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दतिया जिले के मरसैनी खुर्द में रतनगढ़ रोड पर तिराहे के पास लगभग 200 मीटर लंबे नाले का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसकी गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले की मोटाई 9 इंच होनी चाहिए थी, लेकिन कई स्थानों पर इसे सिर्फ 6 इंच और 4 इंच तक ही बनाया जा रहा है, जिससे काम की गुणवत्ता में समझौता हो रहा है। इस संबंध में जब ठेकेदार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि नाले का निर्माण नीचे से 9 इंच की मोटाई के अनुसार ही किया जा रहा है। हालांकि, इस मामले में सरपंच और सचिव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है।
संतोष चंसौलिया
दतिया जिले के मरसैनी खुर्द में रतनगढ़ रोड पर तिराहे के पास लगभग 200 मीटर लंबे नाले का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसकी गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले की मोटाई 9 इंच होनी चाहिए थी, लेकिन कई स्थानों पर इसे सिर्फ 6 इंच और 4 इंच तक ही बनाया जा रहा है, जिससे काम की गुणवत्ता में समझौता हो रहा है। इस संबंध में जब ठेकेदार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि नाले का निर्माण नीचे से 9 इंच की मोटाई के अनुसार ही किया जा रहा है। हालांकि, इस मामले में सरपंच और सचिव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है।
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- बहादुरपुर से अटरेटा मार्ग तक, दो पंचायतों के बीच स्थित एक सुदूर सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जो बरसात के मौसम में पूरी तरह दलदल में तब्दील हो जाती है। इस बदहाल मार्ग के कारण स्थानीय लोगों के लिए आवागमन करना अत्यंत कठिन हो गया है। विशेष रूप से, बहादुरपुर के उन स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिन्हें प्रतिदिन इसी कीचड़ और दलदल भरे रास्ते से होकर स्कूल आना-जाना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस गंभीर समस्या की ओर दोनों पंचायतों के सरपंचों और प्रशासन का अब तक कोई ध्यान नहीं गया है। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य कराने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों और विद्यार्थियों को इस गंभीर परेशानी से राहत मिल सके।2
- दतिया उपचुनाव के लिए तारीख निश्चित कर दी गई है। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने मीडिया से इस संबंध में चर्चा की। इस घोषणा के साथ ही दतिया में आचार संहिता भी लागू हो गई है।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा स्थित बरोल गाँव में आंगनवाड़ी केंद्र पूरी तरह से खंडहर और दलदल में बदल चुका है, जिसके कारण वहाँ पढ़ने आने वाले बच्चों की जान हर पल जोखिम में रहती है। यह जर्जर आंगनवाड़ी किसी भी वक्त एक बड़े हादसे का सबब बन सकती है, जहाँ गाँव के मासूम बच्चे प्रतिदिन शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुँचते हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका ने इस गंभीर स्थिति को लेकर प्रशासन को कई बार सूचित किया है। इसके बावजूद, अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई या संज्ञान नहीं लिया गया है। बरसात का मौसम नजदीक आने से यह खतरा और भी बढ़ गया है, जिससे कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित होने की आशंका बनी हुई है।4
- जालौन की कोतवाली कोंच पुलिस को साइबर ठगी और फर्जीवाड़े के एक लंबे समय से लंबित मामले में शनिवार, 4 जुलाई 2026 को दोपहर 1 बजे महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने बिहार के नालंदा जनपद से वांछित अभियुक्त संजय रविदास पुत्र सीताराम रविदास को गिरफ्तार किया है, जो ग्राम महमदपुर, थाना औगारी का निवासी है। यह गिरफ्तारी कोंच पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। कोंच कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 163/2020 के तहत दर्ज इस मामले में आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता लागू होने से पहले की भारतीय दंड संहिता की धाराएं 419, 420, 465, 467, 468, 471, 120-बी और आईटी एक्ट की धाराएं 66सी तथा 66डी के अंतर्गत मामला दर्ज है। संजय रविदास पर धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उनका इस्तेमाल करने और साइबर माध्यम से ठगी करने जैसे गंभीर आरोप हैं। इंस्पेक्टर राकेश कुमार पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद न्यायिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि इस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी विस्तृत जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी।1
