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राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में घर पर भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया गया।

5 hrs ago
user_Jagdish Chandra Sharma
Jagdish Chandra Sharma
Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
5 hrs ago

राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में घर पर भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया गया।

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  • शिवपुरी के करैरा तहसील में BNSS की धारा 170 के तहत गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के लिए लाए जाने के दौरान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि रविवार को जब थाना अमोला और थाना करैरा पुलिस आरोपियों को लेकर तहसील पहुंची थी, तब वहां कोई सक्षम कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अपनी सीट पर मौजूद नहीं था। अधिवक्ता अनिल कुमार दुबे का दावा है कि कार्यालय में केवल एक कर्मचारी उपस्थित था, जो तहसीलदार के हस्ताक्षर होने से पहले ही जेल वारंट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया। अधिवक्ता के अनुसार, उनके विरोध के बाद अमोला थाने के आरोपी को वापस ले जाया गया, जबकि करैरा थाने के दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया। दूसरी ओर, प्रशासन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। नायब तहसीलदार शैलेंद्र भार्गव ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि बिना हस्ताक्षर के कोई जेल वारंट जारी नहीं किया जा सकता और न ही जेल प्रशासन ऐसे वारंट स्वीकार करता है। इसके साथ ही करैरा थाना प्रभारी विनोद छावई ने भी पुष्टि की है कि संबंधित जेल वारंट पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर मौजूद हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत वारंट की प्रति किसी भी पक्षकार को दिखाना आवश्यक नहीं होता। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। अधिवक्ता रितुराज यादव ने तहसील परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सुरक्षित रखकर जांच कराने की मांग की है ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके। वहीं, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो अधिवक्ता समुदाय इस मुद्दे को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर विचार करेगा।
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    शिवपुरी के करैरा तहसील में BNSS की धारा 170 के तहत गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के लिए लाए जाने के दौरान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि रविवार को जब थाना अमोला और थाना करैरा पुलिस आरोपियों को लेकर तहसील पहुंची थी, तब वहां कोई सक्षम कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अपनी सीट पर मौजूद नहीं था। अधिवक्ता अनिल कुमार दुबे का दावा है कि कार्यालय में केवल एक कर्मचारी उपस्थित था, जो तहसीलदार के हस्ताक्षर होने से पहले ही जेल वारंट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया। अधिवक्ता के अनुसार, उनके विरोध के बाद अमोला थाने के आरोपी को वापस ले जाया गया, जबकि करैरा थाने के दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

