बागपत के सिलाना गांव में तालाब खुदाई के दौरान निकली मिट्टी के उपयोग को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ग्राम प्रधान आनंदपाल और गांव के युवाओं का कहना है कि इस मिट्टी को गांव के खेल मैदान में डाला जाना चाहिए, जिससे मैदान का स्तर सुधरेगा और स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास करने में सुविधा होगी। इस मांग को लेकर ग्राम प्रधान और युवा बागपत जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और अपनी बात रखी। विवाद का कारण एक जिला पंचायत सदस्य की कथित भूमिका है, जिन पर आरोप है कि वे इस मिट्टी को किसी अन्य स्थान पर ले जाना चाहते हैं। ग्राम प्रधान के अनुसार, जिला पंचायत सदस्य द्वारा ठेकेदार और मजदूरों पर दबाव बनाया जा रहा है, जिसकी वजह से मिट्टी डालने का कार्य बाधित हो रहा है। जिलाधिकारी से मुलाकात के बाद ग्राम प्रधान आनंदपाल ने बताया कि उन्हें इस समस्या के समाधान का आश्वासन मिला है।
बागपत के सिलाना गांव में तालाब खुदाई के दौरान निकली मिट्टी के उपयोग को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ग्राम प्रधान आनंदपाल और गांव के युवाओं का कहना है कि इस मिट्टी को गांव के खेल मैदान में डाला जाना चाहिए, जिससे मैदान का स्तर सुधरेगा और स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास करने में सुविधा होगी। इस मांग को लेकर ग्राम प्रधान और युवा बागपत जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और अपनी बात रखी। विवाद का कारण एक जिला पंचायत सदस्य की कथित भूमिका है, जिन पर आरोप है कि वे इस मिट्टी को किसी अन्य स्थान पर ले जाना चाहते हैं। ग्राम प्रधान के अनुसार, जिला पंचायत सदस्य द्वारा ठेकेदार और मजदूरों पर दबाव बनाया जा रहा है, जिसकी वजह से मिट्टी डालने का कार्य बाधित हो रहा है। जिलाधिकारी से मुलाकात के बाद ग्राम प्रधान आनंदपाल ने बताया कि उन्हें इस समस्या के समाधान का आश्वासन मिला है।
- बागपत के सिलाना गांव में तालाब खुदाई के दौरान निकली मिट्टी के उपयोग को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ग्राम प्रधान आनंदपाल और गांव के युवाओं का कहना है कि इस मिट्टी को गांव के खेल मैदान में डाला जाना चाहिए, जिससे मैदान का स्तर सुधरेगा और स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास करने में सुविधा होगी। इस मांग को लेकर ग्राम प्रधान और युवा बागपत जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और अपनी बात रखी। विवाद का कारण एक जिला पंचायत सदस्य की कथित भूमिका है, जिन पर आरोप है कि वे इस मिट्टी को किसी अन्य स्थान पर ले जाना चाहते हैं। ग्राम प्रधान के अनुसार, जिला पंचायत सदस्य द्वारा ठेकेदार और मजदूरों पर दबाव बनाया जा रहा है, जिसकी वजह से मिट्टी डालने का कार्य बाधित हो रहा है। जिलाधिकारी से मुलाकात के बाद ग्राम प्रधान आनंदपाल ने बताया कि उन्हें इस समस्या के समाधान का आश्वासन मिला है।1
- उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण हालात बिगड़ गए हैं, गुरुवार सुबह से 69 शहरों में रुक-रुक कर बारिश दर्ज की गई है। इस बारिश से जुड़ी घटनाओं में 3 साल की बच्ची समेत कुल 6 लोगों की मौत हुई है। नोएडा में इतनी भारी बारिश हुई कि 70 मंजिला सुपरनोवा बिल्डिंग काले बादलों में छिप गई और सड़कों पर एक से दो फीट तक पानी भर गया। गाजियाबाद में 10 फीट सड़क धंस गई, जिसमें एक कार और बाइक समा गईं, जबकि बुलंदशहर में दुकानों और घरों में पानी घुस गया। बागपत में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर 2 फीट तक पानी जमा हो गया। सहारनपुर में सहंश्रा नदी में अचानक तेज उफान आने से एक महिला समेत 3 लोग बाइक सहित बहने लगे, जिन्हें ग्रामीणों ने खींचकर सुरक्षित बाहर निकाला। मेरठ मेडिकल कॉलेज भी पानी में डूब गया, जिसके चलते ओपीडी को बंद करना पड़ा और पानी निकालने के लिए पंप सेट लगाए गए हैं। बीते 24 घंटों में बिजनौर में सर्वाधिक 151.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 1209 फीसदी अधिक है। वहीं, बुधवार को 71 जिलों में बारिश हुई थी, जिसमें चित्रकूट में सबसे अधिक 144.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है और राज्य के 27 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जिसका अर्थ है कि इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। यह इस सीजन का पहला रेड अलर्ट है। बारिश के चलते मथुरा, संभल और हाथरस में 8वीं तक, मेरठ में 9वीं तक और गाजियाबाद में 12वीं तक के स्कूल आज बंद कर दिए गए थे।1
