*सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ने मुरैना जिले में बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ किया निर्णायक जंग का एलान* जिले में बच्चों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए कार्य कर रहे गैरसरकारी संगठन सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ने विश्व मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस पर नई दिल्ली में ‘नेशनल कैंपेन अगेंस्ट चाइल्ड ट्रैफिकिंग’ की शुरुआत के मौके पर बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ निर्णायक जंग का एलान करते हुए कहा कि सरकार, प्रशासन व आम नागरिकों के सहयोग से वे जिले से ट्रैफिकिंग पर पूरी तरह से रोकथाम के लिए प्रतिबद्ध हैं। ट्रैफिकिंग रोकने के लिए जिले में जागरुकता अभियान चलाने के साथ-साथ ट्रैफिकरों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही सरकार व प्रशासन के सहयोग से हाशिये के परिवारों की पहचान कर उन्हें व बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और ट्रैफिकिंग गिरोहों के चंगुल में फंसने से बच सकें। बच्चों की ट्रैफिकिंग यानी बाल दुर्व्यापार के खिलाफ यह राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने का फैसला नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए जमीन पर काम कर रहे 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के देश के 782 जिलों से आए सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों के चार दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श “इंश्योरिंग ए चाइल्ड राइट्स, पोटेंशियल एंड प्रास्पेरिटी” में लिया गया। यह कैंपेन 2030 तक चलाया जाएगा। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन दुनिया का सबसे बड़ा कानूनी हस्तक्षेप कार्यक्रम चला रहा है और इसके सहयोगी संगठनों के प्रयासों से देशभर में अप्रैल 2023-दिसंबर 2025 तक के बीच 1,22,516 बच्चों को ट्रैफिकिंग से बचाया गया। संगठन सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है। इस परामर्श के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि किसी भी बच्चे की जिंदगी बचाना सबसे नेक काम होता है। छोटी उम्र की बच्चियां ट्रैफिकिंग की शिकार हो जाती हैं और फिर कभी अपने घर नहीं लौट पातीं। ऐसी बच्चियों को किसी फरिश्ते का इंतजार होता है और इन्हें यौन शोषण के दलदल से मुक्त कराने वाले नागरिक समाज संगठनों के स्वयंसेवी किसी फरिश्ते से कम नहीं होते। इस मौके पर सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट के निदेशक उमेश वशिष्ठ ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण वास्तविकता है कि देश में रोजाना 6 बच्चों की ट्रैफिकिंग होती है और 5 बच्चों को जबरन मजदूरी के लिए मजबूर किया जाता है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि हर घंटे 11 बच्चे गुम हो जाते हैं। इनमें से अधिकांश बच्चे ट्रैफिकिंग का ही शिकार होते हैं। ह्यूमन ट्रैफिकिंग हथियारों और ड्रग्स के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध है। महिलाएं और बच्चे खास तौर से इनके निशाने पर हैं क्योंकि इनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा देह व्यापार और बच्चों से बंधुआ मजदूरी के रास्ते आता है। असंगठित क्षेत्र में बच्चों से बाल मजदूरी ट्रैफिकिंग का सबसे निकृष्टतम रूप है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिकर यानी बाल दुर्व्यापारी कहीं बाहर से नहीं आते। वे आस पास के ही होते हैं जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर परिवारों के बच्चों को नौकरी या अच्छे जीवन का लालच देकर साथ ले जाते हैं और फिर उन्हें वेश्यावृत्ति, भिक्षावृत्ति और बंधुआ मजदूरी के दलदल में धकेल देते हैं। हमारा फोकस ट्रैफिकिंग की रोकथाम और बच्चों को सुरक्षित बचाने के प्रभावी उपायों पर रहेगा। सरकार व प्रशासन के सहयोग से हम हाशिये के परिवारों की पहचान करेंगे और उनके बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ेंगे ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और ट्रैफिकिंग गिरोहों के चंगुल में फंसने से बच सकें। साथ ही, हम सुनिश्चित करेंगे कि ट्रैफिकिंग से मुक्त कराए गए बच्चों का उचित तरीके से पुनर्वास हो, ताकि वे समाज की मुख्य धारा में लौट सकें। उमेश वशिष्ठ अध्यक्ष सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट *सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ने मुरैना जिले में बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ किया निर्णायक जंग का एलान* जिले में बच्चों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए कार्य कर रहे गैरसरकारी संगठन सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ने विश्व मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस पर नई दिल्ली में ‘नेशनल कैंपेन अगेंस्ट चाइल्ड ट्रैफिकिंग’ की शुरुआत के मौके पर बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ निर्णायक जंग का एलान करते हुए कहा कि सरकार, प्रशासन व आम नागरिकों के सहयोग से वे जिले से ट्रैफिकिंग पर पूरी तरह से रोकथाम के लिए प्रतिबद्ध हैं। ट्रैफिकिंग रोकने के लिए जिले में जागरुकता अभियान चलाने के साथ-साथ ट्रैफिकरों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही सरकार व प्रशासन के सहयोग से हाशिये के परिवारों की पहचान कर उन्हें व बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और ट्रैफिकिंग गिरोहों के चंगुल में फंसने से बच सकें। बच्चों की ट्रैफिकिंग यानी बाल दुर्व्यापार के खिलाफ यह राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने का फैसला नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए जमीन पर काम कर रहे 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के देश के 782 जिलों से आए सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों के चार दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श “इंश्योरिंग ए चाइल्ड राइट्स, पोटेंशियल एंड प्रास्पेरिटी” में लिया गया। यह कैंपेन 2030 तक चलाया जाएगा। