सूखे की चिंता के बीच बदला मौसम का मिजाज, भोपाल में रातभर से झमाझम,निचली बस्तियों के साथ कई कॉलोनियां जलमग्न, स्कूलों में छुट्टी घोषित,आज 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट,5 जिलों में 8 इंच तक बारिश की चेतावनी मध्यप्रदेश में लंबे समय से सुस्त पड़े मानसून ने आखिरकार एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश में सक्रिय स्ट्रांग मौसम सिस्टम के प्रभाव से कई इलाकों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। राजधानी भोपाल में रविवार रात से बारिश ने ऐसा जोर पकड़ा कि सोमवार की सुबह शहरवासियों की शुरुआत झमाझम बारिश के बीच हुई। रातभर हुई बारिश के चलते कई निचली बस्तियों में पानी भर गया, जबकि अलग-अलग इलाकों में पेड़ टूटकर सड़कों पर गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 21 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में सबसे ज्यादा बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना जताई गई है। भोपाल के अलावा रविवार की बारिश का असर मंडला, डिंडौरी, विदिशा समेत कई जिलों में भी दिखाई दिया। तेज बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर आ गए। स्थानीय स्तर पर जलभराव और आवागमन प्रभावित होने की सूचनाएं भी सामने आई हैं। भोपाल में रातभर बरसे बादल, सुबह भी नहीं थमी रफ्तार राजधानी में रविवार सुबह से ही मौसम बदला हुआ था। दिनभर रुक-रुककर रिमझिम बारिश होती रही, लेकिन रात करीब 10 बजे के बाद बारिश ने अचानक रफ्तार पकड़ ली। इसके बाद पूरी रात शहर में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहा। सोमवार सुबह से भी शहर में तेज बारिश होती रही। लगातार पानी गिरने से निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई जगह पेड़ टूटकर सड़कों पर गिर गए। वीआईपी रोड पर भी पेड़ गिरने से बारिश के बीच वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा और यातायात प्रभावित हुआ। शहर के कोलार,एयरपोर्ट रोड, अयोध्या बायपास,रायसेन रोड़, और पुराने भोपाल के नादरा बस स्टैंड, डीआईजी बंगला सहित कई इलाकों में जल भराव की स्थिति हैं। कुछ कॉलोनी के घरों में पानी भरने से लोग निकासी के लिए परेशान हो रहे हैं, वहीं सड़कों पर बहुत ज्यादा पानी भरा होने से लोग जरूरत के समान के लिए भी बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। बारिश के चलते आज स्कूलों में घोषित की गई छुट्टी लगातार तेज बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी ने आज के लिए सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में अवकाश घोषित किया हैं। आदेश जारी होने से पहले ही कई स्कूलों ने अपने स्तर पर छुट्टी घोषित कर दी थी, वहीं कई स्कूलों में छुट्टी घोषित नहीं होने से बच्चे स्कूल भी पहुंच गए थे लेकिन आदेश जारी होने के बाद सभी बच्चों को भींगते हुए घर लौटना पड़ा। आसपास के कुछ जिलों में भी जिला प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए स्कूलों को बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है। बैरागढ़ की साईं बाबा रेसीडेंसी में पानी भरने से बढ़ी परेशानी भारी बारिश का असर बैरागढ़ के कैलाश नगर स्थित साईं बाबा रेसीडेंसी में भी देखने को मिला। यहां पानी की निकासी नहीं होने के कारण पूरी कॉलोनी में जलभराव की स्थिति बन गई है। लगातार बारिश के चलते पानी बढ़ता जा रहा है और रहवासियों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।रहवासियों के मुताबिक मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज कराई गई है। नगर निगम से संपर्क करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन फोन व्यस्त मिलने की बात सामने आई। रहवासियों ने जिम्मेदार व्यक्ति को स्थिति का वीडियो भी भेजा है। कॉलोनी के लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से तत्काल मौके पर पहुंचकर जल निकासी कराने की मांग की है। रहवासियों का कहना है कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। इन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अगले 24 घंटे के दौरान अति भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में