दतिया में रतनगढ़ माता मंदिर के आगामी शारदीय नवरात्रि महापर्व (10 से 20 अक्टूबर 2026) और दीपावली दौज लख्खी मेले (9 से 11 नवंबर 2026) की तैयारियों की समीक्षा बैठक हुई। शुक्रवार को आयोजित इस बैठक में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने सभी संबंधित कार्यों को 30 सितंबर 2026 तक पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। मंदिर परिसर स्थित कार्यालय सभागार में हुई इस बैठक में पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अक्षय कुमार तेम्रवाल और एसडीएम अशोक अवस्थी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने जोर देते हुए कहा कि रतनगढ़ माता मंदिर प्रदेश का एक प्रमुख शक्तिपीठ है, जहाँ इन मेलों के दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए तथा सभी विभागों को आपसी समन्वय से समयबद्ध तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। बैठक में मंदिर मार्ग और सीढ़ियों के सुधार, यात्री सदन, सुलभ कॉम्प्लेक्स, पार्किंग, पेयजल टैंक, पेयजल लाइन, जल स्टैंड, सामुदायिक भवन, धर्मशाला, स्वागत द्वार, हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट जैसी निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, दोनों मंदिरों के बीच कॉरिडोर में छायादार शेड तथा श्रद्धालु जन सुविधा केंद्र के निर्माण कार्यों पर भी विचार-विमर्श हुआ। कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग और संभागीय विद्युत निरीक्षक को सुरक्षा ऑडिट में चिन्हित कमियों को तत्काल दूर करने का आदेश दिया। साथ ही, जनपद पंचायत सेवढ़ा को ग्राम पंचायत खमरौली द्वारा कराए गए मंदिर मार्ग निर्माण कार्य में 30 सितंबर तक गुणवत्ता सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। संबंधित अधिकारियों को सड़क मरम्मत, पुल-पुलियों का रखरखाव, जल निकासी, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम, लाउडस्पीकर व्यवस्था, अस्थायी शौचालय, स्वास्थ्य शिविर, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, ट्रैफिक प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन जैसी सभी महत्वपूर्ण तैयारियों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट तौर पर कहा कि मेले से जुड़े सभी निर्माण कार्य 30 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरे कर लिए जाएँ, जिसके बाद किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य अनुमन्य नहीं होगा और सभी निर्माण सामग्री हटाकर मार्गों को बाधा रहित बनाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के साथ कार्यों की सतत निगरानी करने और श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया।
दतिया में रतनगढ़ माता मंदिर के आगामी शारदीय नवरात्रि महापर्व (10 से 20 अक्टूबर 2026) और दीपावली दौज लख्खी मेले (9 से 11 नवंबर 2026) की तैयारियों की समीक्षा बैठक हुई। शुक्रवार को आयोजित इस बैठक में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने सभी संबंधित कार्यों को 30 सितंबर 2026 तक पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। मंदिर परिसर स्थित कार्यालय सभागार में हुई इस बैठक में पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अक्षय कुमार तेम्रवाल और एसडीएम अशोक अवस्थी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने जोर देते हुए कहा कि रतनगढ़ माता मंदिर प्रदेश का एक प्रमुख शक्तिपीठ है, जहाँ इन मेलों के दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए तथा सभी विभागों को आपसी समन्वय से समयबद्ध तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। बैठक में मंदिर मार्ग और सीढ़ियों के सुधार, यात्री सदन, सुलभ कॉम्प्लेक्स, पार्किंग, पेयजल टैंक, पेयजल लाइन, जल स्टैंड, सामुदायिक भवन, धर्मशाला, स्वागत द्वार, हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट जैसी निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, दोनों मंदिरों के बीच कॉरिडोर में छायादार शेड तथा श्रद्धालु जन सुविधा केंद्र के निर्माण कार्यों पर भी विचार-विमर्श हुआ। कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग और संभागीय विद्युत निरीक्षक को सुरक्षा ऑडिट में चिन्हित कमियों को तत्काल दूर करने का आदेश दिया। साथ ही, जनपद पंचायत सेवढ़ा को ग्राम पंचायत खमरौली द्वारा कराए गए मंदिर मार्ग निर्माण कार्य में 30 सितंबर तक गुणवत्ता सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। संबंधित अधिकारियों को सड़क मरम्मत, पुल-पुलियों का रखरखाव, जल निकासी, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम, लाउडस्पीकर व्यवस्था, अस्थायी शौचालय, स्वास्थ्य शिविर, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, ट्रैफिक प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन जैसी सभी महत्वपूर्ण तैयारियों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट तौर पर कहा कि मेले से जुड़े सभी निर्माण कार्य 30 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरे कर लिए जाएँ, जिसके बाद किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य अनुमन्य नहीं होगा और सभी निर्माण सामग्री हटाकर मार्गों को बाधा रहित बनाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के साथ कार्यों की सतत निगरानी करने और श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया।
