मैहर के हनुमानपुर स्थित शासकीय आईटीआई कॉलेज एक बार फिर अपनी गंभीर अव्यवस्थाओं को लेकर सुर्खियों में है, जहाँ स्टेनो ट्रेड के छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर मैहर से तत्काल प्रशिक्षण कार्य सुचारू कराने की मांग की है। छात्रों द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया है कि 5 जून 2026 को संस्था में हुई कथित अभद्रता की घटना के बाद स्टेनो ट्रेड के प्रशिक्षक को सेवा से हटा दिया गया था, जिसके चलते विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएँ पूरी तरह से बंद हो गई हैं। छात्रों का आरोप है कि प्राचार्य ने प्रशिक्षक को वापस बुलाने से साफ इनकार कर दिया है और विद्यार्थियों को केवल कंप्यूटर देकर स्वयं अध्ययन करने के लिए छोड़ दिया गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि वार्षिक परीक्षाएँ नजदीक हैं, लेकिन प्रशिक्षणार्थियों को न तो नियमित मार्गदर्शन मिल रहा है और न ही पर्याप्त संसाधन। कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले कंप्यूटरों की भारी कमी है, जहाँ अधिकांश कंप्यूटर खराब पड़े हैं और केवल 2 से 3 कंप्यूटर ही संचालित अवस्था में हैं, जिससे प्रायोगिक प्रशिक्षण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। छात्रों का यह भी आरोप है कि बिना पर्याप्त शिक्षकों और संसाधनों के कक्षाएँ संचालित करने तथा परीक्षाएँ लेने की तैयारी की जा रही है, जो सीधे तौर पर विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सूत्रों के अनुसार, मामले की शिकायत कलेक्टर मैहर तक पहुँचने के बाद कॉलेज प्रबंधन को आवश्यक निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन यदि इसके बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं, तो यह प्रशासनिक निर्देशों की घोर अनदेखी और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इन सभी समस्याओं के मद्देनजर, छात्रों ने मांग की है कि स्टेनो ट्रेड सहित अन्य प्रभावित ट्रेडों में तत्काल प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाए, पर्याप्त कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएँ तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। छात्रों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि "पढ़ाई छोड़ खुद पढ़ो" के इस फार्मूले के साथ कौशल विकास के बड़े-बड़े दावों का कोई अर्थ नहीं रह जाता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि छात्रों का भविष्य किसी प्रशासनिक लापरवाही की भेंट न चढ़े, इसके लिए समय रहते ठोस कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है।
मैहर के हनुमानपुर स्थित शासकीय आईटीआई कॉलेज एक बार फिर अपनी गंभीर अव्यवस्थाओं को लेकर सुर्खियों में है, जहाँ स्टेनो ट्रेड के छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर मैहर से तत्काल प्रशिक्षण कार्य सुचारू कराने की मांग की है। छात्रों द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया है कि 5 जून 2026 को संस्था में हुई कथित अभद्रता की घटना के बाद स्टेनो ट्रेड के प्रशिक्षक को सेवा से हटा दिया गया था, जिसके चलते विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएँ पूरी तरह से बंद हो गई हैं। छात्रों का आरोप है कि प्राचार्य ने प्रशिक्षक को वापस बुलाने से साफ इनकार कर दिया है और विद्यार्थियों को केवल कंप्यूटर देकर स्वयं अध्ययन करने के लिए छोड़ दिया गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि वार्षिक परीक्षाएँ नजदीक हैं, लेकिन प्रशिक्षणार्थियों को न तो नियमित मार्गदर्शन मिल रहा है और न ही पर्याप्त संसाधन। कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले कंप्यूटरों की भारी कमी है, जहाँ अधिकांश कंप्यूटर खराब पड़े हैं और केवल 2 से 3 कंप्यूटर ही संचालित अवस्था में हैं, जिससे प्रायोगिक प्रशिक्षण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। छात्रों का यह भी आरोप है कि बिना पर्याप्त शिक्षकों और संसाधनों के कक्षाएँ संचालित करने तथा परीक्षाएँ लेने की तैयारी की जा रही है, जो सीधे तौर पर विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सूत्रों के अनुसार, मामले की शिकायत कलेक्टर मैहर तक पहुँचने के बाद कॉलेज प्रबंधन को आवश्यक निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन यदि इसके बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं, तो यह प्रशासनिक निर्देशों की घोर अनदेखी और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इन सभी समस्याओं के मद्देनजर, छात्रों ने मांग की है कि स्टेनो ट्रेड सहित अन्य प्रभावित ट्रेडों में तत्काल प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाए, पर्याप्त कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएँ तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। छात्रों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि "पढ़ाई छोड़ खुद पढ़ो" के इस फार्मूले के साथ कौशल विकास के बड़े-बड़े दावों का कोई अर्थ नहीं रह जाता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि छात्रों का भविष्य किसी प्रशासनिक लापरवाही की भेंट न चढ़े, इसके लिए समय रहते ठोस कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है।