दूसरी ओर, प्रशासन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। नायब तहसीलदार शैलेंद्र भार्गव ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि बिना हस्ताक्षर के कोई जेल वारंट जारी नहीं किया जा सकता और न ही जेल प्रशासन ऐसे वारंट स्वीकार करता है। इसके साथ ही करैरा थाना प्रभारी विनोद छावई ने भी पुष्टि की है कि संबंधित जेल वारंट पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर मौजूद हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत वारंट की प्रति किसी भी पक्षकार को दिखाना आवश्यक नहीं होता।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। अधिवक्ता रितुराज यादव ने तहसील परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सुरक्षित रखकर जांच कराने की मांग की है ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके। वहीं, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो अधिवक्ता समुदाय इस मुद्दे को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर विचार करेगा।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • गुना जिले की आरोन तहसील का सिविल अस्पताल इन दिनों सरकारी सेवा की जगह अवैध वसूली का केंद्र बन चुका है। अस्पताल की जन्म-मृत्यु शाखा में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने आने वाले लोगों से खुलेआम पैसे मांगे जा रहे हैं। ग्राम सुनगयाई के निवासी परमाल सिंह ने 11 जुलाई 2026 को एसडीएम आरोन को आवेदन देकर अस्पताल प्रशासन की इस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़ित परमाल सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी ममता बाई की डिलीवरी 20 दिसंबर 2012 को इसी अस्पताल में हुई थी, जिसके बाद उन्हें हस्तलिखित प्रमाण पत्र दिया गया था। अब डिजिटल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 10 जुलाई 2026 को सभी दस्तावेज जमा करने के बाद उन्हें अस्पताल के कमरा नंबर 28 में भेजा गया। आरोप है कि वहां तैनात कर्मचारियों ने 'चालान' के नाम पर उनसे 500 रुपये की मांग की। पैसे देने के दो दिन बाद भी उन्हें डिजिटल प्रमाण पत्र नहीं दिया गया। पीड़ित का कहना है कि जन्म-मृत्यु शाखा में सरकारी प्रक्रिया को दरकिनार कर रोजाना आम और गरीब मरीजों से इसी तरह पैसे ऐंठे जा रहे हैं। इस मामले पर बीएमओ डॉ. अविनाश रघुवंशी ने केवल इतना कहा कि आवेदन मिल गया है और जांच चल रही है, जिसके बाद उचित कार्रवाई होगी। लेकिन स्थानीय जनता में इस भ्रष्टाचार को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का सवाल है कि महीनों से कमरा नंबर 28 में चल रहे इस खेल की भनक अस्पताल प्रबंधन को क्यों नहीं लगी। अब देखना होगा कि प्रशासन सिर्फ कागजी जांच करता है या अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस गाज गिरती है।
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    गुना जिले की आरोन तहसील का सिविल अस्पताल इन दिनों सरकारी सेवा की जगह अवैध वसूली का केंद्र बन चुका है। अस्पताल की जन्म-मृत्यु शाखा में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने आने वाले लोगों से खुलेआम पैसे मांगे जा रहे हैं। ग्राम सुनगयाई के निवासी परमाल सिंह ने 11 जुलाई 2026 को एसडीएम आरोन को आवेदन देकर अस्पताल प्रशासन की इस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

पीड़ित परमाल सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी ममता बाई की डिलीवरी 20 दिसंबर 2012 को इसी अस्पताल में हुई थी, जिसके बाद उन्हें हस्तलिखित प्रमाण पत्र दिया गया था। अब डिजिटल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 10 जुलाई 2026 को सभी दस्तावेज जमा करने के बाद उन्हें अस्पताल के कमरा नंबर 28 में भेजा गया। आरोप है कि वहां तैनात कर्मचारियों ने 'चालान' के नाम पर उनसे 500 रुपये की मांग की। पैसे देने के दो दिन बाद भी उन्हें डिजिटल प्रमाण पत्र नहीं दिया गया। पीड़ित का कहना है कि जन्म-मृत्यु शाखा में सरकारी प्रक्रिया को दरकिनार कर रोजाना आम और गरीब मरीजों से इसी तरह पैसे ऐंठे जा रहे हैं।

