मुमुक्षु अंजु बनी जैन साध्वी राज राजवी महाराज श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन शिक्षण संघ राणावास 19 अप्रैल श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन शिक्षण संघ,श्री मरुधर केसरी शिक्षा समिति एवं श्री जैन संघ के तत्वावधान में श्री मरुधर केसरी वर्षीतप पारणा एवं दीक्षा समिति द्वारा आयोजित त्रिवेणी महामहोत्सव के दौरान गुरु भगवंत बुध की 149 वीं एवं गुरु मरुधर केसरी की 108 वीं दीक्षा जयंती तथा मुमुक्षु अंजु की जैन भागवती दीक्षा एवं वर्षीतप आराधकों के पारणा का भव्य आयोजन हुआ। प्रातःकाल की वेला में वीरत्थाल का आयोजन हुआ। वैराग्यवती पुण्यशाली सुश्री अंजु ने पूज्य गुरु भगवन्तों को एवं साध्वीवृन्द को छप्पन भोग का सुपात्रदान दिया उसके पश्चात उन्होंने रसपरित्याग करते हुए अभिनिष्क्रमण यात्रा के लिए प्रस्थान किया। सांसारिक भोगों को त्याग कर हिंसाजनक कार्यों को छोड़कर प्रव्रज्या ग्रहण करने का संकल्प दोहराया। अपने उद्गार व्यक्त करते हुए मुमुक्षु अंजु ने जहाँ गुरु भगवन्तों से शीघ्र मुण्डित करने का विनम्र निवेदन किया वहीं दूसरी और समस्त परिजनों, धर्मपरिवार, धर्म संघों से हार्दिक क्षमायाचना की और उनके वात्सल्य भाव के लिए सात्विक हर्ष पूर्वक आभार व्यक्त किया। जय जयकार द्वारा हजारों श्रावक-श्राविकाओं ने दीक्षार्थी के भावों की अनुमोदना की। जब पूज्या उपप्रवर्तिनी सद्गुरुवर्या डॉ. राजमती म.सा. महासाध्वी उमराव कंवर म.सा., महासाध्वी कमलप्रभा म.सा., दिव्या श्रीजी म.सा आदि मुमुक्षु अंजू को वेश परिवर्तन एवं केश मुण्डन के लिए ले जा रहे थे तो अपार जनमेदिनी ने जिनशासन की जयकार की एवं त्यागी वैरागी की अनुमोदना की। इसके पश्चात पूज्य प्रवर्तक गुरुदेव सुकनमल महाराज, उपप्रवर्तक गुरुदेव अमृत मुनि महाराज ने उपस्थित संघों की साक्षी से एवं जन्मदाता इन्द्ररसिंह - नोरत कंवर, धर्म परिवार नोरतनमल सूरजकंवर गुन्देचा की आज्ञा से दीक्षा विधि एवं संस्कार प्रदान कर सुश्री अंजु को सामायिक चारित्र में प्रवेश करवाया। पूज्य गुरुदेव ने फरमाया जैन भागवती दीक्षा के लिए वैराग्य भाव और परिवार की आज्ञा जरूरी होती है। वर्षीतप आराधक डॉ वरुण मुनि ने कहा दीक्षा लेने के बाद गुरु आज्ञा का पालन करना जरूरी है। साधु जीवन कठोर, अनुशासित और त्यागपूर्ण होता है। नवदीक्षिता साध्वी के नामकरण पट का अनावरण किरण सिंह राजपुरोहित ने किया। गुरु भगवन्तों ने श्री संघों की साक्षी में नवदीक्षिता साध्वी को नया नाम, नई पहचान साध्वी राजराजवी के रूप में दी। प्रवर्तक ने नवदीक्षिता साध्वी, राजराजवी को शताब्दी गौरवान्विता राजस्थान सिंहनी गुरुमाता महाश्रमणी महासती, पुष्पवती महाराज उपप्रवर्तिनी सदगुरुवर्या डॉ. राजमती म.