डीग में जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में पंचायत समिति सभागार में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी मानसून सत्र की तैयारियों, शहरी व ग्रामीण सेवा शिविरों के सफल संचालन, राज्य सरकार की बजट घोषणाओं (वर्ष 2025-2026 और 2026-2027) के क्रियान्वयन और जिले के प्रमुख विकास कार्यों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने मानसून के प्रवेश से पूर्व आमजन को न्यूनतम परेशानी सुनिश्चित करने के लिए सभी निकायों को पहले से पंप स्थापित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर परिषद आयुक्त को मानसून तैयारियों की विस्तृत चेकलिस्ट बनाने और अधिशाषी अधिकारियों को फोटोग्राफ्स सहित निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए पाबंद किया। जलभराव की समस्या के त्वरित समाधान हेतु मड-पंप की उपलब्धता और समय पर टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए, साथ ही शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव वाले बिंदुओं को चिन्हित कर नालों में अवरोध या अतिक्रमण तत्काल हटाने को कहा गया। विद्युत हादसों की आशंका पर बिजली विभाग को ढीले तारों और ट्रांसफार्मरों की गहन जांच करने के निर्देश दिए गए, ताकि आंधी-बारिश के दौरान कोई दुर्घटना न हो, और शहर में चल रहे सीवरेज व गड्ढों के कार्यों को पूरी तरह से ढक कर रखने के लिए भी निर्देशित किया गया। नगर व कामां के अधिकारियों ने बताया कि सीवरेज कार्य अंतिम चरण में है और जल्द पूर्ण हो जाएगा। बैठक में जर्जर भवनों को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए। जिला शिक्षा अधिकारी को समस्त जर्जर स्कूलों और कक्षाओं का दोबारा सघन सर्वे कराने के निर्देश दिए गए, यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि किसी भी सूरत में बच्चे जर्जर कमरों या भवनों में न बैठें। उपखंड अधिकारियों को मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार, महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ को सभी आंगनवाड़ी केंद्रों का सर्वे करने, तथा सभी विभागीय दफ्तरों के प्रभारियों को अपने भवनों की जांच कर किसी भी सरकारी कार्यालय को जर्जर भवन से तत्काल सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए। नगर पालिकाओं को शहरी क्षेत्र में जर्जर व्यावसायिक या आवासीय इमारतों को चिन्हित कर उपखंड अधिकारियों के माध्यम से तत्काल नोटिस जारी करने और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें ध्वस्त करने की विधिक कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया। सिंचाई विभाग को नहरों के चारों ओर सुरक्षा घेरा मजबूत करने, बांधों की स्थिति जांचने और नहरों पर चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान सभी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए। राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों की प्रभावशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से, जिला कलेक्टर ने अनिवार्य रूप से प्री-कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए। इन प्री-कैंप्स में भूमि के आपसी बंटवारे, रिकॉर्ड शुद्धिकरण, आपसी सहमति के मामलों और ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय स्वीकृति से जुड़ी पत्रावलियां पहले से ही तैयार करने को कहा गया, ताकि मुख्य शिविर के दिन आवेदकों को मौके पर ही इनका वितरण किया जा सके। शहरी सेवा शिविरों के लिए भी प्री-कैंप आयोजित कर प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के ऋण आवेदन स्वीकृत करने और शहरी आवासीय पट्टों के वितरण की पत्रावलियां तैयार करने के निर्देश दिए गए, साथ ही सभी शिविरों का विस्तृत प्री-कैंप शेड्यूल अविलंब भेजने को कहा गया। बैठक के अंतिम सत्र में वर्ष 2026-27 की बजट घोषणाओं के तहत विभिन्न विभागों के लिए भूमि आवंटन की प्रगति पर चर्चा हुई, जिसमें कलेक्टर ने आवश्यक भूमि के लिए लिखित आवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया ताकि आवंटन शीघ्रता से किया जा सके। जिले के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, जैसे सांवई खेड़ा परियोजना को जल्द शुरू करने और डीग-नगर बाईपास के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
