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गुना के बजरंगगढ़ रोड बाईपास पर स्थित एक आरा मशीन संचालक की मनमानी के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है। बाईपास मार्ग पर आरा मशीन वाले द्वारा की जा रही इस मनमानी की वजह से यहाँ हर वक्त बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।

6 hrs ago
user_Suriya yadav media
Suriya yadav media
Photographer Guna, Madhya Pradesh•
6 hrs ago

गुना के बजरंगगढ़ रोड बाईपास पर स्थित एक आरा मशीन संचालक की मनमानी के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है। बाईपास मार्ग पर आरा मशीन वाले द्वारा की जा रही इस मनमानी की वजह से यहाँ हर वक्त बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।

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  • गुना के बजरंगगढ़ रोड बाईपास पर स्थित एक आरा मशीन संचालक की मनमानी के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है। बाईपास मार्ग पर आरा मशीन वाले द्वारा की जा रही इस मनमानी की वजह से यहाँ हर वक्त बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।
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    गुना के बजरंगगढ़ रोड बाईपास पर स्थित एक आरा मशीन संचालक की मनमानी के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है। बाईपास मार्ग पर आरा मशीन वाले द्वारा की जा रही इस मनमानी की वजह से यहाँ हर वक्त बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।
    user_Suriya yadav media
    Suriya yadav media
    Photographer Guna, Madhya Pradesh•
    6 hrs ago
  • शिवपुरी के करैरा तहसील में BNSS की धारा 170 के तहत गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के लिए लाए जाने के दौरान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि रविवार को जब थाना अमोला और थाना करैरा पुलिस आरोपियों को लेकर तहसील पहुंची थी, तब वहां कोई सक्षम कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अपनी सीट पर मौजूद नहीं था। अधिवक्ता अनिल कुमार दुबे का दावा है कि कार्यालय में केवल एक कर्मचारी उपस्थित था, जो तहसीलदार के हस्ताक्षर होने से पहले ही जेल वारंट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया। अधिवक्ता के अनुसार, उनके विरोध के बाद अमोला थाने के आरोपी को वापस ले जाया गया, जबकि करैरा थाने के दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया। दूसरी ओर, प्रशासन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। नायब तहसीलदार शैलेंद्र भार्गव ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि बिना हस्ताक्षर के कोई जेल वारंट जारी नहीं किया जा सकता और न ही जेल प्रशासन ऐसे वारंट स्वीकार करता है। इसके साथ ही करैरा थाना प्रभारी विनोद छावई ने भी पुष्टि की है कि संबंधित जेल वारंट पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर मौजूद हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत वारंट की प्रति किसी भी पक्षकार को दिखाना आवश्यक नहीं होता। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। अधिवक्ता रितुराज यादव ने तहसील परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सुरक्षित रखकर जांच कराने की मांग की है ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके। वहीं, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो अधिवक्ता समुदाय इस मुद्दे को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर विचार करेगा।
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    शिवपुरी के करैरा तहसील में BNSS की धारा 170 के तहत गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के लिए लाए जाने के दौरान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि रविवार को जब थाना अमोला और थाना करैरा पुलिस आरोपियों को लेकर तहसील पहुंची थी, तब वहां कोई सक्षम कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अपनी सीट पर मौजूद नहीं था। अधिवक्ता अनिल कुमार दुबे का दावा है कि कार्यालय में केवल एक कर्मचारी उपस्थित था, जो तहसीलदार के हस्ताक्षर होने से पहले ही जेल वारंट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया। अधिवक्ता के अनुसार, उनके विरोध के बाद अमोला थाने के आरोपी को वापस ले जाया गया, जबकि करैरा थाने के दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

