अलीगढ़ के अतरौली स्थित 100 शैया संयुक्त चिकित्सालय की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. निधि सक्सेना ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार और तथ्यों से परे बताया है। उनका कहना है कि वह मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 24 घंटे ऑन कॉल रहती हैं और किसी भी मरीज की आवश्यकता पड़ने पर तत्काल मार्गदर्शन एवं उपचार देती हैं। उनके अनुसार, अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं और अन्य महिला मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन माह के दौरान उन्होंने लगभग 80 सफल प्रसव कराए हैं, जबकि करीब 30 नसबंदी ऑपरेशन भी किए गए हैं। सरकारी अस्पताल में लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या इस बात का प्रमाण है कि महिलाओं का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ा है, जिससे मरीजों को आर्थिक राहत और सुरक्षित सेवाएं मिल रही हैं। मरीजों को अपना मोबाइल नंबर देने के संबंध में डॉ. सक्सेना ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मरीजों की सुविधा और आपात स्थिति में उचित सलाह व उपचार के लिए यह व्यवस्था की है। एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल इतना कहा था कि मरीज अपनी सुविधा और इच्छा के अनुसार कहीं भी उपचार करा सकती है। उन्होंने किसी भी मरीज पर किसी विशेष अस्पताल में जाने के लिए दबाव नहीं बनाया और उनके बयानों को गलत तरीके से पेश किया गया है। डॉ. निधि सक्सेना का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप अस्पताल की आंतरिक राजनीति और उनकी छवि धूमिल करने की मंशा से प्रेरित हैं। उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी से सेवाएं देने की बात कहते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सत्य सामने आने पर सभी आरोप स्वतः निराधार साबित हो जाएंगे।
अलीगढ़ के अतरौली स्थित 100 शैया संयुक्त चिकित्सालय की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. निधि सक्सेना ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार और तथ्यों से परे बताया है। उनका कहना है कि वह मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 24 घंटे ऑन कॉल रहती हैं और किसी भी मरीज की आवश्यकता पड़ने पर तत्काल मार्गदर्शन एवं उपचार देती हैं। उनके अनुसार, अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं और अन्य महिला मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन माह के दौरान उन्होंने लगभग 80 सफल प्रसव कराए हैं, जबकि करीब 30 नसबंदी ऑपरेशन भी किए गए हैं। सरकारी अस्पताल में लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या इस बात का प्रमाण है कि महिलाओं का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ा है, जिससे मरीजों को आर्थिक राहत और सुरक्षित सेवाएं मिल रही हैं। मरीजों को अपना मोबाइल नंबर देने के संबंध में डॉ. सक्सेना ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मरीजों की सुविधा और आपात स्थिति में उचित सलाह व उपचार के लिए यह व्यवस्था की है। एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल इतना कहा था कि मरीज अपनी सुविधा और इच्छा के अनुसार कहीं भी उपचार करा सकती है। उन्होंने किसी भी मरीज पर किसी विशेष अस्पताल में जाने के लिए दबाव नहीं बनाया और उनके बयानों को गलत तरीके से पेश किया गया है। डॉ. निधि सक्सेना का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप अस्पताल की आंतरिक राजनीति और उनकी छवि धूमिल करने की मंशा से प्रेरित हैं। उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी से सेवाएं देने की बात कहते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सत्य सामने आने पर सभी आरोप स्वतः निराधार साबित हो जाएंगे।
- एक बेहद पीड़ादायक मामला सामने आया है, जहां सीमा पर तैनात एक आईटीबीपी (ITBP) जवान के घर पर सरकार ने बुलडोज़र चला दिया है। जब यह जवान सीमा पर अपनी ड्यूटी दे रहा था, उसी दौरान उसके घर को बुलडोज़र से ध्वस्त कर दिया गया। इस घटना से उपजे गहरे दुख और पीड़ित जवान की पूरी आपबीती को खुद उनके शब्दों में सुना जा सकता है, जो जीवन की इस बेहद दर्दनाक विडंबना को दर्शाता है।1
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित भवानीपूर गाँव में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले 10 से 15 वर्षों में यहाँ सड़क, बिजली और पक्की सड़कों के निर्माण के मामले में कोई सुधार नहीं हुआ है। स्थिति इतनी खराब है कि स्कूली बच्चों को रोजाना बरसाती पानी और कीचड़ के बीच से गुजरकर शिक्षा के लिए जाना पड़ता है, साथ ही गाँव में बच्चों के खेलने के लिए कोई मैदान भी उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'ट्रिपल इंजन' सरकार के विकास दावों पर निशाना साधते हुए इसे 'डिजिटल भारत' के दावों के विपरीत बताया है। समुदाय का आरोप है कि अलीगढ़ में बंजारा जाति के गाँवों में विकास की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों का स्पष्ट प्रश्न है कि क्या बंजारा समाज से होने के कारण ही उनके गाँव में विकास योजनाएं नहीं पहुंच रही हैं। समाज का तर्क है कि अन्य जातियों के गाँवों में उन्हें पूर्ण विकास नजर आता है, जबकि बंजारा बहुल गाँवों की स्थिति उपेक्षित बनी हुई है। पूरी बंजारा बिरादरी अब यह पूछ रही है कि आखिर विकास की दौड़ में उनके गाँवों को पीछे क्यों रखा गया है।4
- अलीगढ़ शहर के वार्ड संख्या 66 स्थित चरख वालान अट खंभे के पास गंदे पानी की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस समस्या से जूझ रहे क्षेत्र के स्थानीय निवासियों ने अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।1
- डॉ. कंचन जैन ने ऑनलाइन गेमिंग और डोपामाइन लूप के प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे वर्चुअल दुनिया का रियल डिप्रेशन करार दिया है। उनके अनुसार, यह डिजिटल रुझान मानवीय व्यवहार में गंभीर बदलाव ला रहा है।1
- अलीगढ़ के अतरौली कोतवाली क्षेत्र स्थित पैंठ चौराहा रोडवेज बस स्टैंड पर शुक्रवार देर रात करीब 8:30 बजे मारपीट की एक घटना सामने आई है। मोहल्ला भोला नगर के निवासी बिट्टू शर्मा पुत्र राम किशोर शर्मा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया है कि वह बस स्टैंड पर बच्चों के लिए चिप्स खरीदने गए थे, तभी वहां मौजूद अतरौली के ही एक व्यक्ति और तीन अज्ञात युवकों ने अचानक उन्हें गंदी गालियां देना शुरू कर दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने बिट्टू शर्मा के साथ लात-घूंसे और थप्पड़ों से मारपीट की। घटना की जानकारी मिलते ही बिट्टू शर्मा के भाई सोनू शर्मा वहां पहुंचे, तो दबंगों ने उन्हें भी अपना शिकार बनाया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर मौके पर भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। इस घटना से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। बिट्टू शर्मा ने थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जिसके आधार पर पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।1