डीग में जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में पंचायत समिति सभागार में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी मानसून सत्र की तैयारियों, शहरी व ग्रामीण सेवा शिविरों के सफल संचालन, राज्य सरकार की बजट घोषणाओं (वर्ष 2025-2026 और 2026-2027) के क्रियान्वयन और जिले के प्रमुख विकास कार्यों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने मानसून के प्रवेश से पूर्व आमजन को न्यूनतम परेशानी सुनिश्चित करने के लिए सभी निकायों को पहले से पंप स्थापित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर परिषद आयुक्त को मानसून तैयारियों की विस्तृत चेकलिस्ट बनाने और अधिशाषी अधिकारियों को फोटोग्राफ्स सहित निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए पाबंद किया। जलभराव की समस्या के त्वरित समाधान हेतु मड-पंप की उपलब्धता और समय पर टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए, साथ ही शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव वाले बिंदुओं को चिन्हित कर नालों में अवरोध या अतिक्रमण तत्काल हटाने को कहा गया। विद्युत हादसों की आशंका पर बिजली विभाग को ढीले तारों और ट्रांसफार्मरों की गहन जांच करने के निर्देश दिए गए, ताकि आंधी-बारिश के दौरान कोई दुर्घटना न हो, और शहर में चल रहे सीवरेज व गड्ढों के कार्यों को पूरी तरह से ढक कर रखने के लिए भी निर्देशित किया गया। नगर व कामां के अधिकारियों ने बताया कि सीवरेज कार्य अंतिम चरण में है और जल्द पूर्ण हो जाएगा। बैठक में जर्जर भवनों को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए। जिला शिक्षा अधिकारी को समस्त जर्जर स्कूलों और कक्षाओं का दोबारा सघन सर्वे कराने के निर्देश दिए गए, यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि किसी भी सूरत में बच्चे जर्जर कमरों या भवनों में न बैठें। उपखंड अधिकारियों को मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार, महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ
को सभी आंगनवाड़ी केंद्रों का सर्वे करने, तथा सभी विभागीय दफ्तरों के प्रभारियों को अपने भवनों की जांच कर किसी भी सरकारी कार्यालय को जर्जर भवन से तत्काल सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए। नगर पालिकाओं को शहरी क्षेत्र में जर्जर व्यावसायिक या आवासीय इमारतों को चिन्हित कर उपखंड अधिकारियों के माध्यम से तत्काल नोटिस जारी करने और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें ध्वस्त करने की विधिक कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया। सिंचाई विभाग को नहरों के चारों ओर सुरक्षा घेरा मजबूत करने, बांधों की स्थिति जांचने और नहरों पर चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान सभी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए। राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों की प्रभावशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से, जिला कलेक्टर ने अनिवार्य रूप से प्री-कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए। इन प्री-कैंप्स में भूमि के आपसी बंटवारे, रिकॉर्ड शुद्धिकरण, आपसी सहमति के मामलों और ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय स्वीकृति से जुड़ी पत्रावलियां पहले से ही तैयार करने को कहा गया, ताकि मुख्य शिविर के दिन आवेदकों को मौके पर ही इनका वितरण किया जा सके। शहरी सेवा शिविरों के लिए भी प्री-कैंप आयोजित कर प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के ऋण आवेदन स्वीकृत करने और शहरी आवासीय पट्टों के वितरण की पत्रावलियां तैयार करने के निर्देश दिए गए, साथ ही सभी शिविरों का विस्तृत प्री-कैंप शेड्यूल अविलंब भेजने को कहा गया। बैठक के अंतिम सत्र में वर्ष 2026-27 की बजट घोषणाओं के तहत विभिन्न विभागों के लिए भूमि आवंटन की प्रगति पर चर्चा हुई, जिसमें कलेक्टर ने आवश्यक भूमि के लिए लिखित आवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया ताकि आवंटन शीघ्रता से किया जा सके। जिले के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, जैसे सांवई खेड़ा परियोजना को जल्द शुरू करने और डीग-नगर बाईपास के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
