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मिली जानकारी के अनुसार, गांव में एक आर्केस्ट्रा आने वाला है। यह खबर एक स्थानीय रिपोर्टिंग के माध्यम से सामने आई है।
Raju new reporting
मिली जानकारी के अनुसार, गांव में एक आर्केस्ट्रा आने वाला है। यह खबर एक स्थानीय रिपोर्टिंग के माध्यम से सामने आई है।
More news from बिहार and nearby areas
- मोतिहारी के पिपराकोठी थाना क्षेत्र के मथुरापुर मठगोपाल इलाके में शहाबुद्दीन नाम के व्यक्ति का शव संदिग्ध अवस्था में पाया गया है।1
- बिहार के काँटी के एक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में एसआई को मुहर्रम के दौरान अपनी सरकारी वर्दी पहने हुए तलवार से करतब दिखाते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।1
- बिहार में बाढ़ बचाव कार्य को लेकर 'बड़ा घोटाला' होने का आरोप सामने आया है। एक ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, इन कार्यों में जियो बैग के स्थान पर प्लास्टिक बैग का उपयोग किए जाने का गंभीर आरोप है।1
- राजनीति में कदम रखते ही एक व्यक्ति को तुरंत धमकियाँ मिलने लगीं। इन धमकियों के साथ ही उनके प्रचार के लिए लगाए गए बैनर और पोस्टर भी उखाड़ फेंके गए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद, पीड़ित ने स्थानीय थाने में आवेदन प्रस्तुत कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।1
- गोपालगंज जिले के बरौली थाना क्षेत्र के सारेया स्थित नरेंद्र नारा रोड की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। दावा किया गया है कि यह ऐतिहासिक सड़क अब "जंगल राज" की भेंट चढ़ चुकी है, और भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुँच गया है। स्थिति यह है कि सड़क पूरी तरह से पेड़ों और बांस से ढक चुकी है, जिसके कारण यहां अस्थायी खेती करने वाले किसानों ने भी अपनी खेती बंद कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क आज एक जंगल में तब्दील हो गई है और इसका कोई "माई-बाप" नहीं है। आरोप लगाया गया है कि सरकार "अंधी और बहरी" हो चुकी है, और पूरा सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा है।1
- पूर्वी चंपारण के सिरहा पंचायत में पंचायत सचिव अमित कुमार पर ग्राम सभा की सूचना जनता को न देने और सिर्फ कोरम पूरा करने का गंभीर मामला सामने आया है। बिहार सरकार के निर्देशानुसार, जिलाधिकारी पूर्वी चंपारण ने हर ग्राम पंचायत में सुबह 10 बजे से 12 बजे के बीच ग्राम सभा आयोजित करने का आदेश दिया था। इस संबंध में, पंचायत सचिव अमित कुमार ने दावा किया कि वे सुबह 10 बजे से ही पंचायत भवन में मौजूद थे और वार्ड सदस्यों की बैठक हुई थी। हालांकि, सुबह से ही पंचायत भवन में मौजूद ग्रामीण जैसे जय गोविंद प्रसाद कुशवाहा और जय लाल सहनी सहित अन्य लोगों ने बताया कि उन्हें ग्राम सभा की कोई जानकारी नहीं दी गई और वहां कोई मौजूद नहीं था। दैनिक सिरहा टाइम्स के संपादक रवि कुमार भार्गव ने भी पुष्टि की कि समाचार संकलन के लिए उन्होंने तीन बार पंचायत भवन का दौरा किया – पहली बार कोई नहीं मिला, 12 बजे दोबारा जाने पर भी कोई नहीं दिखा, और 1:19 बजे पहुंचने पर पंचायत भवन में ताला लगा पाया। ग्रामीणों ने भी पुष्टि की कि पंचायत भवन में कोई नहीं आया था, जिससे पंचायत सचिव के दावे पर सवाल उठते हैं। जनता के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि पंचायत सचिव अमित कुमार ने अपने