इस मामले पर बीएमओ डॉ. अविनाश रघुवंशी ने केवल इतना कहा कि आवेदन मिल गया है और जांच चल रही है, जिसके बाद उचित कार्रवाई होगी। लेकिन स्थानीय जनता में इस भ्रष्टाचार को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का सवाल है कि महीनों से कमरा नंबर 28 में चल रहे इस खेल की भनक अस्पताल प्रबंधन को क्यों नहीं लगी। अब देखना होगा कि प्रशासन सिर्फ कागजी जांच करता है या अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस गाज गिरती है।
    user_पत्रकार राजा हतम वेग
    पत्रकार राजा हतम वेग
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • झालावाड़ के मामा भानजा दरगाह पर राजस्थान अधिकारी कर्मचारी माइनॉरिटी एसोसिएशन (रकमा) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष शौकत अंसारी का गर्मजोशी से इस्तक़बाल किया गया। इसके साथ ही, हज के मुकद्दस सफर से लौटे जिलाध्यक्ष हाजी कलीम अहमद और हाजी संनवर आलम का भी एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। बैठक में उमराह पर जाने वाले वरिष्ठ साथी आरिफ़ हुसैन गौरी को फूल-माला पहनाकर और शाल ओढ़ाकर विदाई दी गई और उनके सफर की आसानी के लिए सामूहिक दुआ की गई। बैठक के दौरान उर्दू शिक्षकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को सबके सामने रखा, जिनके निराकरण के लिए प्रशासन और सरकार से बातचीत कर हल निकालने का फैसला लिया गया। इसके अलावा, अधिकांश सदस्यों ने संगठन को और अधिक मजबूत व संगठित करने तथा नए सदस्य बनाने पर विशेष बल दिया। कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ सामाजिक सरोकार के कार्यों को आगे बढ़ाने की बात भी कही गई। इसके तहत, झालावाड़ शहर में गरीब मुस्लिम बच्चों की पढ़ाई और कोचिंग क्लासेस की सुविधा के लिए जल्द ही एक लाइब्रेरी संचालित करने पर आम सहमति बनी। इस बैठक में जिला उपाध्यक्ष सादिक अली, रईस चिश्ती, संवर आलम, आरिफ़ हुसैन गौरी, रेहान खान, इमरान खान और अलीम बेग ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में अध्यापक शोयब खान, व्याख्याता अली मोहम्मद अशफाक भाई, शेर मोहम्मद जी, ओवेस खान, सलाम खान अशफाक, तौफीक खान, मोहिब खान, पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. आशरिक, सादिक़ खान और पूर्व नर्सिंग अधिकारी आरिफ़ हुसैन गौरी सहित लगभग दो दर्जन सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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    झालावाड़ के मामा भानजा दरगाह पर राजस्थान अधिकारी कर्मचारी माइनॉरिटी एसोसिएशन (रकमा) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष शौकत अंसारी का गर्मजोशी से इस्तक़बाल किया गया। इसके साथ ही, हज के मुकद्दस सफर से लौटे जिलाध्यक्ष हाजी कलीम अहमद और हाजी संनवर आलम का भी एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। बैठक में उमराह पर जाने वाले वरिष्ठ साथी आरिफ़ हुसैन गौरी को फूल-माला पहनाकर और शाल ओढ़ाकर विदाई दी गई और उनके सफर की आसानी के लिए सामूहिक दुआ की गई।

बैठक के दौरान उर्दू शिक्षकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को सबके सामने रखा, जिनके निराकरण के लिए प्रशासन और सरकार से बातचीत कर हल निकालने का फैसला लिया गया। इसके अलावा, अधिकांश सदस्यों ने संगठन को और अधिक मजबूत व संगठित करने तथा नए सदस्य बनाने पर विशेष बल दिया। कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ सामाजिक सरोकार के कार्यों को आगे बढ़ाने की बात भी कही गई। इसके तहत, झालावाड़ शहर में गरीब मुस्लिम बच्चों की पढ़ाई और कोचिंग क्लासेस की सुविधा के लिए जल्द ही एक लाइब्रेरी संचालित करने पर आम सहमति बनी।

