राष्ट्र निर्माण में आपकी भागीदारी: डिजिटल जनगणना 2027 का शंखनाद रिपोर्ट - दुष्यन्त वर्मा/ ब्यूरो श्रावस्ती जनपद के समस्त सम्मानित नागरिकों के नाम जिलाधिकारी का विशेष संदेश लोकतंत्र की नींव सटीक सूचना और सही आंकड़ों पर टिकी होती है। आगामी जनगणना 2027 केवल एक सांख्यिकीय प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह हमारे जनपद और राष्ट्र के भविष्य की रूपरेखा तैयार करने का महायज्ञ है। इस बार की जनगणना अपनी 'डिजिटल' कार्यप्रणाली के कारण ऐतिहासिक होने जा रही है, और इसमें आपकी भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। महत्वपूर्ण तिथियां एवं चरण भारत सरकार के निर्देशानुसार, जनगणना के प्रथम चरण की समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है: स्व-गणना (Self-Enumeration) अवधि: जनगणना के मुख्य चरण से पूर्व, नागरिकों को 15 दिनों का विशेष अवसर प्रदान किया गया है ताकि वे स्वयं अपना विवरण दर्ज कर सकें। प्रथम चरण की अवधि: 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक। स्व-गणना: तकनीक से सशक्त नागरिक इस बार की जनगणना में 'स्व-गणना' एक अभिनव पहल है। यह न केवल समय की बचत करती है, बल्कि आपके डेटा की सटीकता को भी सुनिश्चित करती है। जिलाधिकारी महोदय समस्त जनपदवासियों से अपील करते हैं कि वे इस डिजिटल क्रांति का हिस्सा बनें। आप अपनी भागीदारी कैसे सुनिश्चित करें? वेबसाइट पर जाएं: आधिकारिक पोर्टल पर लॉग-इन करें। सामूहिक सहभागिता: अपने परिवार, मित्रों और पड़ोसियों के साथ मिलकर एक 'स्व-गणना सत्र' का आयोजन करें। विवरण दर्ज करें: अपनी और अपने परिवार की जानकारी डिजिटल माध्यम से सुरक्षित और सुगम तरीके से भरें। क्यों आवश्यक है आपकी सक्रियता? आपका एक सही विवरण सरकार को भविष्य की नीतियों, जैसे— स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, बुनियादी ढांचा और जन कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद करेगा। "जब हर नागरिक अपनी जानकारी स्वयं साझा करेगा, तभी विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।" जिलाधिकारी की अपील: आइए, हम सब मिलकर इस 'डिजिटल जनगणना' को एक जन-आंदोलन का रूप दें। अपनी जिम्मेदारी निभाएं, स्व-गणना करें और एक सशक्त भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दें। आज ही पोर्टल पर जाएं और अपनी सहभागिता दर्ज करें!
