बांदा की कोतवाली नगर पुलिस ने सरकारी अधिकारी बनकर ई-रिक्शा, ट्रक और अन्य वाहन चालकों से रंगदारी व अवैध वसूली करने वाले चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मवई बाईपास पर घेराबंदी कर इन चारों को उस समय दबोचा, जब एक ई-रिक्शा चालक ने सूचना दी कि कुछ लोग खुद को आरटीओ, माइंस अधिकारी और एसडीएम बताकर वाहन चालकों से अवैध वसूली कर रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने वसूली में इस्तेमाल होने वाला एक चार पहिया वाहन, लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेजों से भरी फाइल और 5,400 रुपये नकद बरामद किए हैं। यह सफलता पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत मिली है। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर मेविस टॉक के नेतृत्व में कोतवाली नगर पुलिस गश्त व वाहन चेकिंग कर रही थी, तभी यह कार्रवाई हुई। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे विभिन्न जिलों में फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर वाहन चालकों को चालान, वाहन सीज करने और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे वसूलते थे और इस रकम को आपस में बराबर-बराबर बांट लेते थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रीवा (मध्य प्रदेश) निवासी सौरभ और चित्रकूट निवासी कमल, राजकुमार व संतोष कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोतवाली नगर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस गिरोह ने किन-किन जिलों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है और इनके आपराधिक नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
बांदा की कोतवाली नगर पुलिस ने सरकारी अधिकारी बनकर ई-रिक्शा, ट्रक और अन्य वाहन चालकों से रंगदारी व अवैध वसूली करने वाले चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मवई बाईपास पर घेराबंदी कर इन चारों को उस समय दबोचा, जब एक ई-रिक्शा चालक ने सूचना दी कि कुछ लोग खुद को आरटीओ, माइंस अधिकारी और एसडीएम बताकर वाहन चालकों से अवैध वसूली कर रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने वसूली में इस्तेमाल होने वाला एक चार पहिया वाहन, लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेजों से भरी फाइल और 5,400 रुपये नकद बरामद किए हैं। यह सफलता पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत मिली है। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर मेविस टॉक के नेतृत्व में कोतवाली नगर पुलिस गश्त व वाहन चेकिंग कर रही थी, तभी यह कार्रवाई हुई। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे विभिन्न जिलों में फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर वाहन चालकों को चालान, वाहन सीज करने और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे वसूलते थे और इस रकम को आपस में बराबर-बराबर बांट लेते थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रीवा (मध्य प्रदेश) निवासी सौरभ और चित्रकूट निवासी कमल, राजकुमार व संतोष कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोतवाली नगर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस गिरोह ने किन-किन जिलों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है और इनके आपराधिक नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
- उत्तर प्रदेश के बांदा में कोतवाली नगर पुलिस ने सरकारी अधिकारी बनकर ई-रिक्शा, ट्रक और अन्य वाहन चालकों से रंगदारी व अवैध वसूली करने वाले चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर मेविस टॉक के नेतृत्व में पुलिस की गश्त और वाहन चेकिंग के दौरान मवई बाईपास पर घेराबंदी कर इन आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस को इसकी सूचना एक ई-रिक्शा चालक ने दी थी, जिसने बताया कि कुछ लोग खुद को आरटीओ, माइंस अधिकारी और एसडीएम बताकर अवैध वसूली कर रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रीवा (मध्य प्रदेश) निवासी सौरभ और चित्रकूट निवासी कमल, राजकुमार व संतोष कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे विभिन्न जिलों में फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर वाहन चालकों को चालान, वाहन सीज करने और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे वसूलते थे और आपस में बराबर-बराबर बांट लेते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से वसूली में इस्तेमाल किया जाने वाला एक चार पहिया वाहन, लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेजों से भरी फाइल और ₹5,400 नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने इन चारों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली नगर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि इस गिरोह ने किन-किन अन्य जिलों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है और इनके इस आपराधिक नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।1
