उमरिया जिले में 15 जुलाई से 30 जुलाई तक 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान का संचालन किया जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार के 'नशा मुक्त मध्य प्रदेश' अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से जिले में नशीले पदार्थों के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता फैलाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पहल में प्रदेश के नागरिकों और युवाओं से सक्रिय भागीदारी की अपील की है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नशा समाज, परिवार और युवाओं के भविष्य के लिए घातक है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशा मुक्त भारत' के संकल्प और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा वर्ष 2029 तक देश को नशा मुक्त बनाने के निर्धारित लक्ष्य को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह लड़ाई सरकार के साथ-साथ पूरे समाज की है और जनसहयोग से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। उमरिया जिले में इस अभियान के दौरान पुलिस और प्रशासन विभिन्न गतिविधियों को अंजाम देंगे, जिनमें जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां और शपथ ग्रहण समारोह शामिल हैं। इसके अलावा, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे और नशे के अवैध कारोबार पर विशेष कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से नशा न करने और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया है ताकि 'नशा मुक्त उमरिया' और 'नशा मुक्त मध्य प्रदेश' का संकल्प पूरा हो सके।
उमरिया जिले में 15 जुलाई से 30 जुलाई तक 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान का संचालन किया जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार के 'नशा मुक्त मध्य प्रदेश' अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से जिले में नशीले पदार्थों के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता फैलाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पहल में प्रदेश के नागरिकों और युवाओं से सक्रिय भागीदारी की अपील की है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नशा समाज, परिवार और युवाओं के भविष्य के लिए घातक है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशा मुक्त भारत' के संकल्प और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा वर्ष 2029 तक देश को नशा मुक्त बनाने के निर्धारित लक्ष्य को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह लड़ाई सरकार के साथ-साथ पूरे समाज की है और जनसहयोग से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। उमरिया जिले में इस अभियान के दौरान पुलिस और प्रशासन विभिन्न गतिविधियों को अंजाम देंगे, जिनमें जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां और शपथ ग्रहण समारोह शामिल हैं। इसके अलावा, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे और नशे के अवैध कारोबार पर विशेष कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से नशा न करने और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया है ताकि 'नशा मुक्त उमरिया' और 'नशा मुक्त मध्य प्रदेश' का संकल्प पूरा हो सके।
- उमरिया में 10 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश श्रमजीवी सफाई कर्मचारी संघ, संबंध भारतीय मजदूर संघ की एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। जिला अध्यक्ष श्री जग्गू चौहथा के नेतृत्व में हुई इस बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष श्री विजय महतेल, प्रदेश संगठन मंत्री श्री शारदा खुदीशा, मंडल अध्यक्ष श्री उमेश महतेल (बिरसिंहपुर पाली), जिला संगठन मंत्री श्री जितेंद्र कुमार और मंडल अध्यक्ष श्री प्रेमलाल लालपुरी समेत नगर पालिका उमरिया, बिरसिंहपुर पाली, नरोजाबाद, चंदिया एवं नगर परिषद मानपुर के बड़ी संख्या में कर्मचारी और पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान पांचों नगर निकायों के सफाई कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि शासन द्वारा निर्धारित सुविधाओं और योजनाओं का लाभ आज भी अधिकांश सफाई कर्मचारियों तक नहीं पहुंच रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है। इसके अलावा, कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सेवा करने के बावजूद उन्हें अधिकारों और सुविधाओं से वंचित रखने पर नाराजगी जताई गई और संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही एवं अनियमितताओं के आरोप लगाए गए। संगठन को मजबूत करने के लिए बैठक में नए पदाधिकारियों की नियुक्तियां भी की गईं। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब सभी सफाई कर्मचारी एक विशाल रैली निकालकर उमरिया के कलेक्टर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे। रैली की तिथि और समय की घोषणा जल्द ही की जाएगी।4
- उमरिया में 10 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश श्रमजीवी सफाई कर्मचारी संघ, भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध, की एक जिला स्तरीय बैठक संपन्न हुई। जिला अध्यक्ष श्री जग्गू चौहथा के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष श्री विजय महतेल, प्रदेश संगठन मंत्री श्री शारदा खुदीशा, मंडल अध्यक्ष श्री उमेश महतेल और श्री प्रेमलाल लालपुरी, तथा जिला संगठन मंत्री श्री जितेंद्र कुमार समेत नगर पालिका उमरिया, बिरसिंहपुर पाली, नरोजाबाद, चंदिया एवं नगर परिषद मानपुर के बड़ी संख्या में कर्मचारी व पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में पांचों नगर निकायों के सफाई कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीर चर्चा हुई। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि शासन की निर्धारित सुविधाओं और योजनाओं का लाभ उन तक नहीं पहुँच रहा है, और पूर्व में दिए गए ज्ञापनों के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला है। कर्मचारियों ने कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर दी गई सेवाओं का स्मरण कराते हुए संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही और अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए। संगठन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि जल्द ही जिले के पांचों नगर निकायों के सफाई कर्मचारी एक विशाल रैली निकालकर उमरिया के कलेक्टर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे। इस आंदोलन की तिथि और समय की घोषणा जल्द की जाएगी। बैठक में संगठन को मजबूती देने के लिए सफाई कर्मचारी भाइयों, माताओं और बहनों को नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए पदाधिकारियों की नियुक्ति भी की गई।4