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन दुनिया का सबसे बड़ा कानूनी हस्तक्षेप कार्यक्रम चला रहा है और इसके सहयोगी संगठनों के प्रयासों से देशभर में अप्रैल 2023-दिसंबर 2025 तक के बीच 1,22,516 बच्चों को ट्रैफिकिंग से बचाया गया। संगठन सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है। इस परामर्श के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि किसी भी बच्चे की जिंदगी बचाना सबसे नेक काम होता है। छोटी उम्र की बच्चियां ट्रैफिकिंग की शिकार हो जाती हैं और फिर कभी अपने घर नहीं लौट पातीं। ऐसी बच्चियों को किसी फरिश्ते का इंतजार होता है और इन्हें यौन शोषण के दलदल से मुक्त कराने वाले नागरिक समाज संगठनों के स्वयंसेवी किसी फरिश्ते से कम नहीं होते। इस मौके पर सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट के निदेशक उमेश वशिष्ठ ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण वास्तविकता है कि देश में रोजाना 6 बच्चों की ट्रैफिकिंग होती है और 5 बच्चों को जबरन मजदूरी के लिए मजबूर किया जाता है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि हर घंटे 11 बच्चे गुम हो जाते हैं। इनमें से अधिकांश बच्चे ट्रैफिकिंग का ही शिकार होते हैं। ह्यूमन ट्रैफिकिंग हथियारों और ड्रग्स के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध है। महिलाएं और बच्चे खास तौर से इनके निशाने पर हैं क्योंकि इनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा देह व्यापार और बच्चों से बंधुआ मजदूरी के रास्ते आता है। असंगठित क्षेत्र में बच्चों से बाल मजदूरी ट्रैफिकिंग का सबसे निकृष्टतम रूप है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिकर यानी बाल दुर्व्यापारी कहीं बाहर से नहीं आते। वे आस पास के ही होते हैं जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर परिवारों के बच्चों को नौकरी या अच्छे जीवन का लालच देकर साथ ले जाते हैं और फिर उन्हें वेश्यावृत्ति, भिक्षावृत्ति और बंधुआ मजदूरी के दलदल में धकेल देते हैं। हमारा फोकस ट्रैफिकिंग की रोकथाम और बच्चों को सुरक्षित बचाने के प्रभावी उपायों पर रहेगा। सरकार व प्रशासन के सहयोग से हम हाशिये के परिवारों की पहचान करेंगे और उनके बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ेंगे ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और ट्रैफिकिंग गिरोहों के चंगुल में फंसने से बच सकें। साथ ही, हम सुनिश्चित करेंगे कि ट्रैफिकिंग से मुक्त कराए गए बच्चों का उचित तरीके से पुनर्वास हो, ताकि वे समाज की मुख्य धारा में लौट सकें। उमेश वशिष्ठ अध्यक्ष सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट
*सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ने मुरैना जिले में बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ किया निर्णायक जंग का एलान* जिले में बच्चों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए कार्य कर रहे गैरसरकारी संगठन सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ने विश्व मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस पर नई दिल्ली में ‘नेशनल कैंपेन अगेंस्ट चाइल्ड ट्रैफिकिंग’ की शुरुआत के मौके पर बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ निर्णायक जंग का एलान करते हुए कहा कि सरकार, प्रशासन व आम नागरिकों के सहयोग से वे जिले से ट्रैफिकिंग पर पूरी तरह से रोकथाम के लिए प्रतिबद्ध हैं। ट्रैफिकिंग रोकने के लिए जिले में जागरुकता अभियान चलाने के साथ-साथ ट्रैफिकरों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही सरकार व प्रशासन के सहयोग से हाशिये के परिवारों की पहचान कर उन्हें व बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और ट्रैफिकिंग गिरोहों के चंगुल में फंसने से बच सकें। बच्चों की ट्रैफिकिंग यानी बाल दुर्व्यापार के खिलाफ यह राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने का फैसला नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए जमीन पर काम कर रहे 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के देश के 782 जिलों से आए सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों के चार दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श “इंश्योरिंग ए चाइल्ड राइट्स, पोटेंशियल एंड प्रास्पेरिटी” में लिया गया। यह कैंपेन 2030 तक चलाया जाएगा। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन दुनिया का सबसे बड़ा कानूनी हस्तक्षेप कार्यक्रम चला रहा है और इसके सहयोगी संगठनों के प्रयासों से देशभर में अप्रैल 2023-दिसंबर 2025 तक के बीच 1,22,516 बच्चों को ट्रैफिकिंग से बचाया गया। संगठन सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है। इस परामर्श के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि किसी भी बच्चे की जिंदगी बचाना सबसे नेक काम होता है। छोटी उम्र की बच्चियां ट्रैफिकिंग की शिकार हो जाती हैं और फिर कभी अपने घर नहीं लौट पातीं। ऐसी बच्चियों को किसी फरिश्ते का इंतजार होता है और इन्हें यौन शोषण के दलदल से मुक्त कराने वाले नागरिक समाज संगठनों के स्वयंसेवी किसी फरिश्ते से कम नहीं होते। इस मौके पर सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट के निदेशक उमेश वशिष्ठ ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण वास्तविकता है कि देश में रोजाना 6 बच्चों की ट्रैफिकिंग होती है और 5 बच्चों को जबरन मजदूरी के लिए मजबूर किया जाता है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि हर घंटे 11 बच्चे गुम हो जाते हैं। इनमें से अधिकांश बच्चे ट्रैफिकिंग का ही शिकार होते हैं। ह्यूमन ट्रैफिकिंग हथियारों और ड्रग्स के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध है। महिलाएं और बच्चे खास तौर से इनके निशाने पर हैं क्योंकि इनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा देह व्यापार और बच्चों से बंधुआ मजदूरी के रास्ते आता है। असंगठित क्षेत्र में बच्चों से बाल मजदूरी ट्रैफिकिंग का सबसे निकृष्टतम रूप है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिकर यानी बाल दुर्व्यापारी कहीं बाहर से नहीं आते। वे आस पास के ही होते हैं जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर परिवारों के बच्चों को नौकरी या अच्छे जीवन का लालच देकर साथ ले जाते हैं और फिर उन्हें वेश्यावृत्ति, भिक्षावृत्ति और बंधुआ मजदूरी के दलदल में धकेल देते हैं। हमारा फोकस ट्रैफिकिंग की रोकथाम और बच्चों को सुरक्षित बचाने के प्रभावी उपायों पर रहेगा। सरकार व प्रशासन के सहयोग से हम हाशिये के परिवारों की पहचान करेंगे और उनके बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ेंगे ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और ट्रैफिकिंग गिरोहों के चंगुल में फंसने से बच सकें। साथ ही, हम सुनिश्चित करेंगे कि ट्रैफिकिंग से मुक्त कराए गए बच्चों का उचित तरीके से पुनर्वास हो, ताकि वे समाज की मुख्य धारा में लौट सकें। उमेश वशिष्ठ अध्यक्ष सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट *सेंटर
फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ने मुरैना जिले में बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ किया निर्णायक जंग का एलान* जिले में बच्चों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए कार्य कर रहे गैरसरकारी संगठन सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ने विश्व मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस पर नई दिल्ली में ‘नेशनल कैंपेन अगेंस्ट चाइल्ड ट्रैफिकिंग’ की शुरुआत के मौके पर बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ निर्णायक जंग का एलान करते हुए कहा कि सरकार, प्रशासन व आम नागरिकों के सहयोग से वे जिले से ट्रैफिकिंग पर पूरी तरह से रोकथाम के लिए प्रतिबद्ध हैं। ट्रैफिकिंग रोकने के लिए जिले में जागरुकता अभियान चलाने के साथ-साथ ट्रैफिकरों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही सरकार व प्रशासन के सहयोग से हाशिये के परिवारों की पहचान कर उन्हें व बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और ट्रैफिकिंग गिरोहों के चंगुल में फंसने से बच सकें। बच्चों की ट्रैफिकिंग यानी बाल दुर्व्यापार के खिलाफ यह राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने का फैसला नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए जमीन पर काम कर रहे 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के देश के 782 जिलों से आए सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों के चार दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श “इंश्योरिंग ए चाइल्ड राइट्स, पोटेंशियल एंड प्रास्पेरिटी” में लिया गया। यह कैंपेन 2030 तक चलाया जाएगा। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन दुनिया का सबसे बड़ा कानूनी हस्तक्षेप कार्यक्रम चला रहा है और इसके सहयोगी संगठनों के प्रयासों से देशभर में अप्रैल 2023-दिसंबर 2025 तक के बीच 1,22,516 बच्चों को ट्रैफिकिंग से बचाया गया। संगठन सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है। इस परामर्श के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि किसी भी बच्चे की जिंदगी बचाना सबसे नेक काम होता है। छोटी उम्र की बच्चियां ट्रैफिकिंग की शिकार हो जाती हैं और फिर कभी अपने घर नहीं लौट पातीं। ऐसी बच्चियों को किसी फरिश्ते का इंतजार होता है और इन्हें यौन शोषण के दलदल से मुक्त कराने वाले नागरिक समाज संगठनों के स्वयंसेवी किसी फरिश्ते से कम नहीं होते। इस मौके पर सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट के निदेशक उमेश वशिष्ठ ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण वास्तविकता है कि देश में रोजाना 6 बच्चों की ट्रैफिकिंग होती है और 5 बच्चों को जबरन मजदूरी के लिए मजबूर किया जाता है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि हर घंटे 11 बच्चे गुम हो जाते हैं। इनमें से अधिकांश बच्चे ट्रैफिकिंग