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वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र स्थित छितमपुर के मां नेपाली भगवती धाम में सोमवार को विश्व शांति और राष्ट्र कल्याण की कामना के साथ एक भव्य नौ दिवसीय सतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। इस अनुष्ठान की शुरुआत एक कलश यात्रा के साथ हुई। यह महायज्ञ अयोध्या से पधारे संत राजेन्द्र दास महाराज के सानिध्य में आयोजित किया जा रहा है और 30 जून तक चलेगा।
NEWS 2 INDIA (NTI)
वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र स्थित छितमपुर के मां नेपाली भगवती धाम में सोमवार को विश्व शांति और राष्ट्र कल्याण की कामना के साथ एक भव्य नौ दिवसीय सतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। इस अनुष्ठान की शुरुआत एक कलश यात्रा के साथ हुई। यह महायज्ञ अयोध्या से पधारे संत राजेन्द्र दास महाराज के सानिध्य में आयोजित किया जा रहा है और 30 जून तक चलेगा।
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- चंदौली जिले के चहनियां क्षेत्र में सोमवार को एक हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। चंदौली कस्बे के छोटी बेलवाली मोहल्ले में घर के सामने बह रही नहर में डूबने से सगे भाई-बहन, 5 वर्षीय आर्यन पाल और 3 वर्षीय अनू पाल की दर्दनाक मौत हो गई। ये मासूम हिरा पाल के पुत्र और पुत्री थे, जो घर के सामने खेल रहे थे। खेलते-खेलते दोनों बच्चे नहर की ओर चले गए। बताया जाता है कि वे प्रतिदिन नहर पार कर आसपास की दुकानों तक जाते थे। हादसे वाले दिन सोमवार को सिंचाई विभाग द्वारा नहर में पानी छोड़ा गया था, जिससे नहर पूरी तरह लबालब भरी हुई थी और पानी का बहाव भी काफी तेज था। आशंका जताई जा रही है कि नहर पार करते समय पहले एक बच्चे का पैर फिसला होगा और उसे बचाने के प्रयास में दूसरा बच्चा भी पानी में गिर गया। इसके बाद दोनों मासूम बच्चे तेज बहाव में बह गए और घर वापस नहीं लौट सके। बच्चों के काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की, जिसके बाद दोनों के शव नहर में मिले। एक साथ दो बच्चों की मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे परिवार सहित मोहल्ले में भी कोहराम व मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए सिंचाई विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना के नहर में पानी छोड़ा और सुरक्षा के कोई इंतजाम भी नहीं किए। इस दिल दहला देने वाले हादसे ने सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- जनता न्यूज टीवी के संवाददाता पंकज कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वाराणसी के चौबेपुर में एक ग्राम प्रधान पर हमला करने, मारपीट करने और छीना-झपटी करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में कुल 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।1
- वाराणसी के कैथी गाँव में चल रहे सड़क निर्माण कार्य के दौरान जल निगम के कई कनेक्शन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस घटना के कारण स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।1
- चंदौली के मुगलसराय में शराब बिक्री के निर्धारित समय संबंधी शासन के कड़े नियमों के बावजूद, देर रात तक अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने एक बार फिर आबकारी विभाग और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कैलाशपुरी मोड़ स्थित एक मॉडल शॉप पर रात 10 बजे के बाद भी धड़ल्ले से शराब की बिक्री जारी थी। यह कोई अकेला मामला नहीं है, क्योंकि कुछ समय पहले मुगलसराय की अंग्रेजी शराब की दुकान नंबर-1 का भी ऐसा ही एक वीडियो सामने आया था, जिसमें निर्धारित समय के बाद शराब बेचने के आरोप लगे थे। इन लगातार हो रहे उल्लंघनों के बावजूद, यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कार्रवाई किसके खिलाफ की जा रही है, या क्या यह केवल फाइलों और प्रेस नोट तक ही सीमित है? शहर में यह चर्चा भी गर्म है कि शासन की स्पष्ट नीति के बावजूद, यदि दुकानें देर रात तक संचालित हो रही हैं, तो यह केवल दुकानदारों की मनमानी नहीं, बल्कि निगरानी व्यवस्था की स्पष्ट विफलता है, जो बिना किसी संरक्षण के इतने लंबे समय तक संभव नहीं मानी जा सकती। इसके अतिरिक्त, सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि मुगलसराय से बिहार की ओर शराब तस्करी का पुराना नेटवर्क फिर से सक्रिय हो रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इन वायरल वीडियो और स्थानीय चर्चाओं में सच्चाई होने पर, यह मामला केवल समय सीमा के उल्लंघन तक सीमित नहीं रहता। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब ये वीडियो आम लोगों के मोबाइल तक आसानी से पहुंच रहे हैं, तो जिम्मेदार विभागों की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ती? क्या नियम सिर्फ दिखावा हैं, या कानून का समय कुछ खास लोगों के लिए 'एक्सटेंड' हो जाता है? अब सबकी निगाहें आबकारी विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वे इस वायरल वीडियो को मात्र सोशल मीडिया की हलचल मानकर अनदेखा कर देंगे, या इसकी निष्पक्ष जांच कराकर यह उजागर करेंगे कि आखिर रात के अंधेरे में नियमों की 'बोतल' कौन खोल रहा है।2