करीब 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। वहीं उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, जबलपुर, गुना, शिवपुरी और श्योपुर में भारी बारिश की संभावना है। भोपाल, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, रतलाम, ग्वालियर-चंबल समेत प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। तेज़ बारिश होने से तालाब बने मैदान भोपाल के अलावा रायसेन, सीहोर, विदिशा, शाजापुर,शिवपुरी, हरदा और शुजालपुर में भी तेज बारिश का दौर जारी है। रायसेन शहर में मौजूद रामलीला मैदान पानी भरने से पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गया है। जबकि सीहोर और श्यामपुर में नदी नाले उफान पर है, शाजापुर में 6 घंटे में करीब 4 इंच बारिश दर्ज की गई है। वहीं जिले के शुजालपुर में भी 3:00 बजे से तेज बारिश के बाद किसानों और व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। प्रदेश के कई इलाकों में पानी पुल के ऊपर होने से आवागमन बाधित है,लोग बारिश थमने के बाद पुल से पानी नीचे उतरने का इंतजार कर रहे हैं। दो दिन रहेगा सिस्टम का ज्यादा असर मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और मानसून ट्रफ के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। इस सिस्टम का सबसे ज्यादा प्रभाव अगले दो दिनों तक रहने की संभावना है। इसके बाद 11 अगस्त के आसपास उत्तर बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तट के पास एक नया चक्रवाती परिसंचरण बनने के संकेत हैं। इसके प्रभाव से 13 अगस्त के आसपास एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हो सकता है। हालांकि 12 और 13 अगस्त के आसपास बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है। बारिश ने बढ़ाया आंकड़ा, फिर भी प्रदेश 19 फीसदी पीछे मानसून की रफ्तार बढ़ने के बावजूद प्रदेश में बारिश का कुल आंकड़ा अभी भी सामान्य से काफी नीचे है। अब तक मध्यप्रदेश में करीब 17.8 इंच यानी 453 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक करीब 22 इंच यानी 560 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में करीब 19 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से करीब 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में लगभग 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। 49 जिलों में सामान्य से कम बारिश प्रदेश के बड़े हिस्से में अब भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में बारिश की कमी करीब 20 प्रतिशत तक है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई जिलों में भी सामान्य से कम पानी गिरा है। पश्चिमी मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, रतलाम, मंदसौर, नीमच और धार समेत कई जिलों में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे है। हालांकि ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां अब तक औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। मानसून की तेज बारिश से बदलेगी तस्वीर फिलहाल प्रदेश के लिए अच्छी खबर यह है कि कमजोर पड़े मानसून के बीच एक मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ है। अगले 48 घंटे में अगर मौसम विभाग का अनुमान सही साबित होता है और कई जिलों में अच्छी बारिश होती है, तो बारिश की कमी के आंकड़े में कुछ सुधार जरूर हो सकता है। हालांकि पूरे प्रदेश को सामान्य स्थिति में लाने के लिए आने वाले दिनों में लगातार अच्छी बारिश की जरूरत बनी रहेगी।
सूखे की चिंता के बीच बदला मौसम का मिजाज, भोपाल में रातभर से झमाझम,निचली बस्तियों के साथ कई कॉलोनियां जलमग्न, स्कूलों में छुट्टी घोषित,आज 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट,5 जिलों में 8 इंच तक बारिश की चेतावनी मध्यप्रदेश में लंबे समय से सुस्त पड़े मानसून ने आखिरकार एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश में सक्रिय स्ट्रांग मौसम सिस्टम के प्रभाव से कई इलाकों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। राजधानी भोपाल में रविवार रात से बारिश ने ऐसा जोर पकड़ा कि सोमवार की सुबह शहरवासियों