का ही शिकार होते हैं। ह्यूमन ट्रैफिकिंग हथियारों और ड्रग्स के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध है। महिलाएं और बच्चे खास तौर से इनके निशाने पर हैं क्योंकि इनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा देह व्यापार और बच्चों से बंधुआ मजदूरी के रास्ते आता है। असंगठित क्षेत्र में बच्चों से बाल मजदूरी ट्रैफिकिंग का सबसे निकृष्टतम रूप है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिकर यानी बाल दुर्व्यापारी कहीं बाहर से नहीं आते। वे आस पास के ही होते हैं जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर परिवारों के बच्चों को नौकरी या अच्छे जीवन का लालच देकर साथ ले जाते हैं और फिर उन्हें वेश्यावृत्ति, भिक्षावृत्ति और बंधुआ मजदूरी के दलदल में धकेल देते हैं। हमारा फोकस ट्रैफिकिंग की रोकथाम और बच्चों को सुरक्षित बचाने के प्रभावी उपायों पर रहेगा। सरकार व प्रशासन के सहयोग से हम हाशिये के परिवारों की पहचान करेंगे और उनके बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ेंगे ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और ट्रैफिकिंग गिरोहों के चंगुल में फंसने से बच सकें। साथ ही, हम सुनिश्चित करेंगे कि ट्रैफिकिंग से मुक्त कराए गए बच्चों का उचित तरीके से पुनर्वास हो, ताकि वे समाज की मुख्य धारा में लौट सकें। उमेश वशिष्ठ अध्यक्ष सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट
- पोरसा चौराहे पर नहीं सुलभ सुविधा, खासकर महिलाओं व युवतियों को झेलनी पड़ती है शर्मिंदगी, जिम्मेदारों के कानों पर नहीं रेंगती जू तक सालों पहले पोरसा चौराहे से महिला व पुरुष पेशाब घरों को हटा दिया गया था जिसकी पुनः निर्माण की किसी जिम्मेदार जन प्रतिनिधि ने नहीं ली सुध , महिलाओं की गरिमा हो रही भंग, सुलभ सुविधा हेतु महिलाओं को होती है असहजता और असुरक्षा। *भीमसेन सिंह तोमर* अंबाह । महिलाओं की गरिमा और सम्मान हमारे शास्त्रों में भी हमेशा से ही माना गया है, और उनकी गरिमा का पालन करना हमारा नैतिक व सामाजिक धर्म भी है । ठीक इसके विपरीत अंबाह नगर पालिका के जिम्मेदारों ने इसके विपरीत रवैया अपनाया है शहर के पोरसा चौराहे पर सुलभ सुविधा न होने से महिलाएं आए दिन असहजता व अपनी गरिमा का हनन महसूस करती हैं, और अपनी गरिमा को ताक पर रखकर शर्मिंदगी का शिकार हो रही है इसका मुख्य कारण है चौराहे पर सुलभ कंपलेक्स नहीं है जिससे महिलाएं सुलभ के लिए काफी काफी शर्मिंदगी महसूस करती असहयोगिता महसूस करती हैं तो वहीं दूसरी ओर सवाल खड़ा होता है कि जिम्मेदार अधिकारियों व प्रतिनिधियों और जिम्मेदार नगर पालिका इस गंभीर विषय पर क्यों उदासीनता बरते हुए। जबकि विषय महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा से जुड़ा हुआ है । इस मामले को मैंने कई बार सीएम साहब को अवगत कराया है व्यवस्था कराई जाएगी जय राजोरिया स्थानीय पार्षद, अंबाह। इस गंभीर विषय और महिलाओं की सुरक्षा व गरिमा को समझते हुए नगर पालिका के जिम्मेदारों और जनप्रतिनिधि को तुरंत इस विषय पर संज्ञान लेना चाहिए और तुरंत ही पोरसा चौराहे पर महिलाओं की सुरक्षा हेतु सुलभ कंपलेक्स का निर्माण करना चाहिए अजय जैन पूर्व संगठन मंत्री भाजपा अंबाह,। मामला गंभीर और महिलाओं की गरिमा से जुड़ा हुआ विषय है मैं कई बार इसके लिए प्रयास भी कर चुका हूं और जिम्मेदारों को बोला भी है कि इस विषय को गंभीरता से लें चाहिए क्योंकि मामला महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा से जुड़ा हुआ है। लाखन सिंह राठौड़ चिकित्सा एवं समाजसेवी पोरसा चौराहा अंबाह पोरसा चौराहे पर नहीं सुलभ सुविधा, खासकर महिलाओं व युवतियों को झेलनी पड़ती है शर्मिंदगी, जिम्मेदारों के कानों पर नहीं रेंगती जू तक सालों पहले पोरसा चौराहे से महिला व पुरुष पेशाब घरों को हटा दिया गया था जिसकी पुनः निर्माण की किसी जिम्मेदार जन प्रतिनिधि ने नहीं ली सुध , महिलाओं की गरिमा हो रही भंग, सुलभ सुविधा हेतु महिलाओं को होती है असहजता और असुरक्षा। *भीमसेन सिंह तोमर* अंबाह । महिलाओं की गरिमा और सम्मान हमारे शास्त्रों में भी हमेशा से ही माना गया है, और उनकी गरिमा का पालन करना हमारा नैतिक व सामाजिक धर्म भी है । ठीक इसके विपरीत अंबाह नगर पालिका के जिम्मेदारों ने इसके विपरीत रवैया अपनाया है शहर के पोरसा चौराहे पर सुलभ सुविधा न होने से महिलाएं आए दिन असहजता व अपनी गरिमा का हनन महसूस करती हैं, और अपनी गरिमा को ताक पर रखकर शर्मिंदगी का शिकार हो रही है इसका मुख्य कारण है चौराहे पर सुलभ कंपलेक्स नहीं है जिससे महिलाएं सुलभ के लिए काफी काफी शर्मिंदगी महसूस करती असहयोगिता महसूस करती हैं तो वहीं दूसरी ओर सवाल खड़ा होता है कि जिम्मेदार अधिकारियों व प्रतिनिधियों और जिम्मेदार नगर पालिका इस गंभीर विषय पर क्यों उदासीनता बरते हुए। जबकि विषय महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा से जुड़ा हुआ है । इस मामले को मैंने कई बार सीएम साहब को अवगत कराया है व्यवस्था कराई जाएगी जय राजोरिया स्थानीय पार्षद, अंबाह। इस गंभीर विषय और महिलाओं की सुरक्षा व गरिमा को समझते हुए नगर पालिका के जिम्मेदारों और जनप्रतिनिधि को तुरंत इस विषय पर संज्ञान लेना चाहिए और तुरंत ही पोरसा चौराहे पर महिलाओं की सुरक्षा हेतु सुलभ कंपलेक्स का निर्माण करना चाहिए अजय जैन पूर्व संगठन मंत्री भाजपा अंबाह,। मामला गंभीर और महिलाओं की गरिमा से जुड़ा हुआ विषय है मैं कई बार इसके लिए प्रयास भी कर चुका हूं और जिम्मेदारों को बोला भी है कि इस विषय को गंभीरता से लें चाहिए क्योंकि मामला महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा से जुड़ा हुआ है। लाखन सिंह राठौड़ चिकित्सा एवं समाजसेवी पोरसा चौराहा अंबाह2
