कौशाम्बी के संदीपन घाट थाना क्षेत्र अंतर्गत मूरतगंज कस्बे में एक रोडवेज बस से उतरने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। फतेहपुर जनपद के सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र स्थित बेचू का पुरवा निवासी 18 वर्षीय पिंकी देवी (पुत्री चंदा पटेल) मूरतगंज में सरकारी बस से उतरने का प्रयास कर रही थीं। उन्होंने बस रुकवाई थी, लेकिन इससे पहले कि वह सुरक्षित रूप से नीचे उतर पातीं, रोडवेज बस चालक ने गाड़ी को आगे बढ़ा दिया। इस लापरवाही के कारण लड़की बस के नीचे गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी गई। घायल युवती को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह दुर्घटना फतेहपुर डिपो की रोडवेज बस (संख्या यूपी 78 के टी 2279) से हुई, जो कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रही थी। इस घटना से एक बार फिर रोडवेज बस चालकों की भारी लापरवाही उजागर हुई है। इस मामले में पुलिस के रवैये पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि सरकारी बस का चालक होने की वजह से पुलिस मुकदमा दर्ज करने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में यह गंभीर सवाल उठता है कि क्या यात्रियों को सुरक्षित उतारने की जिम्मेदारी चालक और परिचालक की नहीं है? इन चालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई न होने से इनकी लापरवाही दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, जिसका खामियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
कौशाम्बी के संदीपन घाट थाना क्षेत्र अंतर्गत मूरतगंज कस्बे में एक रोडवेज बस से उतरने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। फतेहपुर जनपद के सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र स्थित बेचू का पुरवा निवासी 18 वर्षीय पिंकी देवी (पुत्री चंदा पटेल) मूरतगंज में सरकारी बस से उतरने का प्रयास कर रही थीं। उन्होंने बस रुकवाई थी, लेकिन इससे पहले कि वह सुरक्षित रूप से नीचे उतर पातीं, रोडवेज बस चालक ने गाड़ी को आगे बढ़ा दिया। इस लापरवाही के कारण लड़की बस के नीचे गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी गई। घायल युवती को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह दुर्घटना फतेहपुर डिपो की रोडवेज बस (संख्या यूपी 78 के टी 2279) से हुई, जो कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रही थी। इस घटना से एक बार फिर रोडवेज बस चालकों की भारी लापरवाही उजागर हुई है। इस मामले में पुलिस के रवैये पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि सरकारी बस का चालक होने की वजह से पुलिस मुकदमा दर्ज करने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में यह गंभीर सवाल उठता है कि क्या यात्रियों को सुरक्षित उतारने की जिम्मेदारी चालक और परिचालक की नहीं है? इन चालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई न होने से इनकी लापरवाही दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, जिसका खामियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
- प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के सारीपुर गांव में आयोजित आषाढ़ मेले में यमुना स्नान करते समय एक 14 वर्षीय किशोर की डूबकर मौत हो गई, जिससे मेले की खुशियां मातम में बदल गईं। मृतक की पहचान नैनी के डांडी महेवा निवासी पूर्नवासी भारतीया के 14 वर्षीय पुत्र रितिक भारतीया के रूप में हुई है। वह अपने माता-पिता के साथ मेले में आया था और स्नान के दौरान गहरे पानी में चला गया। स्थानीय लोगों ने उसे कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकालकर सीएचसी चाका पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रितिक अपनी चार बहनों का इकलौता भाई था, जिसके कारण उसकी मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और मां-बाप व बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने मेले में सुरक्षा इंतजामों को लेकर प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि हर सोमवार और शुक्रवार को हजारों श्रद्धालु यहां यमुना स्नान के लिए आते हैं, लेकिन इसके बावजूद घाटों पर गोताखोरों, बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतों का पूरी तरह से अभाव है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए मेले में लाइफ जैकेट, एंबुलेंस, प्रशिक्षित गोताखोर और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।1
- प्रयागराज के लालापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सरकारी पहाड़ की जमीनों पर हुए अवैध कब्जे का पर्दाफाश हुआ है। इस पूरे मामले को लेकर एसीपी (ACP) द्वारा बयान जारी किया गया है।1