दूसरी ओर, प्रशासन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। नायब तहसीलदार शैलेंद्र भार्गव ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि बिना हस्ताक्षर के कोई जेल वारंट जारी नहीं किया जा सकता और न ही जेल प्रशासन ऐसे वारंट स्वीकार करता है। इसके साथ ही करैरा थाना प्रभारी विनोद छावई ने भी पुष्टि की है कि संबंधित जेल वारंट पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर मौजूद हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत वारंट की प्रति किसी भी पक्षकार को दिखाना आवश्यक नहीं होता।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। अधिवक्ता रितुराज यादव ने तहसील परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सुरक्षित रखकर जांच कराने की मांग की है ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके। वहीं, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो अधिवक्ता समुदाय इस मुद्दे को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर विचार करेगा।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • गुना जिले की आरोन तहसील का सिविल अस्पताल इन दिनों सरकारी सेवा की जगह अवैध वसूली का केंद्र बन चुका है। अस्पताल की जन्म-मृत्यु शाखा में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने आने वाले लोगों से खुलेआम पैसे मांगे जा रहे हैं। ग्राम सुनगयाई के निवासी परमाल सिंह ने 11 जुलाई 2026 को एसडीएम आरोन को आवेदन देकर अस्पताल प्रशासन की इस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़ित परमाल सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी ममता बाई की डिलीवरी 20 दिसंबर 2012 को इसी अस्पताल में हुई थी, जिसके बाद उन्हें हस्तलिखित प्रमाण पत्र दिया गया था। अब डिजिटल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 10 जुलाई 2026 को सभी दस्तावेज जमा करने के बाद उन्हें अस्पताल के कमरा नंबर 28 में भेजा गया। आरोप है कि वहां तैनात कर्मचारियों ने 'चालान' के नाम पर उनसे 500 रुपये की मांग की। पैसे देने के दो दिन बाद भी उन्हें डिजिटल प्रमाण पत्र नहीं दिया गया। पीड़ित का कहना है कि जन्म-मृत्यु शाखा में सरकारी प्रक्रिया को दरकिनार कर रोजाना आम और गरीब मरीजों से इसी तरह पैसे ऐंठे जा रहे हैं। इस मामले पर बीएमओ डॉ. अविनाश रघुवंशी ने केवल इतना कहा कि आवेदन मिल गया है और जांच चल रही है, जिसके बाद उचित कार्रवाई होगी। लेकिन स्थानीय जनता में इस भ्रष्टाचार को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का सवाल है कि महीनों से कमरा नंबर 28 में चल रहे इस खेल की भनक अस्पताल प्रबंधन को क्यों नहीं लगी। अब देखना होगा कि प्रशासन सिर्फ कागजी जांच करता है या अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस गाज गिरती है।
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    गुना जिले की आरोन तहसील का सिविल अस्पताल इन दिनों सरकारी सेवा की जगह अवैध वसूली का केंद्र बन चुका है। अस्पताल की जन्म-मृत्यु शाखा में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने आने वाले लोगों से खुलेआम पैसे मांगे जा रहे हैं। ग्राम सुनगयाई के निवासी परमाल सिंह ने 11 जुलाई 2026 को एसडीएम आरोन को आवेदन देकर अस्पताल प्रशासन की इस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

पीड़ित परमाल सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी ममता बाई की डिलीवरी 20 दिसंबर 2012 को इसी अस्पताल में हुई थी, जिसके बाद उन्हें हस्तलिखित प्रमाण पत्र दिया गया था। अब डिजिटल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 10 जुलाई 2026 को सभी दस्तावेज जमा करने के बाद उन्हें अस्पताल के कमरा नंबर 28 में भेजा गया। आरोप है कि वहां तैनात कर्मचारियों ने 'चालान' के नाम पर उनसे 500 रुपये की मांग की। पैसे देने के दो दिन बाद भी उन्हें डिजिटल प्रमाण पत्र नहीं दिया गया। पीड़ित का कहना है कि जन्म-मृत्यु शाखा में सरकारी प्रक्रिया को दरकिनार कर रोजाना आम और गरीब मरीजों से इसी तरह पैसे ऐंठे जा रहे हैं।