- *अम्बाह पीजी कॉलेज में एम.एस.सी. रसायन विज्ञान के विद्यार्थियों का विदाई समारोह सम्पन्न* अम्बाह अम्बाह पीजी कॉलेज में एम.एस.सी. रसायन विज्ञान चतुर्थ सेमेस्टर के वरिष्ठ छात्र-छात्राओं के सम्मान में गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य महोदय तथा रसायन विभागाध्यक्ष डॉ. वी.के. जैन रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना, सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत सभी गुरुजनों का पुष्पमालाओं से सम्मान एवं अभिनंदन किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य महोदय एवं विभागाध्यक्ष डॉ. वी.के. जैन सहित समस्त शिक्षकगण ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया तथा उन्हें जीवन में अनुशासन, परिश्रम, नैतिक मूल्यों एवं शिक्षकों द्वारा दी गई सीख को आत्मसात कर उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अगले चरण में विभिन्न मनोरंजक खेल एवं गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें वरिष्ठ छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं के आधार पर मिस्टर फेयरवेल एवं मिस फेयरवेल का चयन कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय में बिताए गए अपने यादगार पलों एवं अनुभवों को साझा करते हुए गुरुजनों एवं सहपाठियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कनिष्ठ छात्र-छात्राओं द्वारा सभी वरिष्ठ विद्यार्थियों को स्मृति-चिह्न एवं उपहार भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ दी गईं। अंत में समूह छायाचित्र के साथ गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस विदाई समारोह का आयोजन रसायन विभाग एवं एम.एस.सी. रसायन विज्ञान के कनिष्ठ छात्र-छात्राओं द्वारा किया गया।4
- किसान बनकर खाद दुकान पर पहुंचे तहसीलदार नरेश शर्मा.. खाद वितरण मे लापरवाही और किसानो को खाद ना देने पर अम्बाह मे खाद दुकान सील्ड.. मुरैना कलेक्टर लोकेश जांगिड़ द्वारा सभी निजी खाद विक्रेताओं को किसानो को तत्काल खाद वितरण करने के निर्देश दिए गए है!तहसील अम्बाह मे सुबह 8 बजे से थाना परिसर मे तहसीलदार नरेश शर्मा की उपस्थिति मे मार्केफ़ेद द्वारा नियमित रूप से खाद का वितरण किया जा रहा है!शनिवार को खाद वितरण की ड्यूटी के दौरान तहसीलदार नरेश शर्मा को एक कृषक मकरंद शर्मा द्वारा शिकायत की गयी कि उनकी पत्नी के नाम का इ टोकन जारी होने के बाद भी नीरज उपाध्याय खाद बीज भंडार द्वारा खाद नहीं दिया जा रहा है तथा पिछले 3 दिनों से दुकान बंद है!सूचना मिलने पर तहसीलदार नरेश शर्मा स्वयं किसान बनकर नीरज उपाध्याय खाद वितरण केंद्र पर पहुंचे जहाँ दुकान बंद मिली!जब दुकान खुलवाकर खाद देने को कहा गया तो खाद की अनुपलब्धता बताकर वापस लौटाया गया!इसके बाद तहसीलदार नरेश शर्मा ने एस ए डी ओ अम्बाह महेश किरार, राजस्व विभाग के पटवारी एवं थाना अम्बाह के बल के साथ दुकान खुलवाकर निरीक्षण किया जहाँ भरपूर मात्रा मे डी ए पी एवं अन्य खाद उपलब्ध था!खाद विक्रेता द्वारा दुकान बंद रखने, इ टोकन वाले किसानो को खाद प्रदान ना करने एवं खाद वितरण मे अनियमितता करने के कारण दुकान को तत्काल सील्ड किया गया!तहसीलदार नरेश शर्मा द्वारा बताया गया कि दुकान का लाइसेंस निरस्त करने के लिए प्रतिवेदन कलेक्टर मुरैना को भेजा जायेगा साथ ही तहसील अम्बाह मे कृषकों को सही समय पर और उचित मूल्य पर खाद वितरण ना करने वाले दुकानदारों एवं सोसाइटी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी!साथ ही तहसीलदार नरेश शर्मा ने तहसील अम्बाह के कृषकों के लिए अपना मोबाइल नम्बर 9174952120 भी जारी किया है जहाँ किसान खाद वितरण के अधिक मूल्य, खाद प्रदान ना करने एवं दुकान ना खुलने सम्बंधित शिकायत कर सकते है!1
- धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सागवान ने किया राजाखेड़ा थाना परिसर का निरीक्षण, चुनाव की तैयारियों को लेकर दिए निर्देश धौलपुर जिला पुलिस अधीक्षक विकास सागवान शनिवार को राजाखेड़ा थाना परिसर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना कार्यालय, मालखाना, शस्त्रागार, हवालात और पुलिस बैरक की व्यवस्थाओं को परखा। एसपी ने सबसे पहले थाना रजिस्टर, अपराध रिकॉर्ड, लंबित केस और शिकायतों की फाइलें देखीं। उन्होंने थानाधिकारी को निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का समय पर निस्तारण किया जाए। हवालात और महिला डेस्क की साफ-सफाई देखी। शस्त्रागार में हथियारों का मिलान किया और जवानों को हथियारों के रख-रखाव के बारे में बताया। एसपी विकास सागवान ने कहा, "आगामी चुनाव को देखते हुए जिले भर में पुलिस अलर्ट मोड पर है। राजाखेड़ा क्षेत्र संवेदनशील है। यहां शांति भंग करने वाले अराजक तत्वों पर विशेष निगाह रखी जाएगी।