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प्रयागराज के लालापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सरकारी पहाड़ की जमीनों पर हुए अवैध कब्जे का पर्दाफाश हुआ है। इस पूरे मामले को लेकर एसीपी (ACP) द्वारा बयान जारी किया गया है।
Rajendra Pandey
प्रयागराज के लालापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सरकारी पहाड़ की जमीनों पर हुए अवैध कब्जे का पर्दाफाश हुआ है। इस पूरे मामले को लेकर एसीपी (ACP) द्वारा बयान जारी किया गया है।
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- कौशाम्बी में साइबर थाना पुलिस द्वारा ऑनलाइन धोखाधड़ी से संबंधित ₹55,999 आवेदक के खाते में सकुशल वापस कराए गए हैं। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी चायल श्री शिवांक सिंह की वीडियो बाइट भी सामने आई है।1
- प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के सारीपुर गांव में आयोजित आषाढ़ मेले में यमुना स्नान करते समय एक 14 वर्षीय किशोर की डूबकर मौत हो गई, जिससे मेले की खुशियां मातम में बदल गईं। मृतक की पहचान नैनी के डांडी महेवा निवासी पूर्नवासी भारतीया के 14 वर्षीय पुत्र रितिक भारतीया के रूप में हुई है। वह अपने माता-पिता के साथ मेले में आया था और स्नान के दौरान गहरे पानी में चला गया। स्थानीय लोगों ने उसे कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकालकर सीएचसी चाका पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रितिक अपनी चार बहनों का इकलौता भाई था, जिसके कारण उसकी मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और मां-बाप व बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने मेले में सुरक्षा इंतजामों को लेकर प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि हर सोमवार और शुक्रवार को हजारों श्रद्धालु यहां यमुना स्नान के लिए आते हैं, लेकिन इसके बावजूद घाटों पर गोताखोरों, बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतों का पूरी तरह से अभाव है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए मेले में लाइफ जैकेट, एंबुलेंस, प्रशिक्षित गोताखोर और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।1
- प्रयागराज के लालापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सरकारी पहाड़ की जमीनों पर हुए अवैध कब्जे का पर्दाफाश हुआ है। इस पूरे मामले को लेकर एसीपी (ACP) द्वारा बयान जारी किया गया है।1
- प्रयागराज में सोमवार को आस्था का अनोखा सैलाब उमड़ पड़ा, जहां 13 जुलाई 2026 को सुबह से ही शहर के शिवालयों और मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। इस दौरान विशेष रूप से मनकामेश्वर मंदिर में भक्तों का अद्भुत उत्साह नजर आया। वहां श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक करने के बाद सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन कर पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। ढोल-मंजीरे और शिव भजनों की मधुर धुनों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों का मन मोह लिया।1
- पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस.वाई. कुरैशी की किताब ने कांग्रेस पार्टी के असली चेहरे को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। विपक्ष में रहकर 'संस्थाओं को बचाने' का रोना रोने वाले लोग सत्ता में आते ही उन्हीं संस्थाओं का शिकार करने लगते हैं, जो लोकतंत्र का सबसे बड़ा पाखंड है। इस किताब के जरिए साल 2012 के एक मामले का खुलासा हुआ है, जब कांग्रेस के मंत्री सलमान खुर्शीद आचार संहिता की धज्जियां उड़ा रहे थे। जब निष्पक्ष चुनाव आयोग ने उन्हें इस उल्लंघन से रोका, तो पूरी कांग्रेस पार्टी आयोग पर टूट पड़ी। इस संवैधानिक संस्था पर दबाव बनाने के लिए उसे 'मनमाना' और 'अहंकारी' कहा गया। दबाव का यह माहौल इस कदर बनाया गया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आहत होकर यहाँ तक कहना पड़ा कि "अगर मेरे इरादों पर शक है, तो मैं सुसाइड कर लूंगा"। ऐसे में यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि क्या चुनाव आयोग को डराने का यही असली 'कांग्रेसी मॉडल' था।1
- गिरिडीह के तिलैया थाना क्षेत्र के गुमो निवासी पप्पू कुमार साहू ने शादी का झांसा देकर ₹1.20 लाख की ठगी के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़ित का आरोप है कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है और घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं की गई है। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी दिव्या कुमारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, लेकिन जेल से छूटने के बाद भी उसकी संदिग्ध गतिविधियां जारी रहीं। पीड़ित का दावा है कि जेल से बाहर आने के बाद आरोपी महिला कथित रूप से एक बच्चे के अपहरण और उसे बेचने के प्रयास में शामिल थी, जिसे पप्पू कुमार साहू की ही सूचना पर सुरक्षित बरामद कर बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उन्होंने कई बार तिलैया थाना, अनुसंधान पदाधिकारी (आईओ) और संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिया, लेकिन कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि घर पर संदिग्ध लोगों के आने की सूचना डायल-112 और पुलिस को देने के बावजूद, कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही कई घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया। अब पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से एक व्यक्ति की जान बचा ली गई है। थाना चिल्ला क्षेत्र के ग्राम पलरा में पारिवारिक कलह से परेशान होकर एक व्यक्ति ने देर रात खेत में बने लगभग 90 फीट गहरे कुएं में छलांग लगा दी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बिना किसी देरी के मौके पर पहुंच गई और ग्रामीणों के सहयोग से तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। अंधेरी रात, अत्यधिक गहरे कुएं और सीमित संसाधनों जैसी बेहद कठिन परिस्थितियों के बावजूद पुलिसकर्मियों ने हार नहीं मानी। करीब चार घंटे तक चले इस कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पुलिस टीम ने व्यक्ति को कुएं से सकुशल बाहर निकाल लिया। इसके तुरंत बाद उसे एंबुलेंस की मदद से बेहतर इलाज के लिए बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इस पूरे साहसिक अभियान में थानाध्यक्ष आनंद कुमार साहू, उपनिरीक्षक कमल सिंह, हेड कांस्टेबल प्रेमपाल सिंह और कांस्टेबल अजय यादव ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा, साहस और मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए एक परिवार की खुशियां वापस लौटाने का सराहनीय कार्य किया।2