सीतामढ़ी में पूर्व सैनिकों ने एक बैठक के दौरान ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक की मौजूदा व्यवस्था पर गहरी नाराजगी और चिंता व्यक्त की है। पूर्व नौसैनिक रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में बाजार समिति मंदिर प्रांगण में आयोजित इस बैठक में पॉलीक्लिनिक में फैली कुव्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए। जिला समन्वयक जय शंकर शाही, सिरहा टाइम्स, सीतामढ़ी ने बताया कि जिले के पूर्व सैनिक पिछले कई महीनों से चिकित्सा परामर्श और दवाओं जैसी सुविधाओं से वंचित हैं। पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सुविधा के लिए अन्य जिलों में जाने को कहा जा रहा है, जबकि पॉलीक्लिनिक के संचालन पर हर महीने लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि ECHS एक अंशदायी योजना है जिसके लिए पूर्व सैनिकों ने एकमुश्त राशि का भुगतान किया है, फिर भी उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रमुख समस्याओं में सलाहकार समिति का निष्क्रिय होना, पूर्व सैनिकों के सुझावों पर अमल न करना, दवाओं की कमी, रेफरल सुविधाओं का अभाव, दंत चिकित्सक का अमर्यादित व्यवहार, विभागीय अनदेखी, लैब व एंबुलेंस की अनुपयोगिता, और मेडिकल डॉक्टर ऑफिसर इंचार्ज की अनुपलब्धता शामिल हैं। इन गंभीर मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद, उपस्थित पूर्व सैनिकों ने सर्वसम्मति से विभाग, जिला प्रशासन और जिला के जनप्रतिनिधियों से एक संयुक्त लिखित आवेदन के माध्यम से पॉलीक्लिनिक की व्यवस्था में सुधार करने और पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों को समय पर बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने का आग्रह करने का निर्णय लिया। यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। बैठक में नरेंद्र सिंह, रामेश्वर पुर्बे, अजीत तिवारी, मुकेश पाण्डे, विनोद ठाकुर, राजु कुमार, सुशील राय, जितेंद्र यादव, संजय कुमार, नरेश कुमार पंडित, अवध बिहारी प्रसाद, राजनारायण साह, लालबाबू सिंह, रामबालक चौबे, रामबाबू महतो, लक्ष्मी प्रसाद, विरेन्द्र यादव, अनिल कुमार, शिशिर कुमार, नागेन्द्र साह सहित कई अन्य पूर्व सैनिक उपस्थित थे।
सीतामढ़ी में पूर्व सैनिकों ने एक बैठक के दौरान ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक की मौजूदा व्यवस्था पर गहरी नाराजगी और चिंता व्यक्त की है। पूर्व नौसैनिक रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में बाजार समिति मंदिर प्रांगण में आयोजित इस बैठक में पॉलीक्लिनिक में फैली कुव्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए। जिला समन्वयक जय शंकर शाही, सिरहा टाइम्स, सीतामढ़ी ने बताया कि जिले के पूर्व सैनिक पिछले कई महीनों से चिकित्सा परामर्श और दवाओं जैसी सुविधाओं से वंचित हैं। पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सुविधा के लिए अन्य जिलों में जाने को कहा जा रहा है, जबकि पॉलीक्लिनिक के संचालन पर हर महीने लाखों रुपये खर्च
किए जा रहे हैं। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि ECHS एक अंशदायी योजना है जिसके लिए पूर्व सैनिकों ने एकमुश्त राशि का भुगतान किया है, फिर भी उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रमुख समस्याओं में सलाहकार समिति का निष्क्रिय होना, पूर्व सैनिकों के सुझावों पर अमल न करना, दवाओं की कमी, रेफरल सुविधाओं का अभाव, दंत चिकित्सक का अमर्यादित व्यवहार, विभागीय अनदेखी, लैब व एंबुलेंस की अनुपयोगिता, और मेडिकल डॉक्टर ऑफिसर इंचार्ज की अनुपलब्धता शामिल हैं। इन गंभीर मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद, उपस्थित पूर्व सैनिकों ने सर्वसम्मति से विभाग, जिला प्रशासन और जिला के
जनप्रतिनिधियों से एक संयुक्त लिखित आवेदन के माध्यम से पॉलीक्लिनिक की व्यवस्था में सुधार करने और पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों को समय पर बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने का आग्रह करने का निर्णय लिया। यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। बैठक में नरेंद्र सिंह, रामेश्वर पुर्बे, अजीत तिवारी, मुकेश पाण्डे, विनोद ठाकुर, राजु कुमार, सुशील राय, जितेंद्र यादव, संजय कुमार, नरेश कुमार पंडित, अवध बिहारी प्रसाद, राजनारायण साह, लालबाबू सिंह, रामबालक चौबे, रामबाबू महतो, लक्ष्मी प्रसाद, विरेन्द्र यादव, अनिल कुमार, शिशिर कुमार, नागेन्द्र साह सहित कई अन्य पूर्व सैनिक उपस्थित थे।
