बदायूं जिले के उघैती थाना क्षेत्र के ग्राम गोपालपुर में पुरानी रंजिश के चलते आधी रात को दबंगों द्वारा एक परिवार के घर और खेत पर हमला करने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार, रात करीब 1 बजे हुए इस हमले में आरोपियों ने न केवल घर और खेत में तोड़फोड़ की, बल्कि डीजल इंजन को उखाड़कर नाले में फेंक दिया। कुट्टी मशीन और चारपाई को भी क्षतिग्रस्त किया गया, साथ ही छप्पर, तिरपाल और लोहे के पाइप उखाड़ दिए गए। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने गाली-गलौज और ईंट-पत्थर भी फेंके, और पशुओं को खोलकर ले जाने की भी कोशिश की। डायल 112 पुलिस के सायरन की आवाज सुनकर कथित तौर पर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद, पीड़ित परिवार ने उघैती थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, सख्त कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
बदायूं जिले के उघैती थाना क्षेत्र के ग्राम गोपालपुर में पुरानी रंजिश के चलते आधी रात को दबंगों द्वारा एक परिवार के घर और खेत पर हमला करने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार, रात करीब 1 बजे हुए इस हमले में आरोपियों ने न केवल घर और खेत में तोड़फोड़ की, बल्कि डीजल इंजन को उखाड़कर नाले में फेंक दिया। कुट्टी मशीन और चारपाई को भी क्षतिग्रस्त किया गया, साथ ही छप्पर, तिरपाल और लोहे के पाइप उखाड़ दिए गए। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने गाली-गलौज और ईंट-पत्थर भी फेंके, और पशुओं को खोलकर ले जाने की भी कोशिश की। डायल 112 पुलिस के सायरन की आवाज सुनकर कथित तौर पर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद, पीड़ित परिवार ने उघैती थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, सख्त कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की सहसवान तहसील और सहसवान ब्लॉक में एक सड़क की गंभीर समस्या सामने आई है। यह मुद्दा विशेष रूप से छगनपुर-बदायूं रोड से संबंधित है, जिसकी हालत खराब बताई गई है। यह सड़क समस्या बदायूं जिले की सहसवान तहसील के अंतर्गत आती है।2
- बदायूं जिले के उघैती थाना क्षेत्र के ग्राम गोपालपुर में पुरानी रंजिश के चलते आधी रात को दबंगों द्वारा एक परिवार के घर और खेत पर हमला करने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार, रात करीब 1 बजे हुए इस हमले में आरोपियों ने न केवल घर और खेत में तोड़फोड़ की, बल्कि डीजल इंजन को उखाड़कर नाले में फेंक दिया। कुट्टी मशीन और चारपाई को भी क्षतिग्रस्त किया गया, साथ ही छप्पर, तिरपाल और लोहे के पाइप उखाड़ दिए गए। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने गाली-गलौज और ईंट-पत्थर भी फेंके, और पशुओं को खोलकर ले जाने की भी कोशिश की। डायल 112 पुलिस के सायरन की आवाज सुनकर कथित तौर पर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद, पीड़ित परिवार ने उघैती थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, सख्त कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।2
- Post by मनोज कुमार जाटव समाज सेवी1
- बदायूं में एक 'गजबे कांड' की चर्चा है, जहाँ एक नेताजी दंड बैठकी करते हुए दिखे। इस अनोखी घटना को लेकर लोग 'गजबे कांड' बता रहे हैं, जिसका आगे का पूरा विवरण 'फिर बाद में...' के साथ आने का संकेत दिया गया है।1
- बदायूं के बिल्सी नगर में चोरी की लगातार बढ़ती घटनाओं ने पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक सप्ताह के भीतर दुकान में घुसकर चोरी की यह दूसरी घटना सामने आई है, जिससे व्यापारियों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। चोरियों की लगातार वारदातों के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है। व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो चोरों के हौसले और भी बढ़ेंगे। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस-प्रशासन से तत्काल रात्रि गश्त बढ़ाने, चोरी की घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने और आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इन लगातार हो रही घटनाओं ने बिल्सी प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि चोरों में प्रशासन का कोई खौफ नहीं दिख रहा है।1
- जनपद बिजनौर में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कुछ कार्यकर्ताओं को प्रशासन द्वारा जेल भेजे जाने का मामला अब तूल पकड़ गया है। संगठन के युवा प्रदेश अध्यक्ष चौ. दिगम्बर सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके कार्यकर्ताओं को झूठे मुकदमों में जेल भेजा गया है। इसी के विरोध में युवा प्रदेश अध्यक्ष चौ. दिगम्बर सिंह अपने समर्थकों के साथ एक काफिले के रूप में आगे बढ़े। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन अपने कार्यकर्ताओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्दोष कार्यकर्ताओं को न्याय दिलाने की मांग की है। इस मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक व्यंग्यात्मक सवाल उठाया गया है, जिसमें यह बताया गया है कि यह यात्रा 80 हजार भारतीय सैनिकों की कड़ी निगरानी में होती है। इस संदर्भ में पूछा गया है कि जब ‘हिंदू-मुस्लिम भाई-भाई’ हैं, तो इतनी भारी संख्या में सैनिकों की निगरानी की आवश्यकता क्यों पड़ती है।1
- Post by Sonu kymar1