शिवपुरी के करैरा तहसील में BNSS की धारा 170 के तहत गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के लिए लाए जाने के दौरान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि रविवार को जब थाना अमोला और थाना करैरा पुलिस आरोपियों को लेकर तहसील पहुंची थी, तब वहां कोई सक्षम कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अपनी सीट पर मौजूद नहीं था। अधिवक्ता अनिल कुमार दुबे का दावा है कि कार्यालय में केवल एक कर्मचारी उपस्थित था, जो तहसीलदार के हस्ताक्षर होने से पहले ही जेल वारंट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया। अधिवक्ता के अनुसार, उनके विरोध के बाद अमोला थाने के आरोपी को वापस ले जाया गया, जबकि करैरा थाने के दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया। दूसरी ओर, प्रशासन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। नायब तहसीलदार शैलेंद्र भार्गव ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि बिना हस्ताक्षर के कोई जेल वारंट जारी नहीं किया जा सकता और न ही जेल प्रशासन ऐसे वारंट स्वीकार करता है। इसके साथ ही करैरा थाना प्रभारी विनोद छावई ने भी पुष्टि की है कि संबंधित जेल वारंट पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर मौजूद हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत वारंट की प्रति किसी भी पक्षकार को दिखाना आवश्यक नहीं होता। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। अधिवक्ता रितुराज यादव ने तहसील परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सुरक्षित रखकर जांच कराने की मांग की है ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके। वहीं, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो अधिवक्ता समुदाय इस मुद्दे को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर विचार करेगा।
शिवपुरी के करैरा तहसील में BNSS की धारा 170 के तहत गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के लिए लाए जाने के दौरान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि रविवार को जब थाना अमोला और थाना करैरा पुलिस आरोपियों को लेकर तहसील पहुंची थी, तब वहां कोई सक्षम कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अपनी सीट पर मौजूद नहीं था। अधिवक्ता अनिल कुमार दुबे का दावा है कि कार्यालय में केवल एक कर्मचारी उपस्थित था, जो तहसीलदार के हस्ताक्षर होने से पहले ही जेल वारंट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया। अधिवक्ता के अनुसार, उनके विरोध के बाद अमोला थाने के आरोपी को वापस ले जाया गया, जबकि करैरा थाने के दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया। दूसरी ओर, प्रशासन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। नायब तहसीलदार शैलेंद्र भार्गव ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि बिना हस्ताक्षर के कोई जेल वारंट जारी नहीं किया जा सकता और न ही जेल प्रशासन ऐसे वारंट स्वीकार करता है। इसके साथ ही करैरा थाना प्रभारी विनोद छावई ने भी पुष्टि की है कि संबंधित जेल वारंट पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर मौजूद हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत वारंट की प्रति किसी भी पक्षकार को दिखाना आवश्यक नहीं होता। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। अधिवक्ता रितुराज यादव ने तहसील परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सुरक्षित रखकर जांच कराने की मांग की है ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके। वहीं, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो अधिवक्ता समुदाय इस मुद्दे को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर विचार करेगा।
- राजनीति की दुनिया से निकलकर अब दिलीप घोष गायक की भूमिका में नजर आ रहे हैं, जहां उन्होंने माइक थामकर 'झालमुड़ी गाना' गाया है। बंगाल की राजनीति में झालमुड़ी का क्या महत्व है, यह बात पहले से ही सभी को पता है। इससे पहले, चुनाव प्रचार के सिलसिले में बंगाल दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सड़क किनारे की एक गुमनाम दुकान से झालमुड़ी खाई थी और '26 के चुनाव' के लिए एक अलग ही माहौल तैयार किया था। अब वही झालमुड़ी एक बार फिर चर्चा में लौट आई है, लेकिन इस बार यह खाने की चीज के रूप में नहीं बल्कि गाने के रूप में आई है। दिलीप घोष ने अपने पुराने ढर्रे को तोड़ते हुए माइक के सामने 'झालमुड़ी सॉन्ग' रिकॉर्ड किया है। इस गाने की रिकॉर्डिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- बारां जिले के छीपाबड़ौद में लोगों को घर पर ही रहकर समुद्र मंथन प्राणायाम करने की जानकारी साझा की गई है।1
- बारां जिले के छीपाबड़ौद में आयोजित होने वाले अमृत महोत्सव के दौरान लोकसभा अध्यक्ष बिरला द्वारा विधायक सिंघवी को सम्मानित किया जाएगा।1
- बारां जिले के अटरू कस्बे में स्थित महिला पार्क के माताजी मंदिर में चोरों ने दिनदहाड़े चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। चोरों ने मंदिर की साइड में लगी सीमेंट की जाली को तोड़कर एक बड़ा छेद किया और उसी रास्ते से अंदर घुसकर वहां रखे गेहूं के कट्टे चोरी कर ले गए। इस वारदात की जानकारी मिलते ही पूरे क्षेत्र के लोगों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है। मंदिर के पुजारी मधुसूदन वैष्णव ने बताया कि वे रोजाना की तरह सुबह की आरती करने के बाद मंदिर में ताला लगाकर अपने घर चले गए थे। शाम को जब वे दोबारा आरती के लिए मंदिर पहुंचे, तब उन्हें इस तोड़फोड़ और चोरी का पता चला। इसी दौरान शाम की आरती के लिए चिंटू जैन और गणेश सेन सहित अन्य श्रद्धालु भी वहां पहुंचे, जिसके बाद यह पूरी घटना सामने आई। स्थानीय लोगों ने पुलिस से इस मामले की तुरंत जांच करने और चोरों का पता लगाकर जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भावुक हो गए। उन्होंने बेहद भावुक होकर कहा कि वे एक-एक घर पर जाकर शीश नवाएंगे और आशुतोष को जिताएंगे। नरोत्तम मिश्रा के इस कदम पर मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने उनका हौंसला बढ़ाया है।1
