बारां जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) बालमुकुंद असावा के निर्देशन में सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के संस्था प्रधानों और ईएलसी प्रभारियों के लिए ब्लॉक स्तरीय स्वीप आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। नोडल अधिकारी स्वीप एवं सीईओ राजवीर सिंह चौधरी ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में राजकीय और निजी विद्यालयों में स्कूल निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) को मजबूत करने और भावी मतदाताओं में निर्वाचन साक्षरता व जागरूकता बढ़ाने के लिए यह पहल की जा रही है। इसके माध्यम से युवा नव मतदाताओं को ऑनलाइन ऐप द्वारा मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया से रूबरू कराया जाएगा। इस अभियान के तहत विभिन्न ब्लॉकों में सुबह 11:00 बजे कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें 14 जुलाई को सीसवाली, 15 जुलाई को अटरु, 16 जुलाई को बारां, 17 जुलाई को छबड़ा, 20 जुलाई को किशनगंज, 21 जुलाई को शाहाबाद, 22 जुलाई को केलवाड़ा, 23 जुलाई को छीपाबड़ौद और 24 जुलाई को अंता ब्लॉक में आयोजन होगा। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को निर्देश दिए गए हैं कि वे कार्यशाला में सभी संबंधित संस्था प्रधानों और ईएलसी प्रभारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करें। इसी क्रम में सोमवार को मांगरोल के पंचायत समिति सभागार भवन में ब्लॉक कॉर्डिनेटर स्वीप एवं बीडीओ सुरेश गोदारा की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजित की गई। गोदारा ने जल्द से जल्द ईएलसी का गठन करने और पोर्टल पर प्रविष्टि करने के निर्देश दिए। कार्यशाला में सह प्रभारी स्वीप अमित भार्गव ने उपस्थित लोगों को निर्वाचन आयोग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन प्रविष्टि प्रक्रिया, ईएलसी की मासिक गतिविधियों की जानकारी दी और ईसीआई नेट ऐप डाउनलोड करवाया। यह कार्यशाला मतदान के संकल्प के साथ संपन्न हुई।
बारां जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) बालमुकुंद असावा के निर्देशन में सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के संस्था प्रधानों और ईएलसी प्रभारियों के लिए ब्लॉक स्तरीय स्वीप आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। नोडल अधिकारी स्वीप एवं सीईओ राजवीर सिंह चौधरी ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में राजकीय और निजी विद्यालयों में स्कूल निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) को मजबूत करने और भावी मतदाताओं में निर्वाचन साक्षरता व जागरूकता बढ़ाने के लिए यह पहल की जा रही है। इसके माध्यम से युवा नव मतदाताओं को ऑनलाइन ऐप द्वारा मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया से रूबरू कराया जाएगा। इस अभियान के तहत विभिन्न ब्लॉकों में सुबह 11:00 बजे कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें 14 जुलाई को सीसवाली, 15 जुलाई को अटरु, 16 जुलाई को बारां, 17 जुलाई को छबड़ा, 20 जुलाई को किशनगंज, 21 जुलाई को शाहाबाद, 22 जुलाई को केलवाड़ा, 23 जुलाई को छीपाबड़ौद और 24 जुलाई को अंता ब्लॉक में आयोजन होगा। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को निर्देश दिए गए हैं कि वे कार्यशाला में सभी संबंधित संस्था प्रधानों और ईएलसी प्रभारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करें। इसी क्रम में सोमवार को मांगरोल के पंचायत समिति सभागार भवन में ब्लॉक कॉर्डिनेटर स्वीप एवं बीडीओ सुरेश गोदारा की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजित की गई। गोदारा ने जल्द से जल्द ईएलसी का गठन करने और पोर्टल पर प्रविष्टि करने के निर्देश दिए। कार्यशाला में सह प्रभारी स्वीप अमित भार्गव ने उपस्थित लोगों को निर्वाचन आयोग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन प्रविष्टि प्रक्रिया, ईएलसी की मासिक गतिविधियों की जानकारी दी और ईसीआई नेट ऐप डाउनलोड करवाया। यह कार्यशाला मतदान के संकल्प के साथ संपन्न हुई।