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर बघेलान में एयर कंडीशनर (AC) की मरम्मत के नाम पर एक "बड़ा खेल" खेले जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में आनंद ट्रेडर्स फर्नीचर एंड हार्डवेयर रामपुर बघेलान को 14 AC की मरम्मत का आदेश नस्ती क्रमांक 2 के माध्यम से दिनांक 31 मार्च 2026 को जारी किया गया था। इस कार्य के लिए बिल क्रमांक 968 दिनांक 10 अप्रैल 2026 के तहत कुल ₹23,954 का भुगतान किया गया। भुगतान विवरण के अनुसार, इसमें 14 AC की सर्विसिंग के लिए ₹9,800 (प्रत्येक AC के लिए ₹700), 3 AC में गैस रिफिलिंग के लिए ₹10,500 (प्रत्येक AC के लिए ₹3,500) और ₹3,654 का वस्तु एवं सेवा कर (GST) शामिल है। सरकारी अस्पताल में AC रिपेयरिंग के इस बिल को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है, जिससे इस पूरे मामले की सच्चाई जानने की मांग उठ रही है।1
- एक विधवा महिला ने अपने देवर पर उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने और उनके साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने दावा किया है कि उनके देवर ने उनकी निजी संपत्ति पर अवैध रूप से अधिकार जमा लिया है और विरोध करने पर उनके साथ शारीरिक हिंसा की है।1
- शाजापुर में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही के चलते एक आउटसोर्स कर्मचारी मनीष मीणा की मौत हो गई। इस घटना को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और कालापीपर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक कुलाण चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया जाए। इसके साथ ही, कुलाण चौधरी ने मृतक मनीष मीणा के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की भी बात कही है।2
- सतना जिले के अमरपाटन में नारायण मोबाइल शॉप ग्राहकों के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर मोबाइल रिपेयरिंग की सुविधा उपलब्ध करा रही है। यह दुकान सतना रोड पर संजय किराना स्टोर के ठीक सामने स्थित है। ग्राहक अपने मोबाइल की मरम्मत के लिए नारायण त्रिपाठी से 7225812343 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एक सरकारी तालाब के गहराकरण को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो इंटरव्यू में, एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि "सरकारी तालाब" के नाम पर निजी स्वार्थ सिद्ध किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि तालाब से खोदी गई मिट्टी का उपयोग निजी कार्यों के लिए किया जा रहा है, जिससे तालाब के जल संवर्धन और जनहित के मूल उद्देश्य का दुरुपयोग हो रहा है। ग्रामीणों ने भी इन आरोपों का समर्थन करते हुए सरकारी तालाब के इस इस्तेमाल पर अपनी आपत्ति जताई है। इंटरव्यू में यह भी बताया गया है कि तालाब की खुदाई में लगी जेसीबी का भुगतान सरकारी प्रक्रिया के बजाय निजी तौर पर किया जा रहा है, जो इस पूरे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। स्थानीय निवासियों और इंटरव्यू देने वाले व्यक्ति ने इस पूरे मामले के मूल्यांकन की मांग की है, ताकि इसमें जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि मामले की गहन जांच हो और यदि तालाब की खुदाई की जा रही है, तो वह केवल नियमानुसार और जनहित में ही होनी चाहिए, न कि किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए। हालांकि, इस पूरे विवाद पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।1
- सफेद रेत का 'काला कारोबार' खुलेआम संचालित हो रहा है, जहाँ डंपर एक ही रॉयल्टी पर कई चक्कर लगा रहे हैं, और कुछ वाहन तो दिनदहाड़े खुलेआम बिना किसी रॉयल्टी के चल रहे हैं। जनहित को देखते हुए इस गंभीर मामले में कलेक्टर से ध्यान देने की अपील की गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केवलारी से जिला नीमच मुख्यालय तक 745 किलोमीटर की रॉयल्टी काटी जा रही है। यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब जिला नीमच के आस-पास राजस्थान में 200-250 किलोमीटर की दूरी पर भी कई रेत खदानें उपलब्ध हैं। इतनी अधिक दूरी से रॉयल्टी काटे जाने पर गंभीर संदेह व्यक्त किया जा रहा है।1
- सतना जिला अस्पताल को लेकर एक कटाक्षपूर्ण टिप्पणी सामने आई है, जिसमें यह दावा किया गया है कि वहाँ 'विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं' प्रदान की जाती हैं। इस संदर्भ में लोगों से तंज कसते हुए मुस्कुराने को कहा गया है, क्योंकि वे सतना जिला अस्पताल में हैं।1
- सोशल मीडिया पर आंध्र प्रदेश का बताया जा रहा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक कॉलेज के बाहर छात्राओं को परेशान करने और उनसे छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस ने कुछ युवकों के खिलाफ कार्रवाई की है। वायरल हो रहे इस वीडियो पर लोग कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। साथ ही, यह भी जोर देकर कहा गया है कि छात्राओं से छेड़छाड़ करने वाले ऐसे लफंगों पर पूरे देश में पुलिस द्वारा ऐसी ही सख्त ‘थर्डडिग्री’ कार्रवाई होनी चाहिए।1