमंत्रण देने के बाद किन्नर राणी बाई अपने सहयोगी कई किन्नरों के साथ विशेष वेशभूषा पहनकर होली के गीतों की प्रस्तुति देने कबूतर चौक स्थित इलाजी बावजी के मन्दिर के पास पहुंचते है। यहाँ पर सबसे पहले इलाजी बावजी की विशेष पूजा अर्चना करने के बाद बावजी पर गुलाल, अभिर व फूलो से वर्षा कर फाग खेलाई जाएगी। इसके बाद किन्नरों द्वारा इलाजी बावजी को नमन करते हुए होली के लोक गीतों एवं बॉलीवुड गीतों पर नृत्य की प्रस्तुतियां दी जाएगी।1