इस बैठक में जिला उपाध्यक्ष सादिक अली, रईस चिश्ती, संवर आलम, आरिफ़ हुसैन गौरी, रेहान खान, इमरान खान और अलीम बेग ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में अध्यापक शोयब खान, व्याख्याता अली मोहम्मद अशफाक भाई, शेर मोहम्मद जी, ओवेस खान, सलाम खान अशफाक, तौफीक खान, मोहिब खान, पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. आशरिक, सादिक़ खान और पूर्व नर्सिंग अधिकारी आरिफ़ हुसैन गौरी सहित लगभग दो दर्जन सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
    user_Jhalawar hulchal
    Jhalawar hulchal
    झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • झालावाड़ जिले के अकलेरा क्षेत्र के मानपुरा गुजरान में नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों और वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ एक बार फिर बड़ी बुलडोजर कार्रवाई देखने को मिली है। नशा तस्कर कालूलाल तंवर और गिरिराज तंवर द्वारा वन विभाग की विशाल भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करके करोड़ों रुपये का आलीशान निर्माण किया गया था, जिसे भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी तरह ढहा दिया गया और वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। इस बड़ी कार्रवाई के लिए झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया द्वारा नशा तस्करों की काली कमाई से अर्जित अवैध संपत्तियों और अतिक्रमणों को पहले चिन्हित किया गया था, जिसके बाद यह जानकारी संबंधित विभागों के साथ साझा की गई। इसके बाद डीएफओ सागर पवार के निर्देशन और एसीएफ मुकेश सहजवानी के नेतृत्व में असनावर अकलेरा रेंज के वन कर्मियों ने पुलिस बल के साथ मिलकर इस संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अकलेरा डीएसपी मनोज सोनी और थानाधिकारी धर्माराम सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया ने बताया कि महुआखोह निवासी नशा तस्कर कालूलाल तंवर और गिरिराज तंवर के खिलाफ नशा तस्करी के कई गंभीर मामले दर्ज हैं और पुलिस कार्रवाइयों के दौरान इनके पास से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ भी बरामद किए गए हैं। इन दोनों तस्करों ने नशा तस्करी के काले कारोबार से कमाए पैसों से वन भूमि पर अवैध रूप से आलीशान निर्माण खड़ा किया था, जिसे अब जमींदोज कर दिया गया है।
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    झालावाड़ जिले के अकलेरा क्षेत्र के मानपुरा गुजरान में नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों और वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ एक बार फिर बड़ी बुलडोजर कार्रवाई देखने को मिली है। नशा तस्कर कालूलाल तंवर और गिरिराज तंवर द्वारा वन विभाग की विशाल भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करके करोड़ों रुपये का आलीशान निर्माण किया गया था, जिसे भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी तरह ढहा दिया गया और वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।

इस बड़ी कार्रवाई के लिए झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया द्वारा नशा तस्करों की काली कमाई से अर्जित अवैध संपत्तियों और अतिक्रमणों को पहले चिन्हित किया गया था, जिसके बाद यह जानकारी संबंधित विभागों के साथ साझा की गई। इसके बाद डीएफओ सागर पवार के निर्देशन और एसीएफ मुकेश सहजवानी के नेतृत्व में असनावर अकलेरा रेंज के वन कर्मियों ने पुलिस बल के साथ मिलकर इस संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अकलेरा डीएसपी मनोज सोनी और थानाधिकारी धर्माराम सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।

पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया ने बताया कि महुआखोह निवासी नशा तस्कर कालूलाल तंवर और गिरिराज तंवर के खिलाफ नशा तस्करी के कई गंभीर मामले दर्ज हैं और पुलिस कार्रवाइयों के दौरान इनके पास से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ भी बरामद किए गए हैं। इन दोनों तस्करों ने नशा तस्करी के काले कारोबार से कमाए पैसों से वन भूमि पर अवैध रूप से आलीशान निर्माण खड़ा किया था, जिसे अब जमींदोज कर दिया गया है।
    user_HARI MOHAN CHUDAWAT
    HARI MOHAN CHUDAWAT
    Local News Reporter झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में घर पर भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया गया।
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    राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में घर पर भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया गया।
    user_Jagdish Chandra Sharma
    Jagdish Chandra Sharma
    Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • बारां जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) बालमुकुंद असावा के निर्देशन में सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के संस्था प्रधानों और ईएलसी प्रभारियों के लिए ब्लॉक स्तरीय स्वीप आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। नोडल अधिकारी स्वीप एवं सीईओ राजवीर सिंह चौधरी ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में राजकीय और निजी विद्यालयों में स्कूल निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) को मजबूत करने और भावी मतदाताओं में निर्वाचन साक्षरता व जागरूकता बढ़ाने के लिए यह पहल की जा रही है। इसके माध्यम से युवा नव मतदाताओं को ऑनलाइन ऐप द्वारा मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया से रूबरू कराया जाएगा। इस अभियान के तहत विभिन्न ब्लॉकों में सुबह 11:00 बजे कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें 14 जुलाई को सीसवाली, 15 जुलाई को अटरु, 16 जुलाई को बारां, 17 जुलाई को छबड़ा, 20 जुलाई को किशनगंज, 21 जुलाई को शाहाबाद, 22 जुलाई को केलवाड़ा, 23 जुलाई को छीपाबड़ौद और 24 जुलाई को अंता ब्लॉक में आयोजन होगा। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को निर्देश दिए गए हैं कि वे कार्यशाला में सभी संबंधित संस्था प्रधानों और ईएलसी प्रभारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करें। इसी क्रम में सोमवार को मांगरोल के पंचायत समिति सभागार भवन में ब्लॉक कॉर्डिनेटर स्वीप एवं बीडीओ सुरेश गोदारा की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजित की गई। गोदारा ने जल्द से जल्द ईएलसी का गठन करने और पोर्टल पर प्रविष्टि करने के निर्देश दिए। कार्यशाला में सह प्रभारी स्वीप अमित भार्गव ने उपस्थित लोगों को निर्वाचन आयोग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन प्रविष्टि प्रक्रिया, ईएलसी की मासिक गतिविधियों की जानकारी दी और ईसीआई नेट ऐप डाउनलोड करवाया। यह कार्यशाला मतदान के संकल्प के साथ संपन्न हुई।
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    बारां जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) बालमुकुंद असावा के निर्देशन में सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के संस्था प्रधानों और ईएलसी प्रभारियों के लिए ब्लॉक स्तरीय स्वीप आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। नोडल अधिकारी स्वीप एवं सीईओ राजवीर सिंह चौधरी ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में राजकीय और निजी विद्यालयों में स्कूल निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) को मजबूत करने और भावी मतदाताओं में निर्वाचन साक्षरता व जागरूकता बढ़ाने के लिए यह पहल की जा रही है। इसके माध्यम से युवा नव मतदाताओं को ऑनलाइन ऐप द्वारा मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया से रूबरू कराया जाएगा।

इस अभियान के तहत विभिन्न ब्लॉकों में सुबह 11:00 बजे कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें 14 जुलाई को सीसवाली, 15 जुलाई को अटरु, 16 जुलाई को बारां, 17 जुलाई को छबड़ा, 20 जुलाई को किशनगंज, 21 जुलाई को शाहाबाद, 22 जुलाई को केलवाड़ा, 23 जुलाई को छीपाबड़ौद और 24 जुलाई को अंता ब्लॉक में आयोजन होगा। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को निर्देश दिए गए हैं कि वे कार्यशाला में सभी संबंधित संस्था प्रधानों और ईएलसी प्रभारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करें।

