राज्यपाल हरि भाऊ बागडे की जनसुनवाई, किसानों को दिए खेती और पशुपालन के टिप्स स्कूली छात्र छात्राओं से किया संवाद , राजपाल ने बच्चों को पढ़ाया गणित बांसवाड़ा जिले के कटियोर गांव में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जनसुनवाई कर किसानों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान राज्यपाल ने किसानों के साथ संवाद करते हुए खेती में अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए उपयोगी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती के साथ-साथ पशुपालन को बढ़ावा देना जरूरी है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। राज्यपाल ने जनजातीय क्षेत्र में डेयरी संचालन की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि दूध का व्यवसाय शुरू कर किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने जनजातीय समाज से अपील की कि वे स्वयं को कभी कम न आंकें, क्योंकि देश की आजादी में जनजातीय क्षेत्र के लोगों की अहम भूमिका रही है। राज्यपाल ने बताया कि बैलों से खेती करने पर सरकार द्वारा 30 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। जनसुनवाई में किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिन्हें राज्यपाल ने गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद राज्यपाल ने सरकारी स्कूल के छात्र छात्राओं के साथ संवाद किया। छात्राओं के साथ गणित के टिप्स दिए बच्चों को पहाड़े बोलाएं साथ हो पूछा कि पढ़कर लिखकर क्या बनोगे।
राज्यपाल हरि भाऊ बागडे की जनसुनवाई, किसानों को दिए खेती और पशुपालन के टिप्स स्कूली छात्र छात्राओं से किया संवाद , राजपाल ने बच्चों को पढ़ाया गणित बांसवाड़ा जिले के कटियोर गांव में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जनसुनवाई कर किसानों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान राज्यपाल ने किसानों के साथ संवाद करते हुए खेती में अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए उपयोगी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती के साथ-साथ पशुपालन को बढ़ावा देना जरूरी है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। राज्यपाल ने जनजातीय क्षेत्र में डेयरी संचालन की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि दूध का व्यवसाय शुरू कर किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने जनजातीय समाज से अपील की कि वे स्वयं को कभी कम न आंकें, क्योंकि देश की आजादी में जनजातीय क्षेत्र के लोगों की अहम भूमिका रही है। राज्यपाल ने बताया कि बैलों से खेती करने पर सरकार द्वारा 30 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। जनसुनवाई में किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिन्हें राज्यपाल ने गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद राज्यपाल ने सरकारी स्कूल के छात्र छात्राओं के साथ संवाद किया। छात्राओं के साथ गणित के टिप्स दिए बच्चों को पहाड़े बोलाएं साथ हो पूछा कि पढ़कर लिखकर क्या बनोगे।
- भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष पूंजीलाल गायरी ने नरेगा योजना को लेकर विपक्षी पार्टियों द्वारा फैलाई जा रहे भ्रम को लेकर बयान जारी किया है और उन्होंने कहा है कि यह योजना विकसित भारत 2047 के लिए शुरू की गई है और इससे गरीब वर्ग को साल में 125 दिन का रोजगार प्राप्त होगा।1
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी कुशलगढ़ में 1फरवरी को आयोजित होगा विराट हिन्दू सम्मेलन राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ कस्बे में 1फरवरी को विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन होगा भाजपा नेता व कुशलगढ़ नगरपालिका उपाध्यक्ष नितेश बैरागी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस विराट हिन्दू सम्मेलन में कुशलगढ़ नगर सहित अन्य गांवों के हिन्दू भाई इस विराट हिन्दू सम्मेलन में भाग लेंगे1
- लोहारिया ग्राम पंचायत की लापरवाही, जहां यात्रियों के बैठने की जगह वही कचरे का ढेर, नालियों की सफाई भी नहीं हो रही गांव में साफ सफाई के अभाव में फैल रही गंदगी, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी बेपरवाह गनोड़ा। गढ़ी पंचायत समिति की लोहारिया ग्राम पंचायत के बस स्टैंड पर इन दिनों कचरे का ढेर लगा हुआ है। लोहारिया बड़ा कस्बा है तथा यहां पर आबादी भी ज्यादा है लेकिन फिर भी ग्राम पंचायत की लापरवाही के कारण बस स्टैंड पर कूड़े करकट का ढेर लग गया है। बस स्टैंड पर यात्रियों के बैठने के लिए चबूतरा बना हुआ है तथा लोहे की कुर्सियां भी लगाई गई है तथा वहीं पर पास में गंदगी का ढेर लगा हुआ है जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है। बस स्टैंड एक ऐसी जगह है जहां पर भीड़भाड़ वाला इलाका रहता है लेकिन वहीं पर कूड़े करकट का ढेर लगा कर रखना ग्राम पंचायत की ख़राब कार्यशैली को दर्शा रहा है। गांव में नालियों की भी नहीं हो रही सफाई, गंदगी बिखरी पड़ी लोहारिया ग्राम पंचायत में केवल बस स्टैंड पर ही नहीं बल्कि अंदरूनी इलाकों में भी साफ सफाई का अभाव है। गांव के ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधियों ने बताया कि गांव में नालियों की साफ सफाई किए चार से पांच महीने हो गए हैं। ऐसे में गांव की नालियां बदबू एवं कचरे से भरी पड़ी है। इसके अलावा जब नालियां ओवर फ्लो हो जाती है तब गंदा पानी सड़क पर फैला रहता है। लेकिन ग्राम पंचायत इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि पंचायत की नालियां एवं सड़कें नियमित रूप से साफ की जाए ताकि गंदगी ना फैले। लेकिन बस स्टैंड एवं गांव के अंदरूनी इलाकों में साफ सफाई के अभाव में पंचायत का हाल बेहाल है जिससे ग्रामीण परेशान है।1