- केजीएमयू से एक दर्दनाक अपडेट सामने आया है, जहाँ अबतक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना में 9 अन्य लोग बुरी तरह झुलस गए हैं। केजीएमयू परिसर में पीड़ितों के कारण चीख-पुकार का माहौल बना हुआ है।1
- राजस्थान में आयोजित जाट आरक्षण हुंकार सभा में सांसद संजना जाटव ने शेरनी की तरह दहाड़ते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे जाट आरक्षण लेकर ही रहेंगी। यह जानकारी रिपोर्टर राजेश चौधरी ने दी है।1
- मथुरा में इलाज के दौरान 28 वर्षीय प्रीति की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। इस घटना से पूरे परिवार में मातम छा गया है। प्रीति की असामयिक मृत्यु के कारण उनके तीन मासूम बच्चों के सिर से माँ का साया उठ गया है। परिजन अपनी बेटी के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को महिला की मौत का जिम्मेदार ठहराया है, जिसके चलते इस मामले पर काफी बवाल देखा जा रहा है।1
- मथुरा के ऐतिहासिक होली गेट पर समाजवादी नेता सेनापति कुंतल और बिहार के चर्चित भरत तिवारी हत्याकांड के विरोध में बड़ी संख्या में लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया, जिससे वहां का माहौल गर्म हो गया। प्रदर्शनकारियों ने दोनों मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी सजा देने की जोरदार मांग उठाई। इस दौरान, प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चाहे मथुरा के सेनापति कुंतल का मामला हो या बिहार के भरत तिवारी का, इन दोनों घटनाओं ने आम जनता के मन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कठघरे में खड़ा किया जाए। मथुरा के होली गेट से उठी यह न्याय की मांग अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है, जहां लोग खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और न्याय की पुरजोर मांग कर रहे हैं।1
- मथुरा जनपद की छाता तहसील स्थित उप निबंधन कार्यालय में निजीकरण के विरोध में चल रही हड़ताल आज 14वें दिन भी जारी रही। आंदोलनरत दस्तावेज लेखक संघ और अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए एक विरोध रैली निकाली, जिसमें उन्होंने अपने गुस्से का इजहार किया। प्रदर्शनकारियों ने तहसील परिसर से रैली निकालकर उत्तर प्रदेश के स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल का पुतला दहन किया। उन्होंने सरकार पर रजिस्ट्री व्यवस्था के निजीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि इस फैसले से हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। इस दौरान तहसील परिसर में काफी संख्या में दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में सरकार के खिलाफ नारे लगाए और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। पूर्व जिला अध्यक्ष सपा लोकमणिकांत जादौन ने मीडिया से बात करते हुए वकीलों की 14 वेतन हड़ताल जारी होने और राज्य मंत्री का फूखा पुतला फूंके जाने की जानकारी दी। हड़ताल पर बैठे संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि निजीकरण के फैसले को वापस लेने तक उनका संघर्ष और अधिक तेज किया जाएगा। फिलहाल, इस हड़ताल के कारण उप निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।4