- बांदा की कोतवाली नगर पुलिस ने सरकारी अधिकारी बनकर ई-रिक्शा, ट्रक और अन्य वाहन चालकों से रंगदारी व अवैध वसूली करने वाले चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मवई बाईपास पर घेराबंदी कर इन चारों को उस समय दबोचा, जब एक ई-रिक्शा चालक ने सूचना दी कि कुछ लोग खुद को आरटीओ, माइंस अधिकारी और एसडीएम बताकर वाहन चालकों से अवैध वसूली कर रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने वसूली में इस्तेमाल होने वाला एक चार पहिया वाहन, लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेजों से भरी फाइल और 5,400 रुपये नकद बरामद किए हैं। यह सफलता पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत मिली है। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर मेविस टॉक के नेतृत्व में कोतवाली नगर पुलिस गश्त व वाहन चेकिंग कर रही थी, तभी यह कार्रवाई हुई। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे विभिन्न जिलों में फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर वाहन चालकों को चालान, वाहन सीज करने और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे वसूलते थे और इस रकम को आपस में बराबर-बराबर बांट लेते थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रीवा (मध्य प्रदेश) निवासी सौरभ और चित्रकूट निवासी कमल, राजकुमार व संतोष कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोतवाली नगर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस गिरोह ने किन-किन जिलों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है और इनके आपराधिक नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।1
- बांदा जनपद के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी आरटीओ, माइंस अधिकारी और एसडीएम बनकर वाहन चालकों से रंगदारी व अवैध वसूली करने वाले एक शातिर गिरोह के चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। बांदा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के कुशल निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के निकट पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री मेविस टॉक के नेतृत्व में पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने इन जालसाजों को मवई बाईपास से दबोचा है। यह गिरफ्तारी 17 जुलाई 2026 को गश्त और चेकिंग के दौरान हुई, जब एक ई-रिक्शा चालक ने पुलिस टीम को सूचना दी कि चार पहिया वाहन में सवार कुछ लोग खुद को सरकारी अधिकारी बताकर अवैध वसूली कर रहे हैं। पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने कबूल किया कि वे सुनसान या कम भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर ई-रिक्शा, ट्रक और अन्य वाहनों को रोकते थे। इसके बाद वे वाहन चालकों के फोटो खींचकर उन्हें चालान, वाहन सीज करने या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर मोटी रकम वसूलते थे और इस राशि को आपस में बराबर बांट लेते थे। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान मध्य प्रदेश के रीवा निवासी सौरभ, और चित्रकूट के कर्वी कोतवाली नगर निवासी कमल, राज कुमार तथा संतोष कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से वसूली के ₹5,400 नकद, घटना में इस्तेमाल की गई एक चार पहिया गाड़ी, एक लैपटॉप, महत्वपूर्ण दस्तावेजों वाली एक फाइल और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने थाना कोतवाली नगर में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा (मु0अ0सं0 359/26) दर्ज किया है और गिरोह के आपराधिक इतिहास तथा अन्य संभावित घटनाओं की गहन जांच कर रही है।4
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक महिला ने हल्का दरोगा और लेखपाल पर मारपीट करने के साथ-साथ जातिसूचक गालियां देने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है।1
- बांदा जिले के त्रिवेणी गांव में दबंगों द्वारा दलितों के आवासीय पट्टों पर अवैध कब्जा करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित दलित पट्टाधारकों ने इस मामले को लेकर जिलाधिकारी (डीएम) से मुलाकात की है और न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ितों का आरोप है कि पट्टों की पैमाइश होने के बाद जब वे वहां सफाई करने पहुंचे, तो दबंगों ने उन्हें भूमि पर कब्जा नहीं करने दिया। इस दौरान पीड़ित ग्रामीणों के साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि उन्हें जातिसूचक गालियां देकर जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके साथ ही दबंगों द्वारा उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है। इस प्रताड़ना के खिलाफ पीड़ित महिला अर्चना और ग्रामीण शिवराम सहित अन्य पीड़ितों ने न्याय के लिए आवाज बुलंद की है। इस मामले में पीड़ितों ने मुख्यमंत्री को एक प्रार्थना पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने पुलिस सुरक्षा के बीच अपने पट्टों पर कब्जा दिलाने की मांग की है। पट्टाधारकों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस मामले पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो गांव में खूनी संघर्ष होने की पूरी आशंका है।4
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बबेरू में संदिग्ध परिस्थितियों में एक 3 माह के मासूम बच्चे की मौत हो गई है। इस दुखद घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।1
- बांदा के सिसोलर थाना क्षेत्र अंतर्गत भैंन्स्मरी गांव के पास एक तेज रफ्तार ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दर्दनाक हादसे में ई-रिक्शा में सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह दुर्घटना उस समय हुई जब शुभी, अमित और निधि पढ़ाई करके अपने घर वापस जा रहे थे, तभी रास्ते में सिसोलर गांव के पास अचानक ई-रिक्शा बेकाबू होकर पलट गया। इस घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने आनन-फानन में तीनों घायलों को इलाज के लिए बांदा जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा फिलहाल तीनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया जा रहा है।2