- शनिवार को उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही की पुनः जालौन में तैनाती की मांग को लेकर सैकड़ों युवा और ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। जालौन नगर के साथ-साथ आसपास के कई गांवों से आए युवाओं ने मेला ग्राउंड से नारेबाजी करते हुए तहसील तक पैदल मार्च निकाला और उपजिलाधिकारी राकेश सोनी को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे, जिसमें जालौन, कुठौंद, सिरसाकलार, माधौगढ़ और रेंढ़र थाना क्षेत्रों से पुलिस बल एवं अधिकारी तैनात रहे, जिससे कानून-व्यवस्था बनी रही। शुरुआत में प्रदर्शनकारी छात्र और युवा जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े थे, लेकिन कोतवाल हरिश्चंद्र के समझाने-बुझाने के बाद सभी शांत हुए और उपजिलाधिकारी राकेश सोनी को ज्ञापन सौंपने पर सहमत हो गए। मेला ग्राउंड से तहसील तक निकले जुलूस में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था, जिन्होंने पूरे मार्ग में अपनी मांग के समर्थन में नारे लगाए। कार्यक्रम के दौरान कोई अप्रिय घटना या बवाल नहीं हुआ, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए रिंकू सिंह राही को पुनः जालौन का उपजिलाधिकारी नियुक्त किया जाए।3
- मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने युवाओं, किसानों और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह सरकार युवाओं, किसानों और आम जनता के सवालों पर पूरी तरह विफल रही है। भिंड ग्रामीण जिला अध्यक्ष रामशेष बघेल ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था अव्यवस्था का शिकार है, किसान खाद और बिजली के संकट से जूझ रहे हैं, जबकि सरकार भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों पर जवाब देने से बच रही है। बघेल ने विशेष रूप से नीट और सीबीएसई परीक्षाओं से जुड़े विवादों का जिक्र किया, जिनके कारण लाखों विद्यार्थियों का भविष्य संकट में आ गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की शिकायतों और मांगों को गंभीरता से न लेने से युवाओं में गहरी निराशा और असंतोष बढ़ा है। कांग्रेस अब "छात्रों की गूंज" अभियान के तहत प्रदेशभर के विद्यार्थियों तक पहुंचेगी और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा न्याय की मांग करेगी। इस चरणबद्ध जनआंदोलन के तहत, कांग्रेस 15 जुलाई को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी। इसके अतिरिक्त, जुलाई के अंतिम सप्ताह में उज्जैन में एक विशाल जनआंदोलन और रैली आयोजित की जाएगी। कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि मुख्यमंत्री जनता के सवालों का जवाब दें, अन्यथा उन्हें अपना पद छोड़ देना चाहिए, और पार्टी सड़कों से लेकर विधानसभा तक जनता की आवाज को मजबूती से उठाएगी।1
- दतिया में रतनगढ़ माता मंदिर के आगामी शारदीय नवरात्रि महापर्व (10 से 20 अक्टूबर 2026) और दीपावली दौज लख्खी मेले (9 से 11 नवंबर 2026) की तैयारियों की समीक्षा बैठक हुई। शुक्रवार को आयोजित इस बैठक में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने सभी संबंधित कार्यों को 30 सितंबर 2026 तक पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। मंदिर परिसर स्थित कार्यालय सभागार में हुई इस बैठक में पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अक्षय कुमार तेम्रवाल और एसडीएम अशोक अवस्थी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने जोर देते हुए कहा कि रतनगढ़ माता मंदिर प्रदेश का एक प्रमुख शक्तिपीठ है, जहाँ इन मेलों के दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए तथा सभी विभागों को आपसी समन्वय से समयबद्ध तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। बैठक में मंदिर मार्ग और सीढ़ियों के सुधार, यात्री सदन, सुलभ कॉम्प्लेक्स, पार्किंग, पेयजल टैंक, पेयजल लाइन, जल स्टैंड, सामुदायिक भवन, धर्मशाला, स्वागत द्वार, हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट जैसी निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, दोनों मंदिरों के बीच कॉरिडोर में छायादार शेड तथा श्रद्धालु जन सुविधा केंद्र के निर्माण