की शुरुआत झमाझम बारिश के बीच हुई। रातभर हुई बारिश के चलते कई निचली बस्तियों में पानी भर गया, जबकि अलग-अलग इलाकों में पेड़ टूटकर सड़कों पर गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 21 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में सबसे ज्यादा बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना जताई गई है। भोपाल के अलावा रविवार की बारिश का असर मंडला, डिंडौरी, विदिशा समेत कई जिलों में भी दिखाई दिया। तेज बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर आ गए। स्थानीय स्तर पर जलभराव और आवागमन प्रभावित होने की सूचनाएं भी सामने आई हैं। भोपाल में रातभर बरसे बादल, सुबह भी नहीं थमी रफ्तार राजधानी में रविवार सुबह से ही मौसम बदला हुआ था। दिनभर रुक-रुककर रिमझिम बारिश होती रही, लेकिन रात करीब 10 बजे के बाद बारिश ने अचानक रफ्तार पकड़ ली। इसके बाद पूरी रात शहर में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहा। सोमवार सुबह से भी शहर में तेज बारिश होती रही। लगातार पानी गिरने से निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई जगह पेड़ टूटकर सड़कों पर गिर गए। वीआईपी रोड पर भी पेड़ गिरने से बारिश के बीच वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा और यातायात प्रभावित हुआ। शहर के कोलार,एयरपोर्ट रोड, अयोध्या बायपास,रायसेन रोड़, और पुराने भोपाल के नादरा बस स्टैंड, डीआईजी बंगला सहित कई इलाकों में जल भराव की स्थिति हैं। कुछ कॉलोनी के घरों में पानी भरने से लोग निकासी के लिए परेशान हो रहे हैं, वहीं सड़कों पर बहुत ज्यादा पानी भरा होने से लोग जरूरत के समान के लिए भी बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। बारिश के चलते आज स्कूलों में घोषित की गई छुट्टी लगातार तेज बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी ने आज के लिए सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में अवकाश घोषित किया हैं। आदेश जारी
होने से पहले ही कई स्कूलों ने अपने स्तर पर छुट्टी घोषित कर दी थी, वहीं कई स्कूलों में छुट्टी घोषित नहीं होने से बच्चे स्कूल भी पहुंच गए थे लेकिन आदेश जारी होने के बाद सभी बच्चों को भींगते हुए घर लौटना पड़ा। आसपास के कुछ जिलों में भी जिला प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए स्कूलों को बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है। बैरागढ़ की साईं बाबा रेसीडेंसी में पानी भरने से बढ़ी परेशानी भारी बारिश का असर बैरागढ़ के कैलाश नगर स्थित साईं बाबा रेसीडेंसी में भी देखने को मिला। यहां पानी की निकासी नहीं होने के कारण पूरी कॉलोनी में जलभराव की स्थिति बन गई है। लगातार बारिश के चलते पानी बढ़ता जा रहा है और रहवासियों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।रहवासियों के मुताबिक मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज कराई गई है। नगर निगम से संपर्क करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन फोन व्यस्त मिलने की बात सामने आई। रहवासियों ने जिम्मेदार व्यक्ति को स्थिति का वीडियो भी भेजा है। कॉलोनी के लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से तत्काल मौके पर पहुंचकर जल निकासी कराने की मांग की है। रहवासियों का कहना है कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। इन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अगले 24 घंटे के दौरान अति भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में करीब 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। वहीं उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, जबलपुर, गुना, शिवपुरी और श्योपुर में भारी बारिश की संभावना है। भोपाल, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, रतलाम, ग्वालियर-चंबल समेत प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। तेज़ बारिश होने से तालाब बने मैदान भोपाल के अलावा रायसेन, सीहोर, विदिशा, शाजापुर,शिवपुरी, हरदा और शुजालपुर में भी तेज बारिश का दौर जारी है। रायसेन शहर में मौजूद रामलीला मैदान पानी भरने से पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गया है। जबकि सीहोर और श्यामपुर में नदी नाले उफान पर है, शाजापुर में 6 घंटे में करीब 4 इंच बारिश दर्ज की गई है। वहीं जिले के शुजालपुर में भी 3:00 बजे से तेज बारिश के बाद किसानों और व्यापारियों ने राहत