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- आयुर्वेदीक चिकित्सालय में डॉक्टर साहब से खास बातचित सर्दी दिनों में क्या-क्या ध्यान रखना पडता है2
- चिखली हैंगिंग ब्रिज टूटने का झूठा वीडियो वायरल करने वाले दो युवक गिरफ्तार संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। सोशल मीडिया पर बिना सोचे-समझे झूठी खबरें और वीडियो पोस्ट करना दो युवकों को भारी पड़ गया। जिले के चिखली हैंगिंग ब्रिज के टूटने की झूठी अफवाह फैलाने और इंस्टाग्राम पर वीडियो वायरल करने के आरोप में डूंगरपुर पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन संस्कार' के तहत की गई है। - क्या था पूरा मामला? घटना 2 जनवरी 2026 की है, जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में दावा किया गया था कि चिखली का प्रसिद्ध हैंगिंग ब्रिज टूट गया है। इस झूठी खबर से न केवल आमजन में भय का माहौल पैदा हो गया, बल्कि प्रशासन का भी काफी समय इस अफवाह की पुष्टि और खंडन करने में खराब हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और सीमलवाड़ा वृत्ताधिकारी मदनलाल विश्नोई के सुपरविजन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। थानाधिकारी भंवरसिंह राठौड़ और उनकी टीम ने तकनीकी सहायता और मुखबिरों की मदद से अफवाह फैलाने वालों की पहचान की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों दिनेश पुत्र रमेश चंद्र रोत मीणा, निवासी झोथरी, थाना चौरासी एवंजितेन्द्र पुत्र कालुराम मालीवाड़, निवासी बिलपन, थाना चौरासी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस ने बताया कि इन दोनों से अलग-अलग पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने वीडियो वायरल करने की बात स्वीकार की। - पुलिस की अपील पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या खबर को बिना पुष्टि के शेयर न करें। अफवाह फैलाने वालों पर भविष्य में भी 'ऑपरेशन संस्कार' के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाणीकरण को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित बांसवाड़ा। जिला कलेक्टर डॉ इंद्रजीत यादव के निर्देश पर राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाणीकरण (NQAS) के अंतर्गत जिले के स्वास्थ्य संस्थानों को मानकों के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय समीक्षा बैठक गुरुवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित की गई। बैठक में प्रमाणीकरण प्रक्रिया की प्रगति, आवश्यक सुधारों एवं कार्ययोजना को लेकर विस्तृत चर्चा की गई तथा विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सीएमएचओ डॉ. खुशपाल सिंह राठौड़ ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा में स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाए, ताकि आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। नोडल अधिकारी डॉ. भरत राम मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 297 स्वास्थ्य संस्थानों का चयन किया गया है। इन संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन के मापदंडों के आधार पर चरणबद्ध रूप से तैयार किया जाएगा। इसके लिए संस्थागत स्वच्छता, मरीज सुरक्षा, सेवाओं की गुणवत्ता, रिकॉर्ड संधारण एवं मानव संसाधन प्रबंधन जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक में उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राहुल डिंडोर, डीटीओ डॉ पीके वर्मा, खादु कॉलोनी चिकित्सा प्रभारी डॉ हरीश कटारा, डीपीएम ललित सिंह झाला व डॉ वनिता त्रिवेदी, राष्ट्रीय समीक्षक वैष्णवी सुन्दरी, नर्सिंग अधिकारी मयंक पंड्या व राकेश जोशी, आईईसी सलाहकार अमित शाह मौजूद रहे। बीसीएमओ 15 दिवस में एक बार विजिट करेंगे सीएमएचओ डॉ खुशपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को जिले में त्वरित एवं प्रभावी रूप से पूर्ण कराने के उद्देश्य से प्रत्येक ब्लॉक में ब्लॉक स्तरीय टीम का गठन कर चिन्हित समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं का तत्काल रैपिड असेसमेंट कराया जाएगा। साथ ही बीसीएमओ/एमओआईसी एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों द्वारा प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था का न्यूनतम 15 दिवस में एक बार भ्रमण सुनिश्चित किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर एनक्वास आंतरिक एवं बाह्य असेसरों की सेवाएं ली जाएंगी। प्रत्येक ब्लॉक द्वारा अपने एनक्वास लक्ष्य एवं प्रगति की स्थिति नियमित रूप से जिला स्तर पर समीक्षा के लिए प्रस्तुत की जाएगी। उच्च स्कोर प्राप्त करने वाली स्वास्थ्य संस्थाओं एवं श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ब्लॉकों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए जाने का प्रावधान भी रखा गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने समस्त चिकित्सा अधिकारी एवं बीसीएमओ को निर्देशित किया है कि एनक्वास प्रमाणीकरण से संबंधित समस्त कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जाए।1