- भिंड जिले के मौ थाना क्षेत्र के ग्राम भमरौली में शनिवार को पारिवारिक विवाद के चलते एक पति ने पहले अपनी पत्नी को गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके बाद आरोपी पति ने स्वयं को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है और चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही मौ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए। प्रारंभिक जांच में यह मामला घरेलू विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। मौ थाना पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज कर घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों का स्पष्ट खुलासा किया जाएगा। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है।1
- मध्य प्रदेश के सेवढ़ा नगर के वार्ड क्रमांक 11 में एक सिलेंडर फटने से जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। यह धमाका इतना तीव्र था कि इसकी आवाज सुनकर लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए।1
- दतिया जिले के मरसैनी खुर्द में रतनगढ़ रोड पर तिराहे के पास लगभग 200 मीटर लंबे नाले का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसकी गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले की मोटाई 9 इंच होनी चाहिए थी, लेकिन कई स्थानों पर इसे सिर्फ 6 इंच और 4 इंच तक ही बनाया जा रहा है, जिससे काम की गुणवत्ता में समझौता हो रहा है। इस संबंध में जब ठेकेदार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि नाले का निर्माण नीचे से 9 इंच की मोटाई के अनुसार ही किया जा रहा है। हालांकि, इस मामले में सरपंच और सचिव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है।2
- दतिया विधानसभा क्रमांक 22 उपचुनाव के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषणा होते ही जिले में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री स्वप्निल वानखड़े की अध्यक्षता में कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता में चुनावी कार्यक्रम, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर विस्तृत जानकारी दी गई। कलेक्टर श्री वानखड़े ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव के लिए अधिसूचना 6 जुलाई को जारी करने का निर्णय लिया है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित की गई है, जबकि नामों की जांच 14 जुलाई को होगी और नाम वापसी की अंतिम तिथि 16 जुलाई तय की गई है। मतदान 30 जुलाई को कराए जाने का कार्यक्रम है और मतगणना 3 अगस्त को होगी, जिसके बाद परिणाम घोषित किए जाएँगे। परिणाम के पश्चात चुनाव प्रक्रिया 4 अगस्त तक पूर्ण कर ली जाएगी, और प्रशासन हर चरण में निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेगा। जिले में कुल 291 मतदान केंद्रों, जिनमें 105 शहरी और 186 ग्रामीण शामिल हैं, पर निर्वाचन कराया जाएगा। इन सभी मतदान केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, रैंप और प्रकाश व्यवस्था जैसी आवश्यक मूलभूत सुविधाएँ आयोग के निर्देशानुसार उपलब्ध कराई जाएंगी। वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक और महिला मतदाताओं के लिए भी सभी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएंगी। आदर्श आचार संहिता लागू होते ही सार्वजनिक स्थानों, सरकारी बिलबोर्ड और संस्थागत घोषणा पट्टकाओं से चुनावी प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन ने अभियान आरंभ कर दिया है। अवैध होर्डिंग और फ्लेक्स हटाने का काम भी जारी है। साथ ही, एफएसटी, एसएसटी, वीएसटी, चेक पोस्ट और अन्य निगरानी दल सक्रिय कर दिए गए हैं, जो अवैध नगदी, शराब, हथियार और मतदाताओं को प्रभावित करने वाली किसी भी सामग्री पर सतत निगरानी रखेंगे और नियमानुसार कड़ी कार्यवाही करेंगे। सोशल मीडिया पर भ्रामक, भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली सामग्री पर भी लगातार निगरानी रखी जाएगी, और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि किसी भी समाचार के प्रसारण या प्रकाशन से पूर्व तथ्यों का सत्यापन अवश्य करें, ताकि भ्रम या सामाजिक सौहार्द प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन, चुनाव संबंधी अफवाहों या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन को दें। आमजन से किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करने तथा किसी भी जानकारी की पुष्टि जिला प्रशासन से करने की अपील की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन से संबंधित सभी अधिकृत जानकारियाँ केवल जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा जारी की जाएंगी। दतिया जिला प्रशासन स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त मतदान कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी मतदाताओं से अपील की गई है कि लोकतंत्र के इस महापर्व में निर्भिक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें और अधिक से अधिक मतदान करके लोकतंत्र को सशक्त बनाएँ।1