इसी क्रम में सोमवार को मांगरोल के पंचायत समिति सभागार भवन में ब्लॉक कॉर्डिनेटर स्वीप एवं बीडीओ सुरेश गोदारा की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजित की गई। गोदारा ने जल्द से जल्द ईएलसी का गठन करने और पोर्टल पर प्रविष्टि करने के निर्देश दिए। कार्यशाला में सह प्रभारी स्वीप अमित भार्गव ने उपस्थित लोगों को निर्वाचन आयोग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन प्रविष्टि प्रक्रिया, ईएलसी की मासिक गतिविधियों की जानकारी दी और ईसीआई नेट ऐप डाउनलोड करवाया। यह कार्यशाला मतदान के संकल्प के साथ संपन्न हुई।
    user_विरेन्द्र कुमारशर्मा
    विरेन्द्र कुमारशर्मा
    अटरू, बारां, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • राजस्थान के बारां जिले की अटरू थाना पुलिस ने पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु (आईपीएस) के निर्देशन में चलाए जा रहे एरिया डॉमिनेशन विशेष अभियान के तहत लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने डकैती के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही पुलिस ने अवैध हथकड़ शराब और धारदार छुरा रखने के आरोप में दो अन्य लोगों को भी दबोचा है। डकैती के मामले की पृष्ठभूमि 24 जून 2026 की है, जब भैसड़ा निवासी पवन कुमार मीणा ने नेशनल हाईवे-90 पर बाइक सवार पांच बदमाशों द्वारा अपहरण, मारपीट और लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बदमाशों ने उनका आईफोन-13, पर्स (जिसमें एटीएम, आधार और पैन कार्ड थे), 22 से 24 हजार रुपये नकद और करीब 10 ग्राम सोने की चेन लूट ली थी। इस मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों (एक जेल में और एक बाल सुधार गृह में) के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी थी। अब, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल कुमार जांगिड़ और वृत्ताधिकारी रामानंद यादव के सुपरविजन व थाना प्रभारी अशोक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने फरार आरोपी शुभम उर्फ टिंकू (19), निवासी अंताना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। विशेष अभियान के तहत की गई अन्य कार्रवाइयों में पुलिस ने 11 जुलाई की रात बरला रोड स्थित गर्ल्स कॉलेज के पास से ओमप्रकाश (41) को एक लीटर अवैध हथकड़ कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार किया। वहीं, 12 जुलाई को माली मोहल्ला स्थित फुलदेवरा मंदिर के पास से मनोज कुमार सुमन (42) को अवैध धारदार छुरा लेकर घूमते हुए पकड़ा गया। इसके अलावा, पुलिस ने छह अलग-अलग मामलों में शांति भंग करने के आरोप में आठ अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार कर एसडीएम अटरू के समक्ष पेश किया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी अशोक कुमार, उपनिरीक्षक बाबूलाल व पप्पूलाल सहित पूरी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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    राजस्थान के बारां जिले की अटरू थाना पुलिस ने पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु (आईपीएस) के निर्देशन में चलाए जा रहे एरिया डॉमिनेशन विशेष अभियान के तहत लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने डकैती के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही पुलिस ने अवैध हथकड़ शराब और धारदार छुरा रखने के आरोप में दो अन्य लोगों को भी दबोचा है।

डकैती के मामले की पृष्ठभूमि 24 जून 2026 की है, जब भैसड़ा निवासी पवन कुमार मीणा ने नेशनल हाईवे-90 पर बाइक सवार पांच बदमाशों द्वारा अपहरण, मारपीट और लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बदमाशों ने उनका आईफोन-13, पर्स (जिसमें एटीएम, आधार और पैन कार्ड थे), 22 से 24 हजार रुपये नकद और करीब 10 ग्राम सोने की चेन लूट ली थी। इस मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों (एक जेल में और एक बाल सुधार गृह में) के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी थी। अब, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल कुमार जांगिड़ और वृत्ताधिकारी रामानंद यादव के सुपरविजन व थाना प्रभारी अशोक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने फरार आरोपी शुभम उर्फ टिंकू (19), निवासी अंताना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

विशेष अभियान के तहत की गई अन्य कार्रवाइयों में पुलिस ने 11 जुलाई की रात बरला रोड स्थित गर्ल्स कॉलेज के पास से ओमप्रकाश (41) को एक लीटर अवैध हथकड़ कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार किया। वहीं, 12 जुलाई को माली मोहल्ला स्थित फुलदेवरा मंदिर के पास से मनोज कुमार सुमन (42) को अवैध धारदार छुरा लेकर घूमते हुए पकड़ा गया। इसके अलावा, पुलिस ने छह अलग-अलग मामलों में शांति भंग करने के आरोप में आठ अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार कर एसडीएम अटरू के समक्ष पेश किया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी अशोक कुमार, उपनिरीक्षक बाबूलाल व पप्पूलाल सहित पूरी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    user_विरेन्द्र कुमारशर्मा
    विरेन्द्र कुमारशर्मा
    अटरू, बारां, राजस्थान•
    6 hrs ago
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