- गुना जिले के फतेहगढ़ स्थित सांदीपनि स्कूल के निरीक्षण के दौरान एसडीएम शिवानी पांडे ने स्कूल के प्राचार्य भगवत झा को शिकायतों के संबंध में गलत और तथ्यहीन जानकारी देने पर कड़ी फटकार लगाई है। इस निरीक्षण का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें एसडीएम प्राचार्य से यह कहती दिखाई दे रही हैं कि यदि उन्हें इतनी परेशानी है तो वे अपना ट्रांसफर करवा लें, ताकि स्कूल में अनावश्यक विवाद और समस्याएं न रहें। दरअसल, स्कूल की बाउंड्रीवाल का निर्माण न होने के पीछे स्थानीय अगरिया आदिवासी समुदाय को जिम्मेदार बताया जा रहा था। साथ ही पास में बह रहे नाले के कारण स्कूल परिसर में जलभराव की शिकायतें भी लंबे समय से मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम, पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई तथा स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि अगरिया समुदाय की ओर से बाउंड्रीवाल निर्माण में कोई बाधा नहीं डाली गई थी। जलभराव की समस्या भी किसी समुदाय के अवरोध के कारण नहीं, बल्कि प्राकृतिक ड्रेनेज का रास्ता बदलने से उत्पन्न हुई है, जिससे फतेहगढ़ के अन्य हिस्से भी प्रभावित हैं। इस समस्या के समाधान के लिए एक तकनीकी टीम गठित कर दी गई है। इसके अलावा, मंडी परिसर और स्कूल की सीमा को लेकर हुए विवाद पर भी अधिकारियों ने सीमांकन कराने का निर्णय लिया है। एसडीएम शिवानी पांडे ने स्पष्ट किया कि स्कूल के संबंध में गलत जानकारी देकर भ्रम फैलाना उचित नहीं है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान एक बेहद भावुक कर देने वाला नजारा सामने आया, जहां पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा मंच से संबोधित करते हुए रो पड़े। भाषण के दौरान जैसे ही उन्होंने कहा, "मैं गांव-गांव और घर-घर जाऊंगा… और आशुतोष को जिताऊंगा", उनकी आवाज भर्रा गई और आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्हें इस तरह भावुक होता देख मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल तुरंत उनके पास पहुंचे, उन्हें संभाला और कुर्सी पर बैठाया। सभा में मौजूद तमाम कार्यकर्ता और समर्थक भी इस भावुक पल के साक्षी बने। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, दतिया उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी के चयन के बाद यह पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम था, जिसमें डॉ. नरोत्तम मिश्रा इस तरह भावुक नजर आए। टिकट नहीं मिलने के बाद उनके समर्थकों की नाराजगी भी चर्चा में रही थी। हालांकि, अपने संबोधन में डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में पूरी ताकत से चुनाव प्रचार करने का संदेश दिया।1
- राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में घर पर भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया गया।1
- राजस्थान के बारां जिले की अटरू थाना पुलिस ने पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु (आईपीएस) के निर्देशन में चलाए जा रहे एरिया डॉमिनेशन विशेष अभियान के तहत लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने डकैती के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही पुलिस ने अवैध हथकड़ शराब और धारदार छुरा रखने के आरोप में दो अन्य लोगों को भी दबोचा है। डकैती के मामले की पृष्ठभूमि 24 जून 2026 की है, जब भैसड़ा निवासी पवन कुमार मीणा ने नेशनल हाईवे-90 पर बाइक सवार पांच बदमाशों द्वारा अपहरण, मारपीट और लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बदमाशों ने उनका आईफोन-13, पर्स (जिसमें एटीएम, आधार और पैन कार्ड थे), 22 से 24 हजार रुपये नकद और करीब 10 ग्राम सोने की चेन लूट ली थी। इस मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों (एक जेल में और एक बाल सुधार गृह में) के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी थी। अब, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल कुमार जांगिड़ और वृत्ताधिकारी रामानंद यादव के सुपरविजन व थाना प्रभारी अशोक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने फरार आरोपी शुभम उर्फ टिंकू (19), निवासी अंताना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। विशेष अभियान के तहत की गई अन्य कार्रवाइयों में पुलिस ने 11 जुलाई की रात बरला रोड स्थित गर्ल्स कॉलेज के पास से ओमप्रकाश (41) को एक लीटर अवैध हथकड़ कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार किया। वहीं, 12 जुलाई को माली मोहल्ला स्थित फुलदेवरा मंदिर के पास से मनोज कुमार सुमन (42) को अवैध धारदार छुरा लेकर घूमते हुए पकड़ा गया। इसके अलावा, पुलिस ने छह अलग-अलग मामलों में शांति भंग करने के आरोप में आठ अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार कर एसडीएम अटरू के समक्ष पेश किया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी अशोक कुमार, उपनिरीक्षक बाबूलाल व पप्पूलाल सहित पूरी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1