की सांस ली है। प्रदेश के कई इलाकों में पानी पुल के ऊपर होने से आवागमन बाधित है,लोग बारिश थमने के बाद पुल से पानी नीचे उतरने का इंतजार कर रहे हैं। दो दिन रहेगा सिस्टम का ज्यादा असर मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और मानसून ट्रफ के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। इस सिस्टम का सबसे ज्यादा प्रभाव अगले दो दिनों तक रहने की संभावना है। इसके बाद 11 अगस्त के आसपास उत्तर बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तट के पास एक नया चक्रवाती परिसंचरण बनने के संकेत हैं। इसके प्रभाव से 13 अगस्त के आसपास एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हो सकता है। हालांकि 12 और 13 अगस्त के आसपास बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है। बारिश ने बढ़ाया आंकड़ा, फिर भी प्रदेश 19 फीसदी पीछे मानसून की रफ्तार बढ़ने के बावजूद प्रदेश में बारिश का कुल आंकड़ा अभी भी सामान्य से काफी नीचे है। अब तक मध्यप्रदेश में करीब 17.8 इंच यानी 453 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक करीब 22 इंच यानी 560 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में करीब 19 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से करीब 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में लगभग 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। 49 जिलों में सामान्य से कम बारिश प्रदेश के बड़े हिस्से में अब भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में बारिश की कमी करीब 20 प्रतिशत तक है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई जिलों में भी सामान्य से कम पानी गिरा है। पश्चिमी मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, रतलाम, मंदसौर, नीमच और धार समेत कई जिलों में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे है। हालांकि ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां अब तक औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। मानसून की तेज बारिश से बदलेगी तस्वीर फिलहाल प्रदेश के लिए अच्छी खबर यह है कि कमजोर पड़े मानसून के बीच एक मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ है। अगले 48 घंटे में अगर मौसम विभाग का अनुमान सही साबित होता है और कई जिलों में अच्छी बारिश होती है, तो बारिश की कमी के आंकड़े में कुछ सुधार जरूर हो सकता है। हालांकि पूरे प्रदेश को सामान्य स्थिति में लाने के लिए आने वाले दिनों में लगातार अच्छी बारिश की जरूरत बनी रहेगी।
- भोपाल में भारत पेट्रोल पंप पर ग्राहकों का हंगामा, पेट्रोल में पानी मिलावट की शिकायत राजधानी भोपाल की 80 फीट रोड स्थित भारत पेट्रोल पंप पर पेट्रोल में पानी मिलावट की शिकायत को लेकर ग्राहकों ने हंगामा कर दिया। ग्राहकों का आरोप है कि पेट्रोल में पानी मिलाए जाने की शिकायत लगातार सामने आ रही थी। शिकायत लेकर ग्राहक पेट्रोल पंप के मैनेजर के पास पहुंचे, जिसके बाद मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। विवाद बढ़ता देख पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को संभाला। ग्राहकों ने पेट्रोल की गुणवत्ता की जांच कराने और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। अब यह जांच का विषय है कि पेट्रोल में पानी की मिलावट की शिकायत कितनी सही है। भोपाल में भारत पेट्रोल पंप पर ग्राहकों का हंगामा, पेट्रोल में पानी मिलावट की शिकायत राजधानी भोपाल की 80 फीट रोड स्थित भारत पेट्रोल पंप पर पेट्रोल में पानी मिलावट की शिकायत को लेकर ग्राहकों ने हंगामा कर दिया। ग्राहकों का आरोप है कि पेट्रोल में पानी मिलाए जाने की शिकायत लगातार सामने आ रही थी। शिकायत लेकर ग्राहक पेट्रोल पंप के मैनेजर के पास पहुंचे, जिसके बाद मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। विवाद बढ़ता देख पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को संभाला। ग्राहकों ने पेट्रोल की गुणवत्ता की जांच कराने और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। अब यह जांच का विषय है कि पेट्रोल में पानी की मिलावट की शिकायत कितनी सही है।1