सा. की प्रपौत्र शिष्या, साध्वी डॉ. राजरश्मि की पौत्र शिष्या और साध्वी डॉ. राजऋद्धि म. सा. की शिष्या घोषित किया। वर्षीतप साधकों के पारणे हस्तिनापुर नगरी पंडाल में हुए जिसका उद्घाटन श्रीमती मंजू देवी- मीठालाल जी सहलोत परिवार ने लिया। इक्षुरस का लाभ आज के श्रेयांस कुमार, मांगीलाल गाँधी के पुत्र-पौत्र पड़पौत्र रतन लाल, अशोक कुमार नाहरमल गाँधी परिवार ने लिया। श्रीयुत् श्रेय ने तपस्वियों को इसुरस प्रदान किया और तप का पारणा सानन्द सम्पन्न हुआ। तपस्वीयों का बहुमान भी किया गया। आज के भव्य महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूर्व सांसद पुष्प जैन नेमीचन्द्र चौपड़ा जिला परिषद सदस्य सज्जन चौधरी आयोजन समिति के नवरतनमल गुंदेचा दिनेश भलगट, मनमोहन गाँधी, हितेष गांधी, राजेश खींवेसरा, संतोष पोकरणा,महेन्द्र बरलोटा, मुकेश पुनमिया, प्रवीन सोलंकी, पदम ढेढिया, बसंत पुनमिया, निर्मल परमार, नरेश जैन, संजय भलगट, महावीर गाँधी, प्रफुल्ल गांधी, विपुल,वैभव,गिरीश गांधी,सुशील गोखरू, गौतम संचेती, गौतम जी डांगी, सम्पत जी गुगलिया, सागर बागरेचा, शैलेश बोहरा, नागराज सहलोत,वर्धमान पब्लिक स्कूल, श्री मरुधर केसरी विद्यालय के शिक्षक, छात्र–छात्राएं, राणावास और चेन्नई,बैंगलोर, हैदराबाद सिकंदराबाद जयपुर,अजमेर उदयपुर भीलवाड़ा,माउंट आबू,किशनगढ़ जैतारण मेड़ता पाली जोधपुर किशनगढ़ जैतारण,ब्यावर,दिल्ली, आगरा, सारण, सिरियारी,सोजत रोड,सोजत सिटी, मालसा बावड़ी, निमली मांडा,सवराड, बगड़ी,फुलाद,पीपाड़ पुष्कर,जोधपुर,आदि क्षेत्रों से पधारे श्रावक श्राविका गणमान्य जन उपस्थित थे। आयोजन के लाभार्थी परिवारों, वर्षीतप आराधकों, अतिथियों का समिति की ओर से अभिनन्दन किया गया। नवदीक्षिता साध्वी राजराजवी महाराज की बड़ी दीक्षा श्री जैन संघ बोरनडी ग्राम में करवाने हेतु इन्दरचन्द मरलेचा भंवर लाल मरलेचा प्रकाशचंद्र मरलेचा ने पूज्य प्रवर्तक सुकनमल म. सा आदि ठाणा से पुरजोर विनती की। गुरुदेव ने आश्वासन देते हुए फरमाया 26 अप्रैल को बड़ी दीक्षा का आयोजन बोरनडी में आयोजित होगा।
मुमुक्षु अंजु बनी जैन साध्वी राज राजवी महाराज श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन शिक्षण संघ राणावास 19 अप्रैल श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन शिक्षण संघ,श्री मरुधर केसरी शिक्षा समिति एवं श्री जैन संघ के तत्वावधान में श्री मरुधर केसरी वर्षीतप पारणा एवं दीक्षा समिति द्वारा आयोजित त्रिवेणी महामहोत्सव के दौरान गुरु भगवंत बुध की 149 वीं एवं गुरु मरुधर केसरी की 108 वीं दीक्षा जयंती तथा मुमुक्षु अंजु की जैन भागवती दीक्षा एवं वर्षीतप आराधकों के पारणा का भव्य आयोजन हुआ। प्रातःकाल की वेला में वीरत्थाल का आयोजन हुआ। वैराग्यवती पुण्यशाली सुश्री अंजु ने पूज्य गुरु भगवन्तों को एवं साध्वीवृन्द को छप्पन भोग का सुपात्रदान दिया उसके पश्चात उन्होंने रसपरित्याग करते हुए अभिनिष्क्रमण यात्रा के लिए प्रस्थान किया। सांसारिक भोगों को त्याग कर हिंसाजनक कार्यों को छोड़कर प्रव्रज्या ग्रहण करने का संकल्प दोहराया। अपने उद्गार व्यक्त करते हुए मुमुक्षु अंजु ने जहाँ गुरु भगवन्तों से शीघ्र मुण्डित करने का विनम्र निवेदन किया वहीं दूसरी और समस्त परिजनों, धर्मपरिवार, धर्म संघों से हार्दिक क्षमायाचना