- लहार में लगातार बढ़ रही घटनाओं को लेकर इलेक्ट्रिक ऑटो (टमटम) चालकों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) लहार को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन सामाजिक क्रांति ऑटो टमटम मोर्चा, लहार के नेतृत्व में दिया गया, जिसमें ऐप के माध्यम से इलेक्ट्रिक ऑटो को बंद किए जाने की घटनाओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। संगठन के संस्थापक इंजी. वीरू धनोलिया ने बताया कि लहार क्षेत्र में कई चालकों के टमटम चलते समय अचानक ऐप के माध्यम से बंद कर दिए गए, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चालकों को सवारियों को बीच रास्ते में छोड़कर अपने वाहनों को कई किलोमीटर तक पैदल ले जाना पड़ा। उन्होंने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि कुछ वाहन सुनसान स्थानों पर बंद हो गए, जिससे चालकों को लूट, दुर्घटना और अन्य अप्रिय घटनाओं का भय सता रहा है। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया तो टमटम चालक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान मोर्चा के सह-संस्थापक जितेंद्र बघेल, अध्यक्ष मुकेश कुशवाह, उपाध्यक्ष भारत बघेल, कोषाध्यक्ष मुनील शाक्य, सचिव संदीप वाल्मीकि, महासचिव मनोज खरे, महामंत्री मोहर सिंह दोहरे, स्टैंड अध्यक्ष बबलू नहले, इंदल राठौर, मीडिया प्रभारी संजीव कुशवाह, खान, विश्राम, रामकेश, प्रदीप सिकरी, उमेश राठौर, अजय, मनीष सहित बड़ी संख्या में टमटम चालक और संगठन के सदस्य उपस्थित रहे।1
- शनिवार को उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही की पुनः जालौन में तैनाती की मांग को लेकर सैकड़ों युवा और ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। जालौन नगर के साथ-साथ आसपास के कई गांवों से आए युवाओं ने मेला ग्राउंड से नारेबाजी करते हुए तहसील तक पैदल मार्च निकाला और उपजिलाधिकारी राकेश सोनी को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे, जिसमें जालौन, कुठौंद, सिरसाकलार, माधौगढ़ और रेंढ़र थाना क्षेत्रों से पुलिस बल एवं अधिकारी तैनात रहे, जिससे कानून-व्यवस्था बनी रही। शुरुआत में प्रदर्शनकारी छात्र और युवा जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े थे, लेकिन कोतवाल हरिश्चंद्र के समझाने-बुझाने के बाद सभी शांत हुए और उपजिलाधिकारी राकेश सोनी को ज्ञापन सौंपने पर सहमत हो गए। मेला ग्राउंड से तहसील तक निकले जुलूस में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था, जिन्होंने पूरे मार्ग में अपनी मांग के समर्थन में नारे लगाए। कार्यक्रम के दौरान कोई अप्रिय घटना या बवाल नहीं हुआ, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए रिंकू सिंह राही को पुनः जालौन का उपजिलाधिकारी नियुक्त किया जाए।3
- मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने युवाओं, किसानों और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह सरकार युवाओं, किसानों और आम जनता के सवालों पर पूरी तरह विफल रही है। भिंड ग्रामीण जिला अध्यक्ष रामशेष बघेल ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था अव्यवस्था का शिकार है, किसान खाद और बिजली के संकट से जूझ रहे हैं, जबकि सरकार भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों पर जवाब देने से बच रही है। बघेल ने विशेष रूप से नीट और सीबीएसई परीक्षाओं से जुड़े विवादों का जिक्र किया, जिनके कारण लाखों विद्यार्थियों का भविष्य संकट में आ गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की शिकायतों और मांगों को गंभीरता से न लेने से युवाओं में गहरी निराशा और असंतोष बढ़ा है। कांग्रेस अब "छात्रों की गूंज" अभियान के तहत प्रदेशभर के विद्यार्थियों तक पहुंचेगी और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा न्याय की मांग करेगी। इस चरणबद्ध जनआंदोलन के तहत, कांग्रेस 15 जुलाई को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी। इसके अतिरिक्त, जुलाई के अंतिम सप्ताह में उज्जैन में एक विशाल जनआंदोलन और रैली आयोजित की जाएगी। कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि मुख्यमंत्री जनता के सवालों का जवाब दें, अन्यथा उन्हें अपना पद छोड़ देना चाहिए, और पार्टी सड़कों से लेकर विधानसभा तक जनता की आवाज को मजबूती से उठाएगी।1
- दतिया उपचुनाव के लिए तारीख निश्चित कर दी गई है। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने मीडिया से इस संबंध में चर्चा की। इस घोषणा के साथ ही दतिया में आचार संहिता भी लागू हो गई है।1