उन्होंने अवैध शराब, सट्टा, जुआ और नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही रात्रि गश्त बढ़ाने और नाकाबंदी करने के आदेश दिए। एसपी ने कहा, "चुनाव में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी। सोशल मीडिया पर भ्रामक खबर फैलाने वालों पर भी नजर रखी जाएगी। आमजन से अपील है कि शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। थाने में आने वाले फरियादियों से अच्छा व्यवहार किया जाए लंबित केसों का जल्द निपटारा हो महिला सुरक्षा और साइबर क्राइम पर विशेष ध्यान सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत किया जाए,गांव घड़ी जोनावद में विद्युत विभाग की लापरवाही से कृष्णा की हुई मौत के मामले में एसपी ने पारिवारिक जनों को आश्वासन दिया है कि उनके साथ न्याय होगा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी जिससे पीड़ित को न्याय मिले थानाधिकारी वीर सिंह ने एसपी को आश्वस्त किया कि दिए गए सभी निर्देशों की पालना की जाएगी। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इस मौके पर थाना अधिकारी वीर सिंह, si सुरेश चंद , विजय सिंह, हेड कांस्टेबल,विनोद कुमार हेड कांस्टेबल,जयकुमार हेड कांस्टेबल,श्याम बाबू हेड कांस्टेबल चौकी प्रभारी हाट मैदान, पूरणमल कांस्टेबल, कुलदीप सिंह , जोरमल सिंह, दशरथ सिंह, सौरभ सिंह, सरवन सिंह, सहित पूरा स्टाफ शामिल मौजूद रहा धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सागवान ने किया राजाखेड़ा थाना परिसर का निरीक्षण, चुनाव की तैयारियों को लेकर दिए निर्देश धौलपुर जिला पुलिस अधीक्षक विकास सागवान शनिवार को राजाखेड़ा थाना परिसर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना कार्यालय, मालखाना, शस्त्रागार, हवालात और पुलिस बैरक की व्यवस्थाओं को परखा। एसपी ने सबसे पहले थाना रजिस्टर, अपराध रिकॉर्ड, लंबित केस और शिकायतों की फाइलें देखीं। उन्होंने थानाधिकारी को निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का समय पर निस्तारण किया जाए। हवालात और महिला डेस्क की साफ-सफाई देखी। शस्त्रागार में हथियारों का मिलान किया और जवानों को हथियारों के रख-रखाव के बारे में बताया। एसपी विकास सागवान ने कहा, "आगामी चुनाव को देखते हुए जिले भर में पुलिस अलर्ट मोड पर है। राजाखेड़ा क्षेत्र संवेदनशील है। यहां शांति भंग करने वाले अराजक तत्वों पर विशेष निगाह रखी जाएगी।उन्होंने अवैध शराब, सट्टा, जुआ और नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही रात्रि गश्त बढ़ाने और नाकाबंदी करने के आदेश दिए। एसपी ने कहा, "चुनाव में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी। सोशल मीडिया पर भ्रामक खबर फैलाने वालों पर भी नजर रखी जाएगी। आमजन से अपील है कि शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। थाने में आने वाले फरियादियों से अच्छा व्यवहार किया जाए लंबित केसों का जल्द निपटारा हो महिला सुरक्षा और साइबर क्राइम पर विशेष ध्यान सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत किया जाए,गांव घड़ी जोनावद में विद्युत विभाग की लापरवाही से कृष्णा की हुई मौत के मामले में एसपी ने पारिवारिक जनों को आश्वासन दिया है कि उनके साथ न्याय होगा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी जिससे पीड़ित को न्याय मिले थानाधिकारी वीर सिंह ने एसपी को आश्वस्त किया कि दिए गए सभी निर्देशों की पालना की जाएगी। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इस मौके पर थाना अधिकारी वीर सिंह, si सुरेश चंद , विजय सिंह, हेड कांस्टेबल,विनोद कुमार हेड कांस्टेबल,जयकुमार हेड कांस्टेबल,श्याम बाबू हेड कांस्टेबल चौकी प्रभारी हाट मैदान, पूरणमल कांस्टेबल, कुलदीप सिंह , जोरमल सिंह, दशरथ सिंह, सौरभ सिंह, सरवन सिंह, सहित पूरा स्टाफ शामिल मौजूद रहा1
- एसपी विकास सांगवान ने दिहोली, राजाखेड़ा व मनियां थानों का किया निरीक्षण अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और पंचायत-निकाय चुनावों की तैयारियों पर दिया विशेष जोर धौलपुर। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण तथा पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह एवं परिणाममुखी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने शनिवार को दिहोली, राजाखेड़ा और मनियां थानों का क्रमवार निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थानों की कार्यप्रणाली, अभिलेख संधारण, अनुसंधान की प्रगति, मालखाना, शस्त्रागार, हवालात तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक थाने पर अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों की बैठक लेकर पुलिस मुख्यालय और जयपुर रेंज स्तर पर संचालित विभिन्न अभियानों की समीक्षा की। उन्होंने अनुसंधान अधिकारियों को सभी मामलों की निष्पक्ष, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके और न्यायालय में प्रभावी पैरवी हो सके। साथ ही लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई तथा वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। आगामी पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों के मद्देनजर एसपी ने थानाधिकारियों को संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने, शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने तथा किसी भी अवांछित गतिविधि पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने हिस्ट्रीशीटरों, आदतन अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों की सघन धरपकड़ कर उनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने और नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने पर जोर दिया। पुलिस अधीक्षक ने नियमित गश्त बढ़ाने, संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन जांच करने तथा सूचना तंत्र को मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा अवैध हथियार, मादक पदार्थ, अवैध शराब, जुआ, सट्टा एवं अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के लिए कहा। उन्होंने महिला एवं बाल अपराधों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने तथा साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए आमजन को लगातार जागरूक करने के निर्देश दिए। साथ ही थाना परिसरों की साफ-सफाई, अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, सरकारी संपत्ति के संरक्षण एवं पुलिस अनुशासन बनाए रखने पर विशेष बल दिया। एसपी सांगवान ने पुलिस अधिकारियों एवं जवानों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया। निरीक्षण के दौरान प्रोबेशनर आरपीएस सुखराम विश्नोई, राजाखेड़ा थानाधिकारी वीर सिंह, मनियां थानाधिकारी अनिल गौतम, दिहोली थानाधिकारी अशोक पहलवान सहित संबंधित थानों के अधिकारी एवं पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।3
- पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने दिहोली, राजाखेड़ा एवं मनियां थानों का किया निरीक्षण, अपराध नियंत्रण, आगामी चुनावों की तैयारियों एवं गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पर दिया विशेष जोर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने दिहोली, राजाखेड़ा एवं मनियां थानों का किया निरीक्षण, अपराध नियंत्रण, आगामी चुनावों की तैयारियों एवं गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पर दिया विशेष जोर जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखने तथा पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह एवं परिणाममुखी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक धौलपुर विकास सांगवान ने शनिवार को पुलिस थाना दिहोली, राजाखेड़ा एवं मनियां का क्रमवार निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने थानों की कार्यप्रणाली, अभिलेख संधारण, अनुसंधान की प्रगति, मालखाना, शस्त्रागार, हवालात एवं अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने सर्वप्रथम थाना दिहोली, इसके बाद थाना राजाखेड़ा एवं अंत में थाना मनियां का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक थाने पर पुलिस अधिकारियों एवं जवानों की बैठक लेकर पुलिस मुख्यालय एवं जयपुर रेंज स्तर से संचालित विभिन्न अभियानों की प्रगति की समीक्षा की तथा अभियानों को प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अनुसंधान अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों का अनुसंधान निष्पक्ष, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके तथा न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित हो। उन्होंने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई एवं वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री विकास सांगवान ने आगामी पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों के दृष्टिगत कानून-व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने थानाधिकारियों को संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने, शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने हिस्ट्रीशीटरों, आदतन अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों की सघन धरपकड़ करने, उनकी गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखने तथा उनके विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही नियमित गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग तथा सूचना तंत्र को मजबूत रखते हुए जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया। पुलिस अधीक्षक ने अवैध हथियार, मादक पदार्थ, अवैध शराब, जुआ, सट्टा एवं अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला एवं बाल अपराधों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने तथा साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए आमजन को जागरूक करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने थाना परिसरों की साफ-सफाई, रिकॉर्ड के सुव्यवस्थित संधारण, सरकारी संपत्ति के संरक्षण एवं पुलिस अनुशासन बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को टीम भावना के साथ कार्य करते हुए आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास एवं सुरक्षा की भावना को और मजबूत करने का आह्वान किया। निरीक्षण के दौरान सुखराम विश्नोई (प्रोबेशनर आरपीएस), थानाधिकारी राजाखेड़ा वीर सिंह, थानाधिकारी मनियां अनिल गौतम व थानाधिकारी थाना दिहोली अशोक पहलवान सहित संबंधित पुलिस थानों के अधिकारी एवं पुलिस स्टाफ उपस्थित रहा।4