- उमरिया जिले भर में अवैध पैकारी का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है, जिसने स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। इस पूरी स्थिति पर जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी बनी हुई है, जिसके चलते आम जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बैगा बहुल ग्राम पंचायत देवरा से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के दावों की पोल खोलने वाली एक तस्वीर सामने आई है। यहाँ प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को परिजनों और ग्रामीणों ने कपड़े के सहारे कांधों पर उठाकर काफी दूरी तय कर नेशनल हाईवे तक पहुंचाया। बारिश के कारण गांव तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया था, जिससे 108 एम्बुलेंस गांव के भीतर नहीं पहुंच सकी और हाईवे पर ही खड़ी इंतजार कर रही थी। इसके बाद महिला को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसने सुरक्षित बच्चे को जन्म दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रसूता के पति सुनील रौतेल ने बताया कि प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचना दी थी, लेकिन खराब सड़क और कीचड़ के कारण वाहन गांव तक नहीं आ सका, जिसके चलते मजबूरी में उन्हें ग्रामीणों की मदद से पत्नी को कांधों पर उठाना पड़ा। आशा कार्यकर्ता लक्ष्मी सिंह ने भी माना कि बारिश के मौसम में गांव तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है और खराब सड़क के कारण कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। उमरिया जिले की सीमा पर स्थित देवरा गाँव एक बैगा बहुल गाँव है, जिसे सेना में शहीद हुए स्वागत भूप सिंह के नाम से भी जाना जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यहाँ वर्षों से सड़क की समस्या बनी हुई है और बारिश के दिनों में गांव का संपर्क लगभग टूट जाता है, जिससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से सड़क निर्माण स्वीकृत किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और कथित लापरवाही के कारण लोगों को अब भी कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। यह घटना सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के अंतर को साफ उजागर करती है और इस वायरल वीडियो के बाद अब लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।4
- उमरिया जिले में बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात विभाग द्वारा विशेष स्कूल बस चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर शुरू किए गए इस 7 दिवसीय अभियान के अंतर्गत जिले में अब तक 10 स्कूल बसों की गहन जांच की गई है। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर 4 स्कूल बसों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई है। यातायात प्रभारी ज्योति शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान 15 जुलाई तक निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने स्कूल बसों के संचालन के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र, वैध दस्तावेजों, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास जैसे सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य बताया है। साथ ही, उन्होंने स्कूल संचालकों और वाहन चालकों से विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सभी निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।4
- मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में 15 से 30 जुलाई तक 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान चलाया जाएगा। राज्य सरकार के 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' के तहत आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं और प्रदेशवासियों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है। मुख्यमंत्री का कहना है कि नशा समाज, परिवार और युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए विनाशकारी है, इसलिए इसके खिलाफ लड़ाई में जनसहयोग अनिवार्य है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशा मुक्त भारत' के संकल्प और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा वर्ष 2029 तक देश को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। उमरिया में प्रशासन और पुलिस मिलकर जनजागरूकता रैलियां, शपथ ग्रहण समारोह और स्कूल-कॉलेजों में विशेष गतिविधियां आयोजित करेंगे। साथ ही, नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का आग्रह किया है, ताकि 'नशा मुक्त उमरिया' और 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।2
- उमरिया जिले की जनपद पंचायत पाली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अमिलिया में नाली निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है और बेहद घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सरिया की गुणवत्ता काफी कमजोर है। साथ ही, सीमेंट, गिट्टी और अन्य सामग्री की गुणवत्ता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं, जिससे नाली की मजबूती और लंबे समय तक टिकाऊ रहने पर संशय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस कार्य की तकनीकी जांच नहीं की गई, तो सरकारी धन का दुरुपयोग होगा और भविष्य में नाली के क्षतिग्रस्त होने का बड़ा खतरा बना रहेगा। संबंधित अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने और मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।4
- शहडोल के कृष्णा कॉलोनी वार्ड नंबर 28 में धनपुरी निवासी मथुरा अग्रवाल और मयंक अग्रवाल के एक निर्माणाधीन भवन में ढलाई के दौरान डबल सेंटरिंग का सपोर्ट अचानक खिसक जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के तीन मजदूर घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे तथा घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा इस हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।1