- दिल्ली के रोहिणी शक्ति हत्याकांड मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जहाँ अदालत ने इस मामले में सात आरोपियों को जमानत दे दी है। इस घटना के दो आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं और फरार चल रहे हैं। इस फैसले के बाद से मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। पीड़ित की माँ ने अपने बच्चे के लिए न्याय की गुहार लगाई है। लगातार मिल रही इस कानूनी राहत के बीच परिवार और आम लोगों में रोष व्याप्त है और वे इस मामले में जल्द से जल्द इंसाफ की मांग कर रहे हैं।1
- दिल्ली के रोहिणी इलाके में एक युवक की मौत का मामला सामने आया है, जिसके बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद परिवार में शोक और आक्रोश का माहौल है। मीडिया से बातचीत के दौरान मृतक के भाई ने सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी विस्तृत विवरण साझा नहीं किया गया है, लेकिन परिजनों की ओर से लगाए गए इन गंभीर आरोपों ने इलाके में सनसनी फैला दी है।1
- भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को लेकर एक सीधा राजनीतिक सवाल खड़ा किया है। पार्टी ने पूछा है कि क्या ये दल जामा मस्जिद में कभी हनुमान चालीसा का पाठ करवा पाएंगे। इसके साथ ही, भाजपा ने अयोध्या जी में श्री हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने की घटना का उल्लेख करते हुए इसे एक पाप करार दिया है। हनुमानगढ़ी और जामा मस्जिद के इन संदर्भों के माध्यम से भाजपा ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए इन राजनीतिक दलों से अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।1
- गाजियाबाद के लोनी में लगातार 27 घंटों तक हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस भारी वर्षा के कारण समूचा लोनी इलाका जलमग्न हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को भीषण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।1
- केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने दिल्ली में शरद पवार को महाराष्ट्र का एक बहुत बड़ा नेता बताते हुए उनके NDA में शामिल होने की संभावना पर अपनी बात रखी है। रामदास अठावले ने स्पष्ट किया कि उन्होंने शरद पवार को पहले भी कई बार NDA में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने दावा किया कि यदि शरद पवार साल 2014 में ही NDA का हिस्सा बन गए होते, तो वे देश के राष्ट्रपति पद तक पहुंच सकते थे। वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए रामदास अठावले ने कहा कि अब हालात बदल चुके हैं और शरद पवार NDA में शामिल हो सकते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने एकनाथ शिंदे की शरद पवार से हुई मुलाकात का उल्लेख भी किया, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। रामदास अठावले ने जोर देकर कहा कि यदि शरद पवार NDA में शामिल होते हैं, तो उनका स्वागत किया जाएगा।1
- दिल्ली के अलीपुर इलाके में स्थित एक गोदाम में भीषण आग लग गई। इस गोदाम में भारी मात्रा में कार्डबोर्ड और फॉयल पेपर रोल रखे हुए थे, जिसके कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 14 गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुँचीं और दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के भी हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है, और दमकल विभाग व संबंधित एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं।1