- बारां जिले के छीपाबड़ौद में लोगों को घर पर ही रहकर समुद्र मंथन प्राणायाम करने की जानकारी साझा की गई है।1
- गुना के बजरंगगढ़ रोड बाईपास पर स्थित एक आरा मशीन संचालक की मनमानी के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है। बाईपास मार्ग पर आरा मशीन वाले द्वारा की जा रही इस मनमानी की वजह से यहाँ हर वक्त बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।1
- शिवपुरी के करैरा तहसील में BNSS की धारा 170 के तहत गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के लिए लाए जाने के दौरान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि रविवार को जब थाना अमोला और थाना करैरा पुलिस आरोपियों को लेकर तहसील पहुंची थी, तब वहां कोई सक्षम कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अपनी सीट पर मौजूद नहीं था। अधिवक्ता अनिल कुमार दुबे का दावा है कि कार्यालय में केवल एक कर्मचारी उपस्थित था, जो तहसीलदार के हस्ताक्षर होने से पहले ही जेल वारंट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया। अधिवक्ता के अनुसार, उनके विरोध के बाद अमोला थाने के आरोपी को वापस ले जाया गया, जबकि करैरा थाने के दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया। दूसरी ओर, प्रशासन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। नायब तहसीलदार शैलेंद्र भार्गव ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि बिना हस्ताक्षर के कोई जेल वारंट जारी नहीं किया जा सकता और न ही जेल प्रशासन ऐसे वारंट स्वीकार करता है। इसके साथ ही करैरा थाना प्रभारी विनोद छावई ने भी पुष्टि की है कि संबंधित जेल वारंट पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर मौजूद हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत वारंट की प्रति किसी भी पक्षकार को दिखाना आवश्यक नहीं होता। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। अधिवक्ता रितुराज यादव ने तहसील परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सुरक्षित रखकर जांच कराने की मांग की है ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके। वहीं, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो अधिवक्ता समुदाय इस मुद्दे को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर विचार करेगा।1
- गुना जिले की आरोन तहसील का सिविल अस्पताल इन दिनों सरकारी सेवा की जगह अवैध वसूली का केंद्र बन चुका है। अस्पताल की जन्म-मृत्यु शाखा में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने आने वाले लोगों से खुलेआम पैसे मांगे जा रहे हैं। ग्राम सुनगयाई के निवासी परमाल सिंह ने 11 जुलाई 2026 को एसडीएम आरोन को आवेदन देकर अस्पताल प्रशासन की इस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़ित परमाल सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी ममता बाई की डिलीवरी 20 दिसंबर 2012 को इसी अस्पताल में हुई थी, जिसके बाद उन्हें हस्तलिखित प्रमाण पत्र दिया गया था। अब डिजिटल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 10 जुलाई 2026 को सभी दस्तावेज जमा करने के बाद उन्हें अस्पताल के कमरा नंबर 28 में भेजा गया। आरोप है कि वहां तैनात कर्मचारियों ने 'चालान' के नाम पर उनसे 500 रुपये की मांग की। पैसे देने के दो दिन बाद भी उन्हें डिजिटल प्रमाण पत्र नहीं दिया गया। पीड़ित का कहना है कि जन्म-मृत्यु शाखा में सरकारी प्रक्रिया को दरकिनार कर रोजाना आम और गरीब मरीजों से इसी तरह पैसे ऐंठे जा रहे हैं। इस मामले पर बीएमओ डॉ. अविनाश रघुवंशी ने केवल इतना कहा कि आवेदन मिल गया है और जांच चल रही है, जिसके बाद उचित कार्रवाई होगी। लेकिन स्थानीय जनता में इस भ्रष्टाचार को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का सवाल है कि महीनों से कमरा नंबर 28 में चल रहे इस खेल की भनक अस्पताल प्रबंधन को क्यों नहीं लगी। अब देखना होगा कि प्रशासन सिर्फ कागजी जांच करता है या अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस गाज गिरती है।4