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- Rizwanaliभिंगा, श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश🙏3 hrs ago
- राष्ट्र निर्माण में आपकी भागीदारी: डिजिटल जनगणना 2027 का शंखनाद रिपोर्ट - दुष्यन्त वर्मा/ ब्यूरो श्रावस्ती जनपद के समस्त सम्मानित नागरिकों के नाम जिलाधिकारी का विशेष संदेश लोकतंत्र की नींव सटीक सूचना और सही आंकड़ों पर टिकी होती है। आगामी जनगणना 2027 केवल एक सांख्यिकीय प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह हमारे जनपद और राष्ट्र के भविष्य की रूपरेखा तैयार करने का महायज्ञ है। इस बार की जनगणना अपनी 'डिजिटल' कार्यप्रणाली के कारण ऐतिहासिक होने जा रही है, और इसमें आपकी भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। महत्वपूर्ण तिथियां एवं चरण भारत सरकार के निर्देशानुसार, जनगणना के प्रथम चरण की समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है: स्व-गणना (Self-Enumeration) अवधि: जनगणना के मुख्य चरण से पूर्व, नागरिकों को 15 दिनों का विशेष अवसर प्रदान किया गया है ताकि वे स्वयं अपना विवरण दर्ज कर सकें। प्रथम चरण की अवधि: 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक। स्व-गणना: तकनीक से सशक्त नागरिक इस बार की जनगणना में 'स्व-गणना' एक अभिनव पहल है। यह न केवल समय की बचत करती है, बल्कि आपके डेटा की सटीकता को भी सुनिश्चित करती है। जिलाधिकारी महोदय समस्त जनपदवासियों से अपील करते हैं कि वे इस डिजिटल क्रांति का हिस्सा बनें। आप अपनी भागीदारी कैसे सुनिश्चित करें? वेबसाइट पर जाएं: आधिकारिक पोर्टल पर लॉग-इन करें। सामूहिक सहभागिता: अपने परिवार, मित्रों और पड़ोसियों के साथ मिलकर एक 'स्व-गणना सत्र' का आयोजन करें। विवरण दर्ज करें: अपनी और अपने परिवार की जानकारी डिजिटल माध्यम से सुरक्षित और सुगम तरीके से भरें। क्यों आवश्यक है आपकी सक्रियता? आपका एक सही विवरण सरकार को भविष्य की नीतियों, जैसे— स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, बुनियादी ढांचा और जन कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद करेगा। "जब हर नागरिक अपनी जानकारी स्वयं साझा करेगा, तभी विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।" जिलाधिकारी की अपील: आइए, हम सब मिलकर इस 'डिजिटल जनगणना' को एक जन-आंदोलन का रूप दें। अपनी जिम्मेदारी निभाएं, स्व-गणना करें और एक सशक्त भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दें। आज ही पोर्टल पर जाएं और अपनी सहभागिता दर्ज करें!1
- श्रावस्ती में देवीपाटन मंडल की कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल ने जनसुनवाई कर विकास कार्यों और संभावित बाढ़ तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। कमिश्नर ने पर्यटन परियोजनाओं का भी निरीक्षण किया और ग्रामीण क्षेत्रों में सीधे संवाद के जरिए लोगों की समस्याएं सुनीं।1
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- बलरामपुर में जलजीवन मिशन की पोल खुली, खलवा मोहल्ले में रिसाव से उठी भ्रष्टाचार की बू बलरामपुर शहर के खलवा मोहल्ले में जलजीवन मिशन के तहत चल रहे सीवर लाइन निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। कार्यदाई संस्था की कथित लापरवाही का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सड़क किनारे और कई घरों के पास पाइप लाइन से लगातार पानी का रिसाव साफ दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की योजना में घटिया सामग्री और जल्दबाजी में काम कराया गया, जिसका खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि रिसाव के कारण सड़कों पर गंदा पानी फैल रहा है, जिससे संक्रमण और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि “इस बहते पानी से भ्रष्टाचार की बू आ रही है।” आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचना तक जरूरी नहीं समझ रहे। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जिले के बड़े अधिकारी इस मामले में कार्यदाई संस्था पर कोई ठोस कार्रवाई करेंगे या फिर मामला फाइलों और अंडर टेबल सेटिंग के बीच दबा दिया जाएगा। जनता जवाब चाहती है, क्योंकि सरकारी योजनाओं का पैसा आखिर जनता की मेहनत की कमाई ही1
- ग्राम प्रधान और सचिव पर गंभीर आरोप 22 कार्यों की जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं ग्राम प्रधान और सचिव पर गंभीर आरोप 22 कार्यों की जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं1
- आंधी तूफान से खेती का नुकसान हुआ इसका हर जाना चाहिए##क्या कोई भी काम हो सकता है या नहीं आंधी तूफान#1
- मथुरा के मंदिर में 62 साल के दलित साधु ने 10 साल की बच्ची से रेप किया। #breakingnew #mathura #newsupdate #fariyadalireport #fariyadali1
- श्रावस्ती में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने जनता दर्शन में आमजन की समस्याएं सुनीं और 14 शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को रोज़ाना जनसुनवाई करने का आदेश दिया गया है।1