- राजाखेड़ा पुलिस की कार्रवाई,अवैध पिस्टल व बिना नंबर की मोटरसाइकिल के साथ एक व्यक्ति गिरफ्तार धौलपुर जिले की राजाखेड़ा पुलिस ने एक युवक को अवैध 32 बोर पिस्टल और बिना नंबर की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया है। भागा हुआ दूसरा व्यक्ति अभी भी फरार है। जिसकी तलाश की जा रही है। राजाखेड़ा थानाधिकारी वीर सिंह ने बताया कि डीएसटी प्रभारी प्रेमसिंह एएसआई को मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने देवखेड़ा तिराहे पर नाकाबंदी की। सूचना में बताया गया था कि दो व्यक्ति बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर पिनाहट रोड से राजाखेड़ा की तरफ आ रहे हैं और उनके पास अवैध हथियार हैं। नाकाबंदी के दौरान मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे व्यक्ति को पकड़ लिया गया। उसने अपना नाम विशाल रावत,(21) पुत्र महेंद्रसिंह, निवासी वार्ड नंबर 18, नई टंकी के पीछे, कस्बा राजाखेड़ा बताया। उसकी तलाशी में बाईं पैंट की जेब से .32 बोर की पिस्टल बरामद हुई। उसके पास हथियार रखने का कोई लाइसेंस या अनुमति नहीं थी। मोटरसाइकिल चालक मोटरसाइकिल पटककर खेतों की तरफ भाग गया। पकड़े गए व्यक्ति के खिलाफ थाना राजाखेड़ा में आर्म्स एक्ट की धारा 9/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। बिना नंबर की मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। फरार व्यक्ति की तलाश जारी है। कार्रवाई करने वाली टीम में थानाधिकारी वीरसिंह, श्यामसुंदर एएसआई, प्रेमसिंह एएसआई, रामसहाय कांस्टेबल, कुलदीप कांस्टेबल और राकेश कांस्टेबल शामिल थे। राजाखेड़ा पुलिस की कार्रवाई,अवैध पिस्टल व बिना नंबर की मोटरसाइकिल के साथ एक व्यक्ति गिरफ्तार धौलपुर जिले की राजाखेड़ा पुलिस ने एक युवक को अवैध 32 बोर पिस्टल और बिना नंबर की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया है। भागा हुआ दूसरा व्यक्ति अभी भी फरार है। जिसकी तलाश की जा रही है। राजाखेड़ा थानाधिकारी वीर सिंह ने बताया कि डीएसटी प्रभारी प्रेमसिंह एएसआई को मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने देवखेड़ा तिराहे पर नाकाबंदी की। सूचना में बताया गया था कि दो व्यक्ति बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर पिनाहट रोड से राजाखेड़ा की तरफ आ रहे हैं और उनके पास अवैध हथियार हैं। नाकाबंदी के दौरान मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे व्यक्ति को पकड़ लिया गया। उसने अपना नाम विशाल रावत,(21) पुत्र महेंद्रसिंह, निवासी वार्ड नंबर 18, नई टंकी के पीछे, कस्बा राजाखेड़ा बताया। उसकी तलाशी में बाईं पैंट की जेब से .32 बोर की पिस्टल बरामद हुई। उसके पास हथियार रखने का कोई लाइसेंस या अनुमति नहीं थी। मोटरसाइकिल चालक मोटरसाइकिल पटककर खेतों की तरफ भाग गया। पकड़े गए व्यक्ति के खिलाफ थाना राजाखेड़ा में आर्म्स एक्ट की धारा 9/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। बिना नंबर की मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। फरार व्यक्ति की तलाश जारी है। कार्रवाई करने वाली टीम में थानाधिकारी वीरसिंह, श्यामसुंदर एएसआई, प्रेमसिंह एएसआई, रामसहाय कांस्टेबल, कुलदीप कांस्टेबल और राकेश कांस्टेबल शामिल थे।1
- अंबाह जैन बगीची से निकली भव्य शोभायात्रा, 35 दिवसीय णमोकार महामंत्र आराधना का श्रद्धापूर्वक शुभारंभ अम्बाह। धर्मनगरी अम्बाह के जैन बगीची परिसर में चातुर्मासरत आचार्यश्री सिद्धांत सागर जी महाराज की शिष्या परम पूज्य आर्यिका रत्न 105 श्री संगममति माताजी, परम पूज्य आर्यिका संयोगमति माताजी, क्षुल्लिका सम्पर्कमति माताजी, क्षुल्लिका सानिध्यमति माताजी एवं समर्पितमति माताजी ससंघ के पावन सान्निध्य में 35 दिवसीय णमोकार महामंत्र आराधना का श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ शुभारंभ हुआ। शुभारंभ अवसर पर जैन बगीची से राठौटी बैंड की मधुर धुनों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः जैन बगीची पहुंची, जहां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ इसका समापन हुआ। यात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे मार्ग में भगवान महावीर स्वामी एवं णमोकार महामंत्र के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। आराधना के प्रथम दिवस के पुण्यार्जक भागचंद जैन, ऊषा जैन भंडारी, कुंदन जैन भंडारी एवं समस्त भंडारी परिवार रहे। उन्होंने विधिवत पूजन-अर्चना कर णमोकार महामंत्र आराधना का शुभारंभ कराया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से णमोकार महामंत्र का जाप कर धर्मलाभ अर्जित किया। भजन, मंगलाचरण एवं जयघोष से पूरा जैन बगीची परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा। अपने मंगल प्रवचन में परम पूज्य आर्यिका श्री संगममति माताजी ने कहा कि "णमोकार महामंत्र समस्त मंत्रों का मूल है। इसका श्रद्धा, विश्वास और एकाग्रता के साथ किया गया जाप आत्मशुद्धि, मानसिक शांति तथा आत्मबल की वृद्धि का श्रेष्ठ साधन है।" उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आगामी 35 दिनों तक नियमित रूप से आराधना में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए आत्मकल्याण एवं पुण्यार्जन का संदेश दिया। इस अवसर पर जैन बगीची स्थित पांडुकशिला पर भगवान का विधिवत अभिषेक, पूजन-अर्चना, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का पुण्य लाभ समाजजनों ने प्राप्त किया। आयोजन समिति के अनुसार आगामी 35 दिनों तक प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल णमोकार महामंत्र जाप, प्रवचन, पूजन तथा विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रथम दिवस की संध्या आरती एवं णमोकार महामंत्र आराधना का पुण्य लाभ भी भागचंद जैन, ऊषा जैन भंडारी, कुंदन जैन भंडारी एवं समस्त भंडारी परिवार द्वारा प्राप्त किया गया। कार्यक्रम में जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाई। श्रद्धा, अनुशासन एवं धार्मिक उत्साह से संपन्न यह आयोजन नगर के धार्मिक वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना गया।1