इस मामले पर बीएमओ डॉ. अविनाश रघुवंशी ने केवल इतना कहा कि आवेदन मिल गया है और जांच चल रही है, जिसके बाद उचित कार्रवाई होगी। लेकिन स्थानीय जनता में इस भ्रष्टाचार को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का सवाल है कि महीनों से कमरा नंबर 28 में चल रहे इस खेल की भनक अस्पताल प्रबंधन को क्यों नहीं लगी। अब देखना होगा कि प्रशासन सिर्फ कागजी जांच करता है या अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस गाज गिरती है।
    user_पत्रकार राजा हतम वेग
    पत्रकार राजा हतम वेग
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • बारां जिले के छबड़ा ब्लॉक में पिछले कई वर्षों से खाली पड़े अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वितीय के पद पर कुशल शिक्षाविद श्री बद्रीलाल ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके पदभार संभालने से ब्लॉक के शिक्षकों में भारी हर्ष का माहौल है। इस अवसर पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ खंड छबड़ा के पदाधिकारियों, सदस्यों, प्रधानाचार्यों, पूर्व ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों और कार्यालय के कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर उनका माल्यार्पण किया और मिठाई खिलाकर भव्य स्वागत किया। इससे पहले वह राउमावि चांचौड़ा में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत थे। पदभार संभालने के बाद अपने संबोधन में श्री बद्रीलाल ने कहा कि सभी के सहयोग से आगे बढ़ते हुए जिले की रैंकिंग में ब्लॉक को प्रथम पायदान पर रखना ही उनका ध्येय रहेगा। इस स्वागत समारोह के दौरान खंड सभाध्यक्ष घनश्याम भार्गव, अध्यक्ष मुरारी लाल मीणा, कोषाध्यक्ष चेतन मालव, जिला उपाध्यक्ष बद्री लाल मेहता, सदस्य (माध्यमिक) बृजेश विजय, सदस्य (प्राथमिक) सुनील जांगिड़, प्रधानाचार्य गूगौर राधाकिशन मीणा, कार्यवाहक cbeeo चंद्र प्रकाश गुप्ता, कार्यवाहक peeo चांचौड़ा भूरालाल मीणा, प्रधानाध्यापक छीतर लाल मेघवाल, peeo पाली हंसराज बैरवा सहित सुरेश बैरवा, अर्जुन सिंह जादौन, बाबूलाल यादव, कमलेश वर्मा, प्रवीण मेघवाल, कोमल जांगिड़, महेन्द्र कुमार वर्मा, ओंकार लाल, महेंद्र सिंह ढाका, प्रधान मीणा, विनोद मालव, शिवचरण बैरवा, जसवंत मीणा, कौशल शर्मा और मोहन लाल सहित बड़ी संख्या में कार्मिक उपस्थित रहे। इस दौरान मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पूर्व आर.पी. व सेवानिवृत्त व्याख्याता एस. एल. नागर ने नव नियुक्त अधिकारी बद्री लाल को बधाई संदेश भेजकर शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्तमान में पूरी टीम छबड़ा ब्लॉक से ही होने के कारण शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा, जिससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा और भौतिक व शैक्षिक संसाधनों से वंचित विद्यालयों का भी विकास हो सकेगा।
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    बारां जिले के छबड़ा ब्लॉक में पिछले कई वर्षों से खाली पड़े अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वितीय के पद पर कुशल शिक्षाविद श्री बद्रीलाल ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके पदभार संभालने से ब्लॉक के शिक्षकों में भारी हर्ष का माहौल है। इस अवसर पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ खंड छबड़ा के पदाधिकारियों, सदस्यों, प्रधानाचार्यों, पूर्व ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों और कार्यालय के कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर उनका माल्यार्पण किया और मिठाई खिलाकर भव्य स्वागत किया। इससे पहले वह राउमावि चांचौड़ा में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत थे। पदभार संभालने के बाद अपने संबोधन में श्री बद्रीलाल ने कहा कि सभी के सहयोग से आगे बढ़ते हुए जिले की रैंकिंग में ब्लॉक को प्रथम पायदान पर रखना ही उनका ध्येय रहेगा।