कर्तव्य में लापरवाही बरती है और जनता को ग्राम सभा की सूचना नहीं दी गई। संपादक रवि कुमार भार्गव ने पंचायत सचिव से अनुरोध किया कि वे किसी राजनीतिक दबाव या लालच में न आकर जनता को सरकार की योजनाओं और ग्राम सभा की सूचना समय पर दें, क्योंकि सरकार उन्हें जनता की सेवा के लिए वेतन देती है। उन्होंने यह भी बताया कि पंचायत सरकार भवन में आरपीएस (राइट टू पब्लिक सर्विसेज) काउंटर खोला गया है ताकि लोगों को जाति, आवासीय और जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज बनवाने के लिए प्रखंड कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें, लेकिन यहां भी कोई कर्मी मौजूद नहीं रहता। पंचायत सचिव द्वारा बैठक की जो तस्वीरें उपलब्ध कराई गईं, उन सभी पर 11:46 बजे का समय दर्शाया गया था। जब उनसे इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बाद में जो तस्वीरें भेजीं, उनमें 11:30 और 11:47 जैसे अलग-अलग समय दिखे, जिस पर सवाल उठाए जा रहे हैं। संपादक के अनुसार, बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को विफल करने में पंचायत स्तर के कर्मचारी, पंचायत सचिव और आरपीएस कर्मी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। इन कर्मचारियों को केवल अपने वेतन से मतलब होता है और वे पंचायत के विकास कार्यों में कोई रुचि नहीं लेते। आरोप है कि ये कर्मचारी अपने दलाल पाल रखे हैं और केवल हाजिरी लगाने के लिए आते हैं, जिसके बाद वे वापस चले जाते हैं और पंचायत भवन की ओर उनका रुख नहीं होता। यह सभी गंभीर जांच का विषय है, जिस पर उच्च अधिकारियों का ध्यान केंद्रित होना आवश्यक है। ऐसा प्रतीत होता है कि सिरहा पंचायत के पंचायत सचिव अमित कुमार को अपनी कार्यशैली में परिवर्तन करने की आवश्यकता है।1
- सहयोग पोर्टल को लेकर आम जनता के विचारों पर चर्चा की जा रही है, विशेष रूप से इस बात पर कि क्या यह पोर्टल वाक़ई में लोगों के लिए सहयोगी साबित होगा। यह सवाल उठाया जा रहा है कि इस मंच के संबंध में लोगों की क्या राय है और इसकी प्रभावशीलता कितनी होगी।1
- मोतिहारी से एक ऐसी अनोखी घटना सामने आई है जिसने सबको चौंका दिया है। आमतौर पर चोर नकदी या कीमती सामान चुराते हैं, लेकिन यहाँ लग्जरी कार में आए चोरों ने किसी सोने-चांदी पर नहीं, बल्कि चार बोकों पर ही दिल हार बैठे और उन्हें चुराकर फरार हो गए। यह वारदात बीती रात मोतिहारी नगर निगम के बनकट वार्ड नंबर-41 में हाईवे के किनारे हुई, जहाँ चोरों ने बड़ी सफाई से इन चार बोकों को चुरा लिया। पूरी घटना वहाँ लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। CCTV फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि चोर बेहद आराम से मौके पर आते हैं, बोकों को उठाते हैं और फिर अपनी महंगी गाड़ी में बैठकर ऐसे निकल जाते हैं, मानो किसी खास मेहमान को विदा कर रहे हों। इस अजीबोगरीब चोरी की घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग हैरान हैं कि आखिर इन चोरों को चार बोकों से ऐसा कौन-सा प्यार हो गया कि वे महंगी गाड़ी में बैठकर उन्हें चोरी करने निकल पड़े। मजाक में तो यहाँ तक कहा जा रहा है कि "लगता है बोका भी अब लग्जरी लाइफ जीने निकल पड़े हैं!" अब सवाल यह है कि लग्जरी गाड़ी में आए इस 'बोका गैंग' ने आखिर इन चार बोकों को चुराकर क्या किया होगा।1
- गाड़ी चलाने के दौरान वाहन के इंजन में कुछ समस्या उत्पन्न हो रही है, जिसमें इंजन के ऊपर उठने की बात कही गई है।1