चंदौली के बरहनी विकासखंड अंतर्गत धीना क्षेत्र के कुशहाँ प्राथमिक विद्यालय में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। विद्यालय परिसर में लगा हैंडपंप और समरसेबल पंप दोनों ही लंबे समय से खराब पड़े हैं। इसके कारण विद्यालय के शौचालय में पानी की आपूर्ति बंद हो गई है और वह पूरी तरह उपयोग के लायक नहीं रह गया है। इस अव्यवस्था की वजह से विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। शौचालय बंद होने से बच्चों, विशेषकर छात्राओं को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। पानी न होने के कारण मजबूरी में कई बच्चों को शौच के लिए विद्यालय परिसर से बाहर खेतों की ओर जाना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा और स्वच्छता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों अमरदेव उपाध्याय, अंगद शुक्ला, अंकित वर्मा आदि ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक हैंडपंप और समरसेबल की मरम्मत नहीं कराई गई। उन्होंने मांग की है कि विद्यालय में जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था बहाल कर शौचालय को चालू कराया जाए, ताकि बच्चों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।
चंदौली के बरहनी विकासखंड अंतर्गत धीना क्षेत्र के कुशहाँ प्राथमिक विद्यालय में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। विद्यालय परिसर में लगा हैंडपंप और समरसेबल पंप दोनों ही लंबे समय से खराब पड़े हैं। इसके कारण विद्यालय के शौचालय में पानी की आपूर्ति बंद हो गई है और वह पूरी तरह उपयोग के लायक नहीं रह गया है। इस अव्यवस्था की वजह से विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। शौचालय बंद होने से बच्चों, विशेषकर छात्राओं को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। पानी न होने के कारण मजबूरी में कई बच्चों को शौच के लिए विद्यालय परिसर से बाहर खेतों की ओर जाना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा और स्वच्छता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों अमरदेव उपाध्याय, अंगद शुक्ला, अंकित वर्मा आदि ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक हैंडपंप और समरसेबल की मरम्मत नहीं कराई गई। उन्होंने मांग की है कि विद्यालय में जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था बहाल कर शौचालय को चालू कराया जाए, ताकि बच्चों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सकलडीहा क्षेत्र के साईं बाबा मंदिर के समीप शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां खेत से पशुओं का चारा लेकर आ रहा एक किसान हाईवोल्टेज बिजली के तार की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया। पीड़ित किसान खेत में कृषि कार्य निपटाकर लौट रहा था, तभी वहां से गुजर रहा लटकता हुआ बिजली का तार अचानक उसकी चपेट में आ गया। तेज करंट की वजह से किसान मौके पर ही बुरी तरह झुलस कर जमीन पर गिर पड़ा। चीख-पुकार सुनकर आस-पास के खेतों में काम कर रहे अन्य किसान और ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और किसी तरह बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद झुलसे हुए किसान को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस घटना की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश फैल गया। मौके पर बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली के तार बेहद जर्जर हैं और नीचे लटके हुए हैं। इस संबंध में कई बार स्थानीय बिजली उपकेंद्र और अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इसी लापरवाही के कारण आज एक गरीब किसान जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। आक्रोशित किसानों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में बिजली के जर्जर तारों और खराब खंभों को तुरंत बदला जाए। उन्होंने मुख्य रूप से खेतों के ऊपर से गुजर रहे ढीले तारों को ऊंचा करने, पुराने व सड़ चुके खंभों को बदलने और पीड़ित किसान के इलाज का पूरा खर्च तथा उचित मुआवजा बिजली विभाग द्वारा दिए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अगर जल्द ही विद्युत व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करेंगे।1
- मुगलसराय में सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के नेता मुसाफिर सिंह चौहान ने आगामी चुनावों को लेकर बिगुल फूंक दिया है, जिसके साथ ही यूपी की सत्ता को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मुसाफिर सिंह चौहान ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं और जनता द्वारा बदलाव की इच्छा जताने का कारण स्पष्ट किया है। उन्होंने आगामी 2027 के चुनावों को लेकर अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने का बड़ा दावा भी पेश किया है।1
- चंदौली के मुगलसराय अंतर्गत पड़ाव चौराहा गांव में जल निकासी की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। यहाँ नालियों का गंदा पानी सड़कों और रास्तों पर भर गया है, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या लगातार बढ़ती जा रही है और जलभराव का सिलसिला जारी है। स्थिति यह है कि शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई सुनवाई नहीं की जा रही है और समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के चन्दौली जनपद अंतर्गत पीडीडीयू नगर में सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें प्राचीन काली माता मंदिर के पुराने ढांचे को हटाए जाने के दौरान मलबे की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई। यह हादसा 10 जुलाई 2026 की शुक्रवार देर रात को हुआ। बैरिकेडिंग की सुरक्षा व्यवस्था देख रहे मुगलसराय के ग्राम डाड़ी निवासी बलदेव यादव मंदिर के ऊपरी हिस्से का मलबा गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, मंदिर समिति द्वारा 8 जुलाई 2026 को धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ मंदिर का नए स्थान पर विधिवत विस्थापन पहले ही किया जा चुका था। इसके बाद, संबंधित उपजिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति की आपसी सहमति से 10 जुलाई की रात पुराने ढांचे को हटाने का निर्णय लिया गया था। यह कार्य अनुबंधित कंपनी एप्को द्वारा प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में कराया जा रहा था। इस हादसे के बाद जिला प्रशासन ने कार्यदायी संस्था या ठेकेदार की ओर से सुरक्षा मानकों के पालन की जांच के लिए मजिस्ट्रेट स्तर की एक समिति गठित कर दी है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, राज्य सरकार और अनुबंधित कंपनी एप्को की ओर से मृतक के परिजनों को नियमानुसार उचित मुआवजा व अन्य आवश्यक सहायता देने की घोषणा की गई है और कंपनी द्वारा मुआवजा स्वीकृत करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित रखा है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।1
- वाराणसी के सिगरा स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने वाले बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए एक बेहद बुरी खबर आई है, जहां स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने बैडमिंटन प्रशिक्षण शुल्क में चार सौ फीसदी की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इंडोर हॉल में करीब तीन महीने के लंबे अंतराल के बाद प्रशिक्षण तो दोबारा शुरू किया गया, लेकिन अब खिलाड़ियों को हर महीने एक हजार रुपये के बजाय सीधे चार हजार रुपये की भारी-भरकम फीस देनी होगी। स्मार्ट सिटी के अभियंता सौमित्र के अनुसार, बैडमिंटन प्रशिक्षण का नया मासिक शुल्क चार हजार रुपये ही निर्धारित किया गया है, हालांकि राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को अपना प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर फीस में बीस प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस फैसले के बाद सिगरा स्टेडियम में खिलाड़ियों और अभिभावकों के बीच भारी आक्रोश देखा जा रहा है। बैडमिंटन खिलाड़ी निखिल ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी अधिक बढ़ोतरी से कई प्रतिभाशाली बच्चे खेल छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने सरकार के खेल प्रोत्साहन के दावों को आड़े हाथों लेते हुए सवाल उठाया कि एक तरफ जहां खेलों को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ सामान्य और गरीब परिवारों के बच्चों के लिए खेल जारी रखना अब बेहद मुश्किल हो गया है। इससे यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि यह कदम खेल को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है या केवल कमाई का जरिया बनाने के लिए।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली में बुलडोजर एक्शन के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ है। यहाँ कार्रवाई के दौरान काली माता मंदिर का गुंबद अचानक गिर गया। इस हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई है।1