- प्रयागराज में सोमवार को आस्था का अनोखा सैलाब उमड़ पड़ा, जहां 13 जुलाई 2026 को सुबह से ही शहर के शिवालयों और मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। इस दौरान विशेष रूप से मनकामेश्वर मंदिर में भक्तों का अद्भुत उत्साह नजर आया। वहां श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक करने के बाद सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन कर पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। ढोल-मंजीरे और शिव भजनों की मधुर धुनों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों का मन मोह लिया।1
- पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस.वाई. कुरैशी की किताब ने कांग्रेस पार्टी के असली चेहरे को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। विपक्ष में रहकर 'संस्थाओं को बचाने' का रोना रोने वाले लोग सत्ता में आते ही उन्हीं संस्थाओं का शिकार करने लगते हैं, जो लोकतंत्र का सबसे बड़ा पाखंड है। इस किताब के जरिए साल 2012 के एक मामले का खुलासा हुआ है, जब कांग्रेस के मंत्री सलमान खुर्शीद आचार संहिता की धज्जियां उड़ा रहे थे। जब निष्पक्ष चुनाव आयोग ने उन्हें इस उल्लंघन से रोका, तो पूरी कांग्रेस पार्टी आयोग पर टूट पड़ी। इस संवैधानिक संस्था पर दबाव बनाने के लिए उसे 'मनमाना' और 'अहंकारी' कहा गया। दबाव का यह माहौल इस कदर बनाया गया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आहत होकर यहाँ तक कहना पड़ा कि "अगर मेरे इरादों पर शक है, तो मैं सुसाइड कर लूंगा"। ऐसे में यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि क्या चुनाव आयोग को डराने का यही असली 'कांग्रेसी मॉडल' था।1
- गिरिडीह के तिलैया थाना क्षेत्र के गुमो निवासी पप्पू कुमार साहू ने शादी का झांसा देकर ₹1.20 लाख की ठगी के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़ित का आरोप है कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है और घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं की गई है। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी दिव्या कुमारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, लेकिन जेल से छूटने के बाद भी उसकी संदिग्ध गतिविधियां जारी रहीं। पीड़ित का दावा है कि जेल से बाहर आने के बाद आरोपी महिला कथित रूप से एक बच्चे के अपहरण और उसे बेचने के प्रयास में शामिल थी, जिसे पप्पू कुमार साहू की ही सूचना पर सुरक्षित बरामद कर बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उन्होंने कई बार तिलैया थाना, अनुसंधान पदाधिकारी (आईओ) और संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिया, लेकिन कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि घर पर संदिग्ध लोगों के आने की सूचना डायल-112 और पुलिस को देने के बावजूद, कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही कई घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया। अब पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।1
- प्रयागराज के यमुनानगर के लालापुर थाना क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गोल्हैया स्थित सार्वजनिक खाते में दर्ज करीब 83 बीघा सरकारी पहाड़ पर अवैध कब्जा और प्लाटिंग करने के आरोप में ड्रीम सिटी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के निदेशक समेत 19 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला हल्का लेखपाल प्राची सिंह परिहार की तहरीर पर लालापुर थाने में संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त बारा वेदव्यास मिश्रा ने बताया कि उप जिलाधिकारी बारा के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। जांच के दौरान सार्वजनिक खाते में दर्ज पहाड़ की भूमि पर अतिक्रमण पाया गया, जिसके बाद राजस्व विभाग की सूचना पर लालापुर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- मध्य प्रदेश के खरगोन में टैंकर में वेल्डिंग करते समय एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे टैंकर के परखच्चे 500 मीटर दूर तक उड़ गए। इस भीषण धमाके की चपेट में आने से वहां बकरी चरा रहे एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, टैंकर का ड्राइवर और वेल्डिंग कर रहा युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस धमाके की गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे पूरा इलाका दहल उठा। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास खड़ी कारों और घरों की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए।1