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जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला में छः ग के दो मजदूर निशाना में एक की मौत दूसरा घायल सुरक्षा बल तैनात सचिग आपरेशन जारी छत्तीसगढ़ राज्य निवासी हैं दोनों मजदूरी के लिए काम करने गये थे

8 hrs ago
user_Shubham Mishra
Shubham Mishra
जांजगीर, जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़•
8 hrs ago

जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला में छः ग के दो मजदूर निशाना में एक की मौत दूसरा घायल सुरक्षा बल तैनात सचिग आपरेशन जारी छत्तीसगढ़ राज्य निवासी हैं दोनों मजदूरी के लिए काम करने गये थे

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  • जम्मू-कश्मीर के कुलगाम आतंकी हमले में सक्ती के युवक की मौत, परिवार में पसरा मातम, जम्मू-कश्मीर के कुलगाम आतंकी हमले में सक्ती के युवक की मौत, परिवार में पसरा मातम, जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार रात हुए आतंकवादी हमले में सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड के ग्राम बुंदेली निवासी 21 वर्षीय दीपक रात्रे की मौत हो गई। वह करीब एक वर्ष से अपने परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर में ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर रहा था। घटना की सूचना मिलते ही बुंदेली और हरदीडीह गांव में शोक की लहर दौड़ गई। दीपक बचपन से हरदीडीह में रहकर पढ़ाई करता था और उसकी शादी भी वहीं हुई थी। सूचना मिलने पर जैजैपुर पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिवार में मातम छा गया। दीपक अपने पीछे पत्नी और एक मासूम बच्चे को छोड़ गया है। मृतक के नाना और मामा ने छत्तीसगढ़ एवं जम्मू-कश्मीर सरकार से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता देने की मांग की है। वहीं, पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।
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    जम्मू-कश्मीर के कुलगाम आतंकी हमले में सक्ती के युवक की मौत, परिवार में पसरा मातम,
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम आतंकी हमले में सक्ती के युवक की मौत, परिवार में पसरा मातम,
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार रात हुए आतंकवादी हमले में सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड के ग्राम बुंदेली निवासी 21 वर्षीय दीपक रात्रे की मौत हो गई। वह करीब एक वर्ष से अपने परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर में ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर रहा था।
घटना की सूचना मिलते ही बुंदेली और हरदीडीह गांव में शोक की लहर दौड़ गई। दीपक बचपन से हरदीडीह में रहकर पढ़ाई करता था और उसकी शादी भी वहीं हुई थी। सूचना मिलने पर जैजैपुर पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिवार में मातम छा गया। दीपक अपने पीछे पत्नी और एक मासूम बच्चे को छोड़ गया है।
मृतक के नाना और मामा ने छत्तीसगढ़ एवं जम्मू-कश्मीर सरकार से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता देने की मांग की है। वहीं, पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।
    user_Lala upadhyay
    Lala upadhyay
    Local News Reporter Sakti, Chhattisgarh•
    6 hrs ago
  • निजी विद्यालयों में पसरी अव्यवस्था , स्कूलों की सुरक्षा और सुविधा बहाल
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    निजी विद्यालयों में पसरी अव्यवस्था , स्कूलों की सुरक्षा  और सुविधा बहाल
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    Farmer हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • अधूरी पुलिया बनी आफत: उफनती नदी में जान हथेली पर रखकर स्कूल पहुंच रहे मासूम, जिम्मेदारों की लापरवाही कब लेगी किसी की जान? *निर्माण कार्य में सुस्ती से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, ठेकेदार और अधिकारियों पर गंभीर सवाल* *बरसात में पितनी नदी बनी मौत का रास्ता, रोजाना जोखिम उठाने को मजबूर स्कूली बच्चे और ग्रामीण* कोरबा। जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उतरदा और रामपुर के बीच बहने वाली पितनी नदी पर निर्माणाधीन पुल की धीमी रफ्तार अब आम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। बरसात के मौसम में नदी उफान पर है, लेकिन पुल निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने से स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों को हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है। हालात इतने भयावह हैं कि तेज बहाव के बीच बच्चों का स्कूल जाना किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल का निर्माण महीनों पहले शुरू हुआ था, लेकिन कार्य की गति इतनी धीमी रही कि बरसात आने से पहले इसे पूरा नहीं किया जा सका। अब आधा-अधूरा पुल ग्रामीणों के किसी काम का नहीं है। दूसरी ओर नदी पूरे उफान पर है और मजबूरी में लोगों को तेज बहाव के बीच नदी पार करनी पड़ रही है। सबसे अधिक चिंता उन मासूम बच्चों की है, जो शिक्षा हासिल करने के लिए हर सुबह मौत से मुकाबला कर स्कूल पहुंचते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई बार छोटे-छोटे बच्चे एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नदी पार करते देखे गए। कई बच्चों के कंधों पर स्कूल बैग और पैरों के नीचे फिसलन भरे पत्थर—ऐसा दृश्य देखकर हर किसी की सांसें थम जाती हैं। जरा सी चूक किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और निर्माण एजेंसी अब भी गहरी नींद में दिखाई दे रहे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही ने पूरे क्षेत्र को संकट में डाल दिया है। यदि कार्य समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाता तो आज लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार नहीं करनी पड़ती। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार की सुस्त कार्यशैली पर किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है। हर दिन बना रहता है हादसे का डर बरसात के दौरान पितनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नदी पार करना बेहद खतरनाक हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पानी का बहाव अचानक तेज हो जाता है, जिससे बच्चों और महिलाओं को संभालना मुश्किल हो जाता है। गांव के लोग एक-दूसरे का सहारा लेकर नदी पार करते हैं, लेकिन यह व्यवस्था कब तक चलेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से नाराजगी ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि कागजों में विकास कार्य तेजी से पूरे होने का दावा किया जाता है, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। अधूरी पुलिया आज पूरे क्षेत्र के लिए आफत बन चुकी है। शिक्षा पर भी पड़ रहा असर माता-पिता का कहना है कि बरसात के दिनों में बच्चों को स्कूल भेजना मजबूरी बन गया है। कई अभिभावक डर के कारण बच्चों को घर पर ही रोक लेते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के अधिकार की बात करने वाला प्रशासन पहले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। ग्रामीणों की चेतावनी ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा कराया जाए। साथ ही निर्माण में हुई देरी की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी और कोई बड़ा हादसा हो गया, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की होगी। *बड़ा सवाल...* *क्या प्रशासन किसी मासूम की जान जाने का इंतजार कर रहा है?* क्या अधूरी पुलिया की कीमत ग्रामीणों की जिंदगी से चुकाई जाएगी? क्या जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सिर्फ फाइलों तक सीमित है? पितनी नदी पर अधूरी पुलिया आज सिर्फ एक अधूरा निर्माण कार्य नहीं, बल्कि व्यवस्था की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन समय रहते चेतता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद केवल जांच और कार्रवाई का आश्वासन ही मिलता है।
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    अधूरी पुलिया बनी आफत: उफनती नदी में जान हथेली पर रखकर स्कूल पहुंच रहे मासूम, जिम्मेदारों की लापरवाही कब लेगी किसी की जान?
*निर्माण कार्य में सुस्ती से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, ठेकेदार और अधिकारियों पर गंभीर सवाल*
*बरसात में पितनी नदी बनी मौत का रास्ता, रोजाना जोखिम उठाने को मजबूर स्कूली बच्चे और ग्रामीण*
कोरबा। जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उतरदा और रामपुर के बीच बहने वाली पितनी नदी पर निर्माणाधीन पुल की धीमी रफ्तार अब आम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। बरसात के मौसम में नदी उफान पर है, लेकिन पुल निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने से स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों को हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है। हालात इतने भयावह हैं कि तेज बहाव के बीच बच्चों का स्कूल जाना किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देता नजर आ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल का निर्माण महीनों पहले शुरू हुआ था, लेकिन कार्य की गति इतनी धीमी रही कि बरसात आने से पहले इसे पूरा नहीं किया जा सका। अब आधा-अधूरा पुल ग्रामीणों के किसी काम का नहीं है। दूसरी ओर नदी पूरे उफान पर है और मजबूरी में लोगों को तेज बहाव के बीच नदी पार करनी पड़ रही है। सबसे अधिक चिंता उन मासूम बच्चों की है, जो शिक्षा हासिल करने के लिए हर सुबह मौत से मुकाबला कर स्कूल पहुंचते हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई बार छोटे-छोटे बच्चे एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नदी पार करते देखे गए। कई बच्चों के कंधों पर स्कूल बैग और पैरों के नीचे फिसलन भरे पत्थर—ऐसा दृश्य देखकर हर किसी की सांसें थम जाती हैं। जरा सी चूक किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और निर्माण एजेंसी अब भी गहरी नींद में दिखाई दे रहे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही ने पूरे क्षेत्र को संकट में डाल दिया है। यदि कार्य समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाता तो आज लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार नहीं करनी पड़ती। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार की सुस्त कार्यशैली पर किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है।
हर दिन बना रहता है हादसे का डर बरसात के दौरान पितनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नदी पार करना बेहद खतरनाक हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पानी का बहाव अचानक तेज हो जाता है, जिससे बच्चों और महिलाओं को संभालना मुश्किल हो जाता है। गांव के लोग एक-दूसरे का सहारा लेकर नदी पार करते हैं, लेकिन यह व्यवस्था कब तक चलेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि कागजों में विकास कार्य तेजी से पूरे होने का दावा किया जाता है, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। अधूरी पुलिया आज पूरे क्षेत्र के लिए आफत बन चुकी है।
शिक्षा पर भी पड़ रहा असर
माता-पिता का कहना है कि बरसात के दिनों में बच्चों को स्कूल भेजना मजबूरी बन गया है। कई अभिभावक डर के कारण बच्चों को घर पर ही रोक लेते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के अधिकार की बात करने वाला प्रशासन पहले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा कराया जाए। साथ ही निर्माण में हुई देरी की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी और कोई बड़ा हादसा हो गया, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की होगी।
*बड़ा सवाल...*
*क्या प्रशासन किसी मासूम की जान जाने का इंतजार कर रहा है?*
क्या अधूरी पुलिया की कीमत ग्रामीणों की जिंदगी से चुकाई जाएगी?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सिर्फ फाइलों तक सीमित है?
पितनी नदी पर अधूरी पुलिया आज सिर्फ एक अधूरा निर्माण कार्य नहीं, बल्कि व्यवस्था की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन समय रहते चेतता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद केवल जांच और कार्रवाई का आश्वासन ही मिलता है।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    34 min ago
  • जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला में छः ग के दो मजदूर निशाना में एक की मौत दूसरा घायल सुरक्षा बल तैनात सचिग आपरेशन जारी छत्तीसगढ़ राज्य निवासी हैं दोनों मजदूरी के लिए काम करने गये थे
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    जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला में छः ग के दो मजदूर निशाना में एक की मौत दूसरा घायल सुरक्षा बल तैनात सचिग आपरेशन जारी 
छत्तीसगढ़ राज्य निवासी हैं दोनों मजदूरी के लिए काम करने गये थे
    user_Shubham Mishra
    Shubham Mishra
    जांजगीर, जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
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