- 🚨🔥 BREAKING NEWS | मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पेट्रोल पंप पर बवाल! VIDEO VIRAL 🔥🚨 ⛽ पेट्रोल या पानी? ग्राहक के आरोप से मचा हड़कंप! 📍 अशोका गार्डन के 80 फीट रोड स्थित पेट्रोल पंप का मामला ग्राहक ने आरोप लगाया कि उसे दिए गए पेट्रोल में पानी मिला हुआ है। इसके बाद पेट्रोल पंप पर जमकर हंगामा हुआ। घटना का VIDEO सोशल मीडिया पर VIRAL हो रहा है। 🎥 ⚠️ पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल! अब देखना होगा कि मामले की जांच में क्या सच्चाई सामने आती है। 🔥 VIDEO में देखिए पूरा मामला... #BreakingNews #Bhopal #BhopalNews #MadhyaPradesh #MPNews #AshokaGarden #80FeetRoad #ViralVideo #PetrolPump #ViralNews #BhopalBreaking #SABNewsTak1
- यहाँ भोपाल के मेन रेल्वे स्टेशन के (पुष्पा नगर के पास) पेट्रोल पंप की घटना की है। शीर्षक: बारिश का मौसम और प्रशासनिक लापरवाही: जनता की परेशानी का सबब बनता पेट्रोल पंपों का कुप्रबंधन भारत में मानसून का मौसम आते ही जहाँ एक तरफ गर्मी से राहत मिलती है, वहीं दूसरी तरफ जलभराव, गड्ढे और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएँ आम जनता की जिंदगी को मुहाल कर देती हैं। लेकिन जब यही समस्या प्रकृति की देन न होकर इंसानी लापरवाही का नतीजा बन जाए, तो जनता का आक्रोश स्वाभाविक है। हाल ही में भोपाल के पुष्पा नगर स्थित भारत पेट्रोलियम के एक पेट्रोल पंप पर जो हुआ, वह महज़ एक तकनीकी चूक नहीं, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों का खुला उल्लंघन और घोर लापरवाही है। क्या थी घटना? बरसात के दिनों में इस पेट्रोल पंप पर टैंकों में पानी रिसने या जाने के कारण पेट्रोल में पानी मिलने (यानी मिलावटी ईंधन) की गंभीर समस्या सामने आई। इसका खामियाजा लगभग 50 से 100 वाहन चालकों को भुगतना पड़ा। जरा सोचिए, जब आम नागरिक अपने रोजमर्रा के कामों, ऑफिस या जरूरी यात्रा के लिए निकलता है, और अचानक उसकी गाड़ी बीच रास्ते में बंद हो जाती है, तो उस पर क्या बीतती है? वाहन खराब होने से जहाँ एक तरफ भारी आर्थिक नुकसान (रिपेयरिंग का खर्चा) हुआ, वहीं दूसरी तरफ जनता का कीमती समय भी बर्बाद हुआ। विरोध का मजबूरन रास्ता: सड़क जाम और थाने का चक्कर स्थिति इतनी बदतर हो गई कि अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई और समय के नुकसान से आहत जनता को सड़क पर उतरना पड़ा। विरोध जताने के लिए उन्हें थाने के चक्कर काटने पड़े और रोड जाम जैसी स्थिति उत्पन्न करनी पड़ी। यह बेहद शर्मनाक है कि आज के समय में अपनी ही गाड़ी में सही ईंधन डलवाने के लिए भी उपभोक्ता को सड़क पर संघर्ष करना पड़े। क्या पेट्रोल पंप संचालकों की कोई नैतिक या कानूनी जिम्मेदारी नहीं बनती? कहाँ है गुणवत्ता नियंत्रण और सुरक्षा मानक? पेट्रोलियम पदार्थ अत्यंत संवेदनशील और ज्वलनशील होते हैं। इनके भंडारण के लिए कड़े सुरक्षा और वॉटर-प्रूफिंग मानक तय किए जाते हैं। बारिश के मौसम में पानी टैंकों के अंदर कैसे पहुँचा? क्या समय-समय पर इसकी जाँच नहीं की जाती थी? यदि समय रहते पंप प्रबंधन ने एहतियात बरती होती, तो सैकड़ों वाहन चालकों को इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से न गुजरना पड़ता। पेट्रोल पंप संचालकों को लेनी होगी सबक: इस घटना से पेट्रोल पंप प्रबंधन और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को कड़ा सबक लेने की आवश्यकता है। भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाया जाना अनिवार्य है: 1. नियमित जाँच: बारिश के मौसम से पहले और दौरान सभी अंडरग्राउंड टैंकों की वॉटर-प्रूफिंग और सीलिंग की कड़ी जाँच होनी चाहिए। 2. गुणवत्ता से नो-कंप्रोमाइज: यदि ईंधन में पानी या किसी भी प्रकार की मिलावट पाई जाती है, तो पंप का लाइसेंस तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए। 3. हर्जाने का प्रावधान: लापरवाही के कारण जिन वाहन चालकों की गाड़ियाँ खराब हुई हैं, पंप प्रबंधन को उनकी क्षतिपूर्ति (Compensation) का नैतिक दायित्व निभाना चाहिए। 4. प्रशासनिक सख्ती: जिला प्रशासन और बाट-माप एवं खाद्य विभाग को ऐसे पेट्रोल पंपों पर औचक निरीक्षण बढ़ाना चाहिए ताकि जनता की जेब और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ न हो सके।1