कार्यों पर भी विचार-विमर्श हुआ। कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग और संभागीय विद्युत निरीक्षक को सुरक्षा ऑडिट में चिन्हित कमियों को तत्काल दूर करने का आदेश दिया। साथ ही, जनपद पंचायत सेवढ़ा को ग्राम पंचायत खमरौली द्वारा कराए गए मंदिर मार्ग निर्माण कार्य में 30 सितंबर तक गुणवत्ता सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। संबंधित अधिकारियों को सड़क मरम्मत, पुल-पुलियों का रखरखाव, जल निकासी, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम, लाउडस्पीकर व्यवस्था, अस्थायी शौचालय, स्वास्थ्य शिविर, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, ट्रैफिक प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन जैसी सभी महत्वपूर्ण तैयारियों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट तौर पर कहा कि मेले से जुड़े सभी निर्माण कार्य 30 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरे कर लिए जाएँ, जिसके बाद किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य अनुमन्य नहीं होगा और सभी निर्माण सामग्री हटाकर मार्गों को बाधा रहित बनाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के साथ कार्यों की सतत निगरानी करने और श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया।1
- जालौन के कोंच नगर में शनिवार सुबह करीब 11 बजे, गांधी नगर स्थित दरिद्र नारायण सेवा समिति परिसर में बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर और प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में एक भव्य ज्ञान दान ध्यान महोत्सव आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन बागेश्वर धाम शिष्य मंडल द्वारा किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और अनुयायियों ने भाग लिया, जिससे पूरे परिसर में एक धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। आयोजक मंडल ने बताया कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य समाज में ज्ञान, सेवा और आध्यात्मिक चिंतन की भावना को मजबूत करना है। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ जरूरतमंद एवं असहाय लोगों की सेवा से जुड़े कई कार्य भी किए गए, जिनमें गरीबों को भोजन कराना और बच्चों को स्टेशनरी वितरित करना शामिल था। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने सनातन संस्कृति के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने तथा सामाजिक समरसता और सेवा भाव को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आध्यात्मिकता केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग की सेवा भी उसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। श्रद्धालुओं ने भक्ति, ध्यान और सेवा के माध्यम से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के जन्मोत्सव को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के जिलामंत्री आचार्य तेजस, पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, भाजपा नगर अध्यक्ष अंजू अग्रवाल, अनिल कपूर, शिवसिंह कुशवाहा, महेंद्र चन्देरिया, चतुर्भुज चन्देरिया, सुमित अग्रवाल, श्यामजी शर्मा, महेंद्र सोनी, राहुल बाबू, नीरज सोनी, अतुल मिश्रा, रामू अग्रवाल, गौरव सहित अनेक गणमान्य नागरिक, कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजन का समापन सभी के कल्याण और समाज में सेवा, सद्भाव तथा आध्यात्मिक जागरूकता की कामना के साथ हुआ।1
- रीवा में शिक्षा के नाम पर 'हैवानियत' का एक मामला सामने आया है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची को पहाड़ा न सुना पाने की इतनी बेरहमी से सजा दी गई कि यह सुनकर हर कोई सन्न रह गया। आरोप है कि ट्यूशन टीचर और उसके पति ने मिलकर बच्ची की निर्ममता से पिटाई कर दी। बताया गया है कि यह मासूम बच्ची छठवीं कक्षा में पढ़ती थी और साक्षी चौबे नाम की शिक्षिका के यहाँ ट्यूशन पढ़ने जाती थी। आरोप है कि जब बच्ची पहाड़ा नहीं सुना पाई, तो शिक्षिका ने अपने पति गोलू चौबे को बुला लिया और दोनों ने मिलकर बच्ची को डंडों और लात-घूंसों से पीटा। इस मारपीट में बच्ची के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान आए हैं। घटना के बाद बच्ची के परिजन उसे लेकर सिटी कोतवाली पहुँचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया है और पूरे मामले की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1