की और उनके वात्सल्य भाव के लिए सात्विक हर्ष पूर्वक आभार व्यक्त किया। जय जयकार द्वारा हजारों श्रावक-श्राविकाओं ने दीक्षार्थी के भावों की अनुमोदना की। जब पूज्या उपप्रवर्तिनी सद्गुरुवर्या डॉ. राजमती म.सा. महासाध्वी उमराव कंवर म.सा., महासाध्वी कमलप्रभा म.सा., दिव्या श्रीजी म.सा आदि मुमुक्षु अंजू को वेश परिवर्तन एवं केश मुण्डन के लिए ले जा रहे थे तो अपार जनमेदिनी ने जिनशासन की जयकार की एवं त्यागी वैरागी की अनुमोदना की। इसके पश्चात पूज्य प्रवर्तक गुरुदेव सुकनमल महाराज, उपप्रवर्तक गुरुदेव अमृत मुनि महाराज ने उपस्थित संघों की साक्षी से एवं जन्मदाता इन्द्ररसिंह - नोरत कंवर, धर्म परिवार नोरतनमल सूरजकंवर गुन्देचा की आज्ञा से दीक्षा विधि एवं संस्कार प्रदान कर सुश्री अंजु को सामायिक चारित्र में प्रवेश करवाया। पूज्य गुरुदेव ने फरमाया जैन भागवती दीक्षा के लिए वैराग्य भाव और परिवार की आज्ञा जरूरी होती है। वर्षीतप आराधक डॉ वरुण मुनि ने कहा दीक्षा लेने के बाद गुरु आज्ञा का पालन करना जरूरी है। साधु जीवन कठोर, अनुशासित और त्यागपूर्ण होता
है। नवदीक्षिता साध्वी के नामकरण पट का अनावरण किरण सिंह राजपुरोहित ने किया। गुरु भगवन्तों ने श्री संघों की साक्षी में नवदीक्षिता साध्वी को नया नाम, नई पहचान साध्वी राजराजवी के रूप में दी। प्रवर्तक ने नवदीक्षिता साध्वी, राजराजवी को शताब्दी गौरवान्विता राजस्थान सिंहनी गुरुमाता महाश्रमणी महासती, पुष्पवती महाराज उपप्रवर्तिनी सदगुरुवर्या डॉ. राजमती म.सा. की प्रपौत्र शिष्या, साध्वी डॉ. राजरश्मि की पौत्र शिष्या और साध्वी डॉ. राजऋद्धि म. सा. की शिष्या घोषित किया। वर्षीतप साधकों के पारणे हस्तिनापुर नगरी पंडाल में हुए जिसका उद्घाटन श्रीमती मंजू देवी- मीठालाल जी सहलोत परिवार ने लिया। इक्षुरस का लाभ आज के श्रेयांस कुमार, मांगीलाल गाँधी के पुत्र-पौत्र पड़पौत्र रतन लाल, अशोक कुमार नाहरमल गाँधी परिवार ने लिया। श्रीयुत् श्रेय ने तपस्वियों को इसुरस प्रदान किया और तप का पारणा सानन्द सम्पन्न हुआ। तपस्वीयों का बहुमान भी किया गया। आज के भव्य महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूर्व सांसद पुष्प जैन नेमीचन्द्र चौपड़ा जिला परिषद सदस्य सज्जन चौधरी आयोजन समिति के
नवरतनमल गुंदेचा दिनेश भलगट, मनमोहन गाँधी, हितेष गांधी, राजेश खींवेसरा, संतोष पोकरणा,महेन्द्र बरलोटा, मुकेश पुनमिया, प्रवीन सोलंकी, पदम ढेढिया, बसंत पुनमिया, निर्मल परमार, नरेश जैन, संजय भलगट, महावीर गाँधी, प्रफुल्ल गांधी, विपुल,वैभव,गिरीश गांधी,सुशील गोखरू, गौतम संचेती, गौतम जी डांगी, सम्पत जी गुगलिया, सागर बागरेचा, शैलेश बोहरा, नागराज सहलोत,वर्धमान पब्लिक स्कूल, श्री मरुधर केसरी विद्यालय के शिक्षक, छात्र–छात्राएं, राणावास और चेन्नई,बैंगलोर, हैदराबाद सिकंदराबाद जयपुर,अजमेर उदयपुर भीलवाड़ा,माउंट आबू,किशनगढ़ जैतारण मेड़ता पाली जोधपुर किशनगढ़ जैतारण,ब्यावर,दिल्ली, आगरा, सारण, सिरियारी,सोजत रोड,सोजत सिटी, मालसा बावड़ी, निमली मांडा,सवराड, बगड़ी,फुलाद,पीपाड़ पुष्कर,जोधपुर,आदि क्षेत्रों से पधारे श्रावक श्राविका गणमान्य जन उपस्थित थे। आयोजन के लाभार्थी परिवारों, वर्षीतप आराधकों, अतिथियों का समिति की ओर से अभिनन्दन किया गया। नवदीक्षिता साध्वी राजराजवी महाराज की बड़ी दीक्षा श्री जैन संघ बोरनडी ग्राम में करवाने हेतु इन्दरचन्द मरलेचा भंवर लाल मरलेचा प्रकाशचंद्र मरलेचा ने पूज्य प्रवर्तक सुकनमल म. सा आदि ठाणा से पुरजोर विनती की। गुरुदेव ने आश्वासन देते हुए फरमाया 26 अप्रैल को बड़ी दीक्षा का आयोजन बोरनडी में आयोजित होगा।
- Post by Kailash Fulwari1
- अजमेर के नसीराबाद रोड और आदर्श नगर के मध्य पेट्रोल पंप के सामने नॉन-वेंडिंग जोन में ठेले लगने से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शाम होते ही ठेले वाले सड़क पर आधी रोड तक फैल जाते हैं, जिससे सड़क संकरी हो जाती है और हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि हाल ही में यहां एक एक्सीडेंट भी हो चुका है, जिसके बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। वहीं, ठेलों से सामान खरीदने वाले लोग भी अपने वाहन सड़क पर ही खड़े कर देते हैं, जिससे जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। सामाजिक संस्था "एक पहल सेवा" के संस्थापक शैलेश गर्ग ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि पहले समझाइश दी जाए, लेकिन अगर स्थिति नहीं सुधरती है तो सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और कब तक इस समस्या का समाधान होता है।1
- Post by KHABRON KA SAFAR NEWS1
- Post by Mohan Swami1
- पुष्कर घाटी में हुए बस हादसे में घायल हुए लोगो की कुशलक्षेम पूछने जेएलएन अस्पताल पहुँचे विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी,कल दोपहर अजमेर से पीसागज मायरा भरने जा रही सवारियों से भरी बस पुष्कर उतरते समय खाई ने जा गिरी, जिसमे 32 लोगो घायलऔर 2 महिला मौत हुई थी,1
- अजमेर में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। श्रीवाटिका और अरावली अपार्टमेंट्स में देर रात जिला स्पेशल टीम, साइबर सेल और तीन थानों की संयुक्त कार्रवाई में ‘रेड्डी अन्ना’ साइट के जरिए आईपीएल मैचों पर सट्टा खिलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। इस बड़ी कार्रवाई में लोकेश सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 4 लैपटॉप, 18 मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिम कार्ड लेकर ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क चला रहे थे। प्रारंभिक जांच में 20 से 22 लाख रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है, जबकि पूरे नेटवर्क में करोड़ों रुपये के खेल की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। अजमेर पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।1
- ब्यावर के बिजयनगर मे ं पुलिस के रोकने पर भी ट्रैक्टर चालक नही ं रुका, चलते हुए ट्रैक्टर मे ं बजरी खाली की1
- Post by Kailash Fulwari1