- प्रदेश कांग्रेस के ऊर्जावान अध्यक्ष श्री @jitupatwari जी का छिंदवाड़ा की पावन भूमि में आत्मीय स्वागत है ।1
- सूखे की चिंता के बीच बदला मौसम का मिजाज, भोपाल में रातभर से झमाझम,निचली बस्तियों के साथ कई कॉलोनियां जलमग्न, स्कूलों में छुट्टी घोषित,आज 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट,5 जिलों में 8 इंच तक बारिश की चेतावनी मध्यप्रदेश में लंबे समय से सुस्त पड़े मानसून ने आखिरकार एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश में सक्रिय स्ट्रांग मौसम सिस्टम के प्रभाव से कई इलाकों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। राजधानी भोपाल में रविवार रात से बारिश ने ऐसा जोर पकड़ा कि सोमवार की सुबह शहरवासियों की शुरुआत झमाझम बारिश के बीच हुई। रातभर हुई बारिश के चलते कई निचली बस्तियों में पानी भर गया, जबकि अलग-अलग इलाकों में पेड़ टूटकर सड़कों पर गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 21 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में सबसे ज्यादा बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना जताई गई है। भोपाल के अलावा रविवार की बारिश का असर मंडला, डिंडौरी, विदिशा समेत कई जिलों में भी दिखाई दिया। तेज बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर आ गए। स्थानीय स्तर पर जलभराव और आवागमन प्रभावित होने की सूचनाएं भी सामने आई हैं। भोपाल में रातभर बरसे बादल, सुबह भी नहीं थमी रफ्तार राजधानी में रविवार सुबह से ही मौसम बदला हुआ था। दिनभर रुक-रुककर रिमझिम बारिश होती रही, लेकिन रात करीब 10 बजे के बाद बारिश ने अचानक रफ्तार पकड़ ली। इसके बाद पूरी रात शहर में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहा। सोमवार सुबह से भी शहर में तेज बारिश होती रही। लगातार पानी गिरने से निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई जगह पेड़ टूटकर सड़कों पर गिर गए। वीआईपी रोड पर भी पेड़ गिरने से बारिश के बीच वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा और यातायात प्रभावित हुआ। शहर के कोलार,एयरपोर्ट रोड, अयोध्या बायपास,रायसेन रोड़, और पुराने भोपाल के नादरा बस स्टैंड, डीआईजी बंगला सहित कई इलाकों में जल भराव की स्थिति हैं। कुछ कॉलोनी के घरों में पानी भरने से लोग निकासी के लिए परेशान हो रहे हैं, वहीं सड़कों पर बहुत ज्यादा पानी भरा होने से लोग जरूरत के समान के लिए भी बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। बारिश के चलते आज स्कूलों में घोषित की गई छुट्टी लगातार तेज बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी ने आज के लिए सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में अवकाश घोषित किया हैं। आदेश जारी होने से पहले ही कई स्कूलों ने अपने स्तर पर छुट्टी घोषित कर दी थी, वहीं कई स्कूलों में छुट्टी घोषित नहीं होने से बच्चे स्कूल भी पहुंच गए थे लेकिन आदेश जारी होने के बाद सभी बच्चों को भींगते हुए घर लौटना पड़ा। आसपास के कुछ जिलों में भी जिला प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए स्कूलों को बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है। बैरागढ़ की साईं बाबा रेसीडेंसी में पानी भरने से बढ़ी परेशानी भारी बारिश का असर बैरागढ़ के कैलाश नगर स्थित साईं बाबा रेसीडेंसी में भी देखने को मिला। यहां पानी की निकासी नहीं होने के कारण पूरी कॉलोनी में जलभराव की स्थिति बन गई है। लगातार बारिश के चलते पानी बढ़ता जा रहा है और रहवासियों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।