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किंदर पट्टी स्थित शिव मंदिर में बाबा भोले नाथ के दर्शन से बिगड़े का बनते है विकास खंड विशुनपुरा के किंदर पट्टी बाजार स्थित शिव मंदिर पर शिवरात्रि के दिन मेला लगता है। सावन में यहां श्रद्धालू बाबा का जलाभिशेष करते है।
मुन्ना पड़रौना कुशीनगर
किंदर पट्टी स्थित शिव मंदिर में बाबा भोले नाथ के दर्शन से बिगड़े का बनते है विकास खंड विशुनपुरा के किंदर पट्टी बाजार स्थित शिव मंदिर पर शिवरात्रि के दिन मेला लगता है। सावन में यहां श्रद्धालू बाबा का जलाभिशेष करते है।
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- क्या भारत में मुस्लिम होना ही गुनाह बनता जा रहा है? मौलाना अब्दुल्ला सालिम चतुर्वेदी के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस की कथित मारपीट न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है। बिना जुर्म साबित सजा देना संविधान के खिलाफ है। यह अन्याय डर का माहौल बना रहा है।1
- कुशीनगर सीएचसी रामकोला के डाक्टरों पर बाहरी जांच का आरोप , हंगामा अंदर के जांच को गलत कहने का आरोप पहले भी सीएचसी के डाक्टरों पर इस तरह के लगते रहे है आरोप कुसमहा गांव के टोला पड़वलिया के मरीज को डॉक्टर ने लिखा था बाहरी जांच रामकोला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मामला।4
- विकास खंड विशुनपुरा के किंदर पट्टी बाजार स्थित शिव मंदिर पर शिवरात्रि के दिन मेला लगता है। सावन में यहां श्रद्धालू बाबा का जलाभिशेष करते है।1
- Post by धर्मेंद्र गुप्ता1
- कुशीनगर। जनपद के जटहां थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कटाई भरपुरवा बांध पर अवैध बालू खनन का बड़ा खेल उजागर हुआ है। मंगलवार सुबह खैरा टोला के पास केबी बांध के ठोकर नंबर-4 पर स्थानीय दबंग बालू माफियाओं द्वारा खुलेआम खनन कर बालू की तस्करी की जा रही है। जीरो ग्राउंड रिपोर्ट में साफ देखा गया कि करीब तीन ट्रैक्टरों में बालू की लोडिंग की जा रही थी, जिसे मुंहमांगी कीमत पर बेचा जा रहा है। गौरतलब है कि गांवों को बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए केबी बांध पर हर साल सरकार लाखों रुपये खर्च करती है, लेकिन उसी बांध को बालू माफिया खोखला करने में जुटे हैं। वर्षों से चल रहे इस अवैध कारोबार के बावजूद स्थानीय प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। इलाके में शांति और सुरक्षा के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में संगठित तरीके से हो रहा यह अवैध खनन न सिर्फ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि भविष्य में बांध की मजबूती पर भी खतरा पैदा कर रहा है। अनुमान है कि इस अवैध कारोबार से हर साल राजस्व विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। मामले में तहसील खड्डा प्रशासन की निष्क्रियता भी सामने आई है। जब इस संबंध में जिला खनन अधिकारी अभिषेक सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक बालू माफियाओं का यह खेल यूं ही चलता रहेगा और प्रशासन कब सख्त कदम उठाएगा।1
- तथागत गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी आध्यात्मिक पहचान को मजबूत करने जा रहा है। आज मंगलवार से यहां अंतरराष्ट्रीय बौद्ध कॉन्क्लेव का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है, जिसमें दुनिया भर से श्रद्धालु और बौद्ध भिक्षु शामिल होंगे। धम्म की इस पावन धरती पर वियतनाम, थाईलैंड, जापान, श्रीलंका और नेपाल समेत कई देशों के प्रतिनिधि जुटेंगे। यह आयोजन सिर्फ आस्था का नहीं, बल्कि वैश्विक एकता, शांति और करुणा का प्रतीक बनने जा रहा है। महापरिनिर्वाण मंदिर परिसर में “धम्म डायलॉग” के जरिए विश्व शांति का संदेश दिया जाएगा, वहीं शांति वन में साधना और कला के माध्यम से आध्यात्मिक अनुभव को और गहरा किया जाएगा। इस भव्य आयोजन में सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिलेगा। मशहूर गायक कैलाश खेर और लोकगायक रितेश पांडेय अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को भक्ति और उत्साह से भर देंगे। प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं—सुरक्षा से लेकर ट्रैफिक तक हर व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है ताकि देश-विदेश से आने वाले मेहमानों को कोई असुविधा न हो। ✨ कुल मिलाकर, कुशीनगर एक बार फिर दुनिया को यह संदेश देने जा रहा है कि शांति, करुणा और भाईचारा ही मानवता का असली मार्ग है। 🙏 “बुद्ध की धरती से उठेगा संदेश… शांति ही है सबसे बड़ी शक्ति”1
- Post by Neeraj Saha Journalist1
- कुशीनगर में 31 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय बौद्ध कॉन्क्लेव को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। कार्यक्रम के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने पथिक निवास में संयुक्त प्रेसवार्ता कर तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि कॉन्क्लेव के दौरान विभिन्न सत्र, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायी और अतिथि शामिल होंगे। सभी आगंतुकों के लिए आवास, यातायात, स्वच्छता, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। साथ ही सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आयोजन गरिमामय ढंग से संपन्न हो सके। वहीं पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यातायात प्रबंधन को सुचारू रखने के साथ-साथ सीसीटीवी निगरानी और बहुस्तरीय सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रेसवार्ता के बाद बौद्ध अनुयायियों ने शांति और विश्व बंधुत्व का संदेश देते हुए मुख्य मंदिर परिसर से रामाभार स्तूप तक शांति रैली और कैंडिल पीस मार्च निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध कॉन्क्लेव को लेकर कुशीनगर में प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं और आयोजन को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।1