इस स्वागत समारोह के दौरान खंड सभाध्यक्ष घनश्याम भार्गव, अध्यक्ष मुरारी लाल मीणा, कोषाध्यक्ष चेतन मालव, जिला उपाध्यक्ष बद्री लाल मेहता, सदस्य (माध्यमिक) बृजेश विजय, सदस्य (प्राथमिक) सुनील जांगिड़, प्रधानाचार्य गूगौर राधाकिशन मीणा, कार्यवाहक cbeeo चंद्र प्रकाश गुप्ता, कार्यवाहक peeo चांचौड़ा भूरालाल मीणा, प्रधानाध्यापक छीतर लाल मेघवाल, peeo पाली हंसराज बैरवा सहित सुरेश बैरवा, अर्जुन सिंह जादौन, बाबूलाल यादव, कमलेश वर्मा, प्रवीण मेघवाल, कोमल जांगिड़, महेन्द्र कुमार वर्मा, ओंकार लाल, महेंद्र सिंह ढाका, प्रधान मीणा, विनोद मालव, शिवचरण बैरवा, जसवंत मीणा, कौशल शर्मा और मोहन लाल सहित बड़ी संख्या में कार्मिक उपस्थित रहे। इस दौरान मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पूर्व आर.पी. व सेवानिवृत्त व्याख्याता एस. एल. नागर ने नव नियुक्त अधिकारी बद्री लाल को बधाई संदेश भेजकर शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्तमान में पूरी टीम छबड़ा ब्लॉक से ही होने के कारण शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा, जिससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा और भौतिक व शैक्षिक संसाधनों से वंचित विद्यालयों का भी विकास हो सकेगा।
    user_Alakh Jyoti Yog Present
    Alakh Jyoti Yog Present
    Yoga instructor Chhabra, Baran•
    10 hrs ago
  • छीपाबड़ौद में घर पर ही समुद्र मंथन प्राणायाम किया गया।
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    छीपाबड़ौद में घर पर ही समुद्र मंथन प्राणायाम किया गया।
    user_Jagdish Chandra Sharma
    Jagdish Chandra Sharma
    Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • तारातला होटल मैनेजमेंट से 5 कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे भारतीय जनता मजदूर सेल के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन 5 कर्मचारियों को पूर्व पार्षद अनवर खान के नेतृत्व में नौकरी से निकाला गया है और वे सभी उन्हें वापस काम पर रखने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान तारातला थाने का एक पुलिसकर्मी सादे कपड़ों (सिविल ड्रेस) में वहां पहुंचा था। प्रदर्शनकारी उसे पहचान नहीं पाए, जिसके कारण दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद तारातला थाने की पुलिस और वही पुलिस अधिकारी पुलिस की वर्दी पहनकर वापस आए और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने इस मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया है और उन्हें तारातला थाने ले गई है।
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    तारातला होटल मैनेजमेंट से 5 कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे भारतीय जनता मजदूर सेल के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन 5 कर्मचारियों को पूर्व पार्षद अनवर खान के नेतृत्व में नौकरी से निकाला गया है और वे सभी उन्हें वापस काम पर रखने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

प्रदर्शन के दौरान तारातला थाने का एक पुलिसकर्मी सादे कपड़ों (सिविल ड्रेस) में वहां पहुंचा था। प्रदर्शनकारी उसे पहचान नहीं पाए, जिसके कारण दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद तारातला थाने की पुलिस और वही पुलिस अधिकारी पुलिस की वर्दी पहनकर वापस आए और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने इस मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया है और उन्हें तारातला थाने ले गई है।
    user_JONOMON KHOBOR
    JONOMON KHOBOR
    Guna, Madhya Pradesh•
    11 hrs ago
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