- बारां के शाहबाद क्षेत्र में कस्बाथाना के फरेदुआ गांव के पास एक खेत पर बिजली के तार खींचते समय बड़ा हादसा हो गया। यहां 11 केवी लाइन की चपेट में आने से युवक मजबूत सिंह की मौत हो गई, जिसकी जानकारी सोमवार दोपहर 1 बजे मिली। इस घटना से आक्रोशित होकर परिजन और समाज के लोग शाहबाद अस्पताल परिसर में एकत्रित हो गए और उन्होंने उचित मुआवजे व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर युवक का शव लेने से इनकार कर दिया। अस्पताल परिसर में पैदा हुई तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए तुरंत पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने परिजनों से काफी समझाइश की। दोनों पक्षों के बीच लंबी वार्ता के बाद आखिरकार सहमति बन गई, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया गया।1
- बारां जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) बालमुकुंद असावा के निर्देशन में सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के संस्था प्रधानों और ईएलसी प्रभारियों के लिए ब्लॉक स्तरीय स्वीप आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। नोडल अधिकारी स्वीप एवं सीईओ राजवीर सिंह चौधरी ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में राजकीय और निजी विद्यालयों में स्कूल निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) को मजबूत करने और भावी मतदाताओं में निर्वाचन साक्षरता व जागरूकता बढ़ाने के लिए यह पहल की जा रही है। इसके माध्यम से युवा नव मतदाताओं को ऑनलाइन ऐप द्वारा मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया से रूबरू कराया जाएगा। इस अभियान के तहत विभिन्न ब्लॉकों में सुबह 11:00 बजे कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें 14 जुलाई को सीसवाली, 15 जुलाई को अटरु, 16 जुलाई को बारां, 17 जुलाई को छबड़ा, 20 जुलाई को किशनगंज, 21 जुलाई को शाहाबाद, 22 जुलाई को केलवाड़ा, 23 जुलाई को छीपाबड़ौद और 24 जुलाई को अंता ब्लॉक में आयोजन होगा। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को निर्देश दिए गए हैं कि वे कार्यशाला में सभी संबंधित संस्था प्रधानों और ईएलसी प्रभारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करें। इसी क्रम में सोमवार को मांगरोल के पंचायत समिति सभागार भवन में ब्लॉक कॉर्डिनेटर स्वीप एवं बीडीओ सुरेश गोदारा की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजित की गई। गोदारा ने जल्द से जल्द ईएलसी का गठन करने और पोर्टल पर प्रविष्टि करने के निर्देश दिए। कार्यशाला में सह प्रभारी स्वीप अमित भार्गव ने उपस्थित लोगों को निर्वाचन आयोग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन प्रविष्टि प्रक्रिया, ईएलसी की मासिक गतिविधियों की जानकारी दी और ईसीआई नेट ऐप डाउनलोड करवाया। यह कार्यशाला मतदान के संकल्प के साथ संपन्न हुई।1
- राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में घर पर भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया गया।1
- तारातला होटल मैनेजमेंट से 5 कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे भारतीय जनता मजदूर सेल के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन 5 कर्मचारियों को पूर्व पार्षद अनवर खान के नेतृत्व में नौकरी से निकाला गया है और वे सभी उन्हें वापस काम पर रखने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान तारातला थाने का एक पुलिसकर्मी सादे कपड़ों (सिविल ड्रेस) में वहां पहुंचा था। प्रदर्शनकारी उसे पहचान नहीं पाए, जिसके कारण दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद तारातला थाने की पुलिस और वही पुलिस अधिकारी पुलिस की वर्दी पहनकर वापस आए और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने इस मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया है और उन्हें तारातला थाने ले गई है।1