- डीडीयू नगर में पहली बार एक सफल निर्गुण भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न जगहों से आए हुए निर्गुण कलाकारों ने दिव्य माहौल बना दिया, जिसकी उपस्थित लोगों ने खूब प्रशंसा की। भजन संध्या में बैठकर लोगों को अपनी आत्मा का मंथन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन चेतना मंच के द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।1
- जनपद मिर्जापुर में वाराणसी-सोनभद्र रूट पर स्थित नारायणपुर मोटर मंडी की सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर और जानलेवा बनी हुई है, जिसे पूर्वांचल की सबसे बुरी, घातक और मौत के कुएं जैसी सड़क बताया जा रहा है। इतनी दयनीय हालत होने के बावजूद, यह सड़क अब तक क्यों नहीं बन पाई है, जबकि इस मार्ग पर पूर्वांचल की सबसे महंगी टोल वसूली की जाती है। स्थानीय लोगों और जनता द्वारा शासन, प्रशासन, विधायक, मंत्री, ठेकेदार और टोल प्लाजा के तमाम जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। पूछा जा रहा है कि क्या ये सभी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही इस जानलेवा सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा? इस पीड़ादायक स्थिति के लिए कौन जवाब देगा, यह प्रश्न लगातार बना हुआ है।1
- रविवार, 21 जून 2026 को वाराणसी के हरीनगर कॉलोनी, चंदुआ छित्तूपुर स्थित कुशवाहा धर्मशाला में कुशवाहा अतिथि निवास समिति का वार्षिक अधिवेशन संपन्न हुआ। समिति अध्यक्ष जगदीश प्रसाद वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान, मंत्री अवधेश कुमार कुशवाहा, एडवोकेट, ने वर्ष 2025-2026 की वार्षिक रिपोर्ट सदन के समक्ष प्रस्तुत की। इसके अतिरिक्त, कोषाध्यक्ष शोभनाथ मौर्य ने इसी अवधि का विस्तृत आय-व्यय लेखा-जोखा पेश किया। अधिवेशन में आगामी वर्ष 2026-2027 में समिति द्वारा आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस अधिवेशन में पारंपरिक 'बुझौवा' दान प्रथा का आयोजन हुआ और इसमें पधारे विशिष्ट अतिथियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार, अंग वस्त्र और मेडल देकर सम्मानित करना रहा। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद वर्मा, मंत्री अवधेश कुमार कुशवाहा एडवोकेट, कोषाध्यक्ष शोभनाथ मौर्य, रत्न मौर्य, राजेश मौर्य एडवोकेट, पंकज कुमार वर्मा एडवोकेट, रामकेश मौर्य एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- वाराणसी में रविवार, 21 जून 2026 को कुशवाहा अतिथि निवास समिति का वार्षिक अधिवेशन संपन्न हुआ। यह आयोजन सायं 4 बजे कुशवाहा धर्मशाला, हरीनगर कॉलोनी, चंदुआ छित्तूपुर में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष जगदीश प्रसाद वर्मा ने की। इस अधिवेशन के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्य हुए, जिसमें मंत्री अवधेश कुमार कुशवाहा, एडवोकेट, ने वर्ष 2025-2026 की वार्षिक रिपोर्ट सदन के समक्ष प्रस्तुत की। इसके अतिरिक्त, कोषाध्यक्ष शोभनाथ मौर्य ने वर्ष 2025-2026 का विस्तृत आय-व्यय लेखा-जोखा पेश किया। आगामी वर्ष 2026-2027 में समिति द्वारा आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अधिवेशन में पारंपरिक 'बुझौवा' दान प्रथा का आयोजन हुआ और इसमें पधारे विशिष्ट अतिथियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार, अंग वस्त्र और मेडल देकर सम्मानित करना रहा। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद वर्मा, मंत्री अवधेश कुमार कुशवाहा एडवोकेट, कोषाध्यक्ष शोभनाथ मौर्य, रत्न मौर्य, राजेश मौर्य एडवोकेट, पंकज कुमार वर्मा एडवोकेट, रामकेश मौर्य एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- वाराणसी जनपद के चौबेपुर थाना क्षेत्र के गंगापुर में रविवार सुबह गंगा स्नान के दौरान एक भाई और बहन की डूबने से मौत हो गई। 18 वर्षीय शुभम निषाद और उनकी 10 वर्षीय छोटी बहन अनन्या शनिवार को अपनी बुआ विमल के घर घूमने गए थे, जहाँ यह दर्दनाक हादसा हुआ। कांवर गाँव (बलुआ थाना क्षेत्र) के रहने वाले नंदकिशोर निषाद, जो लखनऊ में निजी नौकरी करते हैं, के पुत्र शुभम और पुत्री अनन्या महड़ौरा के एक निजी विद्यालय में पढ़ते थे। गंगा स्नान के दौरान पैर फिसलने से दोनों गहरे पानी में चले गए। बुआ को घटना का पता चलने पर पूरे गाँव के लोग गंगा किनारे उमड़ पड़े। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को गंगा से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। शवों को कांवर गाँव लाया गया, जहाँ पहुँचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पिता नंदकिशोर, माँ सुनीता देवी, छोटी बहन और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। यह घटना वाराणसी जनपद के चौबेपुर थाना क्षेत्र में घटित हुई थी, लेकिन ग्रामीणों द्वारा पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी गई।1