- मथुरा के लक्ष्मी नगर क्षेत्र में एक युवती की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही और पुलिस प्रशासन पर प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए भारी हंगामा किया। परिजनों का दावा है कि यह घटना 20 जून को लक्ष्मी नगर चौराहे के पास हुए एक सड़क हादसे से जुड़ी है, जहाँ प्रीति नामक युवती ऑटो से गिरने के कारण अपने घुटने के नीचे के हिस्से में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें तत्काल वर्मन हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने ऑपरेशन की आवश्यकता बताई। परिजनों का गंभीर आरोप है कि पैर में चोट होने के बावजूद युवती का कमर का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद 22 जून को प्रीति की अस्पताल में ही मौत हो गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने कथित तौर पर इस बात को छिपाते हुए उनकी हालत गंभीर बताई और उन्हें दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, यह कहते हुए कि वे उन्हें वहां नहीं रख सकते। जब परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल लेकर पहुंचे, तो वहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रीति को मृत घोषित कर दिया, जिससे परिवार को पता चला कि वह पहले ही मर चुकी थीं। मृतका प्रीति लक्ष्मी नगर निवासी भूपेंद्र कुमार की पत्नी थीं। इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और शव परिजनों को सौंप दिया। मामला बढ़ने पर क्षेत्राधिकारी (सीओ) आसना चौधरी को मौके पर पहुंचना पड़ा, लेकिन परिजनों का कहना है कि उन्हें वहां से भी कोई राहत या न्याय का भरोसा नहीं मिला। फिलहाल, परिजन और ग्रामीण पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अस्पताल की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं। नोट: अस्पताल और पुलिस प्रशासन पर लगाए गए आरोप परिजनों के कथन पर आधारित हैं। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना बाकी है।1
- मथुरा के थाना गोवर्धन पुलिस ने 22 जून 2026 को तड़के 02:15 बजे डकैती की योजना बनाते हुए पाँच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी सकीतरा की ओर जाने वाले एक कच्चे रास्ते के पास सुनसान इलाके से हुई। पुलिस ने इन अभियुक्तों के पास से अवैध असलहे और डकैती के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरण भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान दीपक (पुत्र नाहर सिंह, उम्र करीब 23 वर्ष, निवासी शाहपुर, जिला डींग, राजस्थान), राकेश (पुत्र जगदीश, उम्र करीब 32 वर्ष, निवासी सकीतरा, गोवर्धन, मथुरा), सोनू (पुत्र बाबू लाल, उम्र करीब 26 वर्ष, निवासी सकीतरा, गोवर्धन, मथुरा), हर्षित (पुत्र देवेन्द्र, उम्र करीब 23 वर्ष, निवासी डॉ. पाण्डेय वाली गली, गोवर्धन, मथुरा) और रतन उर्फ टल्लू (पुत्र विजय, उम्र करीब 26 वर्ष, निवासी सकरवा रोड, गोवर्धन, मथुरा) के रूप में हुई है। पुलिस को दीपक के पास से 01 अवैध तमंचा .315 बोर, 01 जिंदा कारतूस .315 बोर और 2010 रुपये नकद मिले। राकेश से 01 अवैध चाकू, एक एन्ड्रॉइड मोबाइल रेडमी और 1420 रुपये नकद बरामद हुए। सोनू के पास से 01 सब्बल, एक लाल रंग की टॉर्च, एक एन्ड्रॉइड मोबाइल वीवो और 2040 रुपये जब्त किए गए, जबकि हर्षित से 01 प्लास, 02 एन्ड्रॉइड मोबाइल, एक टॉर्च और 1100 रुपये नकद मिले। रतन उर्फ टल्लू के पास से 01 पेंचकस, एक टॉर्च और 1850 रुपये नकद बरामद हुए। इन अभियुक्तों के खिलाफ थाना गोवर्धन पर मु0अ0सं0 314/26 धारा 310(4)/310(5) बीएनएस व 3/25, 4/25 शस्त्र अधि0 के तहत मामला दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- मथुरा थाना यमुना पार क्षेत्र की शिव नगर कॉलोनी निवासी 28 वर्षीय प्रीति की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने बर्मन हॉस्पिटल के चिकित्सकों पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मिली जानकारी के अनुसार, प्रीति 20 जून को ऑटो से यात्रा कर रही थीं तभी वह एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गईं। इस हादसे में उनके पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। सड़क हादसे के बाद महिला की मौत से पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया है और परिजनों द्वारा बर्मन हॉस्पिटल पर इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।4