रहवासियों के मुताबिक मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज कराई गई है। नगर निगम से संपर्क करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन फोन व्यस्त मिलने की बात सामने आई। रहवासियों ने जिम्मेदार व्यक्ति को स्थिति का वीडियो भी भेजा है। कॉलोनी के लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से तत्काल मौके पर पहुंचकर जल निकासी कराने की मांग की है। रहवासियों का कहना है कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। इन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अगले 24 घंटे के दौरान अति भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में करीब 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। वहीं उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, जबलपुर, गुना, शिवपुरी और श्योपुर में भारी बारिश की संभावना है। भोपाल, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, रतलाम, ग्वालियर-चंबल समेत प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। तेज़ बारिश होने से तालाब बने मैदान भोपाल के अलावा रायसेन, सीहोर, विदिशा, शाजापुर,शिवपुरी, हरदा और शुजालपुर में भी तेज बारिश का दौर जारी है। रायसेन शहर में मौजूद रामलीला मैदान पानी भरने से पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गया है। जबकि सीहोर और श्यामपुर में नदी नाले उफान पर है, शाजापुर में 6 घंटे में करीब 4 इंच बारिश दर्ज की गई है। वहीं जिले के शुजालपुर में भी 3:00 बजे से तेज बारिश के बाद किसानों और व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। प्रदेश के कई इलाकों में पानी पुल के ऊपर होने से आवागमन बाधित है,लोग बारिश थमने के बाद पुल से पानी नीचे उतरने का इंतजार कर रहे हैं। दो दिन रहेगा सिस्टम का ज्यादा असर मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और मानसून ट्रफ के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। इस सिस्टम का सबसे ज्यादा प्रभाव अगले दो दिनों तक रहने की संभावना है। इसके बाद 11 अगस्त के आसपास उत्तर बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तट के पास एक नया चक्रवाती परिसंचरण बनने के संकेत हैं। इसके प्रभाव से 13 अगस्त के आसपास एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हो सकता है। हालांकि 12 और 13 अगस्त के आसपास बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है। बारिश ने बढ़ाया आंकड़ा, फिर भी प्रदेश 19 फीसदी पीछे मानसून की रफ्तार बढ़ने के बावजूद प्रदेश में बारिश का कुल आंकड़ा अभी भी सामान्य से काफी नीचे है। अब तक मध्यप्रदेश में करीब 17.8 इंच यानी 453 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक करीब 22 इंच यानी 560 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में करीब 19 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से करीब 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में लगभग 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। 49 जिलों में सामान्य से कम बारिश प्रदेश के बड़े हिस्से में अब भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में बारिश की कमी करीब 20 प्रतिशत तक है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई जिलों में भी सामान्य से कम पानी गिरा है। पश्चिमी मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, रतलाम, मंदसौर, नीमच और धार समेत कई जिलों में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे है। हालांकि ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां अब तक औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। मानसून की तेज बारिश से बदलेगी तस्वीर फिलहाल प्रदेश के लिए अच्छी खबर यह है कि कमजोर पड़े मानसून के बीच एक मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ है। अगले 48 घंटे में अगर मौसम विभाग का अनुमान सही साबित होता है और कई जिलों में अच्छी बारिश होती है, तो बारिश की कमी के आंकड़े में कुछ सुधार जरूर हो सकता है। हालांकि पूरे प्रदेश को सामान्य स्थिति में लाने के लिए आने वाले दिनों में लगातार अच्छी बारिश की जरूरत बनी रहेगी।3
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- Post by K K D NEWS MP/CG1