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अलीगढ़ शहर के वार्ड संख्या 66 स्थित चरख वालान अट खंभे के पास गंदे पानी की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस समस्या से जूझ रहे क्षेत्र के स्थानीय निवासियों ने अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।
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अलीगढ़ शहर के वार्ड संख्या 66 स्थित चरख वालान अट खंभे के पास गंदे पानी की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस समस्या से जूझ रहे क्षेत्र के स्थानीय निवासियों ने अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।
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- अलीगढ़ शहर के वार्ड संख्या 66 स्थित चरख वालान अट खंभे के पास गंदे पानी की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस समस्या से जूझ रहे क्षेत्र के स्थानीय निवासियों ने अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।1
- डॉ. कंचन जैन ने ऑनलाइन गेमिंग और डोपामाइन लूप के प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे वर्चुअल दुनिया का रियल डिप्रेशन करार दिया है। उनके अनुसार, यह डिजिटल रुझान मानवीय व्यवहार में गंभीर बदलाव ला रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के आदेश पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। एसपी ट्रैफिक ने मीडिया को जानकारी दी कि क्वारसी से दुबे का पड़ाव की ओर जाने वाले वाहनों के मार्ग को डायवर्ट किया गया है। अब इन वाहनों को गांधी पार्क की तरफ से यू-टर्न लेकर गुजरना होगा, साथ ही मानिक चौक पर भी यातायात को डायवर्ट किया गया है। फिलहाल इस बदलाव को दो दिनों के ट्रायल के तौर पर लागू किया गया है। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि यदि इस व्यवस्था को लेकर जनता की ओर से सुझाव प्राप्त होते हैं, तो उन पर विचार कर मौके पर ही स्थिति का निस्तारण किया जाएगा और आवश्यकतानुसार बदलाव भी किए जा सकते हैं।1
- अलीगढ़ के थाना गांधीपार्क क्षेत्र में एक अनुसूचित जाति (जाटव) महिला के साथ कथित रूप से एक ब्राह्मण आरोपी द्वारा बर्बरता की गई। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसे जातिसूचक गालियां दीं, उसके बाल पकड़कर बेरहमी से मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता ने थाना गांधीपार्क में नामजद तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई थी। भारतीय जाटव महासभा ने इस मामले में पुलिस की भूमिका पर गहरा आक्रोश जताया है। संगठन का कहना है कि गंभीर आरोपों के बावजूद पुलिस ने उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के बजाय आरोपी के खिलाफ केवल शांति भंग की कार्रवाई कर उसे छोड़ दिया। संस्था के संस्थापक हरनाम सिंह प्रधान ने इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारतीय जाटव महासभा ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और मांग की है कि दोषी आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। संगठन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अलीगढ़ से अपील की है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपी के विरुद्ध एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की उपयुक्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। महासभा का तर्क है कि कानून के अनुरूप कार्रवाई न होने से न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास प्रभावित होता है।2
- अलीगढ़ की 75 कोल विधानसभा सीट के लिए वीआईपी पार्टी (वंचित समाज इंसाफ पार्टी) के उम्मीदवार मोहम्मद अली का एक नया चुनावी पोस्टर और अभियान सामने आया है। यह पोस्टर मोहम्मद अली के 20 वर्षों के राजनीतिक और सामाजिक कार्यों को रेखांकित करता है। इस अभियान के तहत शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सहायता, सामाजिक न्याय और भाईचारे के संदेश पर जोर दिया गया है, साथ ही महिलाओं, युवाओं एवं बुजुर्गों के लिए किए गए कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। प्रचार सामग्री में जनसमर्थन के दावों के साथ-साथ ऑनलाइन सर्वे के आधार पर जीत की संभावना का भी उल्लेख किया गया है। प्रचार सामग्री का हिस्सा होने के नाते, पोस्टर में व्यक्त किए गए सर्वे, समर्थन और जीत से जुड़े दावों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्यों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के आदेश पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। एसपी ट्रैफिक ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि क्वारसी से दुबे का पड़ाव की ओर जाने वाले वाहनों के मार्ग को डायवर्ट कर दिया गया है, जिसके तहत अब चालकों को गांधी पार्क की तरफ से यू-टर्न लेना होगा। इसके अतिरिक्त, मानिक चौक पर भी यातायात को डायवर्ट किया गया है। फिलहाल, इस नई व्यवस्था को दो दिनों के ट्रायल के तौर पर लागू किया गया है। एसपी ट्रैफिक ने स्पष्ट किया है कि यदि इस दौरान जनता से सुझाव प्राप्त होते हैं, तो उन पर विचार करते हुए मौके पर ही आवश्यक सुधार और बदलाव किए जाएंगे।1
- अलीगढ़ के चरख वालान में स्थानीय लोग गंदे पानी की समस्या के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। निवासियों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि के प्रति अपना आक्रोश जाहिर किया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद उनकी समस्याओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इलाके के लोगों ने वार्ड 66 के पार्षद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जनता का कहना है कि जब वे गंदे पानी की आपूर्ति को लेकर पार्षद से शिकायत करते हैं, तो उन्हें उल्टा धमकियां दी जाती हैं। इसी उपेक्षा और दुर्व्यवहार के विरोध में आक्रोशित जनता ने सड़क पर उतरकर व्यवस्था के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है।1