- सीतामढ़ी में पूर्व सैनिकों ने एक बैठक के दौरान ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक की मौजूदा व्यवस्था पर गहरी नाराजगी और चिंता व्यक्त की है। पूर्व नौसैनिक रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में बाजार समिति मंदिर प्रांगण में आयोजित इस बैठक में पॉलीक्लिनिक में फैली कुव्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए। जिला समन्वयक जय शंकर शाही, सिरहा टाइम्स, सीतामढ़ी ने बताया कि जिले के पूर्व सैनिक पिछले कई महीनों से चिकित्सा परामर्श और दवाओं जैसी सुविधाओं से वंचित हैं। पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सुविधा के लिए अन्य जिलों में जाने को कहा जा रहा है, जबकि पॉलीक्लिनिक के संचालन पर हर महीने लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि ECHS एक अंशदायी योजना है जिसके लिए पूर्व सैनिकों ने एकमुश्त राशि का भुगतान किया है, फिर भी उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रमुख समस्याओं में सलाहकार समिति का निष्क्रिय होना, पूर्व सैनिकों के सुझावों पर अमल न करना, दवाओं की कमी, रेफरल सुविधाओं का अभाव, दंत चिकित्सक का अमर्यादित व्यवहार, विभागीय अनदेखी, लैब व एंबुलेंस की अनुपयोगिता, और मेडिकल डॉक्टर ऑफिसर इंचार्ज की अनुपलब्धता शामिल हैं। इन गंभीर मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद, उपस्थित पूर्व सैनिकों ने सर्वसम्मति से विभाग, जिला प्रशासन और जिला के जनप्रतिनिधियों से एक संयुक्त लिखित आवेदन के माध्यम से पॉलीक्लिनिक की व्यवस्था में सुधार करने और पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों को समय पर बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने का आग्रह करने का निर्णय लिया। यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। बैठक में नरेंद्र सिंह, रामेश्वर पुर्बे, अजीत तिवारी, मुकेश पाण्डे, विनोद ठाकुर, राजु कुमार, सुशील राय, जितेंद्र यादव, संजय कुमार, नरेश कुमार पंडित, अवध बिहारी प्रसाद, राजनारायण साह, लालबाबू सिंह, रामबालक चौबे, रामबाबू महतो, लक्ष्मी प्रसाद, विरेन्द्र यादव, अनिल कुमार, शिशिर कुमार, नागेन्द्र साह सहित कई अन्य पूर्व सैनिक उपस्थित थे।3
- ख़ान सर और रौशन आनंद के बीच चल रहे विवाद को लेकर छात्रों की क्या राय या इच्छाएँ हैं, यह जानने का प्रयास किया जा रहा है।1
- जय श्री राम जय जय श्री राम जय जय श्री राम जय जय श्री राम जय श्री राम1
- अपनी मांगों को लेकर वैश्य समाज ने जोरदार आवाज उठाई है, जिसमें उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में शामिल करने की मांग प्रमुख है। इस मांग को लेकर वैश्य समाज की हुंकार सुपौल से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक गूंजी है, जो समुदाय के दृढ़ संकल्प को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।1
- पूर्वी चंपारण के चिरैया थाना क्षेत्र अंतर्गत राघोपुर गांव के निवासी 30 वर्षीय ऋषि रंजन कुमार की एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है। यह घटना शनिवार देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच बताई जा रही है। ऋषि रंजन कुमार ढाका में दूध पहुंचाने के बाद अपने घर लौट रहे थे, तभी परतापुर-ढाका मार्ग पर ढाका से लगभग दो किलोमीटर चिरैया की ओर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से उनकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आसपास मौजूद चाय दुकानदार राजन कुमार ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दी, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और उनका रो-रोकर बुरा हाल था। ऋषि रंजन कुमार अपने दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े थे, जिनकी शादी करीब नौ वर्ष पहले हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं। परिवार का मुख्य सहारा होने के कारण उनकी असामयिक मृत्यु से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की जानकारी मिलते ही ढाका एवं चिरैया थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई और रविवार दोपहर करीब दो बजे उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक के पिता लंगटू प्रसाद यादव ने बताया कि दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया था। उन्होंने चिरैया थाना में सड़क दुर्घटना को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर फरार ट्रक एवं उसके चालक की पहचान करने में जुटी है, और बताया है कि मामले की जांच के बाद आरोपियों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- BPSC शिक्षिका गुंजा कुमारी ने अपनी जान को खतरे में बताया है।1
- पूर्वी चंपारण जिले के कोटवा थाना क्षेत्र में चलाए जा रहे विशेष नशा विरोधी अभियान के तहत पुलिस ने गांजा बेचने के आरोप में एक पिता और पुत्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनकी दुकान से 60 ग्राम गांजा बरामद करने का दावा किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कोटवा थाना क्षेत्र के ग्राम पोखरा में गांजा बिक्री की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने छापेमारी की थी। तलाशी के दौरान एक दुकान से 60 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने मौके से दो व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान 27 वर्षीय श्याम विनय कुमार, जो राजेंद्र राय के पुत्र हैं, और 62 वर्षीय राजेंद्र राय, जो स्वर्गीय कुलदीप राय के पुत्र हैं, के रूप में हुई है। दोनों ग्राम पोखरा, थाना कोटवा, जिला पूर्वी चंपारण के निवासी हैं। पुलिस ने बरामद गांजा को जब्त कर लिया है और दोनों आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। कोटवा थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने यह भी बताया कि क्षेत्र में नशा कारोबार के विरुद्ध उनका अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अवैध धंधों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने अपनी Y+ सुरक्षा वापस कर दी है। उनके इस कदम के बाद, आवास के बाहर अब RJD कार्